बिहार में न्याय व्यवस्था की नई पहल, 37 जिलों में ‘संवेदनशील साक्ष्य बयान केंद्र’ का शुभारंभ, गवाहों को मिलेगा सुरक्षित और निर्भीक माहौल बिहार की न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त, पारदर्शी एवं गवाह-हितैषी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राज्य के सभी 37 जिलों के न्यायालय परिसरों में नवनिर्मित संवेदनशील साक्ष्य बयान केंद्र (Vulnerable Witness Deposition Center - VWDC) का शुभारंभ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय श्रीमती गीता मित्तल द्वारा किया गया, जिससे पूरे राज्य में एक साथ इस सुविधा की शुरुआत संभव हो सकी। पश्चिमी चंपारण जिले के व्यवहार न्यायालय, बेतिया परिसर में भी इस अत्याधुनिक केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनामिका टी ने फीता काटकर सेंटर का शुभारंभ किया और इसे न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल गवाहों को सुरक्षित, सहज और भयमुक्त वातावरण प्रदान करेगी, जिससे वे बिना किसी दबाव या डर के अपनी गवाही दर्ज करा सकें। इस योजना की परिकल्पना पटना उच्च न्यायालय के प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमान संगम कुमार साहू द्वारा जनवरी माह में की गई थी। उनका उद्देश्य था कि राज्य के प्रत्येक जिले में ऐसा विशेष केंद्र विकसित किया जाए, जहां गवाहों को मानसिक, शारीरिक एवं सामाजिक दबावों से मुक्त रखते हुए न्यायिक प्रक्रिया में शामिल किया जा सके। अक्सर यह देखा गया है कि कई संवेदनशील मामलों में गवाहों को धमकाया जाता है या वे भयवश सच्चाई सामने नहीं रख पाते, जिससे न्याय प्रभावित होता है। इसी समस्या के समाधान के रूप में VWDC सेंटर की स्थापना की गई है। इस केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां गवाह (Witness) और अभियुक्त (Accused) के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि दोनों का आमना-सामना न हो और गवाह बिना किसी मानसिक दबाव के अपना पक्ष रख सके। खासकर यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, बाल अपराध जैसे संवेदनशील मामलों में यह व्यवस्था अत्यंत उपयोगी साबित होगी, जहां पीड़ित या गवाह अक्सर कोर्ट में खुलकर बोलने में असहज महसूस करते हैं। ऐसे मामलों में यह केंद्र उन्हें एक सुरक्षित, गोपनीय और अनुकूल वातावरण प्रदान करेगा। इसके साथ ही प्रत्येक मामले में यह आकलन भी किया जाएगा कि संबंधित गवाह सामान्य अदालत में उपस्थित होकर बयान देने में सक्षम है या नहीं। यदि गवाह को किसी भी प्रकार की असहजता या भय महसूस होता है, तो उसे VWDC सेंटर के माध्यम से बयान दर्ज करने की सुविधा दी जाएगी। इस व्यवस्था से न केवल गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और निष्पक्ष बन सकेगी। इस अवसर पर न्यायिक गरिमा और व्यवस्था की महत्ता को रेखांकित करते हुए उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने इस पहल की सराहना की और इसे न्याय प्रणाली में एक सकारात्मक बदलाव बताया। कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्रीमान मिलन कुमार, प्राधिकार के सचिव श्रीमान धीरेंद्र कुमार पांडे, जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष श्रीमान एगेंद्र मिश्रा, अधिवक्ता बंधु एवं व्यवहार न्यायालय के कर्मी सहित अनेक न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल गवाहों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करेगी, बल्कि आम लोगों का न्यायपालिका पर विश्वास भी और अधिक मजबूत करेगी। उम्मीद की जा रही है कि VWDC सेंटर के माध्यम से अधिक से अधिक गवाह निर्भीक होकर सामने आएंगे और न्याय प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करेंगे, जिससे समाज में न्याय का दायरा और भी सशक्त एवं प्रभावी बन सकेगा।
