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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कल विधानपरिषद से इस्तीफा दिया जिसको लेकर जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा ये तो मैने पहले ही बोला था बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कल विधानपरिषद से इस्तीफा दिया जिसको लेकर जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा ये तो मैने पहले ही बोला था
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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कल विधानपरिषद से इस्तीफा दिया जिसको लेकर जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा ये तो मैने पहले ही बोला था बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कल विधानपरिषद से इस्तीफा दिया जिसको लेकर जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा ये तो मैने पहले ही बोला था
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- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कल विधानपरिषद से इस्तीफा दिया जिसको लेकर जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा ये तो मैने पहले ही बोला था1
- बेतिया-सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज, जमीन विवाद में हुई हत्या में निर्दोषों को फंसाने की साजिश बेनकाब, कैमरे में दिखे सिर्फ परिवार के सदस्य...1
- मगरमच्छ को भी घड़ियाली आंसू के अपने फायदा मिलता है..!!1
- भीषण अगलगी से दो दर्जन बकरिया और लाखो कि क्षति पीड़ितों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार प्रातः आवाज योगापट्टी संवाददाता योगापट्टी : योगापट्टी प्रखंड अंतर्गत मच्छरगांवा नगर पंचायत के नवगांवा गांव में अचानक लगी आग से चार घर जलकर राख हो गए। इस अगलगी की घटना में करीब 18 बकरियां झुलसकर मर गईं, जबकि घर में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जाता है कि गुरुवार की देर रात करीब ग्यारह बजे रात का घटना है। सबसे पहले नवगांवा गांव निवासी बुधन यादव के घर से अचानक आग की चिनगारी उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई और आसपास के दो अन्य घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, तब तक तीनों घर धू-धू कर जलने लगे। ग्रामीणों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और बाल्टी, मोटर व हैंडपंप के सहारे आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक तीनों घर पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे। इस घटना में सबसे ज्यादा नुकसान बुधन यादव को हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी नातिन की शादी आगामी 5 मई को होने वाली थी, जिसके लिए घर में करीब सत्तर हजार रुपये और शादी से जुड़ा सामान रखा हुआ था, जो आग में जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। Inअग्निकांड में गणेश यादव, बुधन यादव और योगेंद्र यादव लालाबाबू यादव ठंग यादव का घर पूरी तरह जल गया। इसके अलावा घर में बंधी करीब 18 बकरियां भी आग की चपेट में आकर झुलस गईं, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया।वही आगलगी में दो लोग झुलसे की बात कही जा रही है। झुलसे युवक का पहचान नवगांवा गांव निवासी बुलेट यादव व गणेश यादव को बताया जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है। आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। वहीं इधर अंचलाधिकारी प्रज्ञा नैनम ने बताया कि अंचल अमीन को घटना की जाँच के लिए भेजा जा रहा है।वहीं कहा कि पीड़ित परिवार को प्रशासन से जो भी सहायता होगा उसको दिलाने का हर संभव प्रयास किया जायेगा |1
- माधोपुर: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर द्वारा 'मखाना उत्पादन की तकनीक और प्रसंस्करण' पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ जल-जमाव वाले क्षेत्रों के बेहतर उपयोग के लिए जागरूक करना था। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने मखाना खेती के आधुनिक और तकनीकी पहलुओं को साझा किया: डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान, उन्होंने जोर दिया कि वर्तमान जलवायु परिवर्तन की अनिश्चितताओं के बीच मखाना एक 'बीमा फसल' की तरह है। उन्होंने कहा, "जल-जमाव वाले क्षेत्रों में पारंपरिक धान के बजाय यदि किसान वैज्ञानिक पद्धति से मखाना की खेती करें, तो वे कम लागत में अधिक लाभ सुनिश्चित कर सकते हैं।" डॉ. हर्षा मखाना क्षेत्र में बिहार की वैश्विक और राष्ट्रीय स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बिहार देश के कुल उत्पादन का लगभग 90% हिस्सा प्रदान करता है। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण मखाना उत्पादन से न केवल स्थानीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बेहतर मूल्य प्राप्त किया जा सकता है। डॉ. जगपाल ने ने एकीकृत मखाना-सह-मछली पालन' तकनीक को आय बढ़ाने का सबसे सटीक जरिया बताया। उनके अनुसार, "मखाना के साथ मछली पालन करने से खाद का खर्च 30% तक कम हो जाता है क्योंकि मछलियों का अपशिष्ट पौधों को पोषक तत्व प्रदान करता है, जिससे जल स्रोत का दोहरा उपयोग और दोहरी आय संभव है।" डॉ. चेलपुरी रामुलु ने प्रसंस्करण में तकनीक के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सुझाव दिया कि, "मखाना की कटाई और सफाई के लिए उन्नत कृषि यंत्रों का उपयोग अनिवार्य है। इससे न केवल किसानों की शारीरिक मेहनत कम होती है, बल्कि बीजों की चमक और गुणवत्ता बनी रहती है, जिससे बाजार में ऊंचे दाम मिलते हैं।" डॉ. सौरभ दुबे ने मखाना की खेती के नए आयामों की जानकारी देते हुए कहा कि, "अब मखाना केवल पुराने तालाबों का मोहताज नहीं है। 'खेत-प्रणाली' तकनीक से इसे धान के खेत की तरह सामान्य खेतों में भी उगाया जा सकता है, जो पारंपरिक खेती की तुलना में किसानों की आय को दोगुना करने का सामर्थ्य रखती है। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक किसानों ने भाग लिया !4
