19 फीट का सरकारी नाला सिमट कर रह गया दो फीट, पांच फीट पानी में कैद हुआ परिवार 19 फीट का सरकारी नाला सिमट कर रह गया दो फीट, पांच फीट पानी में कैद हुआ परिवार 48 घंटे की बारिश से पांच फीट तक भरा पानी, घरों में कैद हुए परिवार; रेस्क्यू के लिए पहुंची फायर ब्रिगेड और पुलिस, महिला पुलिसकर्मी न होने पर महिलाओं ने जाने से किया इनकार कन्नौज संवाददाता। 48 घंटे से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने ठठिया कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। छह गांवों और सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि से बारिश का पानी निकालने वाला करीब 19 फीट चौड़ा सरकारी नाला अतिक्रमण और उपेक्षा के कारण कई स्थानों पर महज दो से तीन फीट चौड़ा रह गया है। नाले की जमीन पर कथित कब्जों के कारण बारिश का पानी नाले से निकलने के बजाय गलियों, सड़कों और खेतों में फैल रहा है। इसके चलते टिकौरियनपुर्वा मोहल्ले में जलभराव की स्थिति विकराल हो गई है। गुरुवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण टिकौरियनपुर्वा मोहल्ले में करीब पांच फीट तक पानी भर गया। लवकुश इंटर कॉलेज जाने वाला करीब 300 मीटर रास्ता पूरी तरह पानी में डूब गया। जलभराव के कारण विनोद सविता और आयुष सिंह बघेल के परिवार पिछले 48 घंटे से अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं। मकान अपेक्षाकृत ऊंचे स्थान पर बने होने के बावजूद घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया है। घरों के चारों ओर करीब पांच फीट पानी भरने से पूरा इलाका तालाब में तब्दील नजर आ रहा है। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान लगातार पानी भरे रहने से बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों के सामने सबसे अधिक परेशानी खड़ी हो गई है। घरों से बाहर निकलने का रास्ता बंद होने के कारण खाने-पीने की सामग्री की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। परेशान परिवारों ने प्रशासन से मदद और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की गुहार लगाई है। पुलिस और फायर ब्रिगेड पहुंची, पानी में उतरकर किया रेस्क्यू का प्रयास सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड के कर्मचारी और ठठिया थाना प्रभारी संजीव कुमार पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। जलभराव की गंभीरता को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने अपने कपड़े उतारकर पानी में उतरते हुए और तैरकर पानी से घिरे परिवारों तक पहुंचने का प्रयास किया। पुलिसकर्मी काफी देर तक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए समझाते रहे। हालांकि, विनोद सविता और आयुष सिंह बघेल के घरों में मौजूद महिलाओं ने महिला पुलिसकर्मी के साथ न होने की बात कहते हुए पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ जाने से इनकार कर दिया। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि महिला पुलिसकर्मी के बिना वे घर छोड़कर नहीं जाएंगी। पुलिसकर्मियों ने उन्हें काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं तैयार नहीं हुईं। इसके बाद फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम को वापस लौटना पड़ा। ऊंची सड़क भी नहीं दिला सकी राहत मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सड़क आसपास के क्षेत्र से ऊंची होने के बावजूद करीब 300 मीटर तक पानी भरा हुआ है। पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण लोग उस रास्ते से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नाले की सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई समय रहते हुई होती तो बारिश के दौरान हालात इतने भयावह नहीं होते। लगातार बारिश के बीच टिकौरियनपुर्वा में जलभराव ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। लोगों ने जल निकासी की तत्काल व्यवस्था कराने, नाले से अतिक्रमण हटाने और पानी में फंसे परिवारों तक खाद्य सामग्री व राहत पहुंचाने की मांग की है।
