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गोड्डा, झारखंड में सियासत की नई इबारत, जो अखबार बांटते थे, वही साइकिल पर सवार होकर बने बदलाव की सबसे बड़ी सुर्खी !झारखंड की माटी में जब सियासत का बीज बोया जाता है, तो अक्सर उम्मीद की जाती है कि उसे सींचने के लिए नोटों की बारिश होगी, रसूख का खाद डलेगा और सफेद लग्जरी गाड़ियों का एक ऐसा अभेद्य किला खड़ा होगा जिसके भीतर झांकना भी आम आदमी के बस की बात नहीं होगी। हमारे इस राज्य में राजनीति का 'नेट' कुछ ऐसा बुना गया है कि यहाँ नेता वही कहलाता है जिसकी एक दहाड़ पर हूटर बजाती गाड़ियों का काफिला सड़कों की धूल उड़ा दे और जिसके रसूख की चमक देखकर गरीब अपनी आंखें चुराने पर मजबूर हो जाए। अमूमन माना यह जाता है कि जिसके पास पैसा है, रसूख है और बंद शीशों वाली बड़ी गाड़ियाँ हैं, वही सत्ता के सिंहासन का असली हकदार है, लेकिन गोड्डा जिले के महागामा नगर पंचायत में इस बार लोकतंत्र ने एक ऐसी करवट ली है कि इन तमाम 'हवा-हवाई' रसूखदारों के चश्मे का नंबर ही बदल गया है। यहाँ की फिजाओं में इन दिनों एक ऐसी संवेदनशील और दिल को छू लेने वाली खबर तैर रही है जो उन सफेदपोशों पर सबसे करारा व्यंग्य है जो राजनीति को अपनी जागीर समझते हैं। महागामा नगर पंचायत में पहली बार चुनाव होने जा रहा है और इस चुनावी समर में एक ऐसा चेहरा उभरा है जिसने रसूख के 'वीआईपी कल्चर' की हवा निकाल दी है। मिलिए दुर्गा सोरेन से, जो भूगोल शास्त्र में एम.ए. (MA) की डिग्री हाथ में लिए पिछले 20 सालों से महागामा की गलियों में अपनी पुरानी साइकिल की घंटी बजाकर 'अखबार' बांटने का काम कर रहे हैं। यह कितनी बड़ी विडंबना और व्यवस्था पर तीखा कटाक्ष है कि जो शख्स दो दशकों से लोगों की चौखट पर दुनिया भर की खबरें और बड़े-बड़े नेताओं के भाषण पहुंचाता था, आज वह खुद झारखंड की सबसे बड़ी 'सुर्खी' बन गया है। जब बड़े-बड़े प्रत्याशी अपने नामांकन के लिए गाड़ियों के लंबे रेले और धनबल का प्रदर्शन कर रहे थे, तब दुर्गा सोरेन ने अपनी उसी जर्जर साइकिल पर सवार होकर नामांकन कार्यालय पहुंचकर साबित कर दिया कि जनसेवा के लिए बैंक बैलेंस नहीं, बल्कि जमीन से जुड़ाव चाहिए। उनके पीछे उमड़ा सैकड़ों समर्थकों का हुजूम किसी लालच या 'पेट्रोल-मुर्गा' के दम पर नहीं, बल्कि उस सादगी और मृदुभाषी स्वभाव के कारण खड़ा था जिसने महागामा के हर घर में अपनी जगह बनाई है। संवेदनशील पहलू यह है कि एम.ए. पास होने के बावजूद दुर्गा ने श्रम को छोटा नहीं समझा और आज भी हर सुबह 5 बजे उठकर तकरीबन 300 घरों में अखबार बांटते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि शहर की असली समस्याएं एसी कमरों में नहीं, बल्कि उन कीचड़ भरी गलियों में छिपी हैं जहाँ से उनकी साइकिल रोज गुजरती है। जिस दिन उन्होंने अपने ही बांटे हुए अखबार में पढ़ा कि महागामा की सीट एसटी (ST) के लिए आरक्षित हुई है, उसी दिन इस शिक्षित युवा ने ठान लिया कि अब दूसरों की खबरें बांटने के बजाय खुद अपनी और अपने समाज की बदहाल किस्मत बदलने का समय आ गया है। नक्षत्र न्यूज़ से बातचीत में दुर्गा का वह भोलापन और आत्मविश्वास उन नेताओं के लिए एक चेतावनी है जो समझते हैं कि जनता को केवल झूठे वादों के जाल में फंसाया जा सकता है। दुर्गा सोरेन की यह चुनावी जंग केवल एक पद की लड़ाई नहीं है, बल्कि उन रसूखदारों के खिलाफ एक आम आदमी का शंखनाद है जो विकास के नाम पर केवल अपनी तिजोरियां भरते आए हैं। महागामा की सड़कों पर दुर्गा की साइकिल का हर फेरा उन सफेदपोशों को यह याद दिला रहा है कि लोकतंत्र का असली मालिक वही है जो जनता के सुख-दुख की धूल में सना हुआ है। यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या महागामा के लोग इस बार रसूख के 'पावर गेम' को धता बताकर एक अखबार वाले की सादगी पर अपनी मुहर लगाएंगे, लेकिन फिलहाल तो दुर्गा की इस 'साइकिल क्रांति' ने बड़े-बड़े सूरमाओं का पॉलिटिकल माइलेज पूरी तरह बिगाड़ दिया है। गोड्डा, झारखंड में सियासत की नई इबारत, जो अखबार बांटते थे, वही साइकिल पर सवार होकर बने बदलाव की सबसे बड़ी सुर्खी !