सड़कों पर उतरे श्रमिक, रैली निकाल, राष्ट्रपति के नाम सौपा ज्ञापन नीमच। 12 फरवरी को सीटू सहित 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, योजना कर्मियों, राज्य-केंद्र कर्मचारियों के महासंघ, संयुक्त किसान मोर्चा एवं अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर नीमच में भी व्यापक हड़ताल रही। बैंक, बीमा, बीएसएनएल, आंगनवाड़ी, मध्यान्ह भोजन, आशा कार्यकर्ता सहित विभिन्न क्षेत्रों में कामकाज पूरी तरह बंद रहा। हड़ताल के समर्थन में गांधी वाटिका में लगभग 2000 से अधिक मजदूर और कर्मचारी एकत्रित हुए। सभा में वक्ताओं ने सरकार की कथित कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों का विरोध करते हुए मजदूर किसान हित में नीतियां बनाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों और किसानों के हितों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सभा में 21 सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से 21 नवंबर 2025 को जारी लेबर कोड को निरस्त करने, आउटसोर्स, आंगनवाड़ी, आशा, मध्यान्ह भोजन, ठेका, संविदा, नल चालक, भृत्य सहित अस्थायी श्रेणी के सभी कर्मियों को नियमित करने की मांग शामिल रही। नियमितीकरण तक न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह देने, पेंशन, बीमा, ग्रेच्युटी, बोनस जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं प्रदान करने तथा 50 लाख रुपये का सरकारी बीमा लागू करने की मांग उठाई गई। सभा के बाद गांधी वाटिका से रैली निकाली गई, जो पुस्तक बाजार, जाजू भवन, बारादरी, फव्वारा चौक होते हुए 40 चौराहे पहुंची। यहां 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम तहसीलदार संजय मालवीय को सौंपा गया।
सड़कों पर उतरे श्रमिक, रैली निकाल, राष्ट्रपति के नाम सौपा ज्ञापन नीमच। 12 फरवरी को सीटू सहित 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, योजना कर्मियों, राज्य-केंद्र कर्मचारियों के महासंघ, संयुक्त किसान मोर्चा एवं अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर नीमच में भी व्यापक हड़ताल रही। बैंक, बीमा, बीएसएनएल, आंगनवाड़ी, मध्यान्ह भोजन, आशा कार्यकर्ता सहित विभिन्न क्षेत्रों में कामकाज पूरी तरह बंद रहा। हड़ताल के समर्थन में गांधी वाटिका में लगभग 2000 से अधिक मजदूर और कर्मचारी एकत्रित हुए। सभा में वक्ताओं ने सरकार की कथित कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों का विरोध करते हुए मजदूर किसान हित में नीतियां बनाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों और किसानों के हितों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सभा में 21 सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से 21 नवंबर 2025 को जारी लेबर कोड को निरस्त करने, आउटसोर्स, आंगनवाड़ी, आशा, मध्यान्ह भोजन, ठेका, संविदा, नल चालक, भृत्य सहित अस्थायी श्रेणी के सभी कर्मियों को नियमित करने की मांग शामिल रही। नियमितीकरण तक न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह देने, पेंशन, बीमा, ग्रेच्युटी, बोनस जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं प्रदान करने तथा 50 लाख रुपये का सरकारी बीमा लागू करने की मांग उठाई गई। सभा के बाद गांधी वाटिका से रैली निकाली गई, जो पुस्तक बाजार, जाजू भवन, बारादरी, फव्वारा चौक होते हुए 40 चौराहे पहुंची। यहां 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम तहसीलदार संजय मालवीय को सौंपा गया।
- नीमच। 12 फरवरी को सीटू सहित 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, योजना कर्मियों, राज्य-केंद्र कर्मचारियों के महासंघ, संयुक्त किसान मोर्चा एवं अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर नीमच में भी व्यापक हड़ताल रही। बैंक, बीमा, बीएसएनएल, आंगनवाड़ी, मध्यान्ह भोजन, आशा कार्यकर्ता सहित विभिन्न क्षेत्रों में कामकाज पूरी तरह बंद रहा। हड़ताल के समर्थन में गांधी वाटिका में लगभग 2000 से अधिक मजदूर और कर्मचारी एकत्रित हुए। सभा में वक्ताओं ने सरकार की कथित कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों का विरोध करते हुए मजदूर किसान हित में नीतियां बनाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों और किसानों के हितों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सभा में 21 सूत्रीय मांगपत्र प्रस्तुत किया गया, जिनमें प्रमुख रूप से 21 नवंबर 2025 को जारी लेबर कोड को निरस्त करने, आउटसोर्स, आंगनवाड़ी, आशा, मध्यान्ह भोजन, ठेका, संविदा, नल चालक, भृत्य सहित अस्थायी श्रेणी के सभी कर्मियों को नियमित करने की मांग शामिल रही। नियमितीकरण तक न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रतिमाह देने, पेंशन, बीमा, ग्रेच्युटी, बोनस जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं प्रदान करने तथा 50 लाख रुपये का सरकारी बीमा लागू करने की मांग उठाई गई। सभा के बाद गांधी वाटिका से रैली निकाली गई, जो पुस्तक बाजार, जाजू भवन, बारादरी, फव्वारा चौक होते हुए 40 चौराहे पहुंची। यहां 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम तहसीलदार संजय मालवीय को सौंपा गया।1
