सृजन आर्ट्स में एक दिवसीय कजरी महोत्सव आयोजित, सावन की विरासत है कजरी : वीएस पाठक हिसुआ, नवादा। नगर की प्रसिद्ध सांस्कृतिक संस्था सृजन आर्ट्स सह शकुंतला मेमोरियल म्यूजिक कॉलेज के प्रांगण में कलाकारों द्वारा एक दिवसीय कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन संस्था के संस्थापक शंभू शरण पाठक एवं कलाकारों ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर शंभू शरण पाठक ने कहा कि सावन के झूले और कजरी केवल मनोरंजन के साधन नहीं थे, बल्कि इनके माध्यम से ग्रामीण समाज में आपसी मेल-जोल और सामाजिक एकता भी मजबूत होती थी। महिलाएं और युवतियां एक साथ जुटती थीं, जिससे सामूहिकता की भावना बढ़ती थी। सावन से जुड़े ये आयोजन ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा हुआ करते थे। संस्था के निदेशक विजय शंकर पाठक ने कहा कि सावन माह की महत्वपूर्ण विरासत कजरी और झूला धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। इसे बचाने के लिए नई पीढ़ी के कलाकारों को गांव, स्कूल और कॉलेज स्तर पर कजरी एवं झूला से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। कार्यक्रम का शुभारंभ रिद्धि गुप्ता ने ‘हरे रामा बरसे लागल सवनवा’ गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर किया। इसके बाद पल ने ‘रिमझिम बरसे बदरवा’ गीत पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में पुरुष और महिला कलाकारों की दो टीमें बनाकर कजरी गायन प्रतियोगिता कराई गई। दोनों टीमों ने एक-दूसरे को पछाड़ने का प्रयास किया, लेकिन अंत तक कोई भी टीम विजयी नहीं हो सकी। समापन अवसर पर रूबी बरनवाल ने ‘बरसे-बरसे रे बदरवा, बड़ा डर लागे रे रसिया’ गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं सतीश कुमार ने ‘बरसे-बरसे रे पनिया, खेले राधा रनिया रे रामा’ कजरी प्रस्तुत कर कार्यक्रम का समापन किया। इस दौरान आयुष कुमार, ब्रजकिशोर भारती, फैयाज आलम, सचिन, अंकित कुमार, जैस्मीन कुमारी, सुषमा, निशांत कुमार, रितिका एवं राज सहित अन्य कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में नृत्य प्रशिक्षक पुरुषोत्तम कुमार, संरक्षक गोपाल कुमार सिन्हा, सुजीत कुमार वर्मा, पुष्पलता कुमारी समेत सभी कलाकार मौजूद रहे। सभी ने कजरी और झूला जैसी लोक परंपराओं को संरक्षित करने का संकल्प लिया। सृजन आर्ट्स में एक दिवसीय कजरी महोत्सव आयोजित, सावन की विरासत है कजरी : वीएस पाठक हिसुआ, नवादा। नगर की प्रसिद्ध सांस्कृतिक संस्था सृजन आर्ट्स सह शकुंतला मेमोरियल म्यूजिक कॉलेज के प्रांगण में कलाकारों द्वारा एक दिवसीय कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन संस्था के संस्थापक शंभू शरण पाठक एवं कलाकारों ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर शंभू शरण पाठक ने कहा कि सावन के झूले और कजरी केवल मनोरंजन के साधन नहीं थे, बल्कि इनके माध्यम से ग्रामीण समाज में आपसी मेल-जोल और सामाजिक एकता भी मजबूत होती थी। महिलाएं और युवतियां एक साथ जुटती थीं, जिससे सामूहिकता की भावना बढ़ती थी। सावन से जुड़े ये आयोजन ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा हुआ करते थे। संस्था के निदेशक विजय शंकर पाठक ने कहा कि सावन माह की महत्वपूर्ण विरासत कजरी और झूला धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। इसे बचाने के लिए नई पीढ़ी के कलाकारों को गांव, स्कूल और कॉलेज स्तर पर कजरी एवं झूला से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। कार्यक्रम का शुभारंभ रिद्धि गुप्ता ने ‘हरे रामा बरसे लागल सवनवा’ गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर किया। इसके बाद पल ने ‘रिमझिम बरसे बदरवा’ गीत पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में पुरुष और महिला कलाकारों की दो टीमें बनाकर कजरी गायन प्रतियोगिता