पाइप वाली पुलिया नहीं, ब्रिज वाली पुलिया की मांग पर भूमि पूजन रोका गुना। वार्ड क्रमांक 7 और 12 को जोड़ने वाली ईदगाह बाड़ी की पुलिया के निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि पूजन का वार्डवासियों ने विरोध करते हुए इसे रोक दिया। वार्डवासियों का कहना है कि यहां छोटी पाइप वाली पुलिया की आवश्यकता नहीं है, बल्कि आवागमन की सुविधा को देखते हुए ब्रिज वाली पुलिया का निर्माण कराया जाना चाहिए। वार्डवासियों ने मौके पर अपनी मांग रखते हुए कहा कि क्षेत्र में पर्याप्त और सुरक्षित आवागमन के लिए मजबूत ब्रिज का निर्माण जरूरी है। उनका कहना है कि पाइप वाली पुलिया बनने से भविष्य में जल निकासी और आवागमन को लेकर परेशानी हो सकती है। वार्डवासियों के विरोध के बाद भूमि पूजन का कार्यक्रम रोक दिया गया। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सविता अरविंद गुप्ता सहित संबंधित जनप्रतिनिधियों के समक्ष वार्डवासियों ने अपनी मांग रखी और ब्रिज वाली पुलिया बनाने की मांग की।
पाइप वाली पुलिया नहीं, ब्रिज वाली पुलिया की मांग पर भूमि पूजन रोका गुना। वार्ड क्रमांक 7 और 12 को जोड़ने वाली ईदगाह बाड़ी की पुलिया के निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि पूजन का वार्डवासियों ने विरोध करते हुए इसे रोक दिया। वार्डवासियों का कहना है कि यहां छोटी पाइप वाली पुलिया की आवश्यकता नहीं है, बल्कि आवागमन की सुविधा को देखते हुए ब्रिज वाली पुलिया का निर्माण कराया जाना चाहिए। वार्डवासियों ने मौके पर अपनी मांग रखते हुए कहा कि क्षेत्र में पर्याप्त और सुरक्षित आवागमन के लिए मजबूत ब्रिज का निर्माण जरूरी है। उनका कहना है कि पाइप वाली पुलिया बनने से भविष्य में जल निकासी और आवागमन को लेकर परेशानी हो सकती है। वार्डवासियों के विरोध के बाद भूमि पूजन का कार्यक्रम रोक दिया गया। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सविता अरविंद गुप्ता सहित संबंधित जनप्रतिनिधियों के समक्ष वार्डवासियों ने अपनी मांग रखी और ब्रिज वाली पुलिया बनाने की मांग की।
- 19 फीट का सरकारी नाला सिमट कर रह गया दो फीट, पांच फीट पानी में कैद हुआ परिवार 19 फीट का सरकारी नाला सिमट कर रह गया दो फीट, पांच फीट पानी में कैद हुआ परिवार 48 घंटे की बारिश से पांच फीट तक भरा पानी, घरों में कैद हुए परिवार; रेस्क्यू के लिए पहुंची फायर ब्रिगेड और पुलिस, महिला पुलिसकर्मी न होने पर महिलाओं ने जाने से किया इनकार कन्नौज संवाददाता। 48 घंटे से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने ठठिया कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। छह गांवों और सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि से बारिश का पानी निकालने वाला करीब 19 फीट चौड़ा सरकारी नाला अतिक्रमण और उपेक्षा के कारण कई स्थानों पर महज दो से तीन फीट चौड़ा रह गया है। नाले की जमीन पर कथित कब्जों के कारण बारिश का पानी नाले से निकलने के बजाय गलियों, सड़कों और खेतों में फैल रहा है। इसके चलते टिकौरियनपुर्वा मोहल्ले में जलभराव की स्थिति विकराल हो गई है। गुरुवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण टिकौरियनपुर्वा मोहल्ले में करीब पांच फीट तक पानी भर गया। लवकुश इंटर कॉलेज जाने वाला करीब 300 मीटर रास्ता पूरी तरह पानी में डूब गया। जलभराव के कारण विनोद सविता और आयुष सिंह बघेल के परिवार पिछले 48 घंटे से अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं। मकान अपेक्षाकृत ऊंचे स्थान पर बने होने के बावजूद घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया है। घरों के चारों ओर करीब पांच फीट पानी भरने से पूरा इलाका तालाब में तब्दील नजर आ रहा है। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान लगातार पानी भरे रहने से बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों के सामने सबसे अधिक परेशानी खड़ी हो गई है। घरों से बाहर निकलने का रास्ता बंद होने के कारण खाने-पीने की सामग्री की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। परेशान परिवारों ने प्रशासन से मदद और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की गुहार लगाई है। पुलिस और फायर ब्रिगेड पहुंची, पानी में उतरकर किया रेस्क्यू का प्रयास सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड के कर्मचारी और ठठिया थाना प्रभारी संजीव कुमार पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। जलभराव की गंभीरता को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने अपने कपड़े उतारकर पानी में उतरते हुए और तैरकर पानी से घिरे परिवारों तक पहुंचने का प्रयास किया। पुलिसकर्मी काफी देर तक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए समझाते रहे। हालांकि, विनोद सविता और आयुष सिंह बघेल के घरों में मौजूद महिलाओं ने महिला पुलिसकर्मी के साथ न होने की बात कहते हुए पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ जाने से इनकार कर दिया। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि महिला पुलिसकर्मी के बिना वे घर छोड़कर नहीं जाएंगी। पुलिसकर्मियों ने उन्हें काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं तैयार नहीं हुईं। इसके बाद फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम को वापस लौटना पड़ा। ऊंची सड़क भी नहीं दिला सकी राहत मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सड़क आसपास के क्षेत्र से ऊंची होने के बावजूद करीब 300 मीटर तक पानी भरा हुआ है। पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण लोग उस रास्ते से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नाले की सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई समय रहते हुई होती तो बारिश के दौरान हालात इतने भयावह नहीं होते। लगातार बारिश के बीच टिकौरियनपुर्वा में जलभराव ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। लोगों ने जल निकासी की तत्काल व्यवस्था कराने, नाले से अतिक्रमण हटाने और पानी में फंसे परिवारों तक खाद्य सामग्री व राहत पहुंचाने की मांग की है।1
- एक बाइक पर जान जोखिम में डालकर कई युवक दिखे सबार, इन पर चढ़ रहा है मस्ती का खुमार.. #AMUPDATE एक बाइक पर जान जोखिम में डालकर कई युवक दिखे सबार, इन पर चढ़ रहा है मस्ती का खुमार.. ➡️ एटा- जीटी रोड़ पर अलीगंज चुंगी के पास का वीडियो है जिसमे देखा जा सकता है कि शुक्रवार की देर रात्रि बारिश के मौसम में एक बाइक पर 5 से अधिक युवक सबार हैं और एक दूसरे को किस प्रकार पकड़े हुए हैं, इन्हे अपनी जान की कोई परवाह नहीं है.. ➡️ यह दृश्य पीछे जा रहे कार वाले ने अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया.. ➡️ एटा पुलिस जल्द ही इसका संज्ञान लें, युवा अपनी जान की परवाह किये बाइक पर इस प्रकार के स्टंट करते हैं इससे कभी कोई बड़ी घटना हो सकती है.. #virl #etah #etahcity #bikestunt #etahupdate #etahpolice #amupdate #bikelover1
- नमस्कार साथियों, मैं हूँ मानव पत्रकार और आप देख रहे हैं भारत मानव 24 न्यूज़। इस वक्त हम आपको जनपद एटा के गांव पिवारी लाइव तस्वीरें दिखा रहे हैं। यहां मौसम लगातार खराब बना हुआ है और करीब 18 घंटे से लगातार बारिश होने की बात सामने आ रही है। बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल रही हैं, जिससे ग्रामीणों और किसानों की परेशानी बढ़ गई है। बारिश का असर गांव और खेतों पर भी दिखाई दे रहा है। आप बने रहिए भारत मानव 24 न्यूज़ के साथ। मैं आपको लगातार मौके से हर अपडेट और लाइव खबर दिखाता रहूंगा। चैनल को सब्सक्राइब करें, बेल आइकन जरूर दबाएं और हमारे सभी सोशल मीडिया पेजों को फॉलो करें। वीडियो देखकर कमेंट में बताएं—आपके क्षेत्र में बारिश