19 फीट का सरकारी नाला सिमट कर रह गया दो फीट, पांच फीट पानी में कैद हुआ परिवार 19 फीट का सरकारी नाला सिमट कर रह गया दो फीट, पांच फीट पानी में कैद हुआ परिवार 48 घंटे की बारिश से पांच फीट तक भरा पानी, घरों में कैद हुए परिवार; रेस्क्यू के लिए पहुंची फायर ब्रिगेड और पुलिस, महिला पुलिसकर्मी न होने पर महिलाओं ने जाने से किया इनकार कन्नौज संवाददाता। 48 घंटे से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने ठठिया कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। छह गांवों और सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि से बारिश का पानी निकालने वाला करीब 19 फीट चौड़ा सरकारी नाला अतिक्रमण और उपेक्षा के कारण कई स्थानों पर महज दो से तीन फीट चौड़ा रह गया है। नाले की जमीन पर कथित कब्जों के कारण बारिश का पानी नाले से निकलने के बजाय गलियों, सड़कों और खेतों में फैल रहा है। इसके चलते टिकौरियनपुर्वा मोहल्ले में जलभराव की स्थिति विकराल हो गई है। गुरुवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण टिकौरियनपुर्वा मोहल्ले में करीब पांच फीट तक पानी भर गया। लवकुश इंटर कॉलेज जाने वाला करीब 300 मीटर रास्ता पूरी तरह पानी में डूब गया। जलभराव के कारण विनोद सविता और आयुष सिंह बघेल के परिवार पिछले 48 घंटे से अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं। मकान अपेक्षाकृत ऊंचे स्थान पर बने होने के बावजूद घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया है। घरों के चारों ओर करीब पांच फीट पानी भरने से पूरा इलाका तालाब में तब्दील नजर आ रहा है। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान लगातार पानी भरे रहने से बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों के सामने सबसे अधिक परेशानी खड़ी हो गई है। घरों से बाहर निकलने का रास्ता बंद होने के कारण खाने-पीने की सामग्री की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। परेशान परिवारों ने प्रशासन से मदद और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की गुहार लगाई है। पुलिस और फायर ब्रिगेड पहुंची, पानी में उतरकर किया रेस्क्यू का प्रयास सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड के कर्मचारी और ठठिया थाना प्रभारी संजीव कुमार पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। जलभराव की गंभीरता को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने अपने कपड़े उतारकर पानी में उतरते हुए और तैरकर पानी से घिरे परिवारों तक पहुंचने का प्रयास किया। पुलिसकर्मी काफी देर तक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए समझाते रहे। हालांकि, विनोद सविता और आयुष सिंह बघेल के घरों में मौजूद महिलाओं ने महिला पुलिसकर्मी के साथ न होने की बात कहते हुए पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ जाने से इनकार कर दिया। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि महिला पुलिसकर्मी के बिना वे घर छोड़कर नहीं जाएंगी। पुलिसकर्मियों ने उन्हें काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं तैयार नहीं हुईं। इसके बाद फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम को वापस लौटना पड़ा। ऊंची सड़क भी नहीं दिला सकी राहत मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सड़क आसपास के क्षेत्र से ऊंची होने के बावजूद करीब 300 मीटर तक पानी भरा हुआ है। पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण लोग उस रास्ते से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नाले की सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई समय रहते हुई होती तो बारिश के दौरान हालात इतने भयावह नहीं होते। लगातार बारिश के बीच टिकौरियनपुर्वा में जलभराव ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। लोगों ने जल निकासी की तत्काल व्यवस्था कराने, नाले से अतिक्रमण हटाने और पानी में फंसे परिवारों तक खाद्य सामग्री व राहत पहुंचाने की मांग की है।
- बारिश में कच्चा मकान ढहा परिवार बाल बाल बचा,सौ साल पुराना पीपल का पेड़ गिरा मूसलाधार बारिश में कच्चा मकान ढहा, परिवार बाल-बाल बचा इनायतपुर में 100 साल पुराना पीपल का पेड़ भी चबूतरे समेत उखड़ा ठठिया संवाददाता। क्षेत्र में 48 घंटे से अधिक समय से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के चलते कच्चे मकानों और पुराने पेड़ों पर भी खतरा मंडराने लगा है। इनायतपुर गांव में बारिश के कारण एक कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य मकान के बाहर बैठे थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि मकान गिरने से परिवार के सामने रहने और गृहस्थी