कराई गई। दोनों टीमों ने एक-दूसरे को पछाड़ने का प्रयास किया, लेकिन अंत तक कोई भी टीम विजयी नहीं हो सकी। समापन अवसर पर रूबी बरनवाल ने ‘बरसे-बरसे रे बदरवा, बड़ा डर लागे रे रसिया’ गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं सतीश कुमार ने ‘बरसे-बरसे रे पनिया, खेले राधा रनिया रे रामा’ कजरी प्रस्तुत कर कार्यक्रम का समापन किया। इस दौरान आयुष कुमार, ब्रजकिशोर भारती, फैयाज आलम, सचिन, अंकित कुमार, जैस्मीन कुमारी, सुषमा, निशांत कुमार, रितिका एवं राज सहित अन्य कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में नृत्य प्रशिक्षक पुरुषोत्तम कुमार, संरक्षक गोपाल कुमार सिन्हा, सुजीत कुमार वर्मा, पुष्पलता कुमारी समेत सभी कलाकार मौजूद रहे। सभी ने कजरी और झूला जैसी लोक परंपराओं को संरक्षित करने का संकल्प लिया।
सृजन आर्ट्स में एक दिवसीय कजरी महोत्सव आयोजित, सावन की विरासत है कजरी : वीएस पाठक हिसुआ, नवादा। नगर की प्रसिद्ध सांस्कृतिक संस्था सृजन आर्ट्स सह शकुंतला मेमोरियल म्यूजिक कॉलेज के प्रांगण में कलाकारों द्वारा एक दिवसीय कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन संस्था के संस्थापक शंभू शरण पाठक एवं कलाकारों ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर शंभू शरण पाठक ने कहा कि सावन के झूले और कजरी केवल मनोरंजन के साधन नहीं थे, बल्कि इनके माध्यम से ग्रामीण समाज में आपसी मेल-जोल और सामाजिक एकता भी मजबूत होती थी। महिलाएं और युवतियां एक साथ जुटती थीं, जिससे सामूहिकता की भावना बढ़ती थी। सावन से जुड़े ये आयोजन ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा हुआ करते थे। संस्था के निदेशक विजय शंकर पाठक ने कहा कि सावन माह की महत्वपूर्ण विरासत कजरी और झूला धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। इसे बचाने के लिए नई पीढ़ी के कलाकारों को गांव, स्कूल और कॉलेज स्तर पर कजरी एवं झूला से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। कार्यक्रम का शुभारंभ रिद्धि गुप्ता ने ‘हरे रामा बरसे लागल सवनवा’ गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर किया। इसके बाद पल ने ‘रिमझिम बरसे बदरवा’ गीत पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में पुरुष और महिला कलाकारों की दो टीमें बनाकर कजरी गायन प्रतियोगिता कराई गई। दोनों टीमों ने एक-दूसरे को पछाड़ने का प्रयास किया, लेकिन अंत तक कोई भी टीम विजयी नहीं हो सकी। समापन अवसर पर रूबी बरनवाल ने ‘बरसे-बरसे रे बदरवा, बड़ा डर लागे रे रसिया’ गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं सतीश कुमार ने ‘बरसे-बरसे रे पनिया, खेले राधा रनिया रे रामा’ कजरी प्रस्तुत कर कार्यक्रम का समापन किया। इस दौरान आयुष कुमार, ब्रजकिशोर भारती, फैयाज आलम, सचिन, अंकित कुमार, जैस्मीन कुमारी, सुषमा, निशांत कुमार, रितिका एवं राज सहित अन्य कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में नृत्य प्रशिक्षक पुरुषोत्तम कुमार, संरक्षक गोपाल कुमार सिन्हा, सुजीत कुमार वर्मा, पुष्पलता कुमारी समेत सभी कलाकार मौजूद रहे। सभी ने कजरी और झूला जैसी लोक परंपराओं को संरक्षित करने का संकल्प लिया। सृजन आर्ट्स में एक दिवसीय कजरी महोत्सव आयोजित, सावन की विरासत है कजरी : वीएस पाठक हिसुआ, नवादा। नगर की प्रसिद्ध सांस्कृतिक संस्था सृजन आर्ट्स सह शकुंतला मेमोरियल म्यूजिक कॉलेज के प्रांगण में कलाकारों द्वारा एक दिवसीय कजरी महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन संस्था के संस्थापक शंभू शरण पाठक एवं कलाकारों ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर शंभू शरण पाठक ने कहा कि सावन के झूले और कजरी केवल मनोरंजन के साधन नहीं थे, बल्कि इनके माध्यम से ग्रामीण समाज में आपसी मेल-जोल और सामाजिक एकता भी मजबूत होती थी। महिलाएं और