और मौसम का क्या हाल है? भारत मानव 24 न्यूज़ — सच के साथ, जनता की आवाज़। नमस्कार साथियों, मैं हूँ मानव पत्रकार और आप देख रहे हैं भारत मानव 24 न्यूज़। इस वक्त हम आपको जनपद एटा के गांव पिवारी लाइव तस्वीरें दिखा रहे हैं। यहां मौसम लगातार खराब बना हुआ है और करीब 18 घंटे से लगातार बारिश होने की बात सामने आ रही है। बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल रही हैं, जिससे ग्रामीणों और किसानों की परेशानी बढ़ गई है। बारिश का असर गांव और खेतों पर भी दिखाई दे रहा है। आप बने रहिए भारत मानव 24 न्यूज़ के साथ। मैं आपको लगातार मौके से हर अपडेट और लाइव खबर दिखाता रहूंगा। चैनल को सब्सक्राइब करें, बेल आइकन जरूर दबाएं और हमारे सभी सोशल मीडिया पेजों को फॉलो करें। वीडियो देखकर कमेंट में बताएं—आपके क्षेत्र में बारिश और मौसम का क्या हाल है? भारत मानव 24 न्यूज़ — सच के साथ, जनता की आवाज़।1
- बारिश और तेज हवा से गिरी धान की फसल, किसान मायूस हरदोई में दो दिनों से लगातार तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है शाहाबाद तहसील क्षेत्र समेत सैकड़ों गांवों में तेज हवा के कारण सैकड़ो हजारों बीघा खड़ी धान की फसल खेतों में गिरकर बिछ गई है, और खेतों में पानी भर गया। हालांकि इस बारिश से किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है।1
- बिग ब्रेकिंग न्यूज़ मुरादाबाद में डालडा घी लादकर जा रहा टैंकर पलट गया। इसके बाद सारा घी दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर फैल गया। जिसे भी पता चला वह डिब्बा-बाल्टी लेकर बटोरने दौड़ पड़ा।1
- hamare jaha bhagban gadpati baba ko padhara ja raha he our dekhe bhari se bhari sankya me padharne ja rahe he1
- बारिश से गिरा कच्चा मकान, मलबे में दबी बकरियां और भैंस,18 जानवरों की मौत बारिश से गिरा कच्चा मकान, मलबे में दबी बकरियां और भैंस, 18 की मौत, चरमराईं व्यवस्थाएं कन्नौज। चक्रवाती तूफान अर्नब के कहर से बीते शुक्रवार की सुबह से जारी बरसात ने जिले में कई व्यवस्थाओं को ध्वस्थ करके रख दिया। बारिश के चलते जिले में जहां एक कच्चा मकान गिरने से उसमें मौजूद 17 बकरियों की मौत हो गई, वहीं जनमानस को कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ा। बताते चलें कि, बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब के गहरे अवदाब के असर से जाता हुआ मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया,वहीं इसके असर से बीते शुक्रवार की सुबह से लगातार जारी बारिश ने जनजीवन को अस्त व्यक्त करके रख दिया। शनिवार को सदर कोतवाली के गांव कीरतपुर में एक कच्चा मकान भरभरा कर गिर गया। जिसके मकान में मौजूद 35 बकरियां भी मलबे में दब गईं। मामले की जानकारी मकान स्वामी और आसपास के ग्रामीणों को हुई तो लोग मदद को दौड़ पड़े। कड़ी मशक्कत के बाद जहां मलबे में दबी 18 बकरियों को बचा लिया गया वहीं 17 बकरियों की मौत हो गई। बात दें कि गांव के रहने वाले खलील बकरी पालन का कार्य करते हैं, दो बजे के करीब घटित हादसे में बकरियों की मौत के बाद खलील के सामने संकट पैदा हो गया। खलील के मुताबिक एक बकरी की कीमत बीस हजार रुपए थी। बारिश के कारण 33 केवी विद्युत लाइन में फाल्ट आने से शुक्रवार की देर रात तिर्वा नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था ध्वस्थ हो गई वहीं बिजली आपूर्ति शनिवार की देर सायं बहाल नहीं हो सकी थी। करीब 20 घंटे बिजली के लगातार बाधित रहने की समस्या से लोगों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा। पीने के पानी से लेकर बिजली संचालित कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हुए। बारिश के कारण बाजारों में शनिवार की सुबह से देर सायं तक सन्नाटा सा नजर आया। जरूरी कार्य से ही इक्का दुक्का लोग ही सड़कों पर रेंगते नजर आए। लगातार जारी बारिश के मंजर की