बिहार में न्याय व्यवस्था की नई पहल, 37 जिलों में ‘संवेदनशील साक्ष्य बयान केंद्र’ का शुभारंभ, गवाहों को मिलेगा सुरक्षित और निर्भीक माहौल बिहार की न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त, पारदर्शी एवं गवाह-हितैषी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राज्य के सभी 37 जिलों के न्यायालय परिसरों में नवनिर्मित संवेदनशील साक्ष्य बयान केंद्र (Vulnerable Witness Deposition Center - VWDC) का शुभारंभ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय श्रीमती गीता मित्तल द्वारा किया गया, जिससे पूरे राज्य में एक साथ इस सुविधा की शुरुआत संभव हो सकी। पश्चिमी चंपारण जिले के व्यवहार न्यायालय, बेतिया परिसर में भी इस अत्याधुनिक केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनामिका टी ने फीता काटकर सेंटर का शुभारंभ किया और इसे न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल गवाहों को सुरक्षित, सहज और भयमुक्त वातावरण प्रदान करेगी, जिससे वे बिना किसी दबाव या डर के अपनी गवाही दर्ज करा सकें। इस योजना की परिकल्पना पटना उच्च न्यायालय के प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमान संगम कुमार साहू द्वारा जनवरी माह में की गई थी। उनका उद्देश्य था कि राज्य के प्रत्येक जिले में ऐसा विशेष केंद्र विकसित किया जाए, जहां गवाहों को मानसिक, शारीरिक एवं सामाजिक दबावों से मुक्त रखते हुए न्यायिक प्रक्रिया में शामिल किया जा सके। अक्सर यह देखा गया है कि कई संवेदनशील मामलों में गवाहों को धमकाया जाता है या वे भयवश सच्चाई सामने नहीं रख पाते, जिससे न्याय प्रभावित होता है। इसी समस्या के समाधान के रूप में VWDC सेंटर की स्थापना की गई है। इस केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां गवाह (Witness) और अभियुक्त (Accused) के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि दोनों का आमना-सामना न हो और गवाह बिना किसी मानसिक दबाव के अपना पक्ष रख सके। खासकर यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, बाल अपराध जैसे संवेदनशील मामलों में यह व्यवस्था अत्यंत उपयोगी साबित होगी, जहां पीड़ित या गवाह अक्सर कोर्ट में खुलकर बोलने में असहज महसूस करते हैं। ऐसे मामलों में यह केंद्र उन्हें एक सुरक्षित, गोपनीय और अनुकूल वातावरण प्रदान करेगा। इसके साथ ही प्रत्येक मामले में यह आकलन भी किया जाएगा कि संबंधित गवाह सामान्य अदालत में उपस्थित होकर बयान देने में सक्षम है या नहीं। यदि गवाह को किसी भी प्रकार की असहजता या भय महसूस होता है, तो उसे VWDC सेंटर के माध्यम से बयान दर्ज करने की सुविधा दी जाएगी। इस व्यवस्था से न केवल गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और निष्पक्ष बन सकेगी। इस अवसर पर न्यायिक गरिमा और व्यवस्था की महत्ता को रेखांकित करते हुए उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने इस पहल की सराहना की और इसे न्याय प्रणाली में एक सकारात्मक बदलाव बताया। कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्रीमान मिलन कुमार, प्राधिकार के सचिव श्रीमान धीरेंद्र कुमार पांडे, जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष श्रीमान एगेंद्र मिश्रा, अधिवक्ता बंधु एवं व्यवहार न्यायालय के कर्मी सहित अनेक न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल गवाहों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करेगी, बल्कि आम लोगों का न्यायपालिका पर विश्वास भी और अधिक मजबूत करेगी। उम्मीद की जा रही है कि VWDC सेंटर के माध्यम से अधिक से अधिक गवाह निर्भीक होकर सामने आएंगे और न्याय प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करेंगे, जिससे समाज में न्याय का दायरा और भी सशक्त एवं प्रभावी बन सकेगा।
- बिहार की न्यायिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त, पारदर्शी एवं गवाह-हितैषी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राज्य के सभी 37 जिलों के न्यायालय परिसरों में नवनिर्मित संवेदनशील साक्ष्य बयान केंद्र (Vulnerable Witness Deposition Center - VWDC) का शुभारंभ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय श्रीमती गीता मित्तल द्वारा किया गया, जिससे पूरे राज्य में एक साथ इस सुविधा की शुरुआत संभव हो सकी। पश्चिमी चंपारण जिले के व्यवहार न्यायालय, बेतिया परिसर में भी इस अत्याधुनिक केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनामिका टी ने फीता काटकर सेंटर का शुभारंभ किया और इसे