डुमरी में दिव्यांगजनों व वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष आकलन शिविर आयोजित प्रखंड बाल विकास कार्यालय परिसर में जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया एवं आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से दिव्यांगजनों एवं साठ वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष आकलन शिविर का आयोजन किया गया। शनिवार सुबह दस बजे जानकारी देते हुए बताया गया कि इस शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद लाभुकों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सुदृढ़ करना है। शिविर में डुमरी प्रखंड के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक पहुंचे। आयोजन स्थल पर पहले लाभुकों का पंजीकरण किया गया, उसके बाद विशेषज्ञों की टीम द्वारा उनकी शारीरिक स्थिति का परीक्षण किया गया। जांच के आधार पर पात्र व्यक्तियों को कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र, बैसाखी सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने हेतु आकलन किया गया। आयोजन के दौरान उपस्थित लाभुकों को केंद्र एवं राज्य सरकार की संबंधित योजनाओं की जानकारी भी दी गई, ताकि वे भविष्य में मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठा सकें। शिविर में व्यवस्था सुचारु रही और लाभुकों को क्रमवार जांच की सुविधा प्रदान की गई। इस पहल से दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को काफी सहूलियत मिली और इसे उनके जीवन को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
डुमरी में दिव्यांगजनों व वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष आकलन शिविर आयोजित प्रखंड बाल विकास कार्यालय परिसर में जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया एवं आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से दिव्यांगजनों एवं साठ वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष आकलन शिविर का आयोजन किया गया। शनिवार सुबह दस बजे जानकारी देते हुए बताया गया कि इस शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद लाभुकों की पहचान कर उन्हें आवश्यक
सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सुदृढ़ करना है। शिविर में डुमरी प्रखंड के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक पहुंचे। आयोजन स्थल पर पहले लाभुकों का पंजीकरण किया गया, उसके बाद विशेषज्ञों की टीम द्वारा उनकी शारीरिक स्थिति का परीक्षण किया गया। जांच के आधार पर पात्र व्यक्तियों को कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र, बैसाखी सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने हेतु आकलन किया गया। आयोजन
के दौरान उपस्थित लाभुकों को केंद्र एवं राज्य सरकार की संबंधित योजनाओं की जानकारी भी दी गई, ताकि वे भविष्य में मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठा सकें। शिविर में व्यवस्था सुचारु रही और लाभुकों को क्रमवार जांच की सुविधा प्रदान की गई। इस पहल से दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को काफी सहूलियत मिली और इसे उनके जीवन को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- प्रखंड बाल विकास कार्यालय परिसर में जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया एवं आर्टिफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से दिव्यांगजनों एवं साठ वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष आकलन शिविर का आयोजन किया गया। शनिवार सुबह दस बजे जानकारी देते हुए बताया गया कि इस शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद लाभुकों की पहचान कर उन्हें आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सुदृढ़ करना है। शिविर में डुमरी प्रखंड के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक पहुंचे। आयोजन स्थल पर पहले लाभुकों का पंजीकरण किया गया, उसके बाद विशेषज्ञों की टीम द्वारा उनकी शारीरिक स्थिति का परीक्षण किया गया। जांच के आधार पर पात्र व्यक्तियों को कृत्रिम अंग, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, श्रवण यंत्र, बैसाखी सहित अन्य आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने हेतु आकलन किया गया। आयोजन के दौरान उपस्थित लाभुकों को केंद्र एवं राज्य सरकार की संबंधित योजनाओं की जानकारी भी दी गई, ताकि वे भविष्य में मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठा सकें। शिविर में व्यवस्था सुचारु रही और लाभुकों को क्रमवार जांच की सुविधा प्रदान की गई। इस पहल से दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को काफी सहूलियत मिली और इसे उनके जीवन को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।3
