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देवगढ़ में चार माह से राशन नहीं मिलने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा फिंगर लगवाने के बाद भी चावल नहीं देने का आरोप; खाद्य निरीक्षक ने पूर्व संचालक पर 25 लाख रुपये के गबन की बात कही, वसूली नहीं होने पर FIR की चेतावनी सीतापुर। देवगढ़ पंचायत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की राशन दुकान को लेकर शनिवार को उस समय हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई, जब बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने तीन से चार माह से राशन का चावल नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया। मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके परिवार सरकारी राशन के चावल पर निर्भर हैं। कई महीनों से चावल नहीं मिलने के कारण उनके सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि “हम इसी चावल के भरोसे जीते हैं, चावल नहीं मिलेगा तो हमारे बच्चे क्या खाएंगे।” ग्रामीणों का आरोप है कि चना और शक्कर का वितरण भी उन्हें नहीं मिल रहा है। पहले फिंगर लगवाने, फिर चावल नहीं देने का आरोप हितग्राहियों ने राशन दुकान के सेल्समैन पर आरोप लगाया कि राशन देने के नाम पर पहले उनका फिंगरप्रिंट लगवा लिया जाता है। उन्हें बताया जाता है कि फिंगर नहीं लगाएंगे तो राशन नहीं मिलेगा। ग्रामीणों का आरोप है कि फिंगर लगवाने के बाद भी उन्हें चावल उपलब्ध नहीं कराया जाता। ग्रामीणों के अनुसार, जब उन्होंने खाद्य विभाग के अधिकारी से शिकायत की तो यह कहा गया कि फिंगर लग चुका है, इसका मतलब राशन मिल चुका है। इसी बात को लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों ने की पहले लंबित राशन देने की मांग आक्रोशित ग्रामीणों की मांग थी कि जिन हितग्राहियों का फिंगर पहले ही लग चुका है, उन्हें सबसे पहले संबंधित अवधि का पूरा राशन उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद ही नए सिरे से फिंगर लगवाकर आगामी राशन का वितरण किया जाए। स्थिति बिगड़ने पर कुछ ग्रामीणों ने यह तक कहा कि जिन लोगों का फिंगर लग चुका है, उन्हें उनका 35-35 किलो चावल तत्काल दिया जाए। खाद्य निरीक्षक को दोबारा बुलाना पड़ा ग्रामीणों के अनुसार खाद्य निरीक्षक मौके पर पहुंचे थे। लेकिन आक्रोशित भीड़ और बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वे वहां से चले गए। बाद में मामला अधिक गरमाने पर उन्हें पुनः फोन कर बुलाया गया। खाद्य निरीक्षक बतौली से वापस देवगढ़ पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। पूर्व संचालक पर 25 लाख रुपये के गबन की बात मौके पर खाद्य निरीक्षक द्वारा ग्रामीणों को कथित रूप से बताया गया कि पूर्व राशन दुकान संचालक के कार्यकाल में लगभग 25 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। निरीक्षक के अनुसार उक्त राशि की व्यक्तिगत रूप से संबंधित पूर्व संचालक से भरपाई कराई जानी है। खाद्य निरीक्षक ने यह भी बताया कि मामले की जानकारी अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) को दे दी गई है। यदि पूर्व संचालक द्वारा कथित गबन की राशि की भरपाई नहीं की जाती है तो मामले में FIR दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, 25 लाख रुपये के कथित गबन, जिम्मेदारी तय होने तथा राशन वितरण में अनियमितता के आरोपों की पुष्टि संबंधित विभाग के दस्तावेजों और जांच के बाद ही हो सकेगी। ग्रामीणों के आरोपों की जांच की मांग ग्रामीणों ने राशन वितरण की पूरी व्यवस्था की जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि कई हितग्राहियों के फिंगर लगने के बावजूद उन्हें राशन नहीं मिला। