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Korba गणेशोत्सव-विसर्जन और विश्वकर्मा पूजा को लेकर कोरबा पुलिस अलर्ट, शहर में निकली बाइक पेट्रोलिंग पंडालों का निरीक्षण, संवेदनशील इलाकों पर नजर; एएसपी समेत पुलिस अधिकारियों ने संभाली कमान
Dhananajy jangde
Korba गणेशोत्सव-विसर्जन और विश्वकर्मा पूजा को लेकर कोरबा पुलिस अलर्ट, शहर में निकली बाइक पेट्रोलिंग पंडालों का निरीक्षण, संवेदनशील इलाकों पर नजर; एएसपी समेत पुलिस अधिकारियों ने संभाली कमान
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- सक्ती जिले के स्कूलों में सजी नन्हें कलाकारों की दुनिया, ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित, सक्ती जिले के स्कूलों में सजी नन्हें कलाकारों की दुनिया, ‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित, सेवा संकल्प अभियान के तहत 18 सितंबर को सक्ती जिले के सभी प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में एक साथ चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। ‘चित्र सेवा, मेरे सपनों का भारत’ विषय पर आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले के हजारों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और रंगों के माध्यम से अपने सपनों के भारत की कल्पना को उकेरा। बच्चों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीक, सामाजिक समरसता, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत जैसे विषयों पर आकर्षक चित्र बनाए। जिला शिक्षा अधिकारी कुमुदिनी बाघ द्विवेदी एवं संस्था प्रमुखों की अध्यक्षता में कला और भाषा शिक्षकों की निर्णायक समिति ने श्रेष्ठ प्रविष्टियों का मूल्यांकन किया। सुदूर अंचलों के विद्यालयों तक इस रचनात्मक अभियान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन में जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता रही।1
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- देवगढ़ में चार माह से राशन नहीं मिलने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा फिंगर लगवाने के बाद भी चावल नहीं देने का आरोप; खाद्य निरीक्षक ने पूर्व संचालक पर 25 लाख रुपये के गबन की बात कही, वसूली नहीं होने पर FIR की चेतावनी सीतापुर। देवगढ़ पंचायत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की राशन दुकान को लेकर शनिवार को उस समय हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई, जब बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने तीन से चार माह से राशन का चावल नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया। मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके परिवार सरकारी राशन के चावल पर निर्भर हैं। कई महीनों से चावल नहीं मिलने के कारण उनके सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि “हम इसी चावल के भरोसे जीते हैं, चावल नहीं मिलेगा तो हमारे बच्चे क्या खाएंगे।” ग्रामीणों का आरोप है कि चना और शक्कर का वितरण भी उन्हें नहीं मिल रहा है। पहले फिंगर लगवाने, फिर चावल नहीं देने का आरोप हितग्राहियों ने राशन दुकान के सेल्समैन पर आरोप लगाया कि राशन देने के नाम पर पहले उनका फिंगरप्रिंट लगवा लिया जाता है। उन्हें बताया जाता है कि फिंगर नहीं लगाएंगे तो राशन नहीं मिलेगा। ग्रामीणों का आरोप है कि फिंगर लगवाने के बाद भी उन्हें चावल उपलब्ध नहीं कराया जाता। ग्रामीणों के अनुसार, जब उन्होंने खाद्य विभाग के अधिकारी से शिकायत की तो यह कहा गया कि फिंगर लग चुका है, इसका मतलब राशन मिल चुका है। इसी बात को लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों ने की पहले लंबित राशन देने की मांग आक्रोशित ग्रामीणों की मांग थी कि जिन हितग्राहियों का फिंगर पहले ही लग चुका है, उन्हें सबसे पहले संबंधित अवधि का पूरा राशन उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद ही नए सिरे से फिंगर लगवाकर आगामी राशन का वितरण किया जाए। स्थिति बिगड़ने पर कुछ ग्रामीणों ने यह तक कहा कि जिन लोगों का फिंगर लग चुका है, उन्हें उनका 35-35 किलो चावल तत्काल