उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के मोहाना थाना क्षेत्र के ककरहवा चौकी अंतर्गत ग्राम पंचायत दूल्हा सुमाली के पिपरहवा टोला में बुधवार सुबह 22 वर्षीय युवक मुकेश गुप्ता का शव उसके घर के कमरे में खून से लथपथ मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। आशंका जताई जा रही है कि धारदार हथियार से गला रेतकर उसकी हत्या की गई है। परिजनों के अनुसार, मुकेश मंगलवार रात करीब 11 बजे अपने कमरे में सोने गया था। बुधवार सुबह करीब पांच बजे जब उसकी मां उसे जगाने पहुंची तो कमरे में खून से सना शव देखकर चीख पड़ी। परिजनों ने गांव के ही रमेश शुक्ला और उसके साथियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए नामजद तहरीर दी है, उनका कहना है कि पूर्व में मुकेश का इन लोगों से विवाद हुआ था और उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने संदेह के आधार पर रमेश शुक्ला समेत दो अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए पुलिस क्षेत्र में एहतियात के तौर पर निगरानी कर रही है।
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के मोहाना थाना क्षेत्र के ककरहवा चौकी अंतर्गत ग्राम पंचायत दूल्हा सुमाली के पिपरहवा टोला में बुधवार सुबह 22 वर्षीय युवक मुकेश गुप्ता का शव उसके घर के कमरे में खून से लथपथ मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। आशंका जताई जा रही है कि धारदार हथियार से गला रेतकर उसकी हत्या की गई है। परिजनों के अनुसार, मुकेश मंगलवार रात करीब 11 बजे अपने कमरे में सोने गया था। बुधवार सुबह करीब पांच बजे जब उसकी मां उसे जगाने पहुंची तो कमरे में खून से सना शव देखकर चीख पड़ी। परिजनों ने गांव के ही रमेश शुक्ला और उसके साथियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए नामजद तहरीर दी है, उनका कहना है कि पूर्व में मुकेश का इन लोगों से विवाद हुआ था और उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने संदेह के आधार पर रमेश शुक्ला समेत दो अन्य लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जिसे देखते हुए पुलिस क्षेत्र में एहतियात के तौर पर निगरानी कर रही है।
- विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने संत कबीर नगर के खलीलाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में निषाद समाज के आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी पर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री डॉ. संजय निषाद को भाजपा छोड़कर INDIA गठबंधन में शामिल होने का खुला निमंत्रण दिया। सहनी ने कहा कि वे राहुल गांधी और अखिलेश यादव से बात करके निषाद समाज को सम्मानजनक राजनीतिक भागीदारी और सीटें दिलाने की कोशिश करेंगे। सहनी ने प्रेस वार्ता में यह भी कहा कि निषाद समाज ने संजय निषाद को मंत्री पद तक पहुंचाया, लेकिन पिछले सात वर्षों में समाज को आरक्षण दिलाने के लिए कोई खास काम नहीं हुआ है। उन्होंने डॉ. संजय निषाद से मांग की कि यदि सरकार आरक्षण नहीं देती है, तो उन्हें मंत्री पद छोड़कर समाज के अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। मुकेश सहनी ने घोषणा की कि 25 जुलाई से पूरे उत्तर प्रदेश में 101 दिनों की 'निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा' शुरू की जाएगी। इस यात्रा के दौरान एक करोड़ निषाद समाज के लोगों को गंगाजल हाथ में लेकर यह संकल्प दिलाया जाएगा कि अगर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आरक्षण नहीं मिला, तो वे भाजपा के खिलाफ मतदान करेंगे। उन्होंने जातीय जनगणना के आधार पर आबादी के अनुपात में आरक्षण और राजनीतिक भागीदारी की मांग दोहराते हुए कहा कि सामाजिक न्याय तभी संभव है जब हर समाज को उसका संवैधानिक अधिकार मिले। इस अवसर पर वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सहनी, कार्यक्रम प्रभारी रविंद्र निषाद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, सामाजिक नेता तथा बुद्धिजीवी उपस्थित थे।1
- बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र के कलवारी मुस्तहकम गांव में बुधवार दोपहर एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहाँ एक युवक ने मामूली बात पर या बिना किसी कारण के 55 वर्षीय मोहम्मद शमी नामक बुजुर्ग दर्जी को बांस से पीट-पीटकर मार डाला। इस निर्मम हत्या से पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल है। मोहम्मद शमी अपनी दुकान से भोजन के लिए घर लौट रहे थे, तभी कलवारी मुस्तहकम गेट के पास घात लगाए बैठे एक युवक ने उन पर बांस से हमला कर दिया। हमला इतना भीषण था कि बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई।1
- आज दिनांक 17 जून 2026 को ग्राम पंचायत भगवानपुर के गांव कानापार में 'महा तुलादान अभियान' के प्रथम चरण का भव्य आयोजन और शुभारंभ किया गया। यह महा तुलादान अभियान बड़े-बड़े विद्वानों और वेद मंत्रों के ज्ञाताओं द्वारा पूरी तरह से वैदिक रीति के अनुसार संपन्न करवाया गया है। इस शुभ अवसर पर मुख्य यजमान के रूप में स्वर्गीय श्री रामाकांत त्रिपाठी जी की पत्नी गुजाराती देवी जी ने अपनी भूमिका निभाई।1
