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imam e jafer sadiq as ka farman byan karte hue Molana mohd ali bijnori
Mohd Ali bijnori
imam e jafer sadiq as ka farman byan karte hue Molana mohd ali bijnori
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- imam e jafer sadiq as ka farman byan karte hue Molana mohd ali bijnori1
- देहरादून नगर निगम मेयर की कुर्सी पर कब्जा जमाकर बैठ जाता था युवक, नगर निगम में आए दिन करता था हंगामा; पुलिस ने हिरासत में लिया **देहरादून।** नगर निगम देहरादून में पिछले करीब डेढ़ साल से लगातार हंगामा करने और कर्मचारियों के साथ अभद्रता व मारपीट करने के आरोपों से घिरे एक युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया है। आरोप है कि युवक आए दिन नगर निगम परिसर में पहुंचकर मेयर की कुर्सी पर बैठ जाता था और कर्मचारियों के साथ विवाद व अभद्र व्यवहार करता था। नगर निगम के सुपरवाइजर के अनुसार, चौहान नाम का यह युवक पिछले करीब डेढ़ साल से समय-समय पर निगम परिसर में आकर मेयर की कुर्सी पर बैठ जाता था। उसके इस तरह के व्यवहार से निगम कार्यालय का माहौल प्रभावित हो रहा था। कर्मचारियों का आरोप है कि युवक कई बार पुलिसकर्मियों, होमगार्ड जवानों और नगर निगम कर्मचारियों के साथ भी हाथापाई कर चुका है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए युवक को हिरासत में लिया। एसपी सिटी देहरादून ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि संबंधित व्यक्ति की मानसिक स्थिति कुछ ठीक नहीं प्रतीत हो रही है। उसे धारा चौकी लाया गया है, जहां मामले में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम परिसर में लंबे समय से चल रहे इस घटनाक्रम के बाद पुलिस की कार्रवाई से कर्मचारियों ने राहत की उम्मीद जताई है।1
- थाना नगीना देहात क्षेत्र में पढ़ने वाले ग्राम छोटा कानपुर का मामला प्रकाश में आया है एक नाबालिक बच्चा मोटरसाइकिल चलता हुआ नजर आया हिंदी न्यूज़ चैनल के संवादाता मोहम्मद सलीम मलिक ने बच्चों से बातचीत की तो बच्चे ने कहा यह मोटरसाइकिल मेरे पापा ने मुझे लेकर दी है माता-पिता अपने बच्चों की जिंदगी से कर रहे हैं खिलवाड़ छोटे नाबालिक बच्चे कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं लेकिन शासन प्रशासन देखकर अपनी आंखें मूंदे हुए हैं सालाना में मोटरसाइकिल सवार में नाबालिक बच्चों के एक्सीडेंटल केस की आंकड़े लाखों में हो जाते हैं फिर भी माता-पिता अपने बच्चों को सही सीख नहीं दे रहे हैं जिन हाथों में कलम होना चाहिए उन हाथों में मोटरसाइकिल दी जा रही है बिना हेलमेट लगाए हुए वीडियो में साफ तौर से देखा जा सकता है एक नाबालिक बच्चा मोटरसाइकिल लेकर नजीबाबाद से रायपुर की ओर आता हुआ दिखाई दे रहा है जबकि रायपुर सादात में थाना स्थित है लेकिन कोई भी कर्मचारी या पुलिसकर्मी नाबालिक बच्चों को रोकने का साहस नहीं करते मोहम्मद सलीम मलिक की खास रिपोर्ट1
- पिछले 3 महीने से प्रोटेस्टर को रोक रही दिल्ली पुलिस ही आज धरने पर बैठ गई। दरअसल, वकीलों की मांग पर एक ACP और इंस्पेक्टर का ट्रांसफर कर दिया गया। प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मी इसका विरोध कर रहे थे। दिल्ली पुलिस जिन पत्रकारों को प्रोटेस्ट कवर करने से लगातार रोकती रही, उन्हीं ने आज ये प्रोटेस्ट कवर कर उनकी बात को प्रमुखता से उठाया।1
- यूपी डीजीपी का बड़ा बयान: 'पुलिस और पत्रकार एक-दूसरे के पूरक', सोशल मीडिया और नए दौर की पत्रकारिता पर संदेश लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने पुलिस और मीडिया के आपसी संबंधों को लेकर एक अहम बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पुलिस और पत्रकार एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि समाज के सजग प्रहरी और एक-दूसरे के पूरक हैं। पारदर्शी कानून व्यवस्था और जनता तक सही जानकारी पहुंचाने के लिए दोनों के बीच आपसी तालमेल और संवाद बेहद जरूरी है। डिजिटल युग और सोशल मीडिया की ताकत मौजूदा दौर में सूचना के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए यह बात भी रेखांकित हो रही है कि अब पत्रकारिता केवल पारंपरिक टीवी कैमरों या अखबारों तक सीमित नहीं रह गई है। जमीनी स्तर पर सक्रिय यूट्यूबर और सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर तेजी से सूचनाएं आम जनता तक पहुंचा रहे हैं। वरिष्ठ और समझदार पुलिस अधिकारी इस बात को भली-भांति समझते हैं कि डिजिटल मीडिया की पहुंच आज गांव-देहात के अंतिम व्यक्ति तक है। ऐसे में सोशल मीडिया क्रिएटर्स और स्वतंत्र पत्रकारों को नजरअंदाज करना अब संभव नहीं है। मुख्य बिंदु: आपसी समन्वय पर जोर: पुलिस विभाग और ग्राउंड मीडिया के बीच विश्वास और सम्मान का माहौल बनाना समय की मांग है। सोशल मीडिया की जमीनी ताकत: मुख्यधारा के मीडिया से पहले कई बार जमीनी हकीकत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए सामने आती है, जिसे सुलझे हुए अधिकारी गंभीरता से लेते हैं। जिम्मेदारी का अहसास: जहां एक तरफ अधिकारियों को स्वतंत्र व डिजिटल मीडिया कर्मियों की भूमिका को स्वीकार करना होगा, वहीं कंटेंट क्रिएटर्स और पत्रकारों से भी निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की अपेक्षा की गई है ताकि भ्रामक जानकारियों पर लगाम लग सके। डीजीपी के इस रुख से साफ है कि प्रशासन अब नए दौर के सूचना तंत्र और डिजिटल मीडिया की मौजूदगी को नकारने के बजाय उसके साथ बेहतर संवाद स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।1