झारखंड की माटी में जब सियासत का बीज बोया जाता है, तो अक्सर उम्मीद की जाती है कि उसे सींचने के लिए नोटों की बारिश होगी, रसूख का खाद डलेगा और सफेद लग्जरी गाड़ियों का एक ऐसा अभेद्य किला खड़ा होगा जिसके भीतर झांकना भी आम आदमी के बस की बात नहीं होगी। हमारे इस राज्य में राजनीति का 'नेट' कुछ ऐसा बुना गया है कि यहाँ नेता वही कहलाता है जिसकी एक दहाड़ पर हूटर बजाती गाड़ियों का काफिला सड़कों की धूल उड़ा दे और जिसके रसूख की चमक देखकर गरीब अपनी आंखें चुराने पर मजबूर हो जाए। अमूमन माना यह जाता है कि जिसके पास पैसा है, रसूख है और बंद शीशों वाली बड़ी गाड़ियाँ हैं, वही सत्ता के सिंहासन का असली हकदार है, लेकिन गोड्डा जिले के महागामा नगर पंचायत में इस बार लोकतंत्र ने एक ऐसी करवट ली है कि इन तमाम 'हवा-हवाई' रसूखदारों के चश्मे का नंबर ही बदल गया है। यहाँ की फिजाओं में इन दिनों एक ऐसी संवेदनशील और दिल को छू लेने वाली खबर तैर रही है जो उन सफेदपोशों पर सबसे करारा व्यंग्य है जो राजनीति को अपनी जागीर समझते हैं। महागामा नगर पंचायत में पहली बार चुनाव होने जा रहा है और इस चुनावी समर में एक ऐसा चेहरा उभरा है जिसने रसूख के 'वीआईपी कल्चर' की हवा निकाल दी है। मिलिए दुर्गा सोरेन से, जो भूगोल शास्त्र में एम.ए. (MA) की डिग्री हाथ में लिए पिछले 20 सालों से महागामा की गलियों में अपनी पुरानी साइकिल की घंटी बजाकर 'अखबार' बांटने का काम कर रहे हैं। यह कितनी बड़ी विडंबना और व्यवस्था पर तीखा कटाक्ष है कि जो शख्स दो दशकों से लोगों की चौखट पर दुनिया भर की खबरें और बड़े-बड़े नेताओं के भाषण पहुंचाता था, आज वह खुद झारखंड की सबसे बड़ी 'सुर्खी' बन गया है। जब बड़े-बड़े प्रत्याशी अपने नामांकन के लिए गाड़ियों के लंबे रेले और धनबल का प्रदर्शन कर रहे थे, तब दुर्गा सोरेन ने अपनी उसी जर्जर साइकिल पर सवार होकर नामांकन कार्यालय पहुंचकर साबित कर दिया कि जनसेवा के लिए बैंक बैलेंस नहीं, बल्कि जमीन से जुड़ाव चाहिए। उनके पीछे उमड़ा सैकड़ों समर्थकों का हुजूम किसी लालच या 'पेट्रोल-मुर्गा' के दम पर नहीं, बल्कि उस सादगी और मृदुभाषी स्वभाव के कारण खड़ा था जिसने महागामा के हर घर में अपनी जगह बनाई है। संवेदनशील पहलू यह है कि एम.ए. पास होने के बावजूद दुर्गा ने श्रम को छोटा नहीं समझा और आज भी हर सुबह 5 बजे उठकर तकरीबन 300 घरों में अखबार बांटते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि शहर की असली समस्याएं एसी कमरों में नहीं, बल्कि उन कीचड़ भरी गलियों में छिपी हैं जहाँ से उनकी साइकिल रोज गुजरती है। जिस दिन उन्होंने अपने ही बांटे हुए अखबार में पढ़ा कि महागामा की सीट एसटी (ST) के लिए आरक्षित हुई है, उसी दिन इस शिक्षित युवा ने ठान लिया कि अब दूसरों की खबरें बांटने के बजाय खुद अपनी और अपने समाज की बदहाल किस्मत बदलने का समय आ गया है। नक्षत्र न्यूज़ से बातचीत में दुर्गा का वह भोलापन और आत्मविश्वास उन नेताओं के लिए एक चेतावनी है जो समझते हैं कि जनता को केवल झूठे वादों के जाल में फंसाया