- चैनपुर: महाशिवरात्रि के पावन पर्व को लेकर चैनपुर के लोगों में भारी उत्साह और भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। क्षेत्र में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बेहद हर्षोल्लास के साथ किया जा रहा है। संकट मोचन मंदिर में संपन्न हुई हल्दी की रस्म इसी कड़ी में शुक्रवार को प्रेम नगर स्थित संकट मोचन मंदिर में भगवान भोलेनाथ की हल्दी की रस्म अदा की गई। इस पवित्र और मांगलिक अनुष्ठान को ग्राम पुरोहित और ग्राम बैगा के द्वारा पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। महिलाओं ने गाए पारंपरिक हल्दी गीत इस वैवाहिक रस्म में शामिल होने के लिए मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं और श्रद्धालु जुटे। महिलाओं ने पारंपरिक हल्दी और मंगल गीत गाकर पूरे माहौल को उत्सवपूर्ण और शिवमय बना दिया। शिव भक्तों की आस्था, महिलाओं के मंगल गीत और उल्लास से पूरा चैनपुर क्षेत्र भक्ति के रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है।4
- चैनपुर: महाशिवरात्रि के पावन पर्व को लेकर चैनपुर क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का माहौल बना हुआ है। इसी क्रम में प्रेम नगर में भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह का आयोजन पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हर्षोल्लासपूर्वक किया जा रहा है।1
- रूह कांप जा रही है इसे मंजर को देखकर भगवान इन्हें ठीक कर दे 😢😢1
- कुसमी से जसपुर मुख्य मार्ग गलफूला नदी के पास हुई भयानक सड़क हादसा ट्रेक्टर ने एक बाइक को मारी टकर,हुई बाइक चालक की मौत,और बाइक में सवार व्यक्ति की गंभीर हालत।3
- Post by क्राइम कण्ट्रोल न्यूज़ सी.सी.एफ1
- फाइलेरिया मुक्त भारत बनाने में अपना योगदान दें1
- जानकारी देते हुए शाम के पाँच बजे बताया गया कि चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में बेशकीमती साल सखुआ के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। ताजा घटना छतरपुर के समीप मुख्य सड़क किनारे की है, जहाँ हरे-भरे साल के पेड़ों को बेखौफ होकर काटा जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि पूरी कार्रवाई वन विभाग की नाक के नीचे हो रही है, लेकिन विभाग अब तक मूकदर्शक बना हुआ है। सड़क किनारे हो रही अंधाधुंध कटाई को देखकर स्थानीय ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए इसकी सूचना मीडिया कर्मियों को दी। मौके पर पहुँची टीम ने देखा कि कई विशालकाय पेड़ों को काटकर उनके बोटे बनाए जा रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पर्यावरण को ताक पर रखकर इन कीमती पेड़ों का सफाया किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जब वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उक्त स्थान पर पेड़ काटने के लिए विभाग को कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है और न ही किसी प्रकार की अनुमति दी गई है। मौके पर मौजूद वन कर्मी बिजेंद्र उरांव ने पूछताछ में स्वीकार किया कि जमीन रैयती है, लेकिन साल जैसे प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई के लिए विभागीय अनुमति लेना अनिवार्य होता है, जो नहीं ली गई। जानकारों के अनुसार जमीन निजी होने के बावजूद साल सखुआ जैसे बहुमूल्य पेड़ों को काटने से पहले वन विभाग की आधिकारिक अनुमति आवश्यक है और बिना अनुमति के ऐसी कटाई पूरी तरह अवैध मानी जाती है। लगातार हो रही कटाई से क्षेत्र के पर्यावरण पर संकट मंडराने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह मुख्य सड़क किनारे से पेड़ों का सफाया जारी रहा, तो प्राकृतिक संतुलन बिगड़ सकता है। वन विभाग की कथित अनदेखी से लकड़ी माफियाओं के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन दोषियों पर सख्त कार्रवाई करता है या फिर मामला कागजी खानापूर्ति तक सिमट कर रह जाता है।3