बचाने का संकट खड़ा हो गया है। इनायतपुर निवासी योगेश कुमार पुत्र श्रीकृष्ण ने बताया कि लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण परिवार के लोग मकान के अंदर रहने के बजाय बाहर बैठे हुए थे। दोपहर के समय अचानक उनके मकान की एक छत भरभराकर गिर गई। परिवार के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले शाम को मकान की दूसरी छत भी ढह गई। देखते ही देखते बारिश ने उनका आशियाना उजाड़ दिया। मकान गिरने से परिवार का घरेलू सामान भी प्रभावित हुआ है। योगेश कुमार के मुताबिक, मकान गिरने के बाद परिवार के सामने रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। फिलहाल परिवार के लोग छप्पर के नीचे पॉलिथीन डालकर किसी तरह रात गुजारने को मजबूर हैं। लगातार बारिश के बीच परिवार को खुले आसमान और पॉलिथीन के सहारे रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की स्थिति का जायजा लेकर आर्थिक मदद और रहने की व्यवस्था कराने की मांग की है। इसी गांव में लगातार बारिश और तेज हवाओं के बीच करीब 100 साल पुराना पीपल का पेड़ भी पक्के चबूतरे समेत जड़ से उखड़कर जमीन पर जा गिरा। पेड़ गिरने से आसपास हड़कंप मच गया। हालांकि गनीमत रही कि इसकी चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया और बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों के मुताबिक पेड़ काफी पुराना था और बारिश के कारण जमीन नरम होने से वह चबूतरे समेत उखड़ गया। लगातार बारिश और तेज हवाओं के चलते क्षेत्र में लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों का सर्वे कराकर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।2
- हरदोई के साण्डी 36 घण्टे लगातार तेज बारिश के कारण जल जीवन अस्त व्यस्थ, घरो मे केद हुए लोग साण्डी इलाके मे पिछले 36 घण्टे से तेज हवा साथ लगातार घोरदार हो रही बहुत लोग परेशान है दो दिनों से रही बारिश के कारण गावों ओर आस पास इलाकों में जगह-जगह पानी भर गया है गांव की गलियों में जल भरा होने के कारण गांव वालों को पैदल चलने में दिक्कत होती है ग्रामीणों का कहना है बारिश होने के बाद जल भराव और फसलों को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति सामने आ सके की फिलहाल मौसम साफ होने का और पानी कम होने का इंतजार देख रहे हैं और जगह-जगह तेज हवा के कारण पेड़ पौधे संक्रमित हुए हैं जगह-जगह पेड़ गिरे भी हैं इसके कारण एक बिजली की लाइन भी टूटी है इससे 24 घंटा से ज्यादा बिजली न आने की आशंका है फिलहाल पावर हाउस की टीम काम में लगी है जल्द ही सुधार होगा आप भी हमारे साथ देखकर यह शुरू एप1
- ट्रक और पिक अप की टक्कर से पिक अप में सवार ड्राइवर और कंडक्टर दोनों की मौके पर हुई मौत।1
- समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश 19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ प्रकाशन/प्रसारण हेतु- दिनांकः 26.09.2026 समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता विरोधी दल श्री राम गोविन्द चौधरी के निधन पर समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में शोकसभा हुई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने श्री रामगोविन्द चौधरी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर शोक प्रस्ताव रखा गया। उपस्थित सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने श्री रामगोविन्द चौधरी के निधन पर गहरा शोक जताते हुए 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश 19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ प्रकाशन/प्रसारण हेतु- दिनांकः 26.09.2026 समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता विरोधी दल श्री राम गोविन्द चौधरी के निधन पर समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में शोकसभा हुई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने श्री रामगोविन्द चौधरी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर शोक प्रस्ताव रखा गया। उपस्थित सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने श्री रामगोविन्द चौधरी के निधन पर गहरा शोक जताते हुए 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। श्री अखिलेश यादव ने कहा कि अब हमारे बीच वो महान समाजवादी प्रकाश-स्तंभ श्री राम गोविंद चौधरी जी नहीं रहे, जिन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी व समाजवादी मार्गदर्शक जय प्रकाश नारायण जी और भूतपूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी की अगुवाई में समाजवादी मूल्यों, सिद्धांतों और लक्ष्यों की मशाल सदैव प्रज्ज्वलित रखी। बलिया की क्रांतिकारी धरती से उठकर छात्र राजनीति के कठिन मार्ग से होते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तक उनकी आवाज और अकाट्य तर्कों का सदैव सम्मान हुआ। सामाजिक न्याय के पुरोधा के रूप में वो जीवन भर संघर्षरत रहे। उन्होंने जनपक्ष को हमेशा सबसे पहले और ऊपर रखा। विपक्ष के नेता के रूप में उन्होंने तब भी अपनी आवाज बुलंद रखी जब सदन में हमारे 50 विधायक भी नहीं थे। जब वो बोलते थे तो सदन उन्हें बड़ी शांति और शिद्दत के साथ सुनता था और उनके खर-प्रखर वाचन और सत्यनिष्ठता से सीख-सबक भी लेता था। उनकी जमीनी पकड़ और जनता से गहरे जुड़ाव के कारण वो स्वयं में सौहार्दपूर्ण सकारात्मक सामाजिक राजनीति की एक सक्रिय पाठशाला की तरह रहे। उन्होंने सांविधानिक, लोकतांत्रिक, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा व स्वतंत्रता, समता और व्यक्ति की गरिमा व प्रतिष्ठा के लिए हमेशा निर्भय होकर आंदोलित रहना सिखाया। एकसशक्त समाजवादी नेतृत्व के रूप में सपा में उनकी भूमिका सदैव एक दिग्दर्शक के रूप में रही। नेताजी और उनका साथ समाजवादी संकल्पों की पूर्ति के संघर्षों में सदैव एकजुट रहा। अब हम सबकी जिम्मेदारी है कि अपने उन ‘बड़ों के लक्ष्यों’ की पूर्ति में संपूर्ण समर्पण और संकल्प के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ें, जो अब हमारे बीच सैद्धांतिक प्रेरणा मात्र ही विद्यमान हैं। पुनः पुनः भावभीनी श्रद्धांजलि। (राजेन्द्र चौधरी) मुख्य प्रवक्तासमाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश 19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ प्रकाशन/प्रसारण हेतु- दिनांकः 26.09.2026 समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता विरोधी दल श्री राम गोविन्द चौधरी के निधन पर समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में शोकसभा हुई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने श्री रामगोविन्द चौधरी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर शोक प्रस्ताव रखा गया। उपस्थित सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने श्री रामगोविन्द चौधरी के निधन पर गहरा शोक जताते हुए 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। श्री अखिलेश यादव ने कहा कि अब हमारे बीच वो महान समाजवादी प्रकाश-स्तंभ श्री राम गोविंद चौधरी जी नहीं रहे, जिन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी व समाजवादी मार्गदर्शक जय प्रकाश नारायण जी और भूतपूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी की अगुवाई में समाजवादी मूल्यों, सिद्धांतों और लक्ष्यों की मशाल सदैव प्रज्ज्वलित रखी। बलिया की क्रांतिकारी धरती से उठकर छात्र राजनीति के कठिन मार्ग से होते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तक उनकी आवाज और अकाट्य तर्कों का सदैव सम्मान हुआ। सामाजिक न्याय के पुरोधा के रूप में वो जीवन भर संघर्षरत रहे। उन्होंने जनपक्ष को हमेशा सबसे पहले और ऊपर रखा। विपक्ष के नेता के रूप में उन्होंने तब भी अपनी आवाज बुलंद रखी जब सदन में हमारे 50 विधायक भी नहीं थे। जब वो बोलते थे तो सदन उन्हें बड़ी शांति और शिद्दत के साथ सुनता था और उनके खर-प्रखर वाचन और सत्यनिष्ठता से सीख-सबक भी लेता था। उनकी जमीनी पकड़ और जनता से गहरे जुड़ाव के कारण वो स्वयं में सौहार्दपूर्ण सकारात्मक सामाजिक राजनीति की एक सक्रिय पाठशाला की तरह रहे। उन्होंने सांविधानिक, लोकतांत्रिक, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा व स्वतंत्रता, समता और व्यक्ति की गरिमा व प्रतिष्ठा के लिए हमेशा निर्भय होकर आंदोलित रहना सिखाया। एकसशक्त समाजवादी नेतृत्व के रूप में सपा में उनकी भूमिका सदैव एक दिग्दर्शक के रूप में रही। नेताजी और उनका साथ समाजवादी संकल्पों की पूर्ति के संघर्षों में सदैव एकजुट रहा। अब हम सबकी जिम्मेदारी है कि अपने उन ‘बड़ों के लक्ष्यों’ की पूर्ति में संपूर्ण समर्पण और संकल्प के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ें, जो अब हमारे बीच सैद्धांतिक प्रेरणा मात्र ही विद्यमान हैं। पुनः पुनः भावभीनी श्रद्धांजलि। (राजेन्द्र चौधरी) मुख्य प्रवक्ता1
