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- Post by Etv9 national news1
- बजट पर प्रेस वार्ता के दौरान टोंक को 2 दिन में एक बार पानी मिलने का मुद्दा फिर गरमाया, क्या कहा कैबिनेट मंत्री कन्हैया लाल चौधरी जो की जलदाय मंत्री हैं देखें वीडियो में।1
- Post by Kishan Lal jangid3
- कोटा में महाशिवरात्रि के पर्व पर गीता भवन में...गीता सत्संग आश्रम समिति ,एवं शिव भक्त परिवार के संयुक्त तत्वावधान में गीता भवन स्थित श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में 15 एवं 16 फरवरी को भगवान भोलेनाथ का शिवरात्रि उत्सव बड़े हर्षौल्लास से मनाया जा रहा है ,15 फरवरी को भगवान महादेव जी को हल्दी मेंहदी लगाई जाएगी ,साथ ही साथ चारों प्रहर के रुद्राभिषेक रात्रि 9 बजे से प्रातः 5 बजे तक किया जाएगा ,समिति अध्यक्ष गोवर्धन लाल खंडेलवाल एवं नरेंद्र जैन दमदमा वाले ने बताया कि गीता भवन परिसर को आकर्षक रूप से रंगोली से सजाया जा रहा है , उन्होंने बताया कि 16 फरवरी को शिव बारात , स्वागत वर माला ,शिव पार्वती विवाह , हवन ,आदि विधियां संपादित होंगी , आरती एवं प्रसादी से कार्यक्रम की पूर्णाहुति होगी ।।1
- अपने बच्चों का ध्यान रखें और उन्हें अकेला नहीं छोड़े🙏🏻1
- स्पेशल खबर महाशिवरात्रि आगाज टाइम्स कोटा, राजस्थान महाशिवरात्रि पर आस्था का केंद्र बनेगा कोटा का शिवपुरी धाम, 525 शिवलिंगों के दर्शन का विशेष महत्व कोटा। महाशिवरात्रि के पावन पर्व को लेकर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस अवसर पर कोटा जिले स्थित प्रसिद्ध शिवपुरी धाम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। यह मंदिर थेगड़ा महादेव मंदिर के नाम से भी देशभर में प्रसिद्ध है। मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित 525 शिवलिंग हैं। मंदिर परिसर में एक साथ इतने शिवलिंगों की स्थापना इसे प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विशिष्ट पहचान दिलाती है। मान्यता है कि इन 525 शिवलिंगों के दर्शन मात्र से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। महाशिवरात्रि पर यहां विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव की आराधना करेंगे। पर्व के दिन मंदिर में सुबह से देर रात तक दर्शन का सिलसिला जारी रहता है और भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। शिवपुरी धाम में केवल कोटा ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्राकृतिक वातावरण और हरियाली से घिरा यह स्थल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह स्थान अब पर्यटन के रूप में भी विकसित हो रहा है। विशेष अवसरों और छुट्टियों में यहां मेले जैसा माहौल रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार सच्चे मन से की गई प्रार्थना यहां अवश्य फलदायी होती है।1
- Post by Etv9 national news1
- कोटा में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर छोटी समाध में शिवजी का रुद्राभिषेक, विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होगे1
- रवि सामरिया/उज्जैन/कोटा। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के ब्रह्ममुहूर्त में विशेष भस्म आरती के साथ पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें देशभर से आए भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा और फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय वातावरण में डूब गया। महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए। लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालु “हर हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयघोष करते नजर आए। शहर के प्रमुख मार्गों पर भी पुलिस बल तैनात रहा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा और विश्राम की व्यवस्था की गई। रात्रि जागरण, भजन-कीर्तन और विशेष रुद्राभिषेक के आयोजन के साथ उज्जैन नगरी पूरी तरह भक्तिरस में सराबोर रही। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन बाबा महाकाल के दर्शन और पूजा से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के साथ हजारों श्रद्धालुओं ने महाकाल दरबार में हाजिरी लगाई और प्रदेश सहित देश की खुशहाली की प्रार्थना की।1