युवतियां एक साथ जुटती थीं, जिससे सामूहिकता की भावना बढ़ती थी। सावन से जुड़े ये आयोजन ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा हुआ करते थे। संस्था के निदेशक विजय शंकर पाठक ने कहा कि सावन माह की महत्वपूर्ण विरासत कजरी और झूला धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। इसे बचाने के लिए नई पीढ़ी के कलाकारों को गांव, स्कूल और कॉलेज स्तर पर कजरी एवं झूला से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। कार्यक्रम का शुभारंभ रिद्धि गुप्ता ने ‘हरे रामा बरसे लागल सवनवा’ गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर किया। इसके बाद पल ने ‘रिमझिम बरसे बदरवा’ गीत पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में पुरुष और महिला कलाकारों की दो टीमें बनाकर कजरी गायन प्रतियोगिता कराई गई। दोनों टीमों ने एक-दूसरे को पछाड़ने का प्रयास किया, लेकिन अंत तक कोई भी टीम विजयी नहीं हो सकी। समापन अवसर पर रूबी बरनवाल ने ‘बरसे-बरसे रे बदरवा, बड़ा डर लागे रे रसिया’ गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। वहीं सतीश कुमार ने ‘बरसे-बरसे रे पनिया, खेले राधा रनिया रे रामा’ कजरी प्रस्तुत कर कार्यक्रम का समापन किया। इस दौरान आयुष कुमार, ब्रजकिशोर भारती, फैयाज आलम, सचिन, अंकित कुमार, जैस्मीन कुमारी, सुषमा, निशांत कुमार, रितिका एवं राज सहित अन्य कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में नृत्य प्रशिक्षक पुरुषोत्तम कुमार, संरक्षक गोपाल कुमार सिन्हा, सुजीत कुमार वर्मा, पुष्पलता कुमारी समेत सभी कलाकार मौजूद रहे। सभी ने कजरी और झूला जैसी लोक परंपराओं को संरक्षित करने का संकल्प लिया।
- नवादा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 323 लीटर महुआ शराब जब्त, 7 आरोपी गिरफ्तार; कार भी बरामद नवादा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 323 लीटर महुआ शराब जब्त, 7 आरोपी गिरफ्तार; कार भी बरामद1
- Prashant Kishor का बिहार की बाढ़ पर तंज! 🌊 | बोले—“जैसे रोज सूरज पूर्व में उगता है…” Prashant Kishor का बिहार की बाढ़ पर तंज! 🌊 | बोले—“जैसे रोज सूरज पूर्व में उगता है…” नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद बिहार में संभावित बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट है। इसी बीच Prashant Kishor का एक बयान चर्चा में है। उन्होंने बिहार में बाढ़ की समस्या पर तंज कसते हुए कहा— “जैसे रोज सूरज पूर्व में उगता है, वैसे बिहार में बाढ़ आता है…” 🌊 नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार के सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की जा रही है। #prashantkishor #biharflood #nepalflood #biharnews #floodalert1
- नेपाल में तिब्बत से आई बाढ़ की भयानक तस्वीर, बिहार के कई जिला एलर्ट पर ... नेपाल में तिब्बत से आई बाढ़ की भयानक तस्वीर, बिहार के कई जिला एलर्ट पर ...1
- बिहारशरीफ में ‘तत्पर सेवा’ शुरू, 4 घंटे में उठेगा कूड़ा; पार्षदों ने उठाए सवाल बिहारशरीफ नगर निगम ने नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए ‘तत्पर बिहारशरीफ’ सेवा शुरू की है। इसके तहत कूड़ा जमा होने की शिकायत मिलने पर चार घंटे के अंदर कूड़ा उठाने का लक्ष्य रखा गया है। नागरिक वाट्सऐप, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) के जरिए अपनी शिकायत निगम तक पहुंचा सकेंगे। स्मार्ट सिटी सभागार में हुए शुभारंभ कार्यक्रम में मेयर अनीता देवी, उप मेयर आईशा शाहीन, नगर आयुक्त कृत्यानंद रंजन समेत पार्षद मौजूद रहे। हालांकि, बैठक के दौरान कुछ पार्षदों ने योजना के सफल क्रियान्वयन और चार घंटे में समाधान को लेकर सवाल भी उठाए।1
