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मथुरा मेला के सबसे चर्चित दुकान कम दामों पर बेहतर सुविधा जनता की खाने का मनपसंद भंडार पिंटू मिस्टर भंडार मेला का सबसे चर्चा का दुकान बेहतर मिठाई और फास्ट फूड का भंडार झारखंड के गोड्डा जिला के मथुरा मेला का सबसे चर्चित दुकान

2 hrs ago
user_User10408
User10408
पत्रकार Godda, Jharkhand•
2 hrs ago

मथुरा मेला के सबसे चर्चित दुकान कम दामों पर बेहतर सुविधा जनता की खाने का मनपसंद भंडार पिंटू मिस्टर भंडार मेला का सबसे चर्चा का दुकान बेहतर मिठाई और फास्ट फूड का भंडार झारखंड के गोड्डा जिला के मथुरा मेला का सबसे चर्चित दुकान

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  • महाशिवरात्रि को लेकर भक्तों में खास उत्साह भक्तों ने मांगी मन्नत प्राचीन काल से चली आ रही इस मंदिर के बारे में प्रमुख विशेषता देखिए इस विशेष रिपोर्ट में
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    महाशिवरात्रि को लेकर भक्तों में खास उत्साह भक्तों ने मांगी मन्नत प्राचीन काल से चली आ रही इस मंदिर के बारे में प्रमुख विशेषता देखिए इस विशेष रिपोर्ट में
    user_User10408
    User10408
    पत्रकार Godda, Jharkhand•
    1 hr ago
  • गोड्डा, झारखंड में सियासत की नई इबारत, जो अखबार बांटते थे, वही साइकिल पर सवार होकर बने बदलाव की सबसे बड़ी सुर्खी !झारखंड की माटी में जब सियासत का बीज बोया जाता है, तो अक्सर उम्मीद की जाती है कि उसे सींचने के लिए नोटों की बारिश होगी, रसूख का खाद डलेगा और सफेद लग्जरी गाड़ियों का एक ऐसा अभेद्य किला खड़ा होगा जिसके भीतर झांकना भी आम आदमी के बस की बात नहीं होगी। हमारे इस राज्य में राजनीति का 'नेट' कुछ ऐसा बुना गया है कि यहाँ नेता वही कहलाता है जिसकी एक दहाड़ पर हूटर बजाती गाड़ियों का काफिला सड़कों की धूल उड़ा दे और जिसके रसूख की चमक देखकर गरीब अपनी आंखें चुराने पर मजबूर हो जाए। अमूमन माना यह जाता है कि जिसके पास पैसा है, रसूख है और बंद शीशों वाली बड़ी गाड़ियाँ हैं, वही सत्ता के सिंहासन का असली हकदार है, लेकिन गोड्डा जिले के महागामा नगर पंचायत में इस बार लोकतंत्र ने एक ऐसी करवट ली है कि इन तमाम 'हवा-हवाई' रसूखदारों के चश्मे का नंबर ही बदल गया है। यहाँ की फिजाओं में इन दिनों एक ऐसी संवेदनशील और दिल को छू लेने वाली खबर तैर रही है जो उन सफेदपोशों पर सबसे करारा व्यंग्य है जो राजनीति को अपनी जागीर समझते हैं। महागामा नगर पंचायत में पहली बार चुनाव होने जा रहा है और इस चुनावी समर में एक ऐसा चेहरा उभरा है जिसने रसूख के 'वीआईपी कल्चर' की हवा निकाल दी है। मिलिए दुर्गा सोरेन से, जो भूगोल शास्त्र में एम.ए. (MA) की डिग्री हाथ में लिए पिछले 20 सालों से महागामा की गलियों में अपनी पुरानी साइकिल की घंटी बजाकर 'अखबार' बांटने का काम कर रहे हैं। यह कितनी बड़ी विडंबना और व्यवस्था पर तीखा कटाक्ष है कि जो शख्स दो दशकों से लोगों की चौखट पर दुनिया भर की खबरें और बड़े-बड़े नेताओं के भाषण पहुंचाता था, आज वह खुद झारखंड की सबसे बड़ी 'सुर्खी' बन गया है। जब बड़े-बड़े प्रत्याशी अपने नामांकन के लिए गाड़ियों के लंबे रेले और धनबल का प्रदर्शन कर रहे थे, तब दुर्गा सोरेन ने अपनी उसी जर्जर साइकिल पर सवार होकर नामांकन कार्यालय पहुंचकर साबित कर दिया कि जनसेवा के लिए बैंक बैलेंस नहीं, बल्कि जमीन से जुड़ाव चाहिए। उनके पीछे उमड़ा सैकड़ों समर्थकों का हुजूम किसी लालच या 'पेट्रोल-मुर्गा' के दम पर नहीं, बल्कि उस सादगी और मृदुभाषी स्वभाव के कारण खड़ा था जिसने महागामा के हर घर में अपनी जगह बनाई है। संवेदनशील पहलू यह है कि एम.