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बताइए, ये बूढ़ी दादी को 10 साल से पेंशन नहीं मिला है। क्या पता इन 10 साल में कितना चक्कर लगा चुकी होंगी। पर कोई कुछ नहीं किया। अगर ये वीडियो नहीं होता तो शायद कोई जानता भी नहीं। आप क्या सोचते है कमेंट जरूर करें
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बताइए, ये बूढ़ी दादी को 10 साल से पेंशन नहीं मिला है। क्या पता इन 10 साल में कितना चक्कर लगा चुकी होंगी। पर कोई कुछ नहीं किया। अगर ये वीडियो नहीं होता तो शायद कोई जानता भी नहीं। आप क्या सोचते है कमेंट जरूर करें
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- सहरसा सदर अस्पताल में डॉक्टर का 'बाप' वाला अहंकार, पत्रकारों के सवालों पर तरेरी आंखें! माफी मांगने से साफ इनकार: प्रभात खबर की टीम के सामने डॉ. आजाद की गुंडागर्दी? आज हम आपको सुशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था की एक ऐसी हैरान करने वाली तस्वीर दिखाएंगे, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार है। मामला सहरसा सदर अस्पताल का है, जहाँ 'धरती के भगवान' कहे जाने वाले डॉक्टर का एक ऐसा अहंकारी रूप सामने आया है, जिसे देखकर आप भी दंग रह जाएंगे। दरअसल, प्रभात खबर, रांची की एक सीनियर टीम सहरसा सदर अस्पताल पहुँची थी। मामला था मिड-डे मील खाने से बीमार हुए करीब 25 बच्चों का, जिनकी जानकारी लेने गए पत्रकार अभिषेक के साथ अस्पताल में बर्बरता की गई। लेकिन जब सीनियर पत्रकारों ने डॉ. एस.के. आजाद से इस मारपीट पर सवाल किया और उन्हें अपनी गलती के लिए माफी मांगने का मौका दिया, तो डॉक्टर साहब का अहंकार सातवें आसमान पर था। कैमरे पर उनका एटीट्यूड देखिए। वो साफ कहते हैं, "I said no, that means no"। पत्रकारों का आरोप है कि अस्पताल परिसर में 25 लोगों की भीड़ ने पत्रकार का गला दबाया और शीशे पर धक्का देकर जानलेवा हमला किया। हद तो तब हो गई जब जनता के सवालों का जवाब देने के बजाय डॉक्टर ने उल्टे पत्रकारों से कह दिया- "हम तुम्हारे बाप हैं"। NEET की परीक्षा पास करके डॉक्टर बनने वाले ये अधिकारी अब पत्रकारों को 'जवाबदेही का सलीका' सिखा रहे हैं। लेकिन जब उनसे 2018 के एक पुराने कांड और इस हालिया गुंडागर्दी पर सवाल पूछा गया, तो उनके पास कोई जवाब नहीं था। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बिहार के अस्पताल अब दबंगों और गुंडों का अड्डा बन गए हैं? क्या सत्ता और प्रशासन के संरक्षण में ऐसे डॉक्टरों को सवालों से बचने का लाइसेंस मिल गया है?1
- बताइए, ये बूढ़ी दादी को 10 साल से पेंशन नहीं मिला है। क्या पता इन 10 साल में कितना चक्कर लगा चुकी होंगी। पर कोई कुछ नहीं किया। अगर ये वीडियो नहीं होता तो शायद कोई जानता भी नहीं। आप क्या सोचते है कमेंट जरूर करें1
- बिहार के दरभंगा जिला के हायाघाट प्रखंड सिधौली पंचायत को लेकर लोग हैं काफी परेशान प्रतिनिधि की बात नहीं सुनते अधिकारी बिहार की दरभंगा जिला के सिधौली पंचायत के वार्ड 678 में एक महीना पूर्व आश्वासन दिया गया था कि काम 10 दिनों में हो जाएगा लेकिन अभी तक सिर्फ नहीं बन कर रह गया जिला परिषद पति अंजनी चौधरी पर युवाओं में काफी आक्रोश लोगों ने कहा 4 साल पहले जब यह हमारे गांव वोट मांगने आए थे तो इन्होंने कहा था मुझे वोट दो या कफन दो लोगों ने जीत कर भेजा लेकिन एक भी काम नहीं किया जो वादा किए थे वह भी भूल गए सिर्फ अपनी विकास को जनता करेगी से क्या मतलब है किसी को क्या जिला परिषद के पास फंड नहीं होते हैं यह मैं नहीं जानता पूछ रही है सवाल चलिए दिखाते हैं पूरा इंटरव्यू1
