भीषण अगलगी से दो दर्जन बकरिया और लाखो कि क्षति पीड़ितों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार प्रातः आवाज योगापट्टी संवाददाता योगापट्टी : योगापट्टी प्रखंड अंतर्गत मच्छरगांवा नगर पंचायत के नवगांवा गांव में अचानक लगी आग से चार घर जलकर राख हो गए। इस अगलगी की घटना में करीब 18 बकरियां झुलसकर मर गईं, जबकि घर में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जाता है कि गुरुवार की देर रात करीब ग्यारह बजे रात का घटना है। सबसे पहले नवगांवा गांव निवासी बुधन यादव के घर से अचानक आग की चिनगारी उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई और आसपास के दो अन्य घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, तब तक तीनों घर धू-धू कर जलने लगे। ग्रामीणों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और बाल्टी, मोटर व हैंडपंप के सहारे आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक तीनों घर पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे। इस घटना में सबसे ज्यादा नुकसान बुधन यादव को हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी नातिन की शादी आगामी 5 मई को होने वाली थी, जिसके लिए घर में करीब सत्तर हजार रुपये और शादी से जुड़ा सामान रखा हुआ था, जो आग में जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। Inअग्निकांड में गणेश यादव, बुधन यादव और योगेंद्र यादव लालाबाबू यादव ठंग यादव का घर पूरी तरह जल गया। इसके अलावा घर में बंधी करीब 18 बकरियां भी आग की चपेट में आकर झुलस गईं, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया।वही आगलगी में दो लोग झुलसे की बात कही जा रही है। झुलसे युवक का पहचान नवगांवा गांव निवासी बुलेट यादव व गणेश यादव को बताया जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है। आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। वहीं इधर अंचलाधिकारी प्रज्ञा नैनम ने बताया कि अंचल अमीन को घटना की जाँच के लिए भेजा जा रहा है।वहीं कहा कि पीड़ित परिवार को प्रशासन से जो भी सहायता होगा उसको दिलाने का हर संभव प्रयास किया जायेगा | भीषण अगलगी से दो दर्जन बकरिया और लाखो कि क्षति पीड़ितों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार प्रातः आवाज योगापट्टी संवाददाता योगापट्टी : योगापट्टी प्रखंड अंतर्गत मच्छरगांवा नगर पंचायत के नवगांवा गांव में अचानक लगी आग से चार घर जलकर राख हो गए। इस अगलगी की घटना में करीब 18 बकरियां झुलसकर मर गईं, जबकि घर में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जाता है कि गुरुवार की देर रात करीब ग्यारह बजे रात का घटना है। सबसे पहले नवगांवा गांव निवासी बुधन यादव के घर से अचानक आग की चिनगारी उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई और आसपास के दो अन्य घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, तब तक तीनों घर धू-धू कर जलने लगे। ग्रामीणों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और बाल्टी, मोटर व हैंडपंप के सहारे आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक तीनों घर पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे। इस घटना में सबसे ज्यादा नुकसान बुधन यादव को हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी नातिन की शादी आगामी 5 मई को होने वाली थी, जिसके लिए घर में करीब सत्तर हजार रुपये और शादी से जुड़ा सामान रखा हुआ था, जो आग में जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। Inअग्निकांड में गणेश यादव, बुधन यादव और योगेंद्र यादव लालाबाबू यादव ठंग यादव का घर पूरी तरह जल गया। इसके अलावा घर में बंधी करीब 18 बकरियां भी आग की चपेट में आकर झुलस गईं, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया।वही आगलगी में दो लोग झुलसे की बात कही जा रही है। झुलसे युवक का पहचान नवगांवा गांव निवासी बुलेट यादव व गणेश यादव को बताया जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है। आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। वहीं इधर अंचलाधिकारी प्रज्ञा नैनम ने बताया कि अंचल अमीन को घटना की जाँच के लिए भेजा जा रहा है।वहीं कहा कि पीड़ित परिवार को प्रशासन से जो भी सहायता होगा उसको दिलाने का हर संभव प्रयास किया जायेगा |