- एमपी मध्य प्रदेश का नीमच जिले का ग्राम पंचायत सेमली मेवाड़ जिसका मुजरा में है गांव जोरावरपुरा गांव की सड़के अन्य जैसे शमशान अन्य बहुत सारे काम बाकी पड़े नहीं तो कोई सरपंच सुनाई करता ना कोई सच्ची सुनाई करता है1
- सुवासरा में दशपुर दस्तक समाचार पत्र को लेकर 2 वर्ष पूर्ण होने पर सर्किट हाउस में रखा गया आयोजन में अतिथियों के हाथों दिलवाए गए 10 निर्धन विद्यार्थियों को 10-10 की राशि मुख्य अतिथि हरदीप सिंह डंग विधायक गरोठ शामगढ़ नगर परिषद अध्यक्ष सहित कई अतिथियों की मौजूदगी में हुआ आयोजन1
- छोटी सादड़ी उपखंड में दसवीं बोर्ड की कक्षाएं प्रारंभ हो चुकी है छात्र-छात्राओं में काफी जोश देखा गया परीक्षा देने के लिए उन्होंने बोर्ड के नाम से काफी तैयारी कर रही थी बोर्ड के पेपर हल करने के बाद छात्र-छात्राओं की मुस्कान बता रही थी कि पेपर में जिस प्रकार से उन्होंने देने की तैयारी की थी उसी प्रकार से पेपर आया और सॉल्व करके आ गए आसपास के गांव में भी बोर्ड के केंद्र खुले हुए हैं वहां पर भी एग्जाम हो चुके हैं और कल से उच्च माध्यमिक विद्यालय के छात्राओं का एग्जाम शुरू होगा3
- शामगढ.. पर्यावरण प्रेमी पहुचे शामगढ पर्यावरण बचाने का संकल्प लेकर निकले नगर, गांवो मे दे रहे संदेश...1
- मंदसौर के वायडी नगर थाना पुलिस ने जमीन धोखाधड़ी के मामले में कथित भू-माफिया शाइन छीपा 42 वर्ष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी पर एक ही जमीन दो अलग-अलग लोगों को बेचकर 72 लाख 67 हजार रुपये की ठगी करने का आरोप है। जानकारी के अनुसार सैफुद्दीन पिता हुसैन लोखंडवाला ने वर्ष 2020 में नया खेड़ा बाईपास स्थित फोरलेन हाईवे किनारे 19 हजार 500 स्क्वायर फीट जमीन शाइन से खरीदी थी और रजिस्ट्री सहित पूरी राशि का भुगतान किया था, लेकिन 2021 में पता चला कि जमीन पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेची जा चुकी है। पांच साल तक रकम या कब्जा न मिलने पर शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं में अपराध क्रमांक 339/2025 दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया।1
- चित्तौड़गढ़ में आशा सहयोगिनियों का प्रदर्शन, स्थायीकरण सहित मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन। चित्तौड़गढ़। जिला कलक्टर कार्यालय के बाहर गुरुवार को उस समय लगभग आधे घंटे तक जाम की स्थिति बन गई, जब राजस्थान आशा सहयोगिनी यूनियन, चित्तौड़गढ़ के बैनर तले बड़ी संख्या में आशा सहयोगिनी महिलाएं ज्ञापन देने पहुंचीं और मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया। जाम का कारण अतिरिक्त यातायात नहीं, बल्कि प्रदर्शन कर रही महिलाओं की भीड़ रही। प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने में चित्तौड़गढ़ कोतवाली पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कालिका पेट्रोलिंग को मौके पर बुलाया गया, लेकिन उसके समय पर नहीं पहुंचने तथा सैकड़ों महिलाओं को समझाने के लिए पर्याप्त महिला पुलिस बल की कमी खलती नजर आई। बाद में कोतवाली थाने से पहुंचे पुलिस उपनिरीक्षक पारस टेलर ने प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रतिनिधियों को अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए। राजस्थान आशा सहयोगिनी यूनियन, चित्तौड़गढ़ के नेतृत्व में आशा कार्यकर्ताओं ने जिला कलक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि पिछले 20 वर्षों से आशा सहयोगिनी मानदेय वृद्धि, नियमित पद सृजन तथा स्थायीकरण की मांग कर रही हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। महिलाओं ने कहा कि हाल ही में प्रस्तुत केंद्रीय बजट में आशा वर्कर्स के लिए कोई घोषणा नहीं की गई, जिससे देशभर की लाखों आशा कार्यकर्ताओं में निराशा है। कोविड-19 महामारी के दौरान भी उन्होंने जोखिम उठाकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, लेकिन आज तक उन्हें न तो मजदूर का दर्जा मिला है और न ही सरकारी कर्मचारी घोषित किया गया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि जब तक उन्हें स्थायी राज्य कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता, तब तक न्यूनतम 26,000 रुपये मासिक वेतन दिया जाए। साथ ही सेवानिवृत्ति पर 10,000 रुपये मासिक पेंशन, ऑनलाइन कार्य के लिए नया मोबाइल एवं डेटा सुविधा, आयुष्मान और आभा आईडी के लिए पृथक ऑपरेटर नियुक्ति, ड्यूटी का निश्चित समय और बैठने के लिए स्थान निर्धारित करने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त चयनित कार्य के अतिरिक्त अन्य कार्य नहीं कराने, ऑनलाइन कार्य का अलग से प्रोत्साहन राशि इंसेंटिव के तौर पर देने तथा स्कूटम कार्य बंद करने की मांग भी रखी गई है। यूनियन पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांगों का शीघ्र समाधान कर आशा सहयोगिनियों को राहत प्रदान करने की अपील की है।1
- Post by Arjun Banjara3