राजस्थान आशा सहयोगिनी यूनियन, चित्तौड़गढ़ ने स्थाईकरण सहित मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन। चित्तौड़गढ़ में आशा सहयोगिनियों का प्रदर्शन, स्थायीकरण सहित मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन। चित्तौड़गढ़। जिला कलक्टर कार्यालय के बाहर गुरुवार को उस समय लगभग आधे घंटे तक जाम की स्थिति बन गई, जब राजस्थान आशा सहयोगिनी यूनियन, चित्तौड़गढ़ के बैनर तले बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनी महिलाएं ज्ञापन देने पहुंचीं और मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। जाम का कारण अतिरिक्त यातायात नहीं, बल्कि प्रदर्शन कर रही महिलाओं की भीड़ रही। प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने में चित्तौड़गढ़ कोतवाली पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कालिका पेट्रोलिंग को मौके पर बुलाया गया, लेकिन उसके समय पर नहीं पहुंचने तथा सैकड़ों महिलाओं को समझाने के लिए पर्याप्त महिला पुलिस बल की कमी खलती नजर आई। बाद में कोतवाली थाने से पहुंचे पुलिस उपनिरीक्षक पारस टेलर ने प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों को अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए। राजस्थान आशा सहयोगिनी यूनियन, चित्तौड़गढ़ के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं ने जिला कलक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि पिछले 20 वर्षों से आशा सहयोगिनी मानदेय वृद्धि, नियमित पद सृजन तथा स्थायीकरण की मांग कर रही हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। महिलाओं ने कहा कि हाल ही में प्रस्तुत केंद्रीय बजट में आशा वर्कर्स के लिए कोई घोषणा नहीं की गई, जिससे देशभर की लाखों आशा कार्यकर्ताओं में निराशा है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने जोखिम उठाकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, लेकिन आज तक उन्हें न तो मजदूर का दर्जा मिला है और न ही सरकारी कर्मचारी घोषित किया गया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि जब तक उन्हें स्थायी राज्य कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता, तब तक न्यूनतम 26,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। साथ ही सेवानिवृत्ति पर 10,000 रुपये मासिक पेंशन, ऑनलाइन कार्य के लिए नया मोबाइल एवं डेटा सुविधा, आयुष्मान और आभा आईडी के लिए पृथक ऑपरेटर नियुक्ति, ड्यूटी का निश्चित समय और बैठने के लिए स्थान निर्धारित करने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त चयनित कार्य के अतिरिक्त अन्य कार्य नहीं कराने, ऑनलाइन कार्य का अलग से प्रोत्साहन राशि इंसेंटिव के तौर पर देने तथा स्कूटम कार्य बंद करने की मांग भी रखी गई है। यूनियन पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांगों का शीघ्र समाधान कर आशा सहयोगिनियों को राहत प्रदान करने की अपील की है।
राजस्थान आशा सहयोगिनी यूनियन, चित्तौड़गढ़ ने स्थाईकरण सहित मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन। चित्तौड़गढ़ में आशा सहयोगिनियों का प्रदर्शन, स्थायीकरण सहित मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन। चित्तौड़गढ़। जिला कलक्टर कार्यालय के बाहर गुरुवार को उस समय लगभग आधे घंटे तक जाम की स्थिति बन गई, जब राजस्थान आशा सहयोगिनी यूनियन, चित्तौड़गढ़ के बैनर तले बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनी महिलाएं ज्ञापन देने पहुंचीं और मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। जाम का कारण अतिरिक्त यातायात नहीं, बल्कि प्रदर्शन कर रही महिलाओं की भीड़ रही। प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने में चित्तौड़गढ़ कोतवाली पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कालिका पेट्रोलिंग को मौके पर बुलाया गया, लेकिन उसके समय पर नहीं पहुंचने तथा सैकड़ों महिलाओं को समझाने के लिए पर्याप्त महिला पुलिस बल की कमी खलती नजर आई। बाद में