Shuru
Apke Nagar Ki App…
103 लीटर देसी महुआ शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार।
N.k.choudhary
103 लीटर देसी महुआ शराब के साथ तस्कर गिरफ्तार।
More news from बिहार and nearby areas
- Post by Swapana.malakar2
- बिहार बांका) में महाशिवरात्रि पर चांदन नदी स्थित बाबा भएहरण स्थान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सरधल गांव सहित आसपास से पहुंचे भक्तों ने जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। हर-हर महादेव के जयघोष से क्षेत्र गूंज उठा। दिनभर मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल बना रहा। बांका | संवाददाता बिकाश शर्मा #वीडियोシ゚viralシfypシ゚viralシalシfollowers #BiharNews #live #trendingnow #trendingvideo #publiclivenow #viral1
- गोड्डा, झारखंड में सियासत की नई इबारत, जो अखबार बांटते थे, वही साइकिल पर सवार होकर बने बदलाव की सबसे बड़ी सुर्खी !झारखंड की माटी में जब सियासत का बीज बोया जाता है, तो अक्सर उम्मीद की जाती है कि उसे सींचने के लिए नोटों की बारिश होगी, रसूख का खाद डलेगा और सफेद लग्जरी गाड़ियों का एक ऐसा अभेद्य किला खड़ा होगा जिसके भीतर झांकना भी आम आदमी के बस की बात नहीं होगी। हमारे इस राज्य में राजनीति का 'नेट' कुछ ऐसा बुना गया है कि यहाँ नेता वही कहलाता है जिसकी एक दहाड़ पर हूटर बजाती गाड़ियों का काफिला सड़कों की धूल उड़ा दे और जिसके रसूख की चमक देखकर गरीब अपनी आंखें चुराने पर मजबूर हो जाए। अमूमन माना यह जाता है कि जिसके पास पैसा है, रसूख है और बंद शीशों वाली बड़ी गाड़ियाँ हैं, वही सत्ता के सिंहासन का असली हकदार है, लेकिन गोड्डा जिले के महागामा नगर पंचायत में इस बार लोकतंत्र ने एक ऐसी करवट ली है कि इन तमाम 'हवा-हवाई' रसूखदारों के चश्मे का नंबर ही बदल गया है। यहाँ की फिजाओं में इन दिनों एक ऐसी संवेदनशील और दिल को छू लेने वाली खबर तैर रही है जो उन सफेदपोशों पर सबसे करारा व्यंग्य है जो राजनीति को अपनी जागीर समझते हैं। महागामा नगर पंचायत में पहली बार चुनाव होने जा रहा है और इस चुनावी समर में एक ऐसा चेहरा उभरा है जिसने रसूख के 'वीआईपी कल्चर' की हवा निकाल दी है। मिलिए दुर्गा सोरेन से, जो भूगोल शास्त्र में एम.ए. (MA) की डिग्री हाथ में लिए पिछले 20 सालों से महागामा की गलियों में अपनी पुरानी साइकिल की घंटी बजाकर 'अखबार' बांटने का काम कर रहे हैं। यह कितनी बड़ी विडंबना और व्यवस्था पर तीखा कटाक्ष है कि जो शख्स दो दशकों से लोगों की चौखट पर दुनिया भर की खबरें और बड़े-बड़े नेताओं के भाषण पहुंचाता था, आज वह खुद झारखंड की सबसे बड़ी 'सुर्खी' बन गया है। जब बड़े-बड़े प्रत्याशी अपने नामांकन के लिए गाड़ियों के लंबे रेले और धनबल का प्रदर्शन कर रहे थे, तब दुर्गा सोरेन ने अपनी उसी जर्जर साइकिल पर सवार होकर नामांकन कार्यालय पहुंचकर साबित कर दिया कि जनसेवा के लिए बैंक बैलेंस नहीं, बल्कि जमीन से जुड़ाव चाहिए। उनके पीछे उमड़ा सैकड़ों समर्थकों का हुजूम किसी लालच या 'पेट्रोल-मुर्गा' के दम पर नहीं, बल्कि उस सादगी और मृदुभाषी स्वभाव के कारण खड़ा था जिसने महागामा के हर घर में अपनी जगह बनाई है। संवेदनशील पहलू यह है कि एम.