भीषण अगलगी से दो दर्जन बकरिया और लाखो कि क्षति पीड़ितों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार प्रातः आवाज योगापट्टी संवाददाता योगापट्टी : योगापट्टी प्रखंड अंतर्गत मच्छरगांवा नगर पंचायत के नवगांवा गांव में अचानक लगी आग से चार घर जलकर राख हो गए। इस अगलगी की घटना में करीब 18 बकरियां झुलसकर मर गईं, जबकि घर में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जाता है कि गुरुवार की देर रात करीब ग्यारह बजे रात का घटना है। सबसे पहले नवगांवा गांव निवासी बुधन यादव के घर से अचानक आग की चिनगारी उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई और आसपास के दो अन्य घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, तब तक तीनों घर धू-धू कर जलने लगे। ग्रामीणों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और बाल्टी, मोटर व हैंडपंप के सहारे आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक तीनों घर पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे। इस घटना में सबसे ज्यादा नुकसान बुधन यादव को हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी नातिन की शादी आगामी 5 मई को होने वाली थी, जिसके लिए घर में करीब सत्तर हजार रुपये और शादी से जुड़ा सामान रखा हुआ था, जो आग में जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। Inअग्निकांड में गणेश यादव, बुधन यादव और योगेंद्र यादव लालाबाबू यादव ठंग यादव का घर पूरी तरह जल गया। इसके अलावा घर में बंधी करीब 18 बकरियां भी आग की चपेट में आकर झुलस गईं, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया।वही आगलगी में दो लोग झुलसे की बात कही जा रही है। झुलसे युवक का पहचान नवगांवा गांव निवासी बुलेट यादव व गणेश यादव को बताया जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है। आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। वहीं इधर अंचलाधिकारी प्रज्ञा नैनम ने बताया कि अंचल अमीन को घटना की जाँच के लिए भेजा जा रहा है।वहीं कहा कि पीड़ित परिवार को प्रशासन से जो भी सहायता होगा उसको दिलाने का हर संभव प्रयास किया जायेगा | भीषण अगलगी से दो दर्जन बकरिया और लाखो कि क्षति पीड़ितों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार प्रातः आवाज योगापट्टी संवाददाता योगापट्टी : योगापट्टी प्रखंड अंतर्गत मच्छरगांवा नगर पंचायत के नवगांवा गांव में अचानक लगी आग से चार घर जलकर राख हो गए। इस अगलगी की घटना में करीब 18 बकरियां झुलसकर मर गईं, जबकि घर में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जाता है कि गुरुवार की देर रात करीब ग्यारह बजे रात का घटना है। सबसे पहले नवगांवा गांव निवासी बुधन यादव के घर से अचानक आग की चिनगारी उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई और आसपास के दो अन्य घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, तब तक तीनों घर धू-धू कर जलने लगे। ग्रामीणों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और बाल्टी, मोटर व हैंडपंप के सहारे आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक तीनों घर पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे। इस घटना में सबसे ज्यादा नुकसान बुधन यादव को हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी नातिन की शादी आगामी 5 मई को होने वाली थी, जिसके लिए घर में करीब सत्तर हजार रुपये और शादी से जुड़ा सामान रखा हुआ था, जो आग में जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। Inअग्निकांड में गणेश यादव, बुधन यादव और योगेंद्र यादव लालाबाबू यादव ठंग यादव का घर पूरी तरह जल गया। इसके अलावा घर में बंधी करीब 18 बकरियां भी आग की चपेट में आकर झुलस गईं, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया।वही आगलगी में दो लोग झुलसे की बात कही जा रही है। झुलसे युवक का पहचान नवगांवा गांव निवासी बुलेट यादव व गणेश यादव को बताया जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है। आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। वहीं इधर अंचलाधिकारी प्रज्ञा नैनम ने बताया कि अंचल अमीन को घटना की जाँच के लिए भेजा जा रहा है।वहीं कहा कि पीड़ित परिवार को प्रशासन से जो भी सहायता होगा उसको दिलाने का हर संभव प्रयास किया जायेगा |
