एशियन गेम्स में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के लाल आनंद प्रताप सिंह (शानू) ने भाला फेंक प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। चीन में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में आनंद ने 80.57 मीटर का शानदार थ्रो कर प्रथम स्थान हासिल किया और देश का मान बढ़ाया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि की खबर मिलते ही आजमगढ़ के बूढ़नपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश और देश में खुशी की लहर दौड़ गई है। आनंद प्रताप सिंह आजमगढ़ जनपद की बूढ़नपुर तहसील के अंतर्गत ग्राम सभा टहर किशुनदेवपुर निवासी अमरजीत सिंह के सुपुत्र और हरिप्रकाश सिंह के पुत्र हैं। उनकी इस स्वर्णिम सफलता पर क्षेत्र के निवासियों, मित्रों, शुभचिंतकों और खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। आनंद के साथ इंटर कॉलेज में पढ़ चुके उनके पुराने मित्रों ने याद करते हुए बताया कि छात्र जीवन से ही आनंद की भाला फेंक में विशेष रुचि थी और वे हमेशा लंबी दूरी तक भाला फेंकने के लिए जाने जाते थे। आज उनकी इसी लगन और कड़ी मेहनत ने उन्हें वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई है। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि आनंद प्रताप सिंह की यह शानदार सफलता अन्य ग्रामीण युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनेगी। उन्होंने अपने प्रदर्शन से साबित कर दिया है कि अगर लगन हो तो ग्रामीण परिवेश से आने वाली प्रतिभाएं भी दुनिया के किसी भी मंच पर अपना परचम लहरा सकती हैं।
एशियन गेम्स में उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के लाल आनंद प्रताप सिंह (शानू) ने भाला फेंक प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। चीन में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में आनंद ने 80.57 मीटर का शानदार थ्रो कर प्रथम स्थान हासिल किया और देश का मान बढ़ाया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि की खबर मिलते ही आजमगढ़ के बूढ़नपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश और देश में खुशी की लहर दौड़ गई है। आनंद प्रताप सिंह आजमगढ़ जनपद की
बूढ़नपुर तहसील के अंतर्गत ग्राम सभा टहर किशुनदेवपुर निवासी अमरजीत सिंह के सुपुत्र और हरिप्रकाश सिंह के पुत्र हैं। उनकी इस स्वर्णिम सफलता पर क्षेत्र के निवासियों, मित्रों, शुभचिंतकों और खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। आनंद के साथ इंटर कॉलेज में पढ़ चुके उनके पुराने मित्रों ने याद करते हुए बताया कि छात्र जीवन से ही आनंद की भाला फेंक में विशेष रुचि थी और वे हमेशा लंबी दूरी
तक भाला फेंकने के लिए जाने जाते थे। आज उनकी इसी लगन और कड़ी मेहनत ने उन्हें वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई है। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि आनंद प्रताप सिंह की यह शानदार सफलता अन्य ग्रामीण युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनेगी। उन्होंने अपने प्रदर्शन से साबित कर दिया है कि अगर लगन हो तो ग्रामीण परिवेश से आने वाली प्रतिभाएं भी दुनिया के किसी भी मंच पर अपना परचम लहरा सकती हैं।
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान और 35 करोड़ वृक्षारोपण के महाभियान के अंतर्गत 12 जुलाई 2026 को आजमगढ़ जनपद ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। जिले के निवासियों, जनप्रतिनिधियों और 26 विभागों के सामूहिक प्रयासों से जनपद में 65 लाख पौधों का रोपण कर लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस उपलब्धि के अवसर पर जनपद स्तरीय मुख्य कार्यक्रम 'गंभीर वन' में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ग्लोबल वार्मिंग से बचाव और पर्यावरण संतुलन के लिए यह महायज्ञ आयोजित किया गया है। उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की विशेष सराहना करते हुए कहा कि पेड़ न केवल हमें ऑक्सीजन देते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए शुद्ध हवा की गारंटी भी हैं। उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि आजमगढ़वासियों ने रिकॉर्ड 65 लाख पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का एक बड़ा उदाहरण पेश किया है।1
- अंबेडकर नगर के आलापुर में बाप और बेटे का एक नया कॉमेडी वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे एक बाप अपने बेटे से बेहद परेशान है। सोशल मीडिया पर बाप-बेटे का यह नया मनोरंजक कॉमेडी वीडियो दर्शकों को खूब हंसा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक घर के भीतर रखी प्लास्टिक की बाल्टी से पूरे 25 कोबरा सांप निकले हैं। इस चौंकाने वाले मामले के सामने आने के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घर के अंदर इतनी बड़ी संख्या में जहरीले सांप मिलने की इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- आजमगढ़ में यूपी जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन (उपजा) की जिला इकाई की पूर्व निर्धारित बैठक शनिवार देर शाम श्री साईं होटल सभागार में आयोजित की गई। मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। बैठक में वरिष्ठ सदस्य परशुराम सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ. जी.