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि राशन की कालाबाजारी में जिम्मेदार लोगों की मिलीभगत हो सकती है। अब जांच का मुख्य बिंदु यह होगा कि ई-पॉस मशीन में जिन हितग्राहियों के फिंगर लगे हैं, उनके नाम पर कितनी मात्रा में राशन दर्ज हुआ और वास्तविक रूप से उन्हें कितना राशन वितरित किया गया। साथ ही स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर और खाद्यान्न उठाव के रिकॉर्ड की जांच से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। देवगढ़ के ग्रामीणों को अब लंबित राशन कब मिलेगा और कथित 25 लाख रुपये के गबन मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

11 hrs ago
user_Sunil Gupta
Sunil Gupta
Advertising agency सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
11 hrs ago

देवगढ़ में चार माह से राशन नहीं मिलने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा फिंगर लगवाने के बाद भी चावल नहीं देने का आरोप; खाद्य निरीक्षक ने पूर्व संचालक पर 25 लाख रुपये के गबन की बात कही, वसूली नहीं होने पर FIR की चेतावनी सीतापुर। देवगढ़ पंचायत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की राशन दुकान को लेकर शनिवार को उस समय हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई, जब बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने तीन से चार माह से राशन का चावल नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया। मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके परिवार सरकारी राशन के चावल पर निर्भर हैं। कई महीनों से चावल नहीं मिलने के कारण उनके सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि “हम इसी चावल के भरोसे जीते हैं, चावल नहीं मिलेगा तो हमारे बच्चे क्या खाएंगे।” ग्रामीणों का आरोप है कि चना और शक्कर का वितरण भी उन्हें नहीं मिल रहा

है। पहले फिंगर लगवाने, फिर चावल नहीं देने का आरोप हितग्राहियों ने राशन दुकान के सेल्समैन पर आरोप लगाया कि राशन देने के नाम पर पहले उनका फिंगरप्रिंट लगवा लिया जाता है। उन्हें बताया जाता है कि फिंगर नहीं लगाएंगे तो राशन नहीं मिलेगा। ग्रामीणों का आरोप है कि फिंगर लगवाने के बाद भी उन्हें चावल उपलब्ध नहीं कराया जाता। ग्रामीणों के अनुसार, जब उन्होंने खाद्य विभाग के अधिकारी से शिकायत की तो यह कहा गया कि फिंगर लग चुका है, इसका मतलब राशन मिल चुका है। इसी बात को लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखी गई। ग्रामीणों ने की पहले लंबित राशन देने की मांग आक्रोशित ग्रामीणों की मांग थी कि जिन हितग्राहियों का फिंगर पहले ही लग चुका है, उन्हें सबसे पहले संबंधित अवधि का पूरा राशन उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद ही नए सिरे से फिंगर लगवाकर आगामी राशन का वितरण किया जाए। स्थिति बिगड़ने पर कुछ ग्रामीणों ने यह तक कहा कि जिन लोगों का फिंगर लग चुका है, उन्हें उनका