ए. पास होने के बावजूद दुर्गा ने श्रम को छोटा नहीं समझा और आज भी हर सुबह 5 बजे उठकर तकरीबन 300 घरों में अखबार बांटते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि शहर की असली समस्याएं एसी कमरों में नहीं, बल्कि उन कीचड़ भरी गलियों में छिपी हैं जहाँ से उनकी साइकिल रोज गुजरती है। जिस दिन उन्होंने अपने ही बांटे हुए अखबार में पढ़ा कि महागामा की सीट एसटी (ST) के लिए आरक्षित हुई है, उसी दिन इस शिक्षित युवा ने ठान लिया कि अब दूसरों की खबरें बांटने के बजाय खुद अपनी और अपने समाज की बदहाल किस्मत बदलने का समय आ गया है। नक्षत्र न्यूज़ से बातचीत में दुर्गा का वह भोलापन और आत्मविश्वास उन नेताओं के लिए एक चेतावनी है जो समझते हैं कि जनता को केवल झूठे वादों के जाल में फंसाया जा सकता है। दुर्गा सोरेन की यह चुनावी जंग केवल एक पद की लड़ाई नहीं है, बल्कि उन रसूखदारों के खिलाफ एक आम आदमी का शंखनाद है जो विकास के नाम पर केवल अपनी तिजोरियां भरते आए हैं। महागामा की सड़कों पर दुर्गा की साइकिल का हर फेरा उन सफेदपोशों को यह याद दिला रहा है कि लोकतंत्र का असली मालिक वही है जो जनता के सुख-दुख की धूल में सना हुआ है। यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या महागामा के लोग इस बार रसूख के 'पावर गेम' को धता बताकर एक अखबार वाले की सादगी पर अपनी मुहर लगाएंगे, लेकिन फिलहाल तो दुर्गा की इस 'साइकिल क्रांति' ने बड़े-बड़े सूरमाओं का पॉलिटिकल माइलेज पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
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    गोड्डा, झारखंड में सियासत की नई इबारत, जो अखबार बांटते थे, वही साइकिल पर सवार होकर बने बदलाव की सबसे बड़ी सुर्खी !झारखंड की माटी में जब सियासत का बीज बोया जाता है, तो अक्सर उम्मीद की जाती है कि उसे सींचने के लिए नोटों की बारिश होगी, रसूख का खाद डलेगा और सफेद लग्जरी गाड़ियों का एक ऐसा अभेद्य किला खड़ा होगा जिसके भीतर झांकना भी आम आदमी के बस की बात नहीं होगी। हमारे इस राज्य में राजनीति का 'नेट' कुछ ऐसा बुना गया है कि यहाँ नेता वही कहलाता है जिसकी एक दहाड़ पर हूटर बजाती गाड़ियों का काफिला सड़कों की धूल उड़ा दे और जिसके रसूख की चमक देखकर गरीब अपनी आंखें चुराने पर मजबूर हो जाए। अमूमन माना यह जाता है कि जिसके पास पैसा है, रसूख है और बंद शीशों वाली बड़ी गाड़ियाँ हैं, वही सत्ता के सिंहासन का असली हकदार है, लेकिन गोड्डा जिले के महागामा नगर पंचायत में इस बार लोकतंत्र ने एक ऐसी करवट ली है कि इन तमाम 'हवा-हवाई' रसूखदारों के चश्मे का नंबर ही बदल गया है। यहाँ की फिजाओं में इन दिनों एक ऐसी संवेदनशील और दिल को छू लेने वाली खबर तैर रही है जो उन सफेदपोशों पर सबसे करारा व्यंग्य है जो राजनीति को अपनी जागीर समझते हैं। महागामा नगर पंचायत में पहली बार चुनाव होने जा रहा है और इस चुनावी समर में एक ऐसा चेहरा उभरा है जिसने रसूख के 'वीआईपी कल्चर' की हवा निकाल दी है। मिलिए दुर्गा सोरेन से, जो भूगोल शास्त्र में एम.