सी. श्रीवास्तव के मनोनयन प्रस्ताव की जानकारी दी। इसके बाद उपस्थित सदस्यों से जिलाध्यक्ष पद के लिए सुझाव मांगे गए और सर्वसम्मति से पुनीत को उपजा आजमगढ़ का नया जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया। जिलाध्यक्ष के चयन के बाद संगठन की नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। सर्वसम्मति से जगदंबा उपाध्याय को मंडल संगठन मंत्री, श्रीमती पूजा सिंह को जिला संगठन मंत्री, परशुराम सिंह को जिला महामंत्री, संतोष राय को जिला सह मंत्री, जितेंद्र पाण्डेय एवं त्रिभुवन तिवारी को जिला उपाध्यक्ष, अरविन्द कुमार पाण्डेय को जिला उपाध्यक्ष एवं अतिरिक्त प्रभार मीडिया प्रभारी तथा अभय तिवारी को जिला प्रवक्ता बनाया गया। नवनियुक्त पदाधिकारियों की सूची प्रदेश नेतृत्व को भेज दी गई है। कार्यकारिणी गठन के बाद सभी चयनित पदाधिकारियों और सदस्यों का फूल-माला, पुष्पगुच्छ और मिठाई खिलाकर स्वागत व सम्मान किया गया और उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर बैठक में डॉ. सिद्धेश्वर शर्मा, डॉ. अनुराग तिवारी, अरविन्द चौबे, विभव उपाध्याय, सत्यम विश्वकर्मा, शुभम कुमार अरुण, मोहम्मद सरफुद्दीन, मोहम्मद इफ्तेखार शब्बू सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।3
- मुंबई के अंधेरी इलाके में लोकल ट्रेन के भीतर का एक दिलचस्प वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। ट्रेन में टिकट चेक कर रहे एक उत्तर भारतीय टीसी के साथ हो रही सामान्य बहस को राज ठाकरे के एक समर्थक ने मराठी और गैर-मराठी विवाद बनाने की कोशिश की। लेकिन तभी वहां मौजूद एक अन्य मराठी भाषी टीसी ने मोर्चा संभाल लिया और उस यात्री की ट्रेन के भीतर ही मराठी भाषा की पूरी क्लास ले ली। इस वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि जो लोग मराठी भाषा की आड़ में बात करते हैं, उन्हें सिर्फ विवाद खड़ा करना होता है, जबकि उन्हें खुद भी मराठी भाषा का सामान्य ज्ञान नहीं होता है। आए दिन राज ठाकरे के कार्यकर्ताओं द्वारा किसी भी सामान्य बहस को जबरन हिंदी और मराठी विवाद बनाने का एक चलन शुरू हो चुका है। मराठी एक बेहद सुंदर भाषा है और देश को इस भाषा पर गर्व है। लेकिन भाषा के नाम पर किसी को भी छोटा दिखाना इस सुंदर भाषा का अपमान करने जैसा है।1
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने पौधरोपण के साथ-साथ उनके रख-रखाव पर विशेष जोर देते हुए 'वृक्षारोपण महायज्ञ' का संकल्प लिया। उन्होंने इस महाअभियान को सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए पूरे जनपद को 8 जोनों में विभाजित किया गया था और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की निगरानी में कार्य संपन्न कराया गया। जिले ने 5 जून को 9 लाख और 12 जुलाई को 56 लाख पौधे लगाकर, कुल 65 लाख पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता सिद्ध की है। प्रभागीय वनाधिकारी नवीन वर्मा के अनुसार, इस बार कई अनूठे विशिष्ट वन स्थापित किए गए हैं, जिनमें 'वन्दे मातरम् वाटिका', 'महर्षि चरक औषधि वन', 'समृद्धि वन', 'कपि वन', 'एक्सप्रेस-वे वृक्षारोपण', 'अविरल धारा वृक्षारोपण' और 'एक पेड़ गुरु के नाम' जैसे नवाचार शामिल हैं। इसके साथ ही, सिलनी नदी के दोनों तटों पर लगभग 60 किमी के दायरे में जनसहभागिता के माध्यम से सघन वृक्षारोपण किया गया है। इस पूरे अभियान की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 'हरितिमा एप्प 04' और 'मेरी लाइफ' पोर्टल पर रोपे गए पौधों की जियो-टैगिंग की गई और उनके फोटोग्राफ भी अपलोड किए गए। मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना ने बताया कि ब्लैक पॉटरी नगरी को हरा-भरा बनाने के संकल्प के साथ नेहरू युवा केंद्र, लायंस क्लब, साइकिल क्लब, रेड क्रॉस सोसाइटी और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इसमें बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान अटल आवासीय विद्यालय के बच्चों ने "पेड़ धरा का गहना है, पेड़ लगाते रहना है" जैसे पर्यावरण गीतों के माध्यम से जनमानस को जागरूक किया। इस महायज्ञ के अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा, अपर जिलाधिकारी गंभीर सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।1
- आजमगढ़ के बूढ़नपुर क्षेत्र में आम तोड़ने के दौरान एक बेहद दुखद हादसा सामने आया है, जहां हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आने से 24 वर्षीय एक युवती की दर्दनाक मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवती आम तोड़ रही थी, तभी वह वहां स्थित हाईटेंशन विद्युत लाइन के संपर्क में आ गई, जिसके कारण उसकी जान चली गई। आम तोड़ने का यह प्रयास युवती के लिए बेहद भारी साबित हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया को पूरा करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस द्वारा इस मामले की जांच की जा रही है और विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा है। इस दर्दनाक हादसे के बाद विद्युत लाइनों के आसपास कार्य करते समय हमेशा सावधानी बरतने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।1