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35-35 किलो चावल तत्काल दिया जाए। खाद्य निरीक्षक को दोबारा बुलाना पड़ा ग्रामीणों के अनुसार खाद्य निरीक्षक मौके पर पहुंचे थे। लेकिन आक्रोशित भीड़ और बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वे वहां से चले गए। बाद में मामला अधिक गरमाने पर उन्हें पुनः फोन कर बुलाया गया। खाद्य निरीक्षक बतौली से वापस देवगढ़ पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। पूर्व संचालक पर 25 लाख रुपये के गबन की बात मौके पर खाद्य निरीक्षक द्वारा ग्रामीणों को कथित रूप से बताया गया कि पूर्व राशन दुकान संचालक के कार्यकाल में लगभग 25 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। निरीक्षक के अनुसार उक्त राशि की व्यक्तिगत रूप से संबंधित पूर्व संचालक से भरपाई कराई जानी है। खाद्य निरीक्षक ने यह भी बताया कि मामले की जानकारी अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) को दे दी गई है। यदि पूर्व संचालक द्वारा कथित गबन की राशि की भरपाई नहीं की जाती है तो मामले में FIR दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, 25 लाख रुपये के कथित

गबन, जिम्मेदारी तय होने तथा राशन वितरण में अनियमितता के आरोपों की पुष्टि संबंधित विभाग के दस्तावेजों और जांच के बाद ही हो सकेगी। ग्रामीणों के आरोपों की जांच की मांग ग्रामीणों ने राशन वितरण की पूरी व्यवस्था की जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि कई हितग्राहियों के फिंगर लगने के बावजूद उन्हें राशन नहीं मिला। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि राशन की कालाबाजारी में जिम्मेदार लोगों की मिलीभगत हो सकती है। अब जांच का मुख्य बिंदु यह होगा कि ई-पॉस मशीन में जिन हितग्राहियों के फिंगर लगे हैं, उनके नाम पर कितनी मात्रा में राशन दर्ज हुआ और वास्तविक रूप से उन्हें कितना राशन वितरित किया गया। साथ ही स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर और खाद्यान्न उठाव के रिकॉर्ड की जांच से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। देवगढ़ के ग्रामीणों को अब लंबित राशन कब मिलेगा और कथित 25 लाख रुपये के गबन मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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    देवगढ़ में चार माह से राशन नहीं मिलने का आरोप, ग्रामीणों का हंगामा

फिंगर लगवाने के बाद भी चावल नहीं देने का आरोप; खाद्य निरीक्षक ने पूर्व संचालक पर 25 लाख रुपये के गबन की बात कही, वसूली नहीं होने पर FIR की चेतावनी

सीतापुर। देवगढ़ पंचायत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की राशन दुकान को लेकर शनिवार को उस समय हंगामे की स्थिति निर्मित हो गई, जब बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने तीन से चार माह से राशन का चावल नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया। मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं।
ग्रामीणों का कहना है कि उनके परिवार सरकारी राशन के चावल पर निर्भर हैं। कई महीनों से चावल नहीं मिलने के कारण उनके सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि “हम इसी चावल के भरोसे जीते हैं, चावल नहीं मिलेगा तो हमारे बच्चे क्या खाएंगे।” ग्रामीणों का आरोप है कि चना और शक्कर का वितरण भी उन्हें नहीं मिल रहा है।
पहले फिंगर लगवाने, फिर चावल नहीं देने का आरोप
हितग्राहियों ने राशन दुकान के सेल्समैन पर आरोप लगाया कि राशन देने के नाम पर पहले उनका फिंगरप्रिंट लगवा लिया जाता है। उन्हें बताया जाता है कि फिंगर नहीं लगाएंगे तो राशन नहीं मिलेगा। ग्रामीणों का आरोप है कि फिंगर लगवाने के बाद भी उन्हें चावल उपलब्ध नहीं कराया जाता।
ग्रामीणों के अनुसार, जब उन्होंने खाद्य विभाग के अधिकारी से शिकायत की तो यह कहा गया कि फिंगर लग चुका है, इसका मतलब राशन मिल चुका है। इसी बात को लेकर ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखी गई।
ग्रामीणों ने की पहले लंबित राशन देने की मांग