- भीषण अगलगी से दो दर्जन बकरिया और लाखो कि क्षति पीड़ितों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार प्रातः आवाज योगापट्टी संवाददाता योगापट्टी : योगापट्टी प्रखंड अंतर्गत मच्छरगांवा नगर पंचायत के नवगांवा गांव में अचानक लगी आग से चार घर जलकर राख हो गए। इस अगलगी की घटना में करीब 18 बकरियां झुलसकर मर गईं, जबकि घर में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जाता है कि गुरुवार की देर रात करीब ग्यारह बजे रात का घटना है। सबसे पहले नवगांवा गांव निवासी बुधन यादव के घर से अचानक आग की चिनगारी उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई और आसपास के दो अन्य घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, तब तक तीनों घर धू-धू कर जलने लगे। ग्रामीणों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और बाल्टी, मोटर व हैंडपंप के सहारे आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक तीनों घर पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे। इस घटना में सबसे ज्यादा नुकसान बुधन यादव को हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी नातिन की शादी आगामी 5 मई को होने वाली थी, जिसके लिए घर में करीब सत्तर हजार रुपये और शादी से जुड़ा सामान रखा हुआ था, जो आग में जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। Inअग्निकांड में गणेश यादव, बुधन यादव और योगेंद्र यादव लालाबाबू यादव ठंग यादव का घर पूरी तरह जल गया। इसके अलावा घर में बंधी करीब 18 बकरियां भी आग की चपेट में आकर झुलस गईं, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया।वही आगलगी में दो लोग झुलसे की बात कही जा रही है। झुलसे युवक का पहचान नवगांवा गांव निवासी बुलेट यादव व गणेश यादव को बताया जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है। आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। वहीं इधर अंचलाधिकारी प्रज्ञा नैनम ने बताया कि अंचल अमीन को घटना की जाँच के लिए भेजा जा रहा है।वहीं कहा कि पीड़ित परिवार को प्रशासन से जो भी सहायता होगा उसको दिलाने का हर संभव प्रयास किया जायेगा |1
- बिहार की न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त, पारदर्शी एवं गवाह-हितैषी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राज्य के सभी 37 जिलों के न्यायालय परिसरों में नवनिर्मित संवेदनशील साक्ष्य बयान केंद्र (Vulnerable Witness Deposition Center - VWDC) का शुभारंभ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय श्रीमती गीता मित्तल द्वारा किया गया, जिससे पूरे राज्य में एक साथ इस सुविधा की शुरुआत संभव हो सकी। पश्चिमी चंपारण जिले के व्यवहार न्यायालय, बेतिया परिसर में भी इस अत्याधुनिक केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनामिका टी ने फीता काटकर सेंटर का शुभारंभ किया और इसे न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल गवाहों को सुरक्षित, सहज और भयमुक्त वातावरण प्रदान करेगी, जिससे वे बिना किसी दबाव या डर के अपनी गवाही दर्ज करा सकें। इस योजना की परिकल्पना पटना उच्च न्यायालय के प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमान संगम कुमार साहू द्वारा जनवरी माह में की गई थी। उनका उद्देश्य था कि राज्य के प्रत्येक जिले में ऐसा विशेष केंद्र विकसित किया जाए, जहां गवाहों को मानसिक, शारीरिक एवं सामाजिक दबावों से मुक्त रखते हुए न्यायिक प्रक्रिया में शामिल किया जा सके। अक्सर यह देखा गया है कि कई संवेदनशील मामलों में गवाहों को धमकाया जाता है या वे भयवश सच्चाई सामने नहीं रख पाते, जिससे न्याय प्रभावित होता है। इसी समस्या के समाधान के रूप में VWDC सेंटर की स्थापना की गई है। इस केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां गवाह (Witness) और अभियुक्त (Accused) के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि दोनों का आमना-सामना न हो और गवाह बिना किसी मानसिक दबाव के अपना पक्ष रख सके। खासकर यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, बाल अपराध जैसे संवेदनशील मामलों में यह व्यवस्था अत्यंत उपयोगी साबित होगी, जहां पीड़ित या गवाह अक्सर कोर्ट में खुलकर बोलने में असहज महसूस करते हैं। ऐसे मामलों में यह केंद्र उन्हें एक सुरक्षित, गोपनीय और अनुकूल वातावरण प्रदान करेगा। इसके साथ ही प्रत्येक मामले में यह आकलन भी किया जाएगा कि संबंधित गवाह सामान्य अदालत में उपस्थित होकर बयान देने में सक्षम है या नहीं। यदि गवाह को किसी भी प्रकार की असहजता या भय