- नाबालिग अपहरण मामला 9 नामजद व 90 अज्ञात पर FIR, चार गिरफ्तार, युवती बरामद बैरिया थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार सुबह करीब 6 बजे हुई नाबालिग लड़की के अपहरण मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 नामजद और 90 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, वहीं अपहृत नाबालिग को बेतिया से सकुशल बरामद कर लिया गया है। सोमवार के साम करीब 6 बजे सदर एसडीपीओ-2 रजनीश कांत प्रियदर्शी ने बताया कि रविवार दोपहर सूचना मिली थी कि फतुछापर गांव में एक युवक को ग्रामीणों ने बंधक बना रखा है। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने हस्तक्षेप कर बंधक युवक को छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान ग्रामीणों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए पुलिस पर हमला कर दिया। इस मामले में पुलिस ने फतुछापर निवासी सतीश कुमार, राधेश्याम कुमार, राहुल कुमार और श्रीकांत कुमार को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- रिक्शा चालक के बेटे शमशेर ने जिले में छठा स्थान पाकर रचा इतिहास बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट बेतिया। मेहनत ही सफलता की असली कुंजी होती है—इसे मैथमेटिक्स कोचिंग सेंटर के छात्र शमशेर आलम ने अपने शानदार प्रदर्शन से साबित कर दिखाया है। साधारण परिवार से आने वाले शमशेर के पिता आसीन मियां रिक्शा चालक हैं, जबकि मां अनवरी खातून गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद शमशेर ने कभी हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ते रहे। कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर शमशेर ने मैट्रिक परीक्षा में 478 अंक हासिल कर जिले में छठा स्थान प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, शिक्षक और पूरे क्षेत्र में खुशी व गर्व का माहौल है। हर कोई उनके संघर्ष और लगन की सराहना कर रहा है। शमशेर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के त्याग और सहयोग को दिया। साथ ही उन्होंने अपने शिक्षक वासुदेव कुमार के मार्गदर्शन को भी बेहद अहम बताया। उनका कहना है कि नियमित पढ़ाई, समय का सही प्रबंधन और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है। इस सफलता के बाद शमशेर के पिता आसीन मियां ने जिला प्रशासन से अपने बेटे की आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहयोग की अपील की है, ताकि वह आगे भी सफलता के नए आयाम स्थापित कर सके। मैथमेटिक्स कोचिंग सेंटर के अन्य छात्रों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। रतन माला पंचायत के छौरहिया वार्ड 14 निवासी अभय कुमार सिंह के पुत्र संजीव कुमार ने 455 अंक प्राप्त किए। कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर वासुदेव कुमार ने सभी सफल छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे वर्ष 2011 से लगातार शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को मार्गदर्शन दे रहे हैं। उन्होंने प्रेरणादायक शब्दों में कहा, “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पियेगा वही दहाड़ेगा।” उन्होंने छात्रों को सफलता के लिए महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए—नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग, सकारात्मक सोच और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की असली पहचान है।1
- सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज, जमीन विवाद में हुई हत्या में निर्दोषों को फंसाने की साजिश बेनकाब, कैमरे में दिखे सिर्फ परिवार के सदस्य बेतिया/बैरिया। पश्चिम चंपारण के बैरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत भितहा मठिया गांव में एक सप्ताह पूर्व हुए खूनी संघर्ष और विजय पटेल की हत्या के मामले में आज एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। जिस घटना में पहले 14 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, अब उस मामले में सीसीटीवी फुटेज ने सच्चाई की पूरी परतें खोल दी हैं। सामने आए वीडियो साक्ष्यों ने उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं जिनमें बाहरी लोगों की संलिप्तता बताई गई थी। विदित हो कि बीते शुक्रवार को घरारी की जमीन के बंटवारे को लेकर पिता, पुत्र और भाइ भतीजो के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि धारदार हथियारों और भाले से हमला किया गया। इस हिंसक झड़प में विजय पटेल की जान चली गई थी और अखिलेश पटेल समेत अन्य भाई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उस