जा सकता है। दुर्गा सोरेन की यह चुनावी जंग केवल एक पद की लड़ाई नहीं है, बल्कि उन रसूखदारों के खिलाफ एक आम आदमी का शंखनाद है जो विकास के नाम पर केवल अपनी तिजोरियां भरते आए हैं। महागामा की सड़कों पर दुर्गा की साइकिल का हर फेरा उन सफेदपोशों को यह याद दिला रहा है कि लोकतंत्र का असली मालिक वही है जो जनता के सुख-दुख की धूल में सना हुआ है। यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या महागामा के लोग इस बार रसूख के 'पावर गेम' को धता बताकर एक अखबार वाले की सादगी पर अपनी मुहर लगाएंगे, लेकिन फिलहाल तो दुर्गा की इस 'साइकिल क्रांति' ने बड़े-बड़े सूरमाओं का पॉलिटिकल माइलेज पूरी तरह बिगाड़ दिया है।

2 hrs ago
user_Anuj Jha jilla johar news
Anuj Jha jilla johar news
गोड्डा, गोड्डा, झारखंड•
2 hrs ago

गोड्डा, झारखंड में सियासत की नई इबारत, जो अखबार बांटते थे, वही साइकिल पर सवार होकर बने बदलाव की सबसे बड़ी सुर्खी !झारखंड की माटी में जब सियासत का बीज बोया जाता है, तो अक्सर उम्मीद की जाती है कि उसे सींचने के लिए नोटों की बारिश होगी, रसूख का खाद डलेगा और सफेद लग्जरी गाड़ियों का एक ऐसा अभेद्य किला खड़ा होगा जिसके भीतर झांकना भी आम आदमी के बस की बात नहीं होगी। हमारे इस राज्य में राजनीति का 'नेट' कुछ ऐसा बुना गया है कि यहाँ नेता वही कहलाता है जिसकी एक दहाड़ पर हूटर बजाती गाड़ियों का काफिला सड़कों की धूल उड़ा दे और जिसके रसूख की चमक देखकर गरीब अपनी आंखें चुराने पर मजबूर हो जाए। अमूमन माना यह जाता है कि जिसके पास पैसा है, रसूख है और बंद शीशों वाली बड़ी गाड़ियाँ हैं, वही सत्ता के सिंहासन का असली हकदार है, लेकिन गोड्डा जिले के महागामा नगर पंचायत में इस बार लोकतंत्र ने एक ऐसी करवट ली है कि इन तमाम 'हवा-हवाई' रसूखदारों के चश्मे का नंबर ही बदल गया है। यहाँ की फिजाओं में इन दिनों एक ऐसी संवेदनशील और दिल को छू लेने वाली खबर तैर रही है जो उन सफेदपोशों पर सबसे करारा व्यंग्य है जो राजनीति को अपनी जागीर समझते हैं। महागामा नगर पंचायत में पहली बार चुनाव होने जा रहा है और इस चुनावी समर में एक ऐसा चेहरा उभरा है जिसने रसूख के 'वीआईपी कल्चर' की हवा निकाल दी है। मिलिए दुर्गा सोरेन से, जो भूगोल शास्त्र में एम.ए. (MA) की डिग्री हाथ में लिए पिछले 20 सालों से महागामा की गलियों में अपनी पुरानी साइकिल की घंटी बजाकर 'अखबार' बांटने का काम कर रहे हैं। यह कितनी बड़ी विडंबना और व्यवस्था पर तीखा कटाक्ष है कि जो शख्स दो दशकों से लोगों की चौखट पर दुनिया भर की खबरें और बड़े-बड़े नेताओं के भाषण पहुंचाता था, आज वह खुद झारखंड की सबसे बड़ी 'सुर्खी' बन गया है। जब बड़े-बड़े प्रत्याशी अपने नामांकन के लिए गाड़ियों के लंबे रेले और धनबल का प्रदर्शन कर रहे थे, तब दुर्गा सोरेन ने अपनी उसी जर्जर साइकिल पर सवार होकर नामांकन कार्यालय पहुंचकर साबित कर दिया कि जनसेवा के लिए बैंक बैलेंस नहीं, बल्कि जमीन से जुड़ाव चाहिए। उनके पीछे उमड़ा सैकड़ों समर्थकों का हुजूम किसी लालच या 'पेट्रोल-मुर्गा' के दम पर नहीं, बल्कि उस सादगी और मृदुभाषी स्वभाव के कारण खड़ा था जिसने महागामा के हर घर में अपनी जगह बनाई है। संवेदनशील पहलू यह है कि एम.