आक्रोशित ग्रामीणों की मांग थी कि जिन हितग्राहियों का फिंगर पहले ही लग चुका है, उन्हें सबसे पहले संबंधित अवधि का पूरा राशन उपलब्ध कराया जाए। इसके बाद ही नए सिरे से फिंगर लगवाकर आगामी राशन का वितरण किया जाए।
स्थिति बिगड़ने पर कुछ ग्रामीणों ने यह तक कहा कि जिन लोगों का फिंगर लग चुका है, उन्हें उनका 35-35 किलो चावल तत्काल दिया जाए।
खाद्य निरीक्षक को दोबारा बुलाना पड़ा
ग्रामीणों के अनुसार खाद्य निरीक्षक मौके पर पहुंचे थे। लेकिन आक्रोशित भीड़ और बिगड़ती स्थिति को देखते हुए वे वहां से चले गए। बाद में मामला अधिक गरमाने पर उन्हें पुनः फोन कर बुलाया गया। खाद्य निरीक्षक बतौली से वापस देवगढ़ पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की।
पूर्व संचालक पर 25 लाख रुपये के गबन की बात
मौके पर खाद्य निरीक्षक द्वारा ग्रामीणों को कथित रूप से बताया गया कि पूर्व राशन दुकान संचालक के कार्यकाल में लगभग 25 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। निरीक्षक के अनुसार उक्त राशि की व्यक्तिगत रूप से संबंधित पूर्व संचालक से भरपाई कराई जानी है।
खाद्य निरीक्षक ने यह भी बताया कि मामले की जानकारी अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) को दे दी गई है। यदि पूर्व संचालक द्वारा कथित गबन की राशि की भरपाई नहीं की जाती है तो मामले में FIR दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, 25 लाख रुपये के कथित गबन, जिम्मेदारी तय होने तथा राशन वितरण में अनियमितता के आरोपों की पुष्टि संबंधित विभाग के दस्तावेजों और जांच के बाद ही हो सकेगी।
ग्रामीणों के आरोपों की जांच की मांग
ग्रामीणों ने राशन वितरण की पूरी व्यवस्था की जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि कई हितग्राहियों के फिंगर लगने के बावजूद उन्हें राशन नहीं मिला। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि राशन की कालाबाजारी में जिम्मेदार लोगों की मिलीभगत हो सकती है।
अब जांच का मुख्य बिंदु यह होगा कि ई-पॉस मशीन में जिन हितग्राहियों के फिंगर लगे हैं, उनके नाम पर कितनी मात्रा में राशन दर्ज हुआ और वास्तविक रूप से उन्हें कितना राशन वितरित किया गया। साथ ही स्टॉक रजिस्टर, वितरण रजिस्टर और खाद्यान्न उठाव के रिकॉर्ड की जांच से वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
देवगढ़ के ग्रामीणों को अब लंबित राशन कब मिलेगा और कथित 25 लाख रुपये के गबन मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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    Sunil Gupta
    Advertising agency सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • चिरोड़ा की मधु सिदार ने चीन में आयोजित जूनियर एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ 2 गोल दागे। 🔥 कांसाबेल पहुंचने पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने मधु का आत्मीय स्वागत कर बधाई दी और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। 👏 उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने भी मधु को शुभकामनाएं दीं। 🏑🇮🇳 कांसाबेल की बेटी मधु सिदार ने बढ़ाया जशपुर का मान! 🏆 चिरोड़ा की मधु सिदार ने चीन में आयोजित जूनियर एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ 2 गोल दागे। 🔥 कांसाबेल पहुंचने पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने मधु का आत्मीय स्वागत कर बधाई दी और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। 👏 उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने भी मधु को शुभकामनाएं दीं। 📰 Jashpur Times — सच सब तक #मधुसिदार #Kansabel #Hockey #JashpurTimes #Jashpur
