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गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898

12 hrs ago
user_Tulla tulsi
Tulla tulsi
Doctor Bhilwara, Rajasthan•
12 hrs ago

गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898

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  • कारावास, 20 हजार रुपये जुर्माबलात्कार के आरोपी को 7 वर्ष का कठोरना भीलवाड़ा 11 फरवरी । जिले के फुलिया कला थाना क्षेत्र के कनेछन कला गांव में वर्ष 2019 में हुई दुष्कर्म की घटना में न्यायालय ने आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। विशिष्ट न्यायाधीश, महिला उत्पीड़न प्रकरण, भीलवाड़ा ने मामले में सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी हेमराज पुत्र लादूलाल बेरवा निवासी कनेछन कला को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए दंडित किया। प्रकरण के अनुसार 19 दिसम्बर 2019 को पीड़िता बकरियां चराने गई थी। इसी दौरान कब्रिस्तान के रास्ते अमर सिंह जी की नाड़ी की पाल पर आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। पीड़िता के पति सिकंदर ने मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव किया, जिसके बाद आरोपी धक्का-मुक्की कर वहां से फरार हो गया। बाद में पीड़िता को लेकर परिवादी थाने पहुंचा और लिखित रिपोर्ट दी। पुलिस ने प्रकरण संख्या 174/19 में धारा 323 व 376 भादंसं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अनुसंधान अधिकारी द्वारा पीड़िता के बयान, मेडिकल जांच, घटनास्थल निरीक्षण, जब्ती कार्यवाही तथा धारा 164 के तहत बयान सहित आवश्यक साक्ष्य संकलित किए गए। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसका भी मेडिकल कराया गया तथा उसके पहने कपड़े जब्त कर एफएसएल जांच हेतु जयपुर भेजे गए। जांच पूर्ण होने पर आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में चालान पेश किया गया। विशिष्ट लोक अभियोजक अदिति सेठिया द्वारा न्यायालय में 13 गवाह और 23 दस्तावेज पेश किए गए। साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए धारा 376 भादंसं में 7 वर्ष का कठोर कारावास व 20,000 रुपये जुर्माना, धारा 341 में 1 माह का कारावास व 500 रुपये जुर्माना तथा धारा 323 में 6 माह का साधारण कारावास व 1,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। सभी सजाए साथ साथ चलेगी।
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    कारावास, 20 हजार रुपये जुर्माबलात्कार के आरोपी को 7 वर्ष का कठोरना
भीलवाड़ा 11 फरवरी । जिले के फुलिया कला थाना क्षेत्र के कनेछन कला गांव में वर्ष 2019 में हुई दुष्कर्म की घटना में न्यायालय ने आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। विशिष्ट न्यायाधीश, महिला उत्पीड़न प्रकरण, भीलवाड़ा ने मामले में सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी हेमराज पुत्र लादूलाल बेरवा निवासी कनेछन कला को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में दोषी मानते हुए दंडित किया।
प्रकरण के अनुसार 19 दिसम्बर 2019 को पीड़िता बकरियां चराने गई थी। इसी दौरान कब्रिस्तान के रास्ते अमर सिंह जी की नाड़ी की पाल पर आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। पीड़िता के पति सिकंदर ने मौके पर पहुंचकर बीच-बचाव किया, जिसके बाद आरोपी धक्का-मुक्की कर वहां से फरार हो गया। बाद में पीड़िता को लेकर परिवादी थाने पहुंचा और लिखित रिपोर्ट दी।
पुलिस ने प्रकरण संख्या 174/19 में धारा 323 व 376 भादंसं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अनुसंधान अधिकारी द्वारा पीड़िता के बयान, मेडिकल जांच, घटनास्थल निरीक्षण, जब्ती कार्यवाही तथा धारा 164 के तहत बयान सहित आवश्यक साक्ष्य संकलित किए गए। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसका भी मेडिकल कराया गया तथा उसके पहने कपड़े जब्त कर एफएसएल जांच हेतु जयपुर भेजे गए। जांच पूर्ण होने पर आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में चालान पेश किया गया।
विशिष्ट लोक अभियोजक अदिति सेठिया द्वारा न्यायालय में 13 गवाह और 23 दस्तावेज पेश किए गए। साक्ष्यों एवं गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए धारा 376 भादंसं में 7 वर्ष का कठोर कारावास व 20,000 रुपये जुर्माना, धारा 341 में 1 माह का कारावास व 500 रुपये जुर्माना तथा धारा 323 में 6 माह का साधारण कारावास व 1,000 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। सभी सजाए साथ साथ चलेगी।
    user_Narendra kumar Regar
    Narendra kumar Regar
    Bhilwara, Rajasthan•
    7 hrs ago
  • गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
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    गुप्त रोग शीघ्रपतन शुक्राणु स्वप्नदोष मर्दाना ताकत  फायदा नहीं तो डबल पैसा वापस 100% गारंटी के साथ संपर्क करें डॉक्टर पंकज कुमार 9572291304, 7091077898
    user_Tulla tulsi
    Tulla tulsi
    Doctor Bhilwara, Rajasthan•
    12 hrs ago