ए. पास होने के बावजूद दुर्गा ने श्रम को छोटा नहीं समझा और आज भी हर सुबह 5 बजे उठकर तकरीबन 300 घरों में अखबार बांटते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि शहर की असली समस्याएं एसी कमरों में नहीं, बल्कि उन कीचड़ भरी गलियों में छिपी हैं जहाँ से उनकी साइकिल रोज गुजरती है। जिस दिन उन्होंने अपने ही बांटे हुए अखबार में पढ़ा कि महागामा की सीट एसटी (ST) के लिए आरक्षित हुई है, उसी दिन इस शिक्षित युवा ने ठान लिया कि अब दूसरों की खबरें बांटने के बजाय खुद अपनी और अपने समाज की बदहाल किस्मत बदलने का समय आ गया है। नक्षत्र न्यूज़ से बातचीत में दुर्गा का वह भोलापन और आत्मविश्वास उन नेताओं के लिए एक चेतावनी है जो समझते हैं कि जनता को केवल झूठे वादों के जाल में फंसाया जा सकता है। दुर्गा सोरेन की यह चुनावी जंग केवल एक पद की लड़ाई नहीं है, बल्कि उन रसूखदारों के खिलाफ एक आम आदमी का शंखनाद है जो विकास के नाम पर केवल अपनी तिजोरियां भरते आए हैं। महागामा की सड़कों पर दुर्गा की साइकिल का हर फेरा उन सफेदपोशों को यह याद दिला रहा है कि लोकतंत्र का असली मालिक वही है जो जनता के सुख-दुख की धूल में सना हुआ है। यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या महागामा के लोग इस बार रसूख के 'पावर गेम' को धता बताकर एक अखबार वाले की सादगी पर अपनी मुहर लगाएंगे, लेकिन फिलहाल तो दुर्गा की इस 'साइकिल क्रांति' ने बड़े-बड़े सूरमाओं का पॉलिटिकल माइलेज पूरी तरह बिगाड़ दिया है।1
- मुरहन में शिव मंदिर निर्माण कार्य को लेकर शिवरात्रि के शुभ अवसर पर किया गया भूमि पूजन1
- har har Mahadev 🙏🙏🙏🙏📷📷🕳️🫥🫥🫥🫥🫥🫥🫥🕳️🕳️🕳️🕳️🕳️🕳️📷1
- तारापुर के प्राचीन रंगगांव स्थित श्री श्री 108 बाबा रत्नेश्वर नाथ महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पूजा महोत्सव 2026 के अवसर पर सम्राट चौधरी ने सात दिवसीय मेले का फीता काटकर व दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर समिति ने माला व अंगवस्त्र देकर उनका स्वागत किया। “हर-हर महादेव” के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से माहौल भक्तिमय हो गया। सभा में उन्होंने कहा कि बचपन से इस मंदिर से उनकी आस्था जुड़ी है और हर महत्वपूर्ण कार्य से पहले यहां आशीर्वाद लेने आते हैं। जनता द्वारा ऐतिहासिक मतों से मिली जीत के लिए आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने बाईपास सड़क, सुल्तानगंज–देवघर फोरलेन, हल्दिया–रक्सौल कॉरिडोर, नई सड़क, रेलवे लाइन सर्वे व प्रस्तावित एयरपोर्ट का जिक्र करते हुए क्षेत्र को विकास का बड़ा केंद्र बनाने की बात कही। इस मौके पर कई जनप्रतिनिधि व हजारों श्रद्धालु मौजूद थे। मेले के शुभारंभ से पूरे क्षेत्र में उत्सवी माहौल है।1
- बिहार बांका) शहर के आज़ाद चौक स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतार लगी रही। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय बना रहा और व्यवस्था में स्वयंसेवक जुटे रहे।1
- Post by N.k.choudhary1
- Post by Swapana.malakar2