- महाराजगंज जिले के कोठीभार थाना क्षेत्र के ग्राम गौरी बढ़ेपुरवा में पड़ोसियों के बीच का विवाद हिंसक हो गया। इस घटना में पीड़ित सुरेश पर उनके पड़ोसी सुधीर और उसकी बहन करिश्मा ने धारदार हथियार से कथित तौर पर हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद, अभी तक कथित हमलावरों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक धाराएं लगाकर मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित पक्ष ने सवाल उठाया है कि उन्हें आखिर कब न्याय मिलेगा।1
- बलरामपुर जनपद के ललिया थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का बाज़ार गर्म है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र के कई स्थानों पर रात के समय जेसीबी और लोडर मशीनों का उपयोग करके मिट्टी खनन की सूचनाएं मिल रही हैं। बताया जा रहा है कि इस मामले की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है। इसके बाद प्रशासन और पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए देर रात कुछ स्थानों पर खनन गतिविधियों को रोकने का प्रयास किया। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन से जुड़े कुछ लोग क्षेत्र में इन गतिविधियों पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं। सूत्रों का दावा है कि रात 10 बजे के बाद पुनः अवैध खनन शुरू होने की संभावना है, जिसकी प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यदि ये खनन शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो यह राजस्व हानि के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी चिंता का विषय हो सकता है। क्षेत्रीय नागरिकों ने प्रशासन से नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है, ताकि अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।1
- जनपद गोरखपुर के हरपुर बुदहट क्षेत्र से जुड़े लोक गायक राहुल प्रेमी इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हैं।1
- बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति को पीट-पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया, जिसकी बाद में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद कलवारी पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा और पोस्टमॉर्टम की कार्यवाही शुरू कर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक बस्ती ने बताया कि अभियुक्त के विरुद्ध मिली तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। यह जानकारी विनोद कुमार नामक पत्रकार द्वारा दी गई।1
- संत कबीर नगर जिले की खलीलाबाद कोतवाली में लगाया गया लाखों रुपये का वाटर कूलर अब सफेद हाथी का दांत साबित हो रहा है। फरियाद लेकर आने वाले लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए 10 रुपये की पानी की बोतल खरीदनी पड़ रही है। कोतवाली परिसर में हैंडपंप की भी कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे फरियादियों के साथ-साथ पुलिस कर्मचारियों को भी खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं, विशेषकर गौर थाना क्षेत्र में। आरोप है कि यह क्षेत्र अपराधियों के लिए एक 'अघोषित सुरक्षित जोन' बन चुका है, जहां बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है। इसके विपरीत, पुलिस की कार्यप्रणाली पर संदेह व्यक्त किया गया है, क्योंकि वह अपराध दर्ज करने के नाम पर पीड़ितों को थाने के चक्कर लगवा रही है, जबकि पुलिसिया फाइलों में सब कुछ 'ऑल इज वेल' दिखाया जा रहा है। यह स्थिति महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावों के ठीक उलट है। हाल ही में एक महिला और उसके परिजनों पर घर में घुसकर हमला किया गया। पीड़िता का गंभीर आरोप है कि न्याय मांगने पर पुलिस ने कार्रवाई तो दूर, उसकी तहरीर ही बदल दी, जिससे गंभीर आरोपों को हल्का करने का प्रयास किया गया। सिर्फ महिला सुरक्षा ही नहीं, गौर थाना क्षेत्र में चोरी और मोटरसाइकिल गायब होने जैसी घटनाएं भी आम हैं, और इन मामलों में भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है। इस पर सवाल उठाया जा रहा है कि क्या पुलिस का एकमात्र लक्ष्य अपराध नियंत्रण के बजाय सिर्फ 'आंकड़ों' को चमकाना रह गया है, और क्या यह एक सुनियोजित साजिश है जिसके तहत गंभीर घटनाओं को कागजों से दूर रखकर जिले की अपराध रिपोर्ट को 'सफेद' बनाए रखा जा रहा है। थाने की इस नकारात्मक कार्यशैली के कारण पीड़ितों में गहरा रोष व्याप्त है। चेतावनी दी गई है कि यदि गौर पुलिस की कार्यप्रणाली में समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यह न केवल जनता का पुलिस पर से विश्वास उठा देगा, बल्कि क्षेत्र में अपराध के नए आयामों को जन्म देगा। अब लोगों की उम्मीदें उच्च अधिकारियों के सख्त रुख और पुलिस की जवाबदेही तय करने की दिशा में होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं, यह देखने के लिए कि क्या जिला प्रशासन पुलिस के दावों और वास्तविक धरातल के बीच के अंतर को देख पाएगा, या फिर आम आदमी इसी तरह फाइलों और थानों के बीच पिसता रहेगा।2