महसूस होता है, तो उसे VWDC सेंटर के माध्यम से बयान दर्ज करने की सुविधा दी जाएगी। इस व्यवस्था से न केवल गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और निष्पक्ष बन सकेगी। इस अवसर पर न्यायिक गरिमा और व्यवस्था की महत्ता को रेखांकित करते हुए उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने इस पहल की सराहना की और इसे न्याय प्रणाली में एक सकारात्मक बदलाव बताया। कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्रीमान मिलन कुमार, प्राधिकार के सचिव श्रीमान धीरेंद्र कुमार पांडे, जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष श्रीमान एगेंद्र मिश्रा, अधिवक्ता बंधु एवं व्यवहार न्यायालय के कर्मी सहित अनेक न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल गवाहों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करेगी, बल्कि आम लोगों का न्यायपालिका पर विश्वास भी और अधिक मजबूत करेगी। उम्मीद की जा रही है कि VWDC सेंटर के माध्यम से अधिक से अधिक गवाह निर्भीक होकर सामने आएंगे और न्याय प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करेंगे, जिससे समाज में न्याय का दायरा और भी सशक्त एवं प्रभावी बन सकेगा।1
- नाबालिग अपहरण मामला 9 नामजद व 90 अज्ञात पर FIR, चार गिरफ्तार, युवती बरामद बैरिया थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार सुबह करीब 6 बजे हुई नाबालिग लड़की के अपहरण मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 9 नामजद और 90 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, वहीं अपहृत नाबालिग को बेतिया से सकुशल बरामद कर लिया गया है। सोमवार के साम करीब 6 बजे सदर एसडीपीओ-2 रजनीश कांत प्रियदर्शी ने बताया कि रविवार दोपहर सूचना मिली थी कि फतुछापर गांव में एक युवक को ग्रामीणों ने बंधक बना रखा है। सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने हस्तक्षेप कर बंधक युवक को छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान ग्रामीणों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए पुलिस पर हमला कर दिया। इस मामले में पुलिस ने फतुछापर निवासी सतीश कुमार, राधेश्याम कुमार, राहुल कुमार और श्रीकांत कुमार को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- रिक्शा चालक के बेटे शमशेर ने जिले में छठा स्थान पाकर रचा इतिहास बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट बेतिया। मेहनत ही सफलता की असली कुंजी होती है—इसे मैथमेटिक्स कोचिंग सेंटर के छात्र शमशेर आलम ने अपने शानदार प्रदर्शन से साबित कर दिखाया है। साधारण परिवार से आने वाले शमशेर के पिता आसीन मियां रिक्शा चालक हैं, जबकि मां अनवरी खातून गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद शमशेर ने कभी हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ते रहे। कड़ी मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर शमशेर ने मैट्रिक परीक्षा में 478 अंक हासिल कर जिले में छठा स्थान प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, शिक्षक और पूरे क्षेत्र में खुशी व गर्व का माहौल है। हर कोई उनके संघर्ष और लगन की सराहना कर रहा है। शमशेर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के त्याग और सहयोग को दिया। साथ ही उन्होंने अपने शिक्षक वासुदेव कुमार के मार्गदर्शन को भी बेहद अहम बताया। उनका कहना है कि नियमित पढ़ाई, समय का सही प्रबंधन और आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है। इस सफलता के बाद शमशेर के पिता आसीन मियां ने जिला प्रशासन से अपने बेटे की आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहयोग की अपील की है, ताकि वह आगे भी सफलता के नए आयाम स्थापित कर सके। मैथमेटिक्स कोचिंग सेंटर के अन्य छात्रों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। रतन माला पंचायत के छौरहिया वार्ड 14 निवासी अभय कुमार सिंह के पुत्र संजीव कुमार ने 455 अंक प्राप्त किए। कोचिंग सेंटर के डायरेक्टर वासुदेव कुमार ने सभी सफल छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे वर्ष 2011 से लगातार शिक्षा के क्षेत्र में बच्चों को मार्गदर्शन दे रहे हैं। उन्होंने प्रेरणादायक शब्दों में कहा, “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पियेगा वही दहाड़ेगा।” उन्होंने छात्रों को सफलता के लिए महत्वपूर्ण टिप्स भी दिए—नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग, सकारात्मक सोच और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की असली पहचान है।1