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    चिरोड़ा की मधु सिदार ने चीन में आयोजित जूनियर एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ 2 गोल दागे। 🔥

कांसाबेल पहुंचने पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने मधु का आत्मीय स्वागत कर बधाई दी और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

👏 उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने भी मधु को शुभकामनाएं दीं।

🏑🇮🇳 कांसाबेल की बेटी मधु सिदार ने बढ़ाया जशपुर का मान! 🏆
चिरोड़ा की मधु सिदार ने चीन में आयोजित जूनियर एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान के खिलाफ 2 गोल दागे। 🔥
कांसाबेल पहुंचने पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने मधु का आत्मीय स्वागत कर बधाई दी और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
👏 उपस्थित गणमान्य नागरिकों ने भी मधु को शुभकामनाएं दीं।
📰 Jashpur Times — सच सब तक
#मधुसिदार #Kansabel #Hockey #JashpurTimes #Jashpur
    user_Ibnul khan
    Ibnul khan
    Media house कांसबेल, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • प्रतापपुर चौक स्थित मंदिर में श्रद्धा के साथ मनाई गई विश्वकर्मा जयंती प्रतापपुर चौक स्थित मंदिर में श्रद्धा के साथ मनाई गई विश्वकर्मा जयंती अंबिकापुर। प्रतापपुर चौक स्थित भगवान विश्वकर्मा मंदिर में विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई तथा श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम में स्थानीय श्रद्धालुओं एवं समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। पूजा-अर्चना के पश्चात प्रसाद वितरण भी किया गया। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर उपस्थित लोगों ने भगवान विश्वकर्मा के आदर्शों को याद करते हुए मेहनत, निर्माण और कौशल के महत्व पर प्रकाश डाला।
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    प्रतापपुर चौक स्थित मंदिर में श्रद्धा के साथ मनाई गई विश्वकर्मा जयंती
प्रतापपुर चौक स्थित मंदिर में श्रद्धा के साथ मनाई गई विश्वकर्मा जयंती
अंबिकापुर। प्रतापपुर चौक स्थित भगवान विश्वकर्मा मंदिर में विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई तथा श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
कार्यक्रम में स्थानीय श्रद्धालुओं एवं समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। पूजा-अर्चना के पश्चात प्रसाद वितरण भी किया गया।
विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर उपस्थित लोगों ने भगवान विश्वकर्मा के आदर्शों को याद करते हुए मेहनत, निर्माण और कौशल के महत्व पर प्रकाश डाला।
    user_Himanshu raj Raj
    Himanshu raj Raj
    Social Media Manager अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
  • बगीचा/जशपुर: बगीचा के सन्ना क्षेत्र में बीती रात राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को निशाना बनाकर तोड़ दिया गया। अज्ञात उपद्रवियों ने बापू की मूर्ति पर अपनी वीरगाथा लिखते हुए यह साबित कर दिया कि एक सीमेंट और प्लास्टर की मूर्ति से आज भी कुछ बुजदिलों की रूह कांपती है। घटना की खबर फैलते ही इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। पुलिस-प्रशासन हमेशा की तरह "जांच जारी है" और "दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा" वाला पुराना टेप