  • भीलवाड़ा। जिले के चीड खेड़ा गांव में पानी की गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश उस समय चरम पर पहुंच गया जब कई दिनों से पेयजल सप्लाई ठप पड़ी हुई थी। गांव में हालात ऐसे बन गए थे कि महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा था। मामला मीडिया में सामने आते ही प्रशासन हरकत में आया और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभाली। जानकारी के अनुसार गांव में लंबे समय से पानी की आपूर्ति बाधित थी, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा था, जिसके चलते गांव में रोष बढ़ता जा रहा था। मामले के तूल पकड़ने के बाद सरपंच पति रतनलाल गुर्जर, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी हिमांशु, जलदाय विभाग के अधिकारी जैन और अनुराग प्रजापत अपनी टीम के साथ अचानक गांव पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचते ही ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। सूत्रों के अनुसार मौके पर अधिकारियों ने नल कर्मी रतनलाल को कड़ी फटकार लगाते हुए तुरंत पानी सप्लाई शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद नलों में पानी पहुंचते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हालांकि ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए और स्थायी समाधान की मांग की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अब चीड खेड़ा में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल गांव में जल सप्लाई शुरू होने से स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन ग्रामीण प्रशासन के वादों के स्थायी रूप से लागू होने का इंतजार कर रहे हैं।
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    भीलवाड़ा। जिले के चीड खेड़ा गांव में पानी की गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश उस समय चरम पर पहुंच गया जब कई दिनों से पेयजल सप्लाई ठप पड़ी हुई थी। गांव में हालात ऐसे बन गए थे कि महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा था। मामला मीडिया में सामने आते ही प्रशासन हरकत में आया और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभाली।
जानकारी के अनुसार गांव में लंबे समय से पानी की आपूर्ति बाधित थी, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा था, जिसके चलते गांव में रोष बढ़ता जा रहा था।
मामले के तूल पकड़ने के बाद सरपंच पति रतनलाल गुर्जर, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी हिमांशु, जलदाय विभाग के अधिकारी जैन और अनुराग प्रजापत अपनी टीम के साथ अचानक गांव पहुंचे। अधिकारियों के पहुंचते ही ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और अपनी समस्याएं खुलकर रखीं।
सूत्रों के अनुसार मौके पर अधिकारियों ने नल कर्मी रतनलाल को कड़ी फटकार लगाते हुए तुरंत पानी सप्लाई शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद नलों में पानी पहुंचते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। हालांकि ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए और स्थायी समाधान की मांग की।
अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अब चीड खेड़ा में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल गांव में जल सप्लाई शुरू होने से स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन ग्रामीण प्रशासन के वादों के स्थायी रूप से लागू होने का इंतजार कर रहे हैं।
    user_Dev karan Mali
    Dev karan Mali
    भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • 280963982989
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    280963982989
    user_Sanjay Prajapat
    Sanjay Prajapat
    बस्सी, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • चित्तौड़गढ़ में आशा सहयोगिनियों का प्रदर्शन, स्थायीकरण सहित मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन। चित्तौड़गढ़। जिला कलक्टर कार्यालय के बाहर गुरुवार को उस समय लगभग आधे घंटे तक जाम की स्थिति बन गई, जब राजस्थान आशा सहयोगिनी यूनियन, चित्तौड़गढ़ के बैनर तले बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनी महिलाएं ज्ञापन देने पहुंचीं और मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। जाम का कारण अतिरिक्त यातायात नहीं, बल्कि प्रदर्शन कर रही महिलाओं की भीड़ रही। प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने में चित्तौड़गढ़ कोतवाली पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कालिका पेट्रोलिंग को मौके पर बुलाया गया, लेकिन उसके समय पर नहीं पहुंचने तथा सैकड़ों महिलाओं को समझाने के लिए पर्याप्त महिला पुलिस बल की कमी खलती नजर आई। बाद में कोतवाली थाने से पहुंचे पुलिस उपनिरीक्षक पारस टेलर ने प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों को अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए। राजस्थान आशा सहयोगिनी यूनियन, चित्तौड़गढ़ के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं ने जिला कलक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि पिछले 20 वर्षों से आशा सहयोगिनी मानदेय वृद्धि, नियमित पद सृजन तथा स्थायीकरण की मांग कर रही हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। महिलाओं ने कहा कि हाल ही में प्रस्तुत केंद्रीय बजट में आशा वर्कर्स के लिए कोई घोषणा नहीं की गई, जिससे देशभर की लाखों आशा कार्यकर्ताओं में निराशा है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने जोखिम उठाकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, लेकिन आज तक उन्हें न तो मजदूर का दर्जा मिला है और न ही सरकारी कर्मचारी घोषित किया गया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि जब तक उन्हें स्थायी राज्य कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता, तब तक न्यूनतम 26,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। साथ ही सेवानिवृत्ति पर 10,000 रुपये मासिक पेंशन, ऑनलाइन कार्य के लिए नया मोबाइल एवं डेटा सुविधा, आयुष्मान और आभा आईडी के लिए पृथक ऑपरेटर नियुक्ति, ड्यूटी का निश्चित समय और बैठने के लिए स्थान निर्धारित करने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त चयनित कार्य के अतिरिक्त अन्य कार्य नहीं कराने, ऑनलाइन कार्य का अलग से प्रोत्साहन राशि इंसेंटिव के तौर पर देने तथा स्कूटम कार्य बंद करने की मांग भी रखी गई है। यूनियन पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांगों का शीघ्र समाधान कर आशा सहयोगिनियों को राहत प्रदान करने की अपील की है।