- (पत्रकार राजेश लाम्बा) लक्सर शुगर मिल का पेराई सत्र शुभ मुहूर्त में हुआ शुरू, किसानों के गन्ने के भाव को लेकर गरजे कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन!चीनी ₹70 किलो तो गन्ना ₹700 कुंतल क्यों नहीं? चैंपियन ने प्रधानमंत्री मोदी से की गन्ने का भाव ₹700 करने की मांग, ओमप्रकाश जमदग्नि ने ₹500 भाव मिलने का जताया भरोसा।खबर लक्सर से है लक्सर शुगर मिल में आज शुभ मुहूर्त के साथ नए पेराई सत्र का विधिवत शुभारंभ हो गया। इस मौके पर कई राजनीतिक और गणमान्य लोग पहुंचे। कार्यक्रम के दौरान खानपुर के पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने गन्ने के भाव को लेकर बड़ा बयान देते हुए ₹700 प्रति कुंतल किए जाने की मांग उठाई। वहीं दर्जाधारी राज्य मंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने भी किसानों के हित में गन्ने का भाव बढ़ाने को लेकर मुख्यमंत्री से हुई वार्ता का जिक्र किया। उधर शुगर मिल के जनरल मैनेजर एसपी सिंह ने किसानों के लिए की गई व्यवस्थाओं और दीपावली से पहले भुगतान जारी करने की बात कही। लक्सर शुगर मिल में पेराई सत्र के शुभारंभ के अवसर पर किसानों के हितों और गन्ने के उचित मूल्य का मुद्दा प्रमुखता से उठा। कार्यक्रम में पहुंचे कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने कहा कि जब बाजार में चीनी का भाव ₹70 प्रति किलो है, तो किसानों को गन्ने का भाव ₹700 प्रति कुंतल मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश सरकार गन्ने का भाव ₹700 करने में सक्षम नहीं है, तो इस मांग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचाया जाएगा। चैंपियन ने बताया कि इस संबंध में उनके द्वारा प्रधानमंत्री को ईमेल भी भेजा जा चुका है।1
- बिजनौर में कबूतर के चक्कर में 12 साल का बच्चा टावर पर चढ़ा, मचा हड़कंप! बिजनौर में कबूतर के चक्कर में 12 साल का बच्चा टावर पर चढ़ा, मचा हड़कंप।टावर पर कर्मचारी की गैरमौजूदगी का उठाया फायदा, बड़ा हादसा टला; सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल जनपद बिजनौर के थाना नजीबाबाद क्षेत्र के कस्बे में। कबूतर पकड़ने के चक्कर में 12 साल का एक बच्चा टावर पर चढ़ गया। ऊंचाई पर बच्चे को देखकर राहगीरों के होश उड़ गए। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। हर किसी की नजर टावर पर चढ़े बच्चे पर टिकी थी और लोगों के दिलों में एक ही सवाल था—आखिर बच्चा इतनी ऊंचाई पर पहुंचा कैसे।बताया जा रहा है कि टावर पर उस समय कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। कर्मचारी की गैरमौजूदगी का फायदा उठाते हुए बच्चा टावर पर चढ़ गया। इस घटना ने टावर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते बच्चे को नहीं देखा जाता तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था।मामले की सूचना मिलने पर जाब्तागंज चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद बच्चे को सुरक्षित नीचे उतार लिया, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। कबूतर के पीछे टावर तक पहुंचा बच्चा जाब्तागंज चौकी इंचार्ज लव गिरी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बच्चा कबूतर पकड़ने के चक्कर में टावर पर चढ़ गया था। पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया है। बच्चा इतनी ऊंचाई तक कैसे पहुंचा, इसकी जांच-पड़ताल की जा रही है। टावर की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि टावर पर कोई कर्मचारी मौजूद क्यों नहीं था? क्या टावर की सुरक्षा के लिए कोई जिम्मेदार व्यक्ति तैनात नहीं था? यदि कोई बच्चा इतनी आसानी से टावर पर चढ़ सकता है तो भविष्य में किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी कौन लेगा।बच्चे की जान जोखिम में डालने वाली इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो, इसके लिए टावर की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करना और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करना जरूरी है।गनीमत रही कि पुलिस ने समय रहते बच्चे को सुरक्षित नीचे उतार लिया, वरना कबूतर पकड़ने का यह शौक किसी बड़े हादसे में बदल सकता था। ब्यूरो रिपोर्ट प्रीतम सिंह जनपद बिजनौर4
- कल कीर्तिनगर पुल पर हुए सड़क दुर्घटना का में देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी के pro पर मारपीट के आरोप देवप्रयाग कांग्रेस जिलाध्यक्ष ऊतम असवाल ने लगाए गंभीर आरोप वीडियो जारी कर रखा दूसरे पीड़ित का पक्ष1