न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल गवाहों को सुरक्षित, सहज और भयमुक्त वातावरण प्रदान करेगी, जिससे वे बिना किसी दबाव या डर के अपनी गवाही दर्ज करा सकें। इस योजना की परिकल्पना पटना उच्च न्यायालय के प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमान संगम कुमार साहू द्वारा जनवरी माह में की गई थी। उनका उद्देश्य था कि राज्य के प्रत्येक जिले में ऐसा विशेष केंद्र विकसित किया जाए, जहां गवाहों को मानसिक, शारीरिक एवं सामाजिक दबावों से मुक्त रखते हुए न्यायिक प्रक्रिया में शामिल किया जा सके। अक्सर यह देखा गया है कि कई संवेदनशील मामलों में गवाहों को धमकाया जाता है या वे भयवश सच्चाई सामने नहीं रख पाते, जिससे न्याय प्रभावित होता है। इसी समस्या के समाधान के रूप में VWDC सेंटर की स्थापना की गई है। इस केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां गवाह (Witness) और अभियुक्त (Accused) के लिए अलग-अलग प्रवेश एवं व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि दोनों का आमना-सामना न हो और गवाह बिना किसी मानसिक दबाव के अपना पक्ष रख सके। खासकर यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, बाल अपराध जैसे संवेदनशील मामलों में यह व्यवस्था अत्यंत उपयोगी साबित होगी, जहां पीड़ित या गवाह अक्सर कोर्ट में खुलकर बोलने में असहज महसूस करते हैं। ऐसे मामलों में यह केंद्र उन्हें एक सुरक्षित, गोपनीय और अनुकूल वातावरण प्रदान करेगा। इसके साथ ही प्रत्येक मामले में यह आकलन भी किया जाएगा कि संबंधित गवाह सामान्य अदालत में उपस्थित होकर बयान देने में सक्षम है या नहीं। यदि गवाह को किसी भी प्रकार की असहजता या भय महसूस होता है, तो उसे VWDC सेंटर के माध्यम से बयान दर्ज करने की सुविधा दी जाएगी। इस व्यवस्था से न केवल गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और निष्पक्ष बन सकेगी। इस अवसर पर न्यायिक गरिमा और व्यवस्था की महत्ता को रेखांकित करते हुए उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों ने इस पहल की सराहना की और इसे न्याय प्रणाली में एक सकारात्मक बदलाव बताया। कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्रीमान मिलन कुमार, प्राधिकार के सचिव श्रीमान धीरेंद्र कुमार पांडे, जिला विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष श्रीमान एगेंद्र मिश्रा, अधिवक्ता बंधु एवं व्यवहार न्यायालय के कर्मी सहित अनेक न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल गवाहों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करेगी, बल्कि आम लोगों का न्यायपालिका पर विश्वास भी और अधिक मजबूत करेगी। उम्मीद की जा रही है कि VWDC सेंटर के माध्यम से अधिक से अधिक गवाह निर्भीक होकर सामने आएंगे और न्याय प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करेंगे, जिससे समाज में न्याय का दायरा और भी सशक्त एवं प्रभावी बन सकेगा।1
- भीषण अगलगी से दो दर्जन बकरिया और लाखो कि क्षति पीड़ितों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार प्रातः आवाज योगापट्टी संवाददाता योगापट्टी : योगापट्टी प्रखंड अंतर्गत मच्छरगांवा नगर पंचायत के नवगांवा गांव में अचानक लगी आग से चार घर जलकर राख हो गए। इस अगलगी की घटना में करीब 18 बकरियां झुलसकर मर गईं, जबकि घर में रखा सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जाता है कि गुरुवार की देर रात करीब ग्यारह बजे रात का घटना है। सबसे पहले नवगांवा गांव निवासी बुधन यादव के घर से अचानक आग की चिनगारी उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल गई और आसपास के दो अन्य घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, तब तक तीनों घर धू-धू कर जलने लगे। ग्रामीणों ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया और बाल्टी, मोटर व हैंडपंप के सहारे आग बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक तीनों घर पूरी तरह जलकर राख हो चुके थे। इस घटना में सबसे ज्यादा नुकसान बुधन यादव को हुआ है। उन्होंने बताया कि उनकी नातिन की शादी आगामी 5 मई को होने वाली थी, जिसके लिए घर में करीब सत्तर हजार रुपये और शादी से जुड़ा सामान रखा हुआ था, जो आग में जलकर पूरी तरह नष्ट हो गया। Inअग्निकांड में गणेश यादव, बुधन यादव और योगेंद्र यादव लालाबाबू यादव ठंग यादव का घर पूरी तरह जल गया। इसके अलावा घर में बंधी करीब 18 बकरियां भी आग की चपेट में आकर झुलस गईं, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता दिलाने का भरोसा दिया।