ए. (MA) की डिग्री हाथ में लिए पिछले 20 सालों से महागामा की गलियों में अपनी पुरानी साइकिल की घंटी बजाकर 'अखबार' बांटने का काम कर रहे हैं। यह कितनी बड़ी विडंबना और व्यवस्था पर तीखा कटाक्ष है कि जो शख्स दो दशकों से लोगों की चौखट पर दुनिया भर की खबरें और बड़े-बड़े नेताओं के भाषण पहुंचाता था, आज वह खुद झारखंड की सबसे बड़ी 'सुर्खी' बन गया है। जब बड़े-बड़े प्रत्याशी अपने नामांकन के लिए गाड़ियों के लंबे रेले और धनबल का प्रदर्शन कर रहे थे, तब दुर्गा सोरेन ने अपनी उसी जर्जर साइकिल पर सवार होकर नामांकन कार्यालय पहुंचकर साबित कर दिया कि जनसेवा के लिए बैंक बैलेंस नहीं, बल्कि जमीन से जुड़ाव चाहिए। उनके पीछे उमड़ा सैकड़ों समर्थकों का हुजूम किसी लालच या 'पेट्रोल-मुर्गा' के दम पर नहीं, बल्कि उस सादगी और मृदुभाषी स्वभाव के कारण खड़ा था जिसने महागामा के हर घर में अपनी जगह बनाई है। संवेदनशील पहलू यह है कि एम.ए. पास होने के बावजूद दुर्गा ने श्रम को छोटा नहीं समझा और आज भी हर सुबह 5 बजे उठकर तकरीबन 300 घरों में अखबार बांटते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि शहर की असली समस्याएं एसी कमरों में नहीं, बल्कि उन कीचड़ भरी गलियों में छिपी हैं जहाँ से उनकी साइकिल रोज गुजरती है। जिस दिन उन्होंने अपने ही बांटे हुए अखबार में पढ़ा कि महागामा की सीट एसटी (ST) के लिए आरक्षित हुई है, उसी दिन इस शिक्षित युवा ने ठान लिया कि अब दूसरों की खबरें बांटने के बजाय खुद अपनी और अपने समाज की बदहाल किस्मत बदलने का समय आ गया है। नक्षत्र न्यूज़ से बातचीत में दुर्गा का वह भोलापन और आत्मविश्वास उन नेताओं के लिए एक चेतावनी है जो समझते हैं कि जनता को केवल झूठे वादों के जाल में फंसाया जा सकता है। दुर्गा सोरेन की यह चुनावी जंग केवल एक पद की लड़ाई नहीं है, बल्कि उन रसूखदारों के खिलाफ एक आम आदमी का शंखनाद है जो विकास के नाम पर केवल अपनी तिजोरियां भरते आए हैं। महागामा की सड़कों पर दुर्गा की साइकिल का हर फेरा उन सफेदपोशों को यह याद दिला रहा है कि लोकतंत्र का असली मालिक वही है जो जनता के सुख-दुख की धूल में सना हुआ है। यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या महागामा के लोग इस बार रसूख के 'पावर गेम' को धता बताकर एक अखबार वाले की सादगी पर अपनी मुहर लगाएंगे, लेकिन फिलहाल तो दुर्गा की इस 'साइकिल क्रांति' ने बड़े-बड़े सूरमाओं का पॉलिटिकल माइलेज पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
    user_Anuj Jha jilla johar news
    Anuj Jha jilla johar news
    गोड्डा, गोड्डा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • maha Shivaratri 15 February 2026 amarpur godda
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    maha Shivaratri 15 February 2026 amarpur godda
    user_Mithun Kumar das
    Mithun Kumar das
    Godda, Jharkhand•
    15 hrs ago
  • Post by CAppu NEWS
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    Post by CAppu NEWS
    user_CAppu NEWS
    CAppu NEWS
    Advertising Photographer महागामा, गोड्डा, झारखंड•
    13 hrs ago