बजा रहा है। अहिंसा के आगे फिर हारा 'कायरता का हथौड़ा' महात्मा गांधी ने लाठी के बल पर ब्रिटिश हुकूमत उखाड़ फेंकी थी, लेकिन सन्ना के इन 'शूरवीरों' ने अंधेरे का फायदा उठाकर एक बेज़ुबान मूर्ति पर अपना पराक्रम दिखाया है। जरा सोचिए, जिस इंसान ने पूरी जिंदगी अहिंसा का पाठ पढ़ाया, उसकी मूर्ति तोड़ने के लिए भी उपद्रवियों को हथौड़े और अंधेरे का सहारा लेना पड़ा! यह घटना सिर्फ एक मूर्ति का टूटना नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि गांधी के विचार आज भी कुछ लोगों के दिमाग में इतनी जोर से चुभते हैं कि वे रात के अंधेरे में पत्थर तोड़ने को अपनी बड़ी कामयाबी मान बैठते हैं। व्यंग्य: मूर्ति तो तोड़ दी, जरा विचार तोड़कर दिखाओ! गांधी जी की मूर्ति तोड़ने वाले महानुभावों को शायद लगता होगा कि मूर्ति का सिर या हाथ खंडित कर देने से बापू का वजूद खत्म हो जाएगा। एक सुझाव उपद्रवियों के लिए: मूर्ति तोड़ना तो बहुत आसान और कायरतापूर्ण काम है। अगर वाकई दम है, तो गांधी के 'सत्य', 'अहिंसा' और 'सद्भाव' के विचारों को तोड़कर दिखाइए। बधाई हो समाज को: हम उस दौर में जी रहे हैं जहां जिंदा इंसान को रोजगार और सुरक्षा मिले न मिले, लेकिन लोहे और पत्थर के पुतलों से हमारी "महान राष्ट्रीय भावनाएं" आहत भी होती हैं और तुष्ट भी होती हैं। पुलिस विभाग को राहत: चलिए, कम से कम प्रशासन को दो-चार दिन मुस्तैद दिखने, शांति समिति की बैठकें करने और चाय-समोसे के साथ "कड़ी निंदा" करने का एक और मौका मिल गया। बड़ा सवाल: नफरत का यह जहर कब तक? सन्ना की यह घटना कोई अकेली घटना नहीं है। यह उस नफरती सोच का नतीजा है जो पिछले कुछ समय से समाज की जड़ों में घोली जा रही है। किसी की मूर्ति पर हमला करना असल में हमारी लोकतांत्रिक सोच और सामाजिक ताने-बाने पर हमला है। अगर पुलिस प्रशासन वाकई इस मामले में गंभीर है, तो सिर्फ केस दर्ज करने का औपचारिक खेल न खेले। उन कायरों को ढूंढकर बेनकाब करे, जिन्होंने रात के अंधेरे में अपनी घटिया मानसिकता का प्रदर्शन किया है। बापू की मूर्ति तो कल फिर नई बन जाएगी, लेकिन समाज के दिमाग में जो नफरत का दरार आया है, उसे मरम्मत करने में सदियां लग जाएंगी।
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    बगीचा/जशपुर:
बगीचा के सन्ना क्षेत्र में बीती रात राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को निशाना बनाकर तोड़ दिया गया। अज्ञात उपद्रवियों ने बापू की मूर्ति पर अपनी वीरगाथा लिखते हुए यह साबित कर दिया कि एक सीमेंट और प्लास्टर की मूर्ति से आज भी कुछ बुजदिलों की रूह कांपती है।
घटना की खबर फैलते ही इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। पुलिस-प्रशासन हमेशा की तरह "जांच जारी है" और "दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा" वाला पुराना टेप बजा रहा है।
अहिंसा के आगे फिर हारा 'कायरता का हथौड़ा'
महात्मा गांधी ने लाठी के बल पर ब्रिटिश हुकूमत उखाड़ फेंकी थी, लेकिन सन्ना के इन 'शूरवीरों' ने अंधेरे का फायदा उठाकर एक बेज़ुबान मूर्ति पर अपना पराक्रम दिखाया है। जरा सोचिए, जिस इंसान ने पूरी जिंदगी अहिंसा का पाठ पढ़ाया, उसकी मूर्ति तोड़ने के लिए भी उपद्रवियों को हथौड़े और अंधेरे का सहारा लेना पड़ा!
यह घटना सिर्फ एक मूर्ति का टूटना नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि गांधी के विचार आज भी कुछ लोगों के दिमाग में इतनी जोर से चुभते हैं कि वे रात के अंधेरे में पत्थर तोड़ने को अपनी बड़ी कामयाबी मान बैठते हैं।
व्यंग्य: मूर्ति तो तोड़ दी, जरा विचार तोड़कर दिखाओ!
