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राजस्थान में जाट समुदाय, विशेषकर जाट चौधरी पहचान, को शक्ति, गौरव और सम्मान के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। इन दिनों यह भावना सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड कर रही है, जहाँ लोग अपनी इस पहचान को मज़बूती से दर्शा रहे हैं।
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राजस्थान में जाट समुदाय, विशेषकर जाट चौधरी पहचान, को शक्ति, गौरव और सम्मान के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। इन दिनों यह भावना सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड कर रही है, जहाँ लोग अपनी इस पहचान को मज़बूती से दर्शा रहे हैं।
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- राजस्थान में जाट समुदाय, विशेषकर जाट चौधरी पहचान, को शक्ति, गौरव और सम्मान के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। इन दिनों यह भावना सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड कर रही है, जहाँ लोग अपनी इस पहचान को मज़बूती से दर्शा रहे हैं।1
- श्री कोलायत कपिल सरोवर परिसर में आवारा पशुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे वहाँ आने वाले श्रद्धालु भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। श्रद्धालुओं ने बताया है कि ये आवारा पशु न केवल उनके खाने-पीने का सामान खराब कर देते हैं, बल्कि कपड़ों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इस समस्या को लेकर विशेषकर महिला श्रद्धालुओं ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि धार्मिक स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवारा पशुओं को जल्द से जल्द हटाया जाना चाहिए, ताकि बाहर से आने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके।1
- बीकानेर में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा की पहल पर 'वंदे गंगा, जल संरक्षण जन अभियान' का शुभारंभ किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के पारंपरिक जल संग्रहण स्रोतों का संरक्षण करना, नए स्रोत बनाना और जल संरक्षण के प्रति जन-जन में व्यापक जागरूकता लाना है। श्री गोदारा ने अभियान के शुभारंभ के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इससे आमजन में पानी बचाने की जागरूकता बढ़ी है, और सरकार पूजन, पौधारोपण तथा स्वच्छता अभियान जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लगातार आमजन को जागरूक कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा जल संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कार्य करने की बात कही। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के जल संरक्षण के प्रति व्यापक दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह 12 दिवसीय अभियान 25 मई से 5 जून तक चलेगा। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले वर्ष इस अभियान से प्रदेश के 3 करोड़ 70 लाख लोग जुड़े थे, और इस बार पंजीकरण शुरू होने के पहले ही घंटे में पचास हजार से अधिक लोग इससे जुड़ गए हैं। मुख्य सचिव ने उम्मीद जताई कि इस बार अभियान में गत वर्ष की तुलना में अधिक जनभागीदारी होगी। उन्होंने यह भी बताया कि 12 दिवसीय अभियान के तहत जल संरक्षण स्रोतों का रखरखाव, पौधारोपण, स्वच्छता सहित विभिन्न कार्य किए जाएंगे, और नुक्कड़ नाटकों जैसे माध्यमों से आमजन में जागरूकता के प्रयास किए जाएंगे। मुख्य सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार जल संरक्षण और जन स्वावलंबन के प्रति संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस अभियान में प्रभारी मंत्री, प्रभारी सचिव सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा नहरों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है, और 1 लाख 25 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली संशोधित पार्वती कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना सरकार की अतिमहत्वाकांक्षी योजना है जिस पर कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, अरावली क्षेत्र में सघन पौधारोपण, चारागाह विकास, मृदा संरक्षण, टांका और फार्म पौंड निर्माण जैसे कार्यों के माध्यम से प्रदेश को हरा-भरा बनाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इस अवसर पर बीकानेर पश्चिम विधायक श्री जेठानंद व्यास, प्रभारी सचिव श्री हेमंत गेरा, संभागीय आयुक्त श्री विश्राम मीणा, जिला कलक्टर श्री निशान्त जैन और राजीविका की मिशन निदेशक श्रीमती प्रियंका गोस्वामी भी उपस्थित रहीं।4