- बेतिया से एक बड़ी खबर सामने आई है जिसमें मेयर से संबंधित होटल भोला इनको छापेमारी का सामना करना पड़ा जहां 80 सिलेंडर बरामद किए गए होटल के मालिक से इन सिलेंडरों के कागजात मांगे गए जिसके लिए होटल के मालिक ने 2 घंटे का समय मांगा कागजात न मिलने पर प्रशासन ने कार्रवाई की बात की वीडियो में पूरा सच1
- नौतन प्रखंड के डबरिया पंचायत में एक बड़ा चोरी का मामला सामने आया, जहां चोरों ने मोटरसाइकिल चोरी करने की कोशिश की। लेकिन समय रहते शोर-शराबा होने पर चोर मौके से फरार हो गए और मोटरसाइकिल वहीं छोड़कर भाग निकले। स्थानीय लोगों की सतर्कता से एक बड़ी घटना टल गई। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।1
- माधोपुर: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर द्वारा 'मखाना उत्पादन की तकनीक और प्रसंस्करण' पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ जल-जमाव वाले क्षेत्रों के बेहतर उपयोग के लिए जागरूक करना था। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने मखाना खेती के आधुनिक और तकनीकी पहलुओं को साझा किया: डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान, उन्होंने जोर दिया कि वर्तमान जलवायु परिवर्तन की अनिश्चितताओं के बीच मखाना एक 'बीमा फसल' की तरह है। उन्होंने कहा, "जल-जमाव वाले क्षेत्रों में पारंपरिक धान के बजाय यदि किसान वैज्ञानिक पद्धति से मखाना की खेती करें, तो वे कम लागत में अधिक लाभ सुनिश्चित कर सकते हैं।" डॉ. हर्षा मखाना क्षेत्र में बिहार की वैश्विक और राष्ट्रीय स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बिहार देश के कुल उत्पादन का लगभग 90% हिस्सा प्रदान करता है। उन्होंने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण मखाना उत्पादन से न केवल स्थानीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी बेहतर मूल्य प्राप्त किया जा सकता है। डॉ. जगपाल ने ने एकीकृत मखाना-सह-मछली पालन' तकनीक को आय बढ़ाने का सबसे सटीक जरिया बताया। उनके अनुसार, "मखाना के साथ मछली पालन करने से खाद का खर्च 30% तक कम हो जाता है क्योंकि मछलियों का अपशिष्ट पौधों को पोषक तत्व प्रदान करता है, जिससे जल स्रोत का दोहरा उपयोग और दोहरी आय संभव है।" डॉ. चेलपुरी रामुलु ने प्रसंस्करण में तकनीक के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने सुझाव दिया कि, "मखाना की कटाई और सफाई के लिए उन्नत कृषि यंत्रों का उपयोग अनिवार्य है। इससे न केवल किसानों की शारीरिक मेहनत कम होती है, बल्कि बीजों की चमक और गुणवत्ता बनी रहती है, जिससे बाजार में ऊंचे दाम मिलते हैं।" डॉ. सौरभ दुबे ने मखाना की खेती के नए आयामों की जानकारी देते हुए कहा कि, "अब मखाना केवल पुराने तालाबों का मोहताज नहीं है। 'खेत-प्रणाली' तकनीक से इसे धान के खेत की तरह सामान्य खेतों में भी उगाया जा सकता है, जो पारंपरिक खेती की तुलना में किसानों की आय को दोगुना करने का सामर्थ्य रखती है। इस कार्यक्रम में 50 से अधिक किसानों ने भाग लिया !4
- पटखौली मलकौली विद्यालय में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित, मेधावी छात्र-छात्राएं हुए सम्मानित बैरिया प्रखण्ड क्षेत्र के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय पटखौली मलकौली में वार्षिक परीक्षा 2026 का परीक्षाफल अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी के दौरान घोषित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल, प्रमाण-पत्र एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया सोमवार के दोपहर करीब तीन बजे प्रधानाध्यापक डॉ. दिवाकर राय ने बताया कि इस तरह के आयोजन से बच्चों का मनोबल बढ़ता है और वे आगे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की पढ़ाई में निरंतर सहयोग करें, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके। कार्यक्रम में शिक्षकों ने भी छात्रों को मेहनत, अनुशासन और नियमित अध्ययन के महत्व के बारे में बताया। अभिभावकों ने विद्यालय की इस पहल की सराहना करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान विद्यालय के सभी शिक्षक, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिससे कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1