समय भाले के वार से अखिलेश की स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई थी। घटना के तत्काल बाद पुलिसिया कार्रवाई और परिजनों के बयान के आधार पर घर के ही कुछ लोगों और अन्य ग्रामीणों को इस हत्याकांड में आरोपी बनाते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई थी। हालांकि, घटनास्थल पर लगे कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद अब यह स्पष्ट होता दिख रहा है कि वारदात के समय वहां केवल परिवार के ही सदस्य मौजूद थे। सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे अपनों ने ही अपनों पर हमला किया और उस समय वहां अन्य लोगों की कोई मौजूदगी नहीं थी। इस खुलासे के बाद यह साफ हो गया है कि आपसी रंजिश के कारण निर्दोष ग्रामीणों को इस संगीन मामले में घसीटने की कोशिश की गई है। इस नए साक्ष्य के सामने आने के बाद अब बैरिया थाना पुलिस की जांच की दिशा भी बदल सकती है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर काफी आक्रोश है कि बिना ठोस सबूतों के इतने बड़े पैमाने पर लोगों को झूठा कैसे फंसाया गया। पुलिस द्वारा घटना के दिन ही परिवार के 3 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया था, परंतु अब भी कुछ अन्य लोग इस मामले में फंसे हुए हैं जिनकी संलिप्तता संदिग्ध है। ग्रामीणों और निष्पक्ष जांच की मांग करने वालों का कहना है कि पुलिस को इस मामले की गहराई से जांच करनी चाहिए ताकि किसी भी निर्दोष को सजा न मिले। फिलहाल, इस मामले से संबंधित एक वीडियो प्राप्त हुआ है जिसमें घटनाक्रम की कुछ झलकियां साफ दिख रही हैं, हालांकि आगे की वीडियो में क्या सच्चाई छिपी है और पूरी घटना का क्रम क्या रहा, यह गहन जांच का विषय है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज को आधिकारिक तौर पर जांच में शामिल किया जा रहा है और फुटेज में दिख रहे असली दोषियों की धरपकड़ तेज कर दी गई है। अब पुलिस के सामने बड़ी चुनौती उन लोगों को न्याय दिलाने की है जिन्हें साजिश के तहत इस विवाद का हिस्सा बनाया गया था। हालांकि अपडेट न्यूज़ बिहार इस वायरल वीडियो की पूर्णतः पुष्टि नहीं करता है और मामले की निष्पक्ष जांच की उम्मीद करता है। बेतिया/बैरिया। पश्चिम चंपारण के बैरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत भितहा मठिया गांव में एक सप्ताह पूर्व हुए खूनी संघर्ष और विजय पटेल की हत्या के मामले में आज एक नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। जिस घटना में पहले 14 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, अब उस मामले में सीसीटीवी फुटेज ने सच्चाई की पूरी परतें खोल दी हैं। सामने आए वीडियो साक्ष्यों ने उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं जिनमें बाहरी लोगों की संलिप्तता बताई गई थी। विदित हो कि बीते शुक्रवार को घरारी की जमीन के बंटवारे को लेकर पिता, पुत्र और भाइ भतीजो के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि धारदार हथियारों और भाले से हमला किया गया। इस हिंसक झड़प में विजय पटेल की जान चली गई थी और अखिलेश पटेल समेत अन्य भाई गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उस समय भाले के वार से अखिलेश की स्थिति अत्यंत नाजुक हो गई थी। घटना के तत्काल बाद पुलिसिया कार्रवाई और परिजनों के बयान के आधार पर घर के ही कुछ लोगों और अन्य ग्रामीणों को इस हत्याकांड में आरोपी बनाते हुए एफआईआर दर्ज कराई गई थी। हालांकि, घटनास्थल पर लगे कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद अब यह स्पष्ट होता दिख रहा है कि वारदात के समय वहां केवल परिवार के ही सदस्य मौजूद थे। सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे अपनों ने ही अपनों पर हमला किया और उस समय वहां अन्य लोगों की कोई मौजूदगी नहीं थी। इस खुलासे के बाद यह साफ हो गया है कि आपसी रंजिश के कारण निर्दोष ग्रामीणों को इस संगीन मामले में घसीटने की कोशिश की गई है। इस नए साक्ष्य के सामने आने के बाद अब बैरिया थाना पुलिस की जांच की दिशा भी बदल सकती है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर काफी आक्रोश है कि बिना ठोस सबूतों के इतने बड़े पैमाने पर लोगों को झूठा कैसे फंसाया गया। पुलिस द्वारा घटना के दिन ही परिवार के 3 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया था, परंतु अब भी कुछ अन्य लोग इस मामले में फंसे हुए हैं जिनकी संलिप्तता संदिग्ध है। ग्रामीणों और निष्पक्ष जांच की मांग करने वालों का कहना है कि पुलिस को इस मामले की गहराई से जांच करनी चाहिए ताकि किसी भी निर्दोष को सजा न मिले। फिलहाल, इस मामले से संबंधित एक वीडियो प्राप्त हुआ है जिसमें घटनाक्रम की कुछ झलकियां साफ दिख रही हैं, हालांकि आगे की वीडियो में क्या सच्चाई छिपी है और पूरी घटना का क्रम क्या रहा, यह गहन जांच का विषय है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज को आधिकारिक तौर पर जांच में शामिल किया जा रहा है और फुटेज में दिख रहे असली दोषियों की धरपकड़ तेज कर दी गई है। अब पुलिस के सामने बड़ी चुनौती उन लोगों को न्याय दिलाने की है जिन्हें साजिश के तहत इस विवाद का हिस्सा बनाया गया था। हालांकि अपडेट न्यूज़ बिहार इस वायरल वीडियो की पूर्णतः पुष्टि नहीं करता है और मामले की निष्पक्ष जांच की उम्मीद करता है।1