ए. पास होने के बावजूद दुर्गा ने श्रम को छोटा नहीं समझा और आज भी हर सुबह 5 बजे उठकर तकरीबन 300 घरों में अखबार बांटते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि शहर की असली समस्याएं एसी कमरों में नहीं, बल्कि उन कीचड़ भरी गलियों में छिपी हैं जहाँ से उनकी साइकिल रोज गुजरती है। जिस दिन उन्होंने अपने ही बांटे हुए अखबार में पढ़ा कि महागामा की सीट एसटी (ST) के लिए आरक्षित हुई है, उसी दिन इस शिक्षित युवा ने ठान लिया कि अब दूसरों की खबरें बांटने के बजाय खुद अपनी और अपने समाज की बदहाल किस्मत बदलने का समय आ गया है। नक्षत्र न्यूज़ से बातचीत में दुर्गा का वह भोलापन और आत्मविश्वास उन नेताओं के लिए एक चेतावनी है जो समझते हैं कि जनता को केवल झूठे वादों के जाल में फंसाया जा सकता है। दुर्गा सोरेन की यह चुनावी जंग केवल एक पद की लड़ाई नहीं है, बल्कि उन रसूखदारों के खिलाफ एक आम आदमी का शंखनाद है जो विकास के नाम पर केवल अपनी तिजोरियां भरते आए हैं। महागामा की सड़कों पर दुर्गा की साइकिल का हर फेरा उन सफेदपोशों को यह याद दिला रहा है कि लोकतंत्र का असली मालिक वही है जो जनता के सुख-दुख की धूल में सना हुआ है। यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या महागामा के लोग इस बार रसूख के 'पावर गेम' को धता बताकर एक अखबार वाले की सादगी पर अपनी मुहर लगाएंगे, लेकिन फिलहाल तो दुर्गा की इस 'साइकिल क्रांति' ने बड़े-बड़े सूरमाओं का पॉलिटिकल माइलेज पूरी तरह बिगाड़ दिया है। गोड्डा, झारखंड में सियासत की नई इबारत, जो अखबार बांटते थे, वही साइकिल पर सवार होकर बने बदलाव की सबसे बड़ी सुर्खी !झारखंड की माटी में जब सियासत का बीज बोया जाता है, तो अक्सर उम्मीद की जाती है कि उसे सींचने के लिए नोटों की बारिश होगी, रसूख का खाद डलेगा और सफेद लग्जरी गाड़ियों का एक ऐसा अभेद्य किला खड़ा होगा जिसके भीतर झांकना भी आम आदमी के बस की बात नहीं होगी। हमारे इस राज्य में राजनीति का 'नेट' कुछ ऐसा बुना गया है कि यहाँ नेता वही कहलाता है जिसकी एक दहाड़ पर हूटर बजाती गाड़ियों का काफिला सड़कों की धूल उड़ा दे और जिसके रसूख की चमक देखकर गरीब अपनी आंखें चुराने पर मजबूर हो जाए। अमूमन माना यह जाता है कि जिसके पास पैसा है, रसूख है और बंद शीशों वाली बड़ी गाड़ियाँ हैं, वही सत्ता के सिंहासन का असली हकदार है, लेकिन गोड्डा जिले के महागामा नगर पंचायत में इस बार लोकतंत्र ने एक ऐसी करवट ली है कि इन तमाम 'हवा-हवाई' रसूखदारों के चश्मे का नंबर ही बदल गया है। यहाँ की फिजाओं में इन दिनों एक ऐसी संवेदनशील और दिल को छू लेने वाली खबर तैर रही है जो उन सफेदपोशों पर सबसे करारा व्यंग्य है जो राजनीति को अपनी जागीर समझते हैं। महागामा नगर पंचायत में पहली बार चुनाव होने जा रहा है और इस चुनावी समर में एक ऐसा चेहरा उभरा है जिसने रसूख के 'वीआईपी कल्चर' की हवा निकाल दी है। मिलिए दुर्गा सोरेन से, जो भूगोल शास्त्र में एम.ए. (MA) की डिग्री हाथ में लिए पिछले 20 सालों से महागामा की गलियों में अपनी पुरानी साइकिल की घंटी बजाकर 'अखबार' बांटने का काम कर रहे हैं। यह कितनी बड़ी विडंबना और व्यवस्था पर तीखा कटाक्ष है कि जो शख्स दो दशकों से लोगों की चौखट पर दुनिया भर की खबरें और बड़े-बड़े नेताओं के भाषण पहुंचाता था, आज वह खुद झारखंड की सबसे बड़ी 'सुर्खी' बन गया है। जब बड़े-बड़े प्रत्याशी अपने नामांकन के लिए गाड़ियों के लंबे रेले और धनबल का प्रदर्शन कर रहे थे, तब दुर्गा सोरेन ने अपनी उसी जर्जर साइकिल पर सवार होकर नामांकन कार्यालय पहुंचकर साबित कर दिया कि जनसेवा के लिए बैंक बैलेंस नहीं, बल्कि जमीन से जुड़ाव चाहिए। उनके पीछे उमड़ा सैकड़ों समर्थकों का हुजूम किसी लालच या 'पेट्रोल-मुर्गा' के दम पर नहीं, बल्कि उस सादगी और मृदुभाषी स्वभाव के कारण खड़ा था जिसने महागामा के हर घर में अपनी जगह बनाई है। संवेदनशील पहलू यह है कि एम.