Shuru
Apke Nagar Ki App…
कोटा की छोटी समाध में विशेष श्रृंगार संग जलाभिषेक व धार्मिक कार्यक्रमों की धूम कोटा में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर छोटी समाध में शिवजी का रुद्राभिषेक, विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होगे
Mayur times news
कोटा की छोटी समाध में विशेष श्रृंगार संग जलाभिषेक व धार्मिक कार्यक्रमों की धूम कोटा में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर छोटी समाध में शिवजी का रुद्राभिषेक, विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होगे
More news from राजस्थान and nearby areas
- स्पेशल खबर महाशिवरात्रि आगाज टाइम्स कोटा, राजस्थान महाशिवरात्रि पर आस्था का केंद्र बनेगा कोटा का शिवपुरी धाम, 525 शिवलिंगों के दर्शन का विशेष महत्व कोटा। महाशिवरात्रि के पावन पर्व को लेकर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस अवसर पर कोटा जिले स्थित प्रसिद्ध शिवपुरी धाम श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। यह मंदिर थेगड़ा महादेव मंदिर के नाम से भी देशभर में प्रसिद्ध है। मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां स्थापित 525 शिवलिंग हैं। मंदिर परिसर में एक साथ इतने शिवलिंगों की स्थापना इसे प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विशिष्ट पहचान दिलाती है। मान्यता है कि इन 525 शिवलिंगों के दर्शन मात्र से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। महाशिवरात्रि पर यहां विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जल, दूध और बेलपत्र अर्पित कर भगवान शिव की आराधना करेंगे। पर्व के दिन मंदिर में सुबह से देर रात तक दर्शन का सिलसिला जारी रहता है और भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। शिवपुरी धाम में केवल कोटा ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। प्राकृतिक वातावरण और हरियाली से घिरा यह स्थल श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह स्थान अब पर्यटन के रूप में भी विकसित हो रहा है। विशेष अवसरों और छुट्टियों में यहां मेले जैसा माहौल रहता है। स्थानीय लोगों के अनुसार सच्चे मन से की गई प्रार्थना यहां अवश्य फलदायी होती है।1
- कोटा में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर छोटी समाध में शिवजी का रुद्राभिषेक, विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होगे1
- रवि सामरिया/उज्जैन/कोटा। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के ब्रह्ममुहूर्त में विशेष भस्म आरती के साथ पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें देशभर से आए भक्तों ने बाबा महाकाल के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा और फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय वातावरण में डूब गया। महाशिवरात्रि के अवसर पर मंदिर प्रशासन द्वारा सुरक्षा और व्यवस्थाओं के विशेष इंतजाम किए गए। लंबी कतारों में खड़े श्रद्धालु “हर हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयघोष करते नजर आए। शहर के प्रमुख मार्गों पर भी पुलिस बल तैनात रहा और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा और विश्राम की व्यवस्था की गई। रात्रि जागरण, भजन-कीर्तन और विशेष रुद्राभिषेक के आयोजन के साथ उज्जैन नगरी पूरी तरह भक्तिरस में सराबोर रही। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन बाबा महाकाल के दर्शन और पूजा से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के साथ हजारों श्रद्धालुओं ने महाकाल दरबार में हाजिरी लगाई और प्रदेश सहित देश की खुशहाली की प्रार्थना की।1
- Post by VKH NEWS1
- प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद दरा की नाल में जाम की समस्या का कोई समाधान नहीं निकल सका है। शुक्रवार रात से लंबे जाम के कारण 10 किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगने से जाम में फंसे लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।1
- रावतभाटा में शिव परिवार की और से शिवरात्रि की पूर्व संध्या 14 फरवरी 2026 को चारभुजा झालरबावड़ी बप्पा रावल चौराहा से शिव बारात प्रारंभ हुई। बारात में शिव पार्वती की आकर्षक झांकियां, केदारनाथ झांकी, अखाड़ा, अघोरी साधु, आतिशबाजी,ढोल, ड्रोन शूटिंग, आकर्षण का केंद्र रहें। शिव बारात बप्पा रावल चौराहा से मुख्य मार्ग होते हुए एनटीसी चौराहा, बालाराम चौराहा, सिनेमा चौराहा होते हुए कोटा बेरियर गणेश मंदिर पहुंचकर शौभायात्रा का हुआ समापन। इस दौरान जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शौभायात्रा का स्वागत किया गया। साथ ही पुलिस प्रशासन रहा शौभायात्रा मोजूद।1
- बड़गांव। कस्बे में महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर कस्बे में भक्ति और आस्था का संगम देखने को मिला। स्थानीय मंदिर परिसर में आयोजित भव्य रात्रि जागरण (भजन संध्या) में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए। भक्ति का प्रवाह: पूरी रात शिव भजनों और धार्मिक गीतों से गुंजायमान रही। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ वातावरण को शिवमय बना दिया। सजावट और उत्साह: कार्यक्रम स्थल को भगवा गुब्बारों और विशेष रोशनी से आकर्षक रूप से सजाया गया था। महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित होकर भजनों का आनंद लिया। सामुदायिक एकता: जागरण में गांव के युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक एकता को दर्शाता है।2
- Post by VKH NEWS1