बात करें तो जहां कई सड़कों और गलियों पर पानी ही पानी नजर आया वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में तो लोग निकलने को भी परेशान रहे। तिर्वा कन्नौज मार्ग पर तो तिर्वा नगर में ही सड़कों पर कई जगह हो चुके गड्ढों पर कई वाहन चालक गिरते पड़ते नजर आए। बारिश का पानी के दुकानों और घरों में घुसने से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रोजमर्रा से अपनी जीविका चलाने वाले कामगार भी बारिश के कारण परेशान नजर आए। कुल मिलकर कहा जाए तो बीते शुक्रवार की सुबह से जारी लगातार बारिश ने जिले के तिर्वा सहित गुरसहायगंज, छिबरामऊ, कन्नौज शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में अव्यवस्था का आलम पैदा कर दिया।1
- ज्ञानेश कुमार को लेकर CJP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रखीं 3 प्रमुख मांगें। CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत चुनाव और SIR प्रक्रिया से जुड़ी मांगें रखीं। 🔴 CJP की 3 मांगें: 1️⃣ ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और कार्रवाई की जाए। 2️⃣ आगामी चुनावों पर रोक व SIR प्रक्रिया को रोकने की मांग। 3️⃣ चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून में बदलाव/पुनर्विचार की मांग। 📍 BHARAT MANAV 24 NEWS सच के साथ, जनता की आवाज़ #BharatManav24News #BreakingNews #GyaneshKumar #CJP #ElectionCommission #SIR #IndiaNews #HindiNews Instagram Caption BHARAT MANAV 24 NEWS 📰 ज्ञानेश कुमार को लेकर CJP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रखीं 3 प्रमुख मांगें। CJP ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत चुनाव और SIR प्रक्रिया से जुड़ी मांगें रखीं। 🔴 CJP की 3 मांगें: 1️⃣ ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और कार्रवाई की जाए। 2️⃣ आगामी चुनावों पर रोक व SIR प्रक्रिया को रोकने की मांग। 3️⃣ चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून में बदलाव/पुनर्विचार की मांग। 📍 BHARAT MANAV 24 NEWS सच के साथ, जनता की आवाज़ #BharatManav24News #BreakingNews #GyaneshKumar #CJP #ElectionCommission #SIR #IndiaNews #HindiNews #LatestNews #NewsUpdate #ViralNews #InstagramNews पोस्ट को और असरदार बनाएं1
- मेडिकल कॉलेज में डीएम का आकस्मिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश एटा, 25 सितंबर। जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने शुक्रवार को जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति परखने के लिए वीरांगना अवंतीबाई लोधी मेडिकल कॉलेज का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने पंजीयन कक्ष, विभिन्न चिकित्सा वार्डों, पैथोलॉजी, अल्ट्रासाउंड सेंटर, सीटी स्कैन, डायलिसिस यूनिट, इमरजेंसी, आईसीयू, पीडियाट्रिक्स वार्ड और मेडिकल कॉलेज की रसोई सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पंजीयन कक्ष पहुंचकर पंजीकृत मरीजों की संख्या और विवरण की जानकारी ली। उन्होंने आभा आधारित डिजिटल ओपीडी पंजीकरण व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा पात्र मरीजों का पंजीकरण ऑनलाइन दर्ज करने के निर्देश दिए। अल्ट्रासाउंड सेंटर के निरीक्षण के दौरान दोपहर तक ही सेवा संचालित होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सीटी स्कैन की सुविधा नियमित रूप से संचालित की जा रही है, उसी प्रकार पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड सेवाएं भी निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार नियमित रूप से संचालित होनी चाहिए। जांच रिपोर्ट भी मरीजों को समय से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मरीजों से सीधे लिया स्वास्थ्य सेवाओं का फीडबैक जिलाधिकारी ने फीमेल सर्जिकल, मेल सर्जिकल, पोस्ट ऑपरेटिव, फीमेल, ऑर्थो, पीडियाट्रिक्स, इमरजेंसी