कोतवाली थाने से पहुंचे पुलिस उपनिरीक्षक पारस टेलर ने प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों को अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए। राजस्थान आशा सहयोगिनी यूनियन, चित्तौड़गढ़ के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं ने जिला कलक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि पिछले 20 वर्षों से आशा सहयोगिनी मानदेय वृद्धि, नियमित पद सृजन तथा स्थायीकरण की मांग कर रही हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। महिलाओं ने कहा कि हाल ही में प्रस्तुत केंद्रीय बजट में आशा वर्कर्स के लिए कोई घोषणा नहीं की गई, जिससे देशभर की लाखों आशा कार्यकर्ताओं में निराशा है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने जोखिम उठाकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, लेकिन आज तक उन्हें न तो मजदूर का दर्जा मिला है और न ही सरकारी कर्मचारी घोषित किया गया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि जब तक उन्हें स्थायी राज्य कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता, तब तक न्यूनतम 26,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। साथ ही सेवानिवृत्ति पर 10,000 रुपये मासिक पेंशन, ऑनलाइन कार्य के लिए नया मोबाइल एवं डेटा सुविधा, आयुष्मान और आभा आईडी के लिए पृथक ऑपरेटर नियुक्ति, ड्यूटी का निश्चित समय और बैठने के लिए स्थान निर्धारित करने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त चयनित कार्य के अतिरिक्त अन्य कार्य नहीं कराने, ऑनलाइन कार्य का अलग से प्रोत्साहन राशि इंसेंटिव के तौर पर देने तथा स्कूटम कार्य बंद करने की मांग भी रखी गई है। यूनियन पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांगों का शीघ्र समाधान कर आशा सहयोगिनियों को राहत प्रदान करने की अपील की है।
- श्री राम जय राम जय जय राम श्री सीतारामाय नमः श्री राम भक्त हनुमानजी महाराज जी आपकी जय हो आप ही आप हो1
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- छोटी सादड़ी उपखंड में दसवीं बोर्ड की कक्षाएं प्रारंभ हो चुकी है छात्र-छात्राओं में काफी जोश देखा गया परीक्षा देने के लिए उन्होंने बोर्ड के नाम से काफी तैयारी कर रही थी बोर्ड के पेपर हल करने के बाद छात्र-छात्राओं की मुस्कान बता रही थी कि पेपर में जिस प्रकार से उन्होंने देने की तैयारी की थी उसी प्रकार से पेपर आया और सॉल्व करके आ गए आसपास के गांव में भी बोर्ड के केंद्र खुले हुए हैं वहां पर भी एग्जाम हो चुके हैं और कल से उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्राओं का एग्जाम शुरू होगा3
- भीलवाड़ा। जिले के चीड खेड़ा गांव में पानी की गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश उस समय चरम पर पहुंच गया जब कई दिनों से पेयजल सप्लाई ठप पड़ी हुई थी। गांव में हालात ऐसे बन गए थे कि महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा था। मामला मीडिया में सामने आते ही प्रशासन हरकत में आया और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभाली। जानकारी के अनुसार गांव में लंबे समय से पानी की आपूर्ति बाधित थी, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा था, जिसके चलते गांव में रोष बढ़ता जा रहा था। मामले के तूल पकड़ने के बाद सरपंच पति रतनलाल गुर्जर, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी हिमांशु, जलदाय विभाग के अधिकारी जैन और अनुराग प्रजापत अपनी टीम के साथ अचानक गांव पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचते ही ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। सूत्रों के अनुसार मौके पर अधिकारियों ने नल कर्मी रतनलाल को कड़ी फटकार लगाते हुए तुरंत पानी सप्लाई शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद नलों में पानी पहुंचते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हालांकि ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए और स्थायी समाधान की मांग की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अब चीड खेड़ा में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल गांव में जल सप्लाई शुरू होने से स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन ग्रामीण प्रशासन के वादों के स्थायी रूप से लागू होने का इंतजार कर रहे हैं।4