गांधी जी की मूर्ति तोड़ने वाले महानुभावों को शायद लगता होगा कि मूर्ति का सिर या हाथ खंडित कर देने से बापू का वजूद खत्म हो जाएगा।
एक सुझाव उपद्रवियों के लिए: मूर्ति तोड़ना तो बहुत आसान और कायरतापूर्ण काम है। अगर वाकई दम है, तो गांधी के 'सत्य', 'अहिंसा' और 'सद्भाव' के विचारों को तोड़कर दिखाइए।
बधाई हो समाज को: हम उस दौर में जी रहे हैं जहां जिंदा इंसान को रोजगार और सुरक्षा मिले न मिले, लेकिन लोहे और पत्थर के पुतलों से हमारी "महान राष्ट्रीय भावनाएं" आहत भी होती हैं और तुष्ट भी होती हैं।
पुलिस विभाग को राहत: चलिए, कम से कम प्रशासन को दो-चार दिन मुस्तैद दिखने, शांति समिति की बैठकें करने और चाय-समोसे के साथ "कड़ी निंदा" करने का एक और मौका मिल गया।
बड़ा सवाल: नफरत का यह जहर कब तक?
सन्ना की यह घटना कोई अकेली घटना नहीं है। यह उस नफरती सोच का नतीजा है जो पिछले कुछ समय से समाज की जड़ों में घोली जा रही है। किसी की मूर्ति पर हमला करना असल में हमारी लोकतांत्रिक सोच और सामाजिक ताने-बाने पर हमला है।
अगर पुलिस प्रशासन वाकई इस मामले में गंभीर है, तो सिर्फ केस दर्ज करने का औपचारिक खेल न खेले। उन कायरों को ढूंढकर बेनकाब करे, जिन्होंने रात के अंधेरे में अपनी घटिया मानसिकता का प्रदर्शन किया है।
बापू की मूर्ति तो कल फिर नई बन जाएगी, लेकिन समाज के दिमाग में जो नफरत का दरार आया है, उसे मरम्मत करने में सदियां लग जाएंगी।
    user_ANURAG
    ANURAG
    Media house जशपुर, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • Korba गणेशोत्सव-विसर्जन और विश्वकर्मा पूजा को लेकर कोरबा पुलिस अलर्ट, शहर में निकली बाइक पेट्रोलिंग पंडालों का निरीक्षण, संवेदनशील इलाकों पर नजर; एएसपी समेत पुलिस अधिकारियों ने संभाली कमान
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    Korba  गणेशोत्सव-विसर्जन और विश्वकर्मा पूजा को लेकर कोरबा पुलिस अलर्ट, शहर में निकली बाइक पेट्रोलिंग
पंडालों का निरीक्षण, संवेदनशील इलाकों पर नजर; एएसपी समेत पुलिस अधिकारियों ने संभाली कमान
    user_Dhananajy jangde
    Dhananajy jangde
    Advertising agency करतला, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • किसी व्यक्ति को पहले किसी चीज़, सेवा या आदत का आदी या उस पर निर्भर बना देना और जब वह व्यक्ति उसके बिना नहीं रह सकता, तब उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर पैसे या अन्य लाभ वसूल करना। सरल शब्दों में: पहले निर्भरता पैदा करो, फिर उसी निर्भरता से कमाई करो। यह वाक्य आमतौर पर शोषण या गलत तरीके से फायदा उठाने के संदर्भ में कहा जाता है। डी. पी. सिंह मरकाम गोंडवाना छत्तीसगढ़ न्यूज पत्रकार ✍🏾
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    किसी व्यक्ति को पहले किसी चीज़, सेवा या आदत का आदी या उस पर निर्भर बना देना और जब वह व्यक्ति उसके बिना नहीं रह सकता, तब उसकी मजबूरी का फायदा उठाकर पैसे या अन्य लाभ वसूल करना।
सरल शब्दों में: पहले निर्भरता पैदा करो, फिर उसी निर्भरता से कमाई करो।
यह वाक्य आमतौर पर शोषण या गलत तरीके से फायदा उठाने के संदर्भ में कहा जाता है।
डी. पी. सिंह मरकाम 
गोंडवाना छत्तीसगढ़ न्यूज
पत्रकार ✍🏾
    user_डी. पी. सिंह मरकाम
    डी. पी. सिंह मरकाम
    पत्रकार रामानुजनगर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • कांसाबेल की बेटी मधु सिदार का भव्य स्वागत | पाकिस्तान के खिलाफ दागे 2 गोल | Jashpur Times कांसाबेल की बेटी मधु सिदार का भव्य स्वागत | पाकिस्तान के खिलाफ दागे 2 गोल | Jashpur Times
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    कांसाबेल की बेटी मधु सिदार का भव्य स्वागत | पाकिस्तान के खिलाफ दागे 2 गोल | Jashpur Times
कांसाबेल की बेटी मधु सिदार का भव्य स्वागत | पाकिस्तान के खिलाफ दागे 2 गोल | Jashpur Times