- वज़ीरगंज मे रेलवे ट्रैक पर दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आने से महिला की मौ/त, सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल वज़ीरगंज मे रेलवे ट्रैक पर दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आने से महिला की मौ/त, सुरक्षा को लेकर उठे गंभीर सवाल वजीरगंज, गया | 27 अगस्त 2026 वजीरगंज थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक रेल हादसे में 45 वर्षीय महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान हेमजा गांव निवासी बिंदु देवी, पति भरत यादव के रूप में हुई है। हादसा रेलवे पोल संख्या 103/13 एवं 103/14 के समीप हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। अचानक हुई इस दर्दनाक घटना से मृतका के परिवार में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूजा के लिए निकली थीं, रास्ते में हुआ हादसा स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, बिंदु देवी गुरुवार को अपने घर से निकली थीं। प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि वह लाइनेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए जा रही थीं। इसी दौरान रेलवे ट्रैक के समीप वह ट्रेन की चपेट में आ गईं। ट्रेन की टक्कर इतनी जोरदार थी कि महिला की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, वह रेलवे ट्रैक के पास किस परिस्थिति में पहुंचीं और हादसा वास्तव में कैसे हुआ, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंची पुलिस हादसे की सूचना मिलने के बाद वजीरगंज थाना की गश्ती टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। गश्ती टीम में शामिल ASI सरजू प्रसाद सिंह ने मौके का जायजा लिया और घटना के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाई। महिला की पहचान होने के बाद पुलिस ने उनके परिजनों को घटना की सूचना दी। जानकारी मिलते ही मायके पक्ष के लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए। मृतका का मायका दक्खिनगांव गांव, थाना वजीरगंज बताया गया है। वहीं, पुलिस ने ससुराल पक्ष के लोगों को भी घटना की जानकारी दे दी। ASI सरजू प्रसाद सिंह के अनुसार, रेलवे पोल संख्या 103/13 एवं 103/14 के पास एक महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हुई है। प्रथम दृष्टया महिला के लाइनेश्वर महादेव की ओर पूजा करने जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। एक हादसा, लेकिन समाज के लिए बड़ा संदेश यह घटना केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति नहीं है, बल्कि रेलवे ट्रैक और उसके आसपास अनावश्यक आवाजाही को लेकर भी गंभीर संदेश देती है। रेलवे ट्रैक आम रास्ता नहीं है। ट्रेन कुछ ही सेकंड में घटनास्थल तक पहुंच जाती है और कई बार सामने मौजूद व्यक्ति को संभलने या हटने का मौका तक नहीं मिलता। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर लोग रेलवे ट्रैक को शॉर्टकट या आने-जाने के रास्ते के रूप में इस्तेमाल करते हैं। धार्मिक स्थलों, खेतों या आसपास के गांवों तक पहुंचने के लिए ट्रैक पार करने की आदत भी कई जगह देखने को मिलती है। ऐसी लापरवाही कभी-कभी पूरे परिवार की खुशियां छीन लेती है। इस घटना से यह संदेश भी स्पष्ट है कि रेलवे ट्रैक पर चलते समय या उसे पार करते समय किसी भी तरह की जल्दबाजी जानलेवा साबित हो सकती है। परिवार के सदस्यों को भी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को रेलवे ट्रैक के खतरों के प्रति जागरूक करना चाहिए। सुरक्षा के प्रति जागरूक होना जरूरी रेलवे प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि जहां ग्रामीण आबादी रेलवे लाइन के आसपास रहती है, वहां लोगों को लगातार जागरूक किया जाए। यदि किसी स्थान पर लोग नियमित रूप से रेलवे ट्रैक पार करते हैं, तो वहां सुरक्षित आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्ते, फुटओवर ब्रिज, अंडरपास या अन्य आवश्यक व्यवस्था पर भी विचार किया जाना चाहिए। वहीं आम लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वे रेलवे ट्रैक को रास्ता न समझें और किसी भी परिस्थिति में अपनी जान जोखिम में न डालें। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ बिंदु देवी की मौत ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। एक महिला के अचानक चले जाने से परिवार के सामने भावनात्मक पीड़ा के साथ-साथ भविष्य की कई चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं। फिलहाल पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला रेलवे ट्रैक तक किन परिस्थितियों में पहुंचीं और हादसा किस प्रकार हुआ। यह घटना एक बार फिर हमें याद दिलाती है कि जिंदगी अनमोल है। कुछ मिनट बचाने के लिए रेलवे ट्रैक का रास्ता चुनना कभी भी जिंदगी भर का दुख दे सकता है। इसलिए सावधानी बरतें, रेलवे ट्रैक से दूरी बनाए रखें और अपने साथ-साथ अपने परिवार को भी सुरक्षित रखें।1
- *PK ने मिथिलेश तिवारी के बयान पर कसा तंज, बोले- अगर शिक्षा मंत्री ने तेजस्वी यादव को 10वीं पास करने का सुझाव दिया है तो अगली कैबिनेट की बैठक में CM सम्राट चौधरी को भी सुझाव दें कि 10वीं पास करें* *छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर PK का बड़ा बयान, कहा- 2-3 महीने में आप लोकतंत्र की ताकत देख रहे हैं, इसी बिहार में पिछले 3-4 वर्षों में जितनी बार कोई प्रदर्शन करने आया है उस पर लाठी चली है, आज कम से कम लाठी चलाने से पहले सरकार-प्रशासन दो बार सोच रहा है, छात्रों की मांग जायज, सरकार उसे माने*1
- Viral Gen Alfa Boy Aditya Raj पहुंचे High Court! ⚖️ | Bihar Police पर केस का दावा पटना प्रोटेस्ट के दौरान वायरल हुए Gen Alfa Aditya Raj अब हाईकोर्ट पहुंचे हैं। वायरल पोस्ट में दावा किया गया है कि वह Bihar Police के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं। मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। आगे इस केस में क्या होता है, इस पर सबकी नजर बनी हुई है। 👀1
- अगारपर में मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, अर्धनिर्मित राइफल समेत सामान बरामद नालंदा के करायपरसुराय थाना क्षेत्र के अगारपर गांव में पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण के ठिकाने का खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान मिट्टी और बालू में छिपाकर रखा गया अर्धनिर्मित राइफल, छह बैरल, मैगजीन समेत हथियार बनाने के 24 प्रकार के सामान और औजार बरामद किए गए। पुलिस ने मौके से रंजीत बिन्द को गिरफ्तार कर प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच और आगे की कार्रवाई जारी है।1
- *PK ने मिथिलेश तिवारी के बयान पर कसा तंज, बोले- अगर शिक्षा मंत्री ने तेजस्वी यादव को 10वीं पास करने का सुझाव दिया है तो अगली कैबिनेट की बैठक में CM सम्राट चौधरी को भी सुझाव दें कि 10वीं पास करें* *छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर PK का बड़ा बयान, कहा- 2-3 महीने में आप लोकतंत्र की ताकत देख रहे हैं, इसी बिहार में पिछले 3-4 वर्षों में जितनी बार कोई प्रदर्शन करने आया है उस पर लाठी चली है, आज कम से कम लाठी चलाने से पहले सरकार-प्रशासन दो बार सोच रहा है, छात्रों की मांग जायज, सरकार उसे माने* *PK ने मिथिलेश तिवारी के बयान पर कसा तंज, बोले- अगर शिक्षा मंत्री ने तेजस्वी यादव को 10वीं पास करने का सुझाव दिया है तो अगली कैबिनेट की बैठक में CM सम्राट चौधरी को भी सुझाव दें कि 10वीं पास करें* *छात्रों पर हुए लाठीचार्ज पर PK का बड़ा बयान, कहा- 2-3 महीने में आप लोकतंत्र की ताकत देख रहे हैं, इसी बिहार में पिछले 3-4 वर्षों में जितनी बार कोई प्रदर्शन करने आया है उस पर लाठी चली है, आज कम से कम लाठी चलाने से पहले सरकार-प्रशासन दो बार सोच रहा है, छात्रों की मांग जायज, सरकार उसे माने*1