- 💪 हिम्मत मत हारो! हारकर बैठ जाना आसान है, लेकिन मुश्किलों का डटकर सामना करना ही असली जीत है। मुसीबत चाहे कितनी भी बड़ी हो, हौसला हमेशा उससे बड़ा रखो। ✨ आज की मेहनत ही कल की सफलता बनेगी। ❤️ #Motivation #NeverGiveUp #Himmat #LifeMotivation #Reels1
- रौशन यादव के इंसाफ को मधुबनी में प्रशांत किशोर के नेतृत्व में जन सुराज करेगी SSP कार्यालय का घेराव बोले, युवा नेता रणधीर झा ने राखी अपनी बात1
- Hindu hai ham Sarve Bhawantu Sukhi nah Sarve Santu Niramayah Sarve bhadrani paschantu maa kaschit dukh bhag bhavet. By Daya Dev2
- हिंदुस्तान की आत्मा है हिंदी और विकास आयुक्त मधुबनी जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बताया की हिंदी हिंदुस्तान की रीड है जिसको अलग नहीं किया जा सकता मधुबनी।हिन्दी विकास परिषद एवं जिला राजभाषा कोषांग के संयुक्त तत्वावधान में डी. आर.डी.ए. सभागार में हिन्दी दिवस समारोह-2026 भब्य रूप से मनाया गया कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रजवलित कर उपविकास आयुक्त तुषार कुमार ने किया और कहा कि हिन्दुस्तान की आत्मा है हिन्दी। उन्होने अधिकारियों और कर्मियों से आहवान किया कि शासन प्रशासन के कार्यो में हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग करे। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पं. राजेश ने कहा कि हिन्दी हमारी संस्कृति परम्परा और राष्ट्रीय एकता की सशक्त कड़ी है, उन्होने कहा कि 1985 से ही हिन्दी विकास परिषद जिला प्रशासन के सहयोग से हिन्दी-दिवस भव्य रूप से जिले में मनाई जाती है। समारोह मे वरिष्ठ शिक्षाविद प्रो.जे.पी-सिंह ने कहा कि हिन्दी विश्व की तीसरी सबसे बड़ी भाषा के रूप में स्थापित हो चुकी है। इस अवसर पर अन्य वर्ष की भाँति इस वर्ष भी दो साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। इसमे इस बर्ष हिन्दी दिवस समारोह के अध्यक्ष पं. राजेश रंजन पाण्डेय एवं सुश्री अनुपम झा को प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र देकर "पं. विपिन पाण्डेय हिन्दी सेवा सम्मान" से सम्मानित किया। कार्यक्रम में दो दर्जन से अधिक साहित्य सेवियों, कवियो ने हिन्दी पर अपने विचार एवं काव्य पाठ प्रस्तुत किए उनमें प्रमुख थे- प्रो० नरेन्द्र नारायण सिंह निराला प्रो0 शुभ कुमार वर्णवाल, विजय शंकर पासवान, प्रो0 सोनमवाला अनुपम झा, सुभाष सिनेही, विभा झा, अरविंद प्रसाद, माशुक अंजुम विनय विश्वबंधु, दयानंद झा, आनंद मोहन झा, राणा ब्रजेश, अजय कुमार सिंह, रतीश चंद्र चौधरी, राजेंद्र पासवान, प्रो0 राम दयाल यादव, गोपाल झा, श्वेता कुमारी, विनय विक्रांत, वेदानंद साह, सत्यम पराशर प्रो0 प्रीतम कुमार निषाद. कार्यक्रम का संचालन साहित्य श्री प्रीतम कुमार निषाद ने किया। धन्यवाद ज्ञापन मेराज अहमद ने किया।1
- पूर्णिया में स्विफ्ट-स्कॉर्पियो से 1.22 करोड़ का गांजा बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार खुर्शीद, सोनू, अनंत और अवधेश पुलिस के हत्थे चढ़े एसडीपीओ अभिनव पाराशर ने बड़ा खुलासा किया।देखिये विडिओ सूखा नशा पर कड़ा प्रहार1