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    चित्तौड़गढ़ में आशा सहयोगिनियों का प्रदर्शन, स्थायीकरण सहित मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन।
चित्तौड़गढ़। जिला कलक्टर कार्यालय के बाहर गुरुवार को उस समय लगभग आधे घंटे तक जाम की स्थिति बन गई, जब राजस्थान आशा सहयोगिनी यूनियन, चित्तौड़गढ़ के बैनर तले बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनी महिलाएं ज्ञापन देने पहुंचीं और मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। जाम का कारण अतिरिक्त यातायात नहीं, बल्कि प्रदर्शन कर रही महिलाओं की भीड़ रही।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने में चित्तौड़गढ़ कोतवाली पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कालिका पेट्रोलिंग को मौके पर बुलाया गया, लेकिन उसके समय पर नहीं पहुंचने तथा सैकड़ों महिलाओं को समझाने के लिए पर्याप्त महिला पुलिस बल की कमी खलती नजर आई। बाद में कोतवाली थाने से पहुंचे पुलिस उपनिरीक्षक पारस टेलर ने प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों को अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए।
राजस्थान आशा सहयोगिनी यूनियन, चित्तौड़गढ़ के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं ने जिला कलक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि पिछले 20 वर्षों से आशा सहयोगिनी मानदेय वृद्धि, नियमित पद सृजन तथा स्थायीकरण की मांग कर रही हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
महिलाओं ने कहा कि हाल ही में प्रस्तुत केंद्रीय बजट में आशा वर्कर्स के लिए कोई घोषणा नहीं की गई, जिससे देशभर की लाखों आशा कार्यकर्ताओं में निराशा है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने जोखिम उठाकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, लेकिन आज तक उन्हें न तो मजदूर का दर्जा मिला है और न ही सरकारी कर्मचारी घोषित किया गया है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि जब तक उन्हें स्थायी राज्य कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता, तब तक न्यूनतम 26,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। साथ ही सेवानिवृत्ति पर 10,000 रुपये मासिक पेंशन, ऑनलाइन कार्य के लिए नया मोबाइल एवं डेटा सुविधा, आयुष्मान और आभा आईडी के लिए पृथक ऑपरेटर नियुक्ति, ड्यूटी का निश्चित समय और बैठने के लिए स्थान निर्धारित करने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त चयनित कार्य के अतिरिक्त अन्य कार्य नहीं कराने, ऑनलाइन कार्य का अलग से प्रोत्साहन राशि इंसेंटिव के तौर पर देने तथा स्कूटम कार्य बंद करने की मांग भी रखी गई है।
यूनियन पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांगों का शीघ्र समाधान कर आशा सहयोगिनियों को राहत प्रदान करने की अपील की है।
    user_Alert Nation News
    Alert Nation News
    Journalist चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • Post by Lucky sukhwal
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    Post by Lucky sukhwal
    user_Lucky sukhwal
    Lucky sukhwal
    चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • Post by Sanjay Solanki
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    Post by Sanjay Solanki
    user_Sanjay Solanki
    Sanjay Solanki
    Graphic designer चित्तौड़गढ़, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • सरकारी बालिका स्कूल बना ‘डांस फ्लोर’! शिक्षिकाएं भी छात्राओं संग झूमीं — वीडियो वायरल... मिला नोटिस... राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय शक्करगढ़, तहसील जहाजपुर में आयोजित 12वीं कक्षा की विदाई समारोह का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसने शिक्षा व्यवस्था की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सरकारी बालिका विद्यालय के मंच पर तेज और अश्लील पंजाबी गाने बज रहे हैं, जिन पर न केवल छात्राएं बल्कि महिला शिक्षिकाएं भी झूमती नजर आ रही हैं।
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    सरकारी बालिका स्कूल बना ‘डांस फ्लोर’! शिक्षिकाएं भी छात्राओं संग झूमीं — वीडियो वायरल... मिला नोटिस... राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय शक्करगढ़, तहसील जहाजपुर में आयोजित 12वीं कक्षा की विदाई समारोह का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसने शिक्षा व्यवस्था की मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सरकारी बालिका विद्यालय के मंच पर तेज और अश्लील पंजाबी गाने बज रहे हैं, जिन पर न केवल छात्राएं बल्कि महिला शिक्षिकाएं भी झूमती नजर आ रही हैं।
    user_Dev karan Mali
    Dev karan Mali
    भीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान•
    17 hrs ago
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