ए. पास होने के बावजूद दुर्गा ने श्रम को छोटा नहीं समझा और आज भी हर सुबह 5 बजे उठकर तकरीबन 300 घरों में अखबार बांटते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि शहर की असली समस्याएं एसी कमरों में नहीं, बल्कि उन कीचड़ भरी गलियों में छिपी हैं जहाँ से उनकी साइकिल रोज गुजरती है। जिस दिन उन्होंने अपने ही बांटे हुए अखबार में पढ़ा कि महागामा की सीट एसटी (ST) के लिए आरक्षित हुई है, उसी दिन इस शिक्षित युवा ने ठान लिया कि अब दूसरों की खबरें बांटने के बजाय खुद अपनी और अपने समाज की बदहाल किस्मत बदलने का समय आ गया है। नक्षत्र न्यूज़ से बातचीत में दुर्गा का वह भोलापन और आत्मविश्वास उन नेताओं के लिए एक चेतावनी है जो समझते हैं कि जनता को केवल झूठे वादों के जाल में फंसाया जा सकता है। दुर्गा सोरेन की यह चुनावी जंग केवल एक पद की लड़ाई नहीं है, बल्कि उन रसूखदारों के खिलाफ एक आम आदमी का शंखनाद है जो विकास के नाम पर केवल अपनी तिजोरियां भरते आए हैं। महागामा की सड़कों पर दुर्गा की साइकिल का हर फेरा उन सफेदपोशों को यह याद दिला रहा है कि लोकतंत्र का असली मालिक वही है जो जनता के सुख-दुख की धूल में सना हुआ है। यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या महागामा के लोग इस बार रसूख के 'पावर गेम' को धता बताकर एक अखबार वाले की सादगी पर अपनी मुहर लगाएंगे, लेकिन फिलहाल तो दुर्गा की इस 'साइकिल क्रांति' ने बड़े-बड़े सूरमाओं का पॉलिटिकल माइलेज पूरी तरह बिगाड़ दिया है।

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  • Post by N.k.choudhary
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    Post by N.k.choudhary
    user_N.k.choudhary
    N.k.choudhary
    बांका, बांका, बिहार•
    1 hr ago
  • मुरहन में शिव मंदिर निर्माण कार्य को लेकर शिवरात्रि के शुभ अवसर पर किया गया भूमि पूजन
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    मुरहन में शिव मंदिर निर्माण कार्य को लेकर शिवरात्रि के शुभ अवसर पर किया गया भूमि पूजन
    user_Ajit Singh public app reporter
    Ajit Singh public app reporter
    Court reporter गोराडीह, भागलपुर, बिहार•
    3 hrs ago
  • Post by Swapana.malakar
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    Post by Swapana.malakar
    user_Swapana.malakar
    Swapana.malakar
    बांका, बांका, बिहार•
    3 hrs ago
  • बिहार बांका) जिला में महाशिवरात्रि को लेकर विभिन्न शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार लगी रही। जलाभिषेक व पूजा-अर्चना के साथ पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक दर्शन किया। #वीडियोシ゚viralシfypシ゚viralシalシfollowers #BiharNews
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    बिहार बांका) जिला में महाशिवरात्रि को लेकर विभिन्न शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार लगी रही। जलाभिषेक व पूजा-अर्चना के साथ पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक दर्शन किया।
#वीडियोシ゚viralシfypシ゚viralシalシfollowers #BiharNews
    user_Banka Today News
    Banka Today News
    पत्रकार बांका, बांका, बिहार•
    3 hrs ago
  • Post by Gotam Kumar
    1
    Post by Gotam Kumar
    user_Gotam Kumar
    Gotam Kumar
    बांका, बांका, बिहार•
    13 hrs ago