  • बांका (बिहार): धोरैय्या थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हासाय तय्या डीह निवासी मोः सहूल (पिता – मोः कलीम) हैदराबाद में एक मुर्गी लोडिंग गाड़ी पर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार, जुमे की रात करीब 12 बजे हैदराबाद में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें मोः सहूल गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि मुर्गी लोडिंग वाहन के साथ अचानक दुर्घटना हो गई, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गए। हादसा इतना भयानक था कि उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही गांव और परिवार में चिंता और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है और इलाज को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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    बांका (बिहार): धोरैय्या थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हासाय तय्या डीह निवासी मोः सहूल (पिता – मोः कलीम) हैदराबाद में एक मुर्गी लोडिंग गाड़ी पर मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार, जुमे की रात करीब 12 बजे हैदराबाद में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें मोः सहूल गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि मुर्गी लोडिंग वाहन के साथ अचानक दुर्घटना हो गई, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गए। हादसा इतना भयानक था कि उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही गांव और परिवार में चिंता और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार आर्थिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है और इलाज को लेकर चिंता बढ़ गई है।
    user_Desi Fast News
    Desi Fast News
    Media Consultant महागामा, गोड्डा, झारखंड•
    16 hrs ago
  • सोशल मीडिया पर इन दिनों अमरपुर क्षेत्र का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अंचल कार्यालय की एक अमीन और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस, गाली-गलौज और आरोप-प्रत्यारोप होते दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। #अमरपुर #वायरलवीडियो #जमीन_जांच #अंचल_कार्यालय #बांका
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    सोशल मीडिया पर इन दिनों अमरपुर क्षेत्र का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अंचल कार्यालय की एक अमीन और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस, गाली-गलौज और आरोप-प्रत्यारोप होते दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते नजर आ रहे हैं।
#अमरपुर #वायरलवीडियो #जमीन_जांच #अंचल_कार्यालय #बांका
    user_ओम प्रकाश आलोक रिपोर्टर
    ओम प्रकाश आलोक रिपोर्टर
    स्थानीय समाचार रिपोर्टर अमरपुर, बांका, बिहार•
    2 hrs ago
  • Post by N.k.choudhary
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    Post by N.k.choudhary
    user_N.k.choudhary
    N.k.choudhary
    बांका, बांका, बिहार•
    3 hrs ago
  • मेला का सबसे चर्चा का दुकान बेहतर मिठाई और फास्ट फूड का भंडार झारखंड के गोड्डा जिला के मथुरा मेला का सबसे चर्चित दुकान
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    मेला का सबसे चर्चा का दुकान बेहतर मिठाई और फास्ट फूड का भंडार झारखंड के गोड्डा जिला के मथुरा मेला का सबसे चर्चित दुकान
    user_User10408
    User10408
    पत्रकार Godda, Jharkhand•
    2 hrs ago
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