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 और 26 मई 2026 को बीकानेर का दौरा करेंगे, जहाँ वे सीमा सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। खबरों के अनुसार, अमित शाह 25 मई की रात बीकानेर पहुँचेंगे और शहर की साफ-सफाई के बीच आज रात दस बजे तक उनके बीकानेर पहुँचने की उम्मीद है। 26 मई को, उनके प्रस्तावित कार्यक्रमों में पाकिस्तान सीमा क्षेत्र की सुरक्षा समीक्षा करना, सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकारियों के साथ बैठक करना और सांचू बॉर्डर पोस्ट का दौरा शामिल है। इस दौरान, मुख्यमंत्री भजनलाल भी कुछ कार्यक्रमों में उनके साथ रह सकते हैं।1
- फलोदी में स्थित कृत्रिम झील का व्यापक विकास किया जाएगा। इस परियोजना के तहत झील का सौंदर्यीकरण करने के साथ-साथ एक नए पार्क, पार्किंग स्थल और एक चौपाटी का निर्माण किया जाएगा। इन विकास कार्यों के पूरा होने के बाद, क्षेत्र की जनता को एक नया और आकर्षक पिकनिक स्थल उपलब्ध होगा।1
- मां गंगा की पूजा और आराधना करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान किया गया है, जिससे परिवार में सुख-शांति बनी रहे।1
- लाठी कस्बे के एक परिवार ने मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है, जहाँ नरपतराम नाई की बेटी किरण ने एक खरगोश के बच्चे को दो महीने तक अपने छोटे भाई की तरह पाला। यह घटना तब शुरू हुई जब गांव के पास आवारा कुत्तों के हमले में एक मादा खरगोश की मौत हो गई, जिसके बाद किरण उस बच्चे को बचाने के लिए अपने घर ले आई। उसने खरगोश के बच्चे को बकरी का दूध पिलाकर उसका लालन-पालन किया। खरगोश का यह बच्चा, जिसका नाम परिवार ने चीकू रखा था, अब दो महीने का हो चुका है और पूरी तरह स्वस्थ होकर चहलकदमी करने लगा है। परिवार के सदस्यों द्वारा समय-समय पर दूध-पानी दिए जाने के कारण चीकू का उनसे इतना गहरा लगाव हो गया था कि वह पूरे दिन उनके आस-पास ही रहता था। यह विशेष बात इसलिए भी है क्योंकि खरगोश आमतौर पर इंसानों के पास आने से भी डरते हैं और आहट सुनते ही भाग जाते हैं, लेकिन चीकू परिवार के सदस्यों के हाथों से दूध पी लेता था और उसका डर पूरी तरह खत्म हो गया था। दो महीने तक उसकी देखभाल करने के बाद, नरपतराम नाई के परिवार को इस बात का डर सताने लगा कि चीकू अब घर से बाहर निकलने लगा है और आवारा कुत्तों के हमले का शिकार हो सकता है। इसी चिंता के चलते उन्होंने वन विभाग कर्मियों को सूचित किया और स्थानीय वन्य जीव प्रेमी विक्रम दर्जी, जयप्रकाश देवड़ा, फुसाराम नाई, चंद्रशेखर पंवार की उपस्थिति में खरगोश के बच्चे को वनरक्षक रमेशसिंह राजपुरोहित सहित वन-विभाग के कर्मियों को सौंप दिया। इस भावनात्मक विदाई के दौरान किरण सहित पूरे परिवार की आंखें भर आईं।1
- कोलायत में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत लव कुश वाटिका में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल में युवा समाजसेवी कन्हैया लाल उपाध्याय ने भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए परिंडे उपलब्ध कराए, वहीं वनपाल महावीर सिंह राठौड़ ने प्रभात फेरी करवाकर नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान, पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष एवं युवा समाजसेवी कन्हैया लाल उपाध्याय ने बताया कि उनका लक्ष्य अगले महीने तक सार्वजनिक स्थानों पर कुल 101 परिंडे लगाना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 45 डिग्री सेल्सियस के उच्च तापमान में पानी की कमी के कारण पक्षी अपनी जान गंवा देते हैं, इसलिए परिंडे लगाने का मुख्य उद्देश्य इन मूक पक्षियों का जीवन बचाना है। कार्यक्रम स्थल पर परिंडे लगाए जाने के साथ-साथ आम जनता में भी उनका वितरण किया गया। वनपाल महावीर सिंह राठौड़ ने लव कुश वाटिका में प्रभात फेरी का आयोजन किया, जिसके दौरान उन्होंने नागरिकों को वाटिका का भ्रमण करवाया और पेड़-पौधों व वन्य जीवों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की अपील की। प्रभात फेरी के दौरान लोगों से आह्वान किया गया कि वे अपने घरों की छतों, बालकनियों और सार्वजनिक स्थानों पर परिंडे लगाएं और उनमें नियमित रूप से पानी भरते रहें। इस पहल का स्थानीय युवाओं ने समर्थन किया और उन्होंने जल संरक्षण व परिंडे लगाने का संकल्प लिया। स्थानीय लोगों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस कार्यक्रम में वन रक्षक मुरारी लाल मीणा, वन रक्षक मदन लाल जल, तकनीकी सहायक हरजीराम, कानाराम, कोच रामावतार सैन, दुर्गपाल सिंह राजवी, भोमराज, घनश्याम सैन, दीपाराम, हेमांग राठौड़, विशाखा सैन सहित कई नागरिक उपस्थित रहे।1