दिया जाए। खाद्य निरीक्षक को दोबारा बुलाना पड़ा ग्रामीणों के अनुसार खाद्य निरीक्षक मौके पर पहुंचे थे। लेकिन आक्रोशित भीड़ और बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वे वहां से चले गए। बाद में मामला अधिक गरमाने पर उन्हें पुनः फोन कर बुलाया गया। खाद्य निरीक्षक बतौली से वापस देवगढ़ पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। पूर्व संचालक पर 25 लाख रुपये के गबन की बात मौके पर खाद्य निरीक्षक द्वारा ग्रामीणों को कथित रूप से बताया गया कि पूर्व राशन दुकान संचालक के कार्यकाल में लगभग 25 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। निरीक्षक के अनुसार उक्त राशि की व्यक्तिगत रूप से संबंधित पूर्व संचालक से भरपाई कराई जानी है। खाद्य निरीक्षक ने यह भी बताया कि मामले की जानकारी अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) को दे दी गई है। यदि पूर्व संचालक द्वारा कथित गबन की राशि की भरपाई नहीं की जाती है तो मामले में FIR दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, 25 लाख रुपये के कथित गबन, जिम्मेदारी तय होने तथा राशन वितरण में अनियमितता के आरोपों की पुष्टि संबंधित विभाग के दस्तावेजों और जांच के बाद ही हो सकेगी। ग्रामीणों के आरोपों की जांच की मांग ग्रामीणों ने राशन वितरण की पूरी व्यवस्था की जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि कई हितग्राहियों के फिंगर लगने के बावजूद उन्हें राशन नहीं मिला। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि राशन की कालाबाजारी में जिम्मेदार लोगों की मिलीभगत हो सकती है। अब जांच का मुख्य बिंदु यह होगा कि ई-पॉस मशीन में जिन हितग्राहियों के फिंगर लगे हैं, उनके नाम पर कितनी मात्रा में राशन दर्ज हुआ और वास्तविक रूप से उन्हें कितना राशन वितरित किया गया। साथ ही स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर और खाद्यान्न उठाव के रिकॉर्ड की जांच से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। देवगढ़ के ग्रामीणों को अब लंबित राशन कब मिलेगा और कथित 25 लाख रुपये के गबन मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।4
- कोसमंदा गांव के गणेश पंडाल हो रही खूब चर्चा, छत्तीसगढ़ी थीम पर ठाकुरदिया चौक में बनाया गया पंडाल, छत्तीसगढ़ी व्यंजन को महाप्रसाद में रूप में बांटी जा रही...1
- दीपका जीएम कार्यालय में जड़ा ताला, अस्पताल समेत 8 सरकारी भवनों को तोड़ने पर ग्रामीणों में आक्रोश दीपका। एसईसीएल दीपका प्रबंधन की कार्रवाई के विरोध में हरदीबाजार और आसपास के ग्रामीणों ने शनिवार सुबह करीब 9 बजे जीएम कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि एसईसीएल प्रबंधन द्वारा अस्पताल भवन समेत 8 शासकीय भवनों को तोड़े जाने की कार्रवाई की जा रही है। प्रदर्शन की सूचना पर विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल और सरपंच लोकश्वर कंवर भी ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उनकी मांगों को सुना। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बताया गया कि पुलिस बल ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद करीब 5 बजे आंदोलन समाप्त हुआ। ग्रामीणों ने कहा कि एसईसीएल द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में विकास और पुनर्वास से जुड़ी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों के विरोध के चलते जीएम कार्यालय का कामकाज भी प्रभावित रहा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा। विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि ग्रामीणों की मांगें जायज हैं। प्रशासन को ग्राम पंचायत को पूर्व सूचना देकर कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर बिलासपुर मुख्यालय में चर्चा की जाएगी और समाधान का प्रयास किया जाएगा। एसईसीएल दीपका क्षेत्र के सीजीएम अशोक कुमार ने भी ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने मांग रखी कि अस्पताल, स्कूल, नौकरी, बसाहट और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों का उचित समाधान किया जाए।1