    user_Ibnul khan
    Ibnul khan
    Media house कांसबेल, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • दीपका जीएम कार्यालय में जड़ा ताला, अस्पताल समेत 8 सरकारी भवनों को तोड़ने पर ग्रामीणों में आक्रोश दीपका। एसईसीएल दीपका प्रबंधन की कार्रवाई के विरोध में हरदीबाजार और आसपास के ग्रामीणों ने शनिवार सुबह करीब 9 बजे जीएम कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि एसईसीएल प्रबंधन द्वारा अस्पताल भवन समेत 8 शासकीय भवनों को तोड़े जाने की कार्रवाई की जा रही है। प्रदर्शन की सूचना पर विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल और सरपंच लोकश्वर कंवर भी ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उनकी मांगों को सुना। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बताया गया कि पुलिस बल ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद करीब 5 बजे आंदोलन समाप्त हुआ। ग्रामीणों ने कहा कि एसईसीएल द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में विकास और पुनर्वास से जुड़ी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों के विरोध के चलते जीएम कार्यालय का कामकाज भी प्रभावित रहा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा। विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि ग्रामीणों की मांगें जायज हैं। प्रशासन को ग्राम पंचायत को पूर्व सूचना देकर कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर बिलासपुर मुख्यालय में चर्चा की जाएगी और समाधान का प्रयास किया जाएगा। एसईसीएल दीपका क्षेत्र के सीजीएम अशोक कुमार ने भी ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने मांग रखी कि अस्पताल, स्कूल, नौकरी, बसाहट और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों का उचित समाधान किया जाए।
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    दीपका जीएम कार्यालय में जड़ा ताला, अस्पताल समेत 8 सरकारी भवनों को तोड़ने पर ग्रामीणों में आक्रोश
दीपका। एसईसीएल दीपका प्रबंधन की कार्रवाई के विरोध में हरदीबाजार और आसपास के ग्रामीणों ने शनिवार सुबह करीब 9 बजे जीएम कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि एसईसीएल प्रबंधन द्वारा अस्पताल भवन समेत 8 शासकीय भवनों को तोड़े जाने की कार्रवाई की जा रही है।
प्रदर्शन की सूचना पर विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल और सरपंच लोकश्वर कंवर भी ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उनकी मांगों को सुना। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बताया गया कि पुलिस बल ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद करीब 5 बजे आंदोलन समाप्त हुआ। ग्रामीणों ने कहा कि एसईसीएल द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में विकास और पुनर्वास से जुड़ी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों के विरोध के चलते जीएम कार्यालय का कामकाज भी प्रभावित रहा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।
विधायक प्रेमचंद पटेल ने कहा कि ग्रामीणों की मांगें जायज हैं। प्रशासन को ग्राम पंचायत को पूर्व सूचना देकर कार्रवाई करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर बिलासपुर मुख्यालय में चर्चा की जाएगी और समाधान का प्रयास किया जाएगा।
एसईसीएल दीपका क्षेत्र के सीजीएम अशोक कुमार ने भी ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने मांग रखी कि अस्पताल, स्कूल, नौकरी, बसाहट और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों का उचित समाधान किया जाए।
    user_Korba news
    Korba news
    कोरबा, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    40 min ago
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