  • महाशिवरात्रि पर बाबा गाजेश्वरनाथधाम में रविवार को दो दिवसीय मेले का उद्घाटन राजमहल लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय हांसदा, सांसद प्रतिनिधि संजीव समू हेंब्रम, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सह प्रमुख बर्नार्ड मरांडी, जिला संगठन सचिव छवि हेंब्रम ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया. इस दौरान पुरोहित सुनील झा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया. तत्पश्चात पुरोहित ने सभी को पीतांबरी शिवलिंग का पूजन कराया. इस दौरान पूरा परिसर हर-हर महादेव के नारे से गूंज उठा. सांसद विजय हांसदा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि दो दिवसीय शिवरात्रि मेले में झारखंड, बिहार व बंगाल राज्य के भारी संख्या में साफा होड़ समाज के लोग पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं. यह संथाल परगना का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है. इस दौरान सांसद ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख-शांति की कामना की.यहां सालों भर सैलानियों का आना-जाना लगा रहता है. पर्यटन विभाग की ओर से कई काम हुए हैं और आगे भी कार्य किए जाएंगे. इधर बाबा गाजेश्वर नाथधाम में महाशिवरात्रि के उपवास के दिन रविवार को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा. श्रद्धालुओं ने पीतांबरी शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पूजा अर्चना किया. करीब 25 हजार श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की. महाशिवरात्रि में महिला, पुरुष, बूढ़े-बुजुर्ग सहित कई श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर हर-हर महादेव के जयकारे लगाए. इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय में हो गया. शिवगादी प्रबंध समिति के द्वारा गर्भ गृह के आसपास वोलेंटियर्स की तैनाती की गई थी. मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.वही जगह जगह पुलिस बल की तैनाती की गई है .वही बाबा गाजेश्वर नाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए वन वे की यातायात व्यवस्था लागू की गई है ताकि श्रद्धालुओं को जाम की समस्या से मुक्तिमिले. वहीं मेले परिसर में बड़े-बड़े वाहनों को रख रखाव के लिए पार्किंग बनाया गया है. पूरा मेला क्षेत्र सीसीटीवी कैमरे के निगरानी में मौजूद हैं. मौके पर अन्य मौजूद थे.मौके पर झामुमो युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष देव सोरेन उर्फ बल्लू,प्रखंड उपाध्यक्ष लखीराम हेंब्रम , समदा सोरेन अन्य मौजूद थे
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    महाशिवरात्रि पर बाबा गाजेश्वरनाथधाम में रविवार को दो दिवसीय मेले का उद्घाटन राजमहल लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय हांसदा, सांसद प्रतिनिधि संजीव समू हेंब्रम, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सह प्रमुख बर्नार्ड मरांडी,  जिला संगठन सचिव छवि हेंब्रम ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया. इस दौरान पुरोहित सुनील झा ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन कराया. तत्पश्चात पुरोहित ने सभी को पीतांबरी शिवलिंग का पूजन कराया. इस दौरान पूरा परिसर हर-हर महादेव के नारे से गूंज उठा. सांसद विजय हांसदा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि दो दिवसीय शिवरात्रि मेले में झारखंड, बिहार व बंगाल राज्य के भारी संख्या में साफा होड़ समाज के लोग पूजा अर्चना करने पहुंचते हैं. यह संथाल परगना का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है. इस दौरान सांसद ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र में सुख-शांति की कामना की.