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कानपुर देहात भोगनीपुर से सिकंदरा मुगल रोड पर फर्राटे भरते ओवरलोड वाहन। जहां एक तरफ सरकार लगातार अभियान चला कर ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई कर रही है वहीं दूसरी तरफ भोगनीपुर से सिकंदरा मार्ग पर बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहन का कहर देखने को मिल रहा है।
Kuldeep Kumar
कानपुर देहात भोगनीपुर से सिकंदरा मुगल रोड पर फर्राटे भरते ओवरलोड वाहन। जहां एक तरफ सरकार लगातार अभियान चला कर ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई कर रही है वहीं दूसरी तरफ भोगनीपुर से सिकंदरा मार्ग पर बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहन का कहर देखने को मिल रहा है।
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- कानपुर देहात भोगनीपुर से सिकंदरा मुगल रोड पर फर्राटे भरते ओवरलोड वाहन। जहां एक तरफ सरकार लगातार अभियान चला कर ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई कर रही है वहीं दूसरी तरफ भोगनीपुर से सिकंदरा मार्ग पर बड़ी संख्या में ओवरलोड वाहन का कहर देखने को मिल रहा है।2
- ब्रेकिंग न्यूज़ कालपी से....... कालपी रेलवे स्टेशन पर टिकट वेंडिंग मशीन खराब, यात्रियों को हो रही भारी परेशानी लुप लुप करती ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन यात्रियों को चिढ़ाती दिखी यों तो प्रयासरत समाजसेवी लगातार कालपी रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर महर्षि वेद व्यास जी का नाम देने की, ज्ञापन के माध्यम से कई बार उठा चुके हैं माँग ऐतिहासिक व पौराणिक स्थल कालपी में पर्यटकों के लिये असुविधा से कालपी की छवि हो रही धूमिल यात्रियों की सुविधा के लिए टिकट काउंटर के बाहर लगाई गई ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन इन दिनों खराब होने से यात्रियों को टिकट लेने के लिए टिकट काउंटर की लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है, जिससे उन्हें काफी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। रेलवे प्रशासन ने टिकट काउंटर पर भीड़ कम करने और यात्रियों को जल्दी टिकट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित कराई थी टिकट वेंडिंग मशीन मशीन बंद होने से यात्रियों को मजबूरन रहना पड़ रहा है टिकट बाबू के भरोसे खासतौर पर सुबह और शाम टिकट के लिये काउंटर पर लंबी कतारेँ लगने से यात्रियों का समय हो बर्बाद साथ ही गाड़ियों के छूटने की सम्भावनाएं भी बढ़ी कुछ दिन पहले इसी टिकट काउंटर से आरक्षण टिकटों की ओवर रेटिंग का मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद अब टिकट वेंडिंग मशीन का खराब होना भी चर्चाओं का विषय बना हुआ है स्थानीय यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि खराब पड़ी टिकट वेंडिंग मशीन को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए, ताकि यात्रियों को टिकट काउंटर पर लगने वाली लंबी कतारों व अनावश्यक समय की बर्बादी से बचा जा सके तभी रेलवे द्वारा यात्रियों के लिये मंगल यात्रा की कामना सत्य और कारगर साबित होगी1
- गांव मे चने का होला खाया1
- आठव होली में जम कर उड़ा अबीर गुलाल आठव होली में गांव गांव अबीर हलाल उड़ा युवाओं ने एक दूसरे को सुभकामनाएँ दी ।1
- संदलपुर क्षेत्र के तेरा गांव के पास मंगलवार सुबह फलदार आम के पेड़ को काटने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि लकड़ी माफियाओं ने पेड़ पर आरा चला दिया, जबकि पेड़ पर आम के फलफूल भी लगे हुए थे। ग्रामीणों के अनुसार तेरा गांव निवासी सोबरन का फलदार आम का पेड़ लकड़ी माफिया पुत्तन ठेकेदार द्वारा मंगलवार सुबह करीब 9 बजे कटवाया जा रहा था। सूचना मिलने पर मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे। जैसे ही कैमरा चालू हुआ, ठेकेदार मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में वन विभाग की मिलीभगत से हरे-भरे फलदार पेड़ों की कटाई कराई जा रही है, जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है। इस संबंध में वन विभाग के दरोगा शिवम पांडे ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। क्षेत्र बड़ा होने के कारण लकड़ी माफिया सक्रिय रहते हैं। मौके पर दो कर्मचारियों को भेजा गया है। जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।3
- Post by Shivganesh dwivedi कुलगाँव टाइ1
- Post by Sandeep_says1
- आटा टोल प्लाजा पर गुंडई का तांडव, 24 घंटे में दो यात्रियों से मारपीट जालौन में उरई–कानपुर नेशनल हाईवे 27 पर स्थित आटा थाना क्षेत्र का उकासा टोल प्लाजा इन दिनों वसूली से ज्यादा गुंडई के लिए चर्चा में है। यहां तैनात टोल कर्मचारियों की दबंगई का आलम यह है कि महज 24 घंटे के भीतर दो अलग-अलग यात्रियों के साथ मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पहले कानपुर बार एसोसिएशन के मंत्री और अधिवक्ता अक्षर सिंह के साथ टोल कर्मचारियों की अभद्रता और विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे टोल प्लाजा की कार्यशैली पर सवाल खड़े हुए। मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि कुछ ही घंटों बाद कन्नौज निवासी पिकअप चालक आशीष को भी कर्मचारियों ने घेरकर पीट दिया। बताया जा रहा है कि फास्टैग रिचार्ज खत्म होने पर चालक ने गाड़ी पीछे कराने की बात कही थी, लेकिन टोल कर्मचारियों को यह बात नागवार गुजरी और उन्होंने चालक के साथ बदसलूकी करते हुए मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित चालक रो-रोकर अपनी आपबीती सुनाता रहा, लेकिन कर्मचारियों की दबंगई कम नहीं हुई। लगातार सामने आ रही घटनाओं से बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर उकासा टोल प्लाजा पर कर्मचारियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं? क्या उन्हें किसी का संरक्षण प्राप्त है? और जिम्मेदार विभाग अब तक कार्रवाई से दूर क्यों है?1