- Post by Arjun Banjara3
- नीमच। 12 फरवरी को सीटू सहित 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, योजना कर्मियों, राज्य-केंद्र कर्मचारियों के महासंघ, संयुक्त किसान मोर्चा एवं अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर नीमच में भी व्यापक हड़ताल रही। बैंक, बीमा, बीएसएनएल, आंगनवाड़ी, मध्यान्ह भोजन, आशा कार्यकर्ता सहित विभिन्न क्षेत्रों में कामकाज पूरी तरह बंद रहा। हड़ताल के समर्थन में गांधी वाटिका में लगभग 2000 से अधिक मजदूर और कर्मचारी एकत्रित हुए। सभा में वक्ताओं ने सरकार की कथित कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों का विरोध करते हुए मजदूर किसान हित में नीतियां बनाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों और किसानों के हितों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सभा में 21 सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से 21 नवंबर 2025 को जारी लेबर कोड को निरस्त करने, आउटसोर्स, आंगनवाड़ी, आशा, मध्यान्ह भोजन, ठेका, संविदा, नल चालक, भृत्य सहित अस्थायी श्रेणी के सभी कर्मियों को नियमित करने की मांग शामिल रही। नियमितीकरण तक न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह देने, पेंशन, बीमा, ग्रेच्युटी, बोनस जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं प्रदान करने तथा 50 लाख रुपये का सरकारी बीमा लागू करने की मांग उठाई गई। सभा के बाद गांधी वाटिका से रैली निकाली गई, जो पुस्तक बाजार, जाजू भवन, बारादरी, फव्वारा चौक होते हुए 40 चौराहे पहुंची। यहां 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम तहसीलदार संजय मालवीय को सौंपा गया।1
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- सरकारी बालिका स्कूल बना ‘डांस फ्लोर’! शिक्षिकाएं भी छात्राओं संग झूमीं — वीडियो वायरल... मिला नोटिस... राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय शक्करगढ़, तहसील जहाजपुर में आयोजित 12वीं कक्षा की विदाई समारोह का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसने शिक्षा व्यवस्था की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सरकारी बालिका विद्यालय के मंच पर तेज और अश्लील पंजाबी गाने बज रहे हैं, जिन पर न केवल छात्राएं बल्कि महिला शिक्षिकाएं भी झूमती नजर आ रही हैं।1
- उदयपुर जिले के मावली तहसील के अंतर्गत नीलकंठ महादेव राणेरा की पाल पर तीन दिवसीय महाशिवरात्रि मेला महोत्सव की तैयारियाँ शुरू हो गई है।जानकारी के अनुसार मेले में दुकानें सजने लगी है सभी दुकानदारो को प्लाट आवंटित कर दिए गए हैं। डोलर चकरी झूले बच्चों के खिलौने की दुकानें खाने पिने की दुकानें सज चुकी है। समीती पुर्व अध्यक्ष शंकर प्रसाद गाडरी ने बताया कि मेले के उद्घाटन हेतु चितौड़गढ़ सांसद सीपी जोशी, विधायक उदयलाल डागी, मावली विधानसभा प्रभारी कृष्ण गोपाल पालीवाल, मावली विधायक पुष्कर लाल डागी को निमंत्रण पत्र दिया है। मेले का उद्घाटन 14 फ़रवरी को किया जाएगा। इसी के साथ मन्दिर के सामने पहाड़ी पर 31 फ़ीट लम्बी त्रिशूल व 51 फ़ीट लम्बा भगवा ध्वज लगाया जाएगा। त्रिशूल भामाशाह शम्भु गुर्जर नेगडीया व राम लाल गाडरी भगीमा का खेडा के सहयोग से नीलकंठ महादेव विकास समिति के तत्वावधान में स्थापित की जाएगी। साथ ही क्षेत्र के आस पास के गांवों के श्रद्धालुओं की उपस्थिति में हवन पूजन के साथ स्थापित की जाएगी। समिति अध्यक्ष माँगीलाल चौबीसा पुर्व अध्यक्ष शंकर प्रसाद गाडरी सचिव ललित सिंह भाटी सह कोषाध्यक्ष जगदीश लौहार उपाध्यक्ष भेरूलाल जाट अमरचंद जाट बालु गाडरी मिडिया प्रभारी सोनु लौहार के सांनिध्य में मेले की तैयारियां शुरू हुई।1