वही आगलगी में दो लोग झुलसे की बात कही जा रही है। झुलसे युवक का पहचान नवगांवा गांव निवासी बुलेट यादव व गणेश यादव को बताया जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है। आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। वहीं इधर अंचलाधिकारी प्रज्ञा नैनम ने बताया कि अंचल अमीन को घटना की जाँच के लिए भेजा जा रहा है।वहीं कहा कि पीड़ित परिवार को प्रशासन से जो भी सहायता होगा उसको दिलाने का हर संभव प्रयास किया जायेगा |1
- Post by RAJHANSH VERMA1
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- Post by धर्मेंद्र गुप्ता1
- नौतन, प्रखंड कार्यालय के किसान भवन में सोमवार को प्रमुख कृष्ण देव चौधरी की अध्यक्षता में पंसस की बैठक आयोजित की गई. बैठक में आंगनबाड़ी केंद्र के जर्जर भवन का मुद्दा सुर्खियों में छाया रहा. आग लगी की घटना में जले समानों के मुआवजा नहीं में मिलने से सदन में आक्रोश व्यक्त किया गया. बैठक में आगत सदस्यों को स्वागत बीडिओ सह प्रभारी सीओ शैलेंद्र कुमार सिंह ने किया. बैठक शुरू होने के दौरान बैकुठवां पंचायत के मुखिया अफरोज नैयर व भगवानपुर के मुखिया कनहैया यादव ने सदन में बताया कि पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए कभी तक अंचल कार्यालय द्वारा जमीन उपलब्ध नहीं किया गया. साथ ही शमशान घाट के लिए भी जमीन उपलब्ध नहीं कराया गया. जमुनिया पंचायत के मुखिया बंसत साह ने चार आंगनबाड़ी केंद्र के भवन निर्माण का सवाल खड़ा किया. साथ ही कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत लाभुको को राशि के अभाव में भुगतान नही हो रहा है. इससे लाभुक दौड़ लगा रहे हैं. पंचायत में लगे सोलर लाइट जल नहीं रहा है. सोलर के नाम पर राशि की बंदरबांट किया गया है. सदन में प्रमुख कृष्ण देव चौधरी ने कहा कि अगर मुखिया द्वारा सोलर सोलर लाइट लगाया जाता तो यह समस्या उत्पन्न नहीं होती. इसकी जाँच कर दोषी ऐजेसिंयो के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की गई. बैठक में वरदाहा पंचायत में स्वास्थ्य उप केंद्र रहते हुए भी कर्मी गायब रहते हैं. जिससे गरीबों का इलाज नहीं होता है. बैठक में अंचल से जुड़े जमीन विवाद, दाखिल खारिज, समेत कई मुद्दे सुर्खियों में छाया रहा. बैठक में पश्चिमी नौतन और धूम नगर पंचायत में आवंटित भवन निर्माण जमीन के अभाव में नहीं हो रहा है. जमीन आवंटित करने के लिए सदन में सवाल उठाया गया. सदन में बीडिओ शैलेंद्र कुमार सिंह और सीडिपीओ संध्या कुमारी से आंगनबाड़ी भवन बनाने के लिए पहल करने की अपील प्रमुख कृष्ण देव चौधरी ने किया. इस दौरान सीएचसी प्रभारी डां अमरीश सिंह, पीओ मनीष कुमार, सीडिपीओ संध्या कुमारी, बीपीआरओ राजन कुमार, पर्यवेक्षक नवीन कुमार, उप प्रमुख अपसर हुसैन, सोनेलाल कुमार, मुखिया संघ के अध्यक्ष अनुपलाल यादव, मुखिया राज हरण, मंजू देवी, कौशल्या देवी, सदस्य, राकेश वर्मा, परमेस्वर साह, योगेन्द्र यादव, तेजू सहनी, बीईओ रेयाज अहमद, अवधेश प्रसाद, सुरेन्द्र यादव, आदि मौजूद रहे.1
- आज 30 मार्च सोमवार शाम करीब 7 बजे पुलिस अधीक्षक, पश्चिम चंपारण, बेतिया द्वारा यातायात थाना का व्यापक निरीक्षण किया गया। इस दौरान थाना परिसर, मालखाना, वायरलेस और विभिन्न पंजीयां जैसे सिग्नल/सीसीटीवी, स्टैटिक रडार गन, यातायात उपस्कर, ब्लैक स्पॉट एवं दुर्घटना प्रवण क्षेत्र तख्ती, ट्रॉमा केयर एम्बुलेंस/अस्पताल तख्ती, यातायात संचालन एवं नियंत्रण ड्यूटी पंजी, सड़क दुर्घटना अनुसंधान एवं दावा भुगतान निगरानी पंजी, वाहन चालक अनुज्ञप्ति निलंबन/निरस्तीकरण पंजी का अवलोकन किया गया। निरीक्षण के दौरान लंबित कांडों की समीक्षा की गई और लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया गया। इस मौके पर थानाध्यक्ष यातायात थाना एवं अन्य पुलिस पदाधिकारी/कर्मी उपस्थित रहे।1