और आईसीयू सहित विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे बातचीत कर अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। दवाओं की उपलब्धता, भोजन, चिकित्सकों की नियमित विजिट और जांच सुविधाओं के बारे में भी मरीजों से फीडबैक लिया। सीटी स्कैन सेवा के संबंध में जिलाधिकारी ने एक मरीज के परिजन से पूछा कि जांच के लिए किसी प्रकार की धनराशि तो नहीं ली गई। परिजन द्वारा धनराशि नहीं लिए जाने की जानकारी देने पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और शासन के निर्धारित प्रावधानों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए। साफ-सफाई और मरीजों की सुविधा पर जोर जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को सभी वार्डों में बेहतर साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा मानकों और निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप ही कार्य किया जाए। मरीजों को उपचार, जांच या दवाओं के लिए अनावश्यक रूप से इधर-उधर न भटकना पड़े, इसके लिए कर्मचारियों की जिम्मेदारी स्पष्ट करते हुए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाए। डायलिसिस यूनिट के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने भवन की स्थिति की जानकारी ली। दीवारों में आ रही समस्याओं के संबंध में जानकारी लेते हुए उन्होंने शासन को भेजी गई संबंधित पत्रावली तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि डायलिसिस यूनिट को शीघ्र मेडिकल कॉलेज के नए भवन में स्थानांतरित करने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सके। उन्होंने कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस से पत्राचार कर भवन में हुई टूट-फूट और अन्य तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान कराने को भी कहा। भोजन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था भी परखी मेडिकल कॉलेज की रसोई का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, मात्रा और स्वच्छता की जानकारी ली। उन्होंने निर्धारित मानकों के अनुसार खाद्य पदार्थ तैयार कर सुरक्षित एवं स्वच्छ तरीके से मरीजों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने भोजन वितरण रजिस्टर का भी अवलोकन किया और यह जानकारी ली कि जिन मरीजों के नाम पर भोजन वितरित किया जा रहा है, वे वास्तव में संबंधित वार्डों में भर्ती हैं या नहीं। भोजन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की अनियमितता न होने देने के निर्देश दिए। मेडिको-लीगल रिपोर्ट में निष्पक्षता के निर्देश इमरजेंसी वार्ड के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर को दुर्घटना एवं अन्य मेडिको-लीगल मामलों में तैयार की जाने वाली मेडिकल रिपोर्ट को तथ्यात्मक, निष्पक्ष और स्पष्ट रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीज की चोटों का सही आकलन किया जाए तथा रिपोर्ट तैयार करते समय किसी प्रकार का पक्षपात न हो। निर्धारित चिकित्सा मानकों और नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी एम. अरुन्मोली ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाएं जनपदवासियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। स्वास्थ्य सीधे व्यक्ति के जीवन से जुड़ा विषय है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मरीजों को शासन की गाइडलाइन और निर्धारित चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। उन्होंने चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ से मरीजों के साथ आत्मीयता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ व्यवहार करने को कहा। उन्होंने कहा कि बीमार व्यक्ति और उसके परिजन पहले से ही कठिन परिस्थिति में होते हैं, इसलिए उनके साथ सहानुभूतिपूर्ण और सहयोगात्मक व्यवहार किया जाना चाहिए।4