यहां सालों भर सैलानियों का आना-जाना लगा रहता है. पर्यटन विभाग की ओर से कई काम हुए हैं और आगे भी कार्य किए जाएंगे. इधर  बाबा गाजेश्वर नाथधाम में महाशिवरात्रि के उपवास के दिन रविवार  को श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा. श्रद्धालुओं ने पीतांबरी शिवलिंग पर जलाभिषेक कर पूजा अर्चना किया. करीब 25 हजार श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की. महाशिवरात्रि में महिला, पुरुष, बूढ़े-बुजुर्ग सहित कई श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर हर-हर महादेव के जयकारे लगाए. इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्तिमय में हो गया. शिवगादी प्रबंध समिति के द्वारा गर्भ गृह के आसपास वोलेंटियर्स की तैनाती की गई थी.  मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.वही जगह जगह पुलिस बल की तैनाती की गई है .वही बाबा गाजेश्वर नाथ धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए वन वे की यातायात व्यवस्था लागू की गई है ताकि श्रद्धालुओं को जाम की समस्या से मुक्तिमिले. वहीं मेले परिसर में बड़े-बड़े वाहनों को रख रखाव के लिए पार्किंग बनाया गया है. पूरा मेला क्षेत्र सीसीटीवी कैमरे के निगरानी में मौजूद हैं.
मौके पर अन्य मौजूद थे.मौके पर  झामुमो युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष देव सोरेन उर्फ बल्लू,प्रखंड उपाध्यक्ष लखीराम हेंब्रम , समदा सोरेन  अन्य मौजूद थे
    user_NAGRAJ SAH
    NAGRAJ SAH
    पत्रकार बरहेट, साहेबगंज, झारखंड•
    7 hrs ago
  • नाबालिक बच्चों से दुकान में काम करवाने वाले दुकानदार हो जाएं सावधान नहीं तो आप फंस सकते हैं कानून के डेरे पर और जा सकते हैं सलाखों के पीछे
    1
    नाबालिक बच्चों से दुकान में काम करवाने वाले दुकानदार हो जाएं सावधान नहीं तो आप फंस सकते हैं कानून के डेरे पर और जा सकते हैं सलाखों के पीछे
    user_User10408
    User10408
    पत्रकार Godda, Jharkhand•
    23 hrs ago
  • Post by Swapana.malakar
    2
    Post by Swapana.malakar
    user_Swapana.malakar
    Swapana.malakar
    बांका, बांका, बिहार•
    3 hrs ago
  • बिहार बांका) में महाशिवरात्रि पर चांदन नदी स्थित बाबा भएहरण स्थान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सरधल गांव सहित आसपास से पहुंचे भक्तों ने जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। हर-हर महादेव के जयघोष से क्षेत्र गूंज उठा। दिनभर मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल बना रहा। बांका | संवाददाता बिकाश शर्मा #वीडियोシ゚viralシfypシ゚viralシalシfollowers #BiharNews #live #trendingnow #trendingvideo #publiclivenow #viral
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    बिहार बांका) में महाशिवरात्रि पर चांदन नदी स्थित बाबा भएहरण स्थान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सरधल गांव सहित आसपास से पहुंचे भक्तों ने जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। हर-हर महादेव के जयघोष से क्षेत्र गूंज उठा। दिनभर मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल बना रहा।
बांका | संवाददाता बिकाश शर्मा
#वीडियोシ゚viralシfypシ゚viralシalシfollowers #BiharNews #live #trendingnow #trendingvideo #publiclivenow #viral
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    पत्रकार बांका, बांका, बिहार•
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