- सेवा संकल्प अभियान के तहत पशुपालकों को निशुल्क दवा वितरण तरी पाठकपुर में 1962 सचल पशु चिकित्सा इकाई ने लगाया शिविर चौबेपुर, कानपुर नगर।* ग्राम पंचायत तरी पाठकपुर, विकासखंड चौबेपुर में शनिवार, 26 सितंबर को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 1962 सचल पशु चिकित्सा इकाई द्वारा निशुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक दवाएं निशुल्क वितरित की गईं और पशुपालन, टीकाकरण व संतुलित आहार को लेकर जागरूक किया गया। ग्राम प्रधान शिवराज सिंह भास्कर ने सचल पशु चिकित्सा इकाई की टीम का स्वागत किया और सभी पशुपालकों से विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निशुल्क सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की। शिविर में 1962 वेटनरी यूनिट प्रभारी डॉ. रोजी कटियार, पीटीओ सुभाष चंद्र मौर्य तथा चालक योगेंद्र सिंह सचल वाहन के साथ मौजूद रहे। टीम ने मौके पर पशुओं की जांच कर आवश्यक चिकित्सीय परामर्श व दवाएं उपलब्ध कराईं। इस अवसर पर विजय सिंह चंदेल, दिनेश कठेरिया, राजेश पाल, पंचायत सहायक रजनीश कुमार सहित बड़ी संख्या में पशुपालक मौजूद रहे। ग्राम पंचायत स्तर पर लगे इस शिविर से ग्रामीण पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर ही पशु चिकित्सा सुविधा मिलने से काफी राहत मिली।2
- लगातार हो रही बरसात से सड़कों पर भरा पानी। जलभराव से जनजीवन प्रभावित। शिवराजपुर कस्बे में हर गलियों में पानी भरा हुआ है। लगातार हो रही बरसात से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पानी निकास की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण बरसात का पानी सड़कों पर भरा है। दुकानों और घरों में पानी बने हुए बेसमेंट में पूरी तरह से पानी भर गया है जिससे वहां रखा हुआ सामान भी खराब हो रहा है।1
- 19 फीट का सरकारी नाला सिमट कर रह गया दो फीट, पांच फीट पानी में कैद हुआ परिवार 19 फीट का सरकारी नाला सिमट कर रह गया दो फीट, पांच फीट पानी में कैद हुआ परिवार 48 घंटे की बारिश से पांच फीट तक भरा पानी, घरों में कैद हुए परिवार; रेस्क्यू के लिए पहुंची फायर ब्रिगेड और पुलिस, महिला पुलिसकर्मी न होने पर महिलाओं ने जाने से किया इनकार कन्नौज संवाददाता। 48 घंटे से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने ठठिया कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। छह गांवों और सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि से बारिश का पानी निकालने वाला करीब 19 फीट चौड़ा सरकारी नाला अतिक्रमण और उपेक्षा के कारण कई स्थानों पर महज दो से तीन फीट चौड़ा रह गया है। नाले की जमीन पर कथित कब्जों के कारण बारिश का पानी नाले से निकलने के बजाय गलियों, सड़कों और खेतों में फैल रहा है। इसके चलते टिकौरियनपुर्वा मोहल्ले में जलभराव की स्थिति विकराल हो गई है। गुरुवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण टिकौरियनपुर्वा मोहल्ले में करीब पांच फीट तक पानी भर गया। लवकुश इंटर कॉलेज जाने वाला करीब 300 मीटर रास्ता पूरी तरह पानी में डूब गया। जलभराव के कारण विनोद सविता और आयुष सिंह बघेल के परिवार पिछले 48 घंटे से अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं। मकान अपेक्षाकृत ऊंचे स्थान पर बने होने के बावजूद घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया है। घरों के चारों ओर करीब पांच फीट पानी भरने से पूरा इलाका तालाब में तब्दील नजर आ रहा है। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान लगातार पानी भरे रहने से बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों के सामने सबसे अधिक परेशानी खड़ी हो गई है। घरों से बाहर निकलने का रास्ता बंद होने के कारण खाने-पीने की सामग्री की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। परेशान परिवारों ने प्रशासन से मदद और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की गुहार लगाई है। पुलिस और फायर ब्रिगेड पहुंची, पानी में उतरकर किया रेस्क्यू का प्रयास सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड के कर्मचारी और ठठिया थाना प्रभारी संजीव कुमार पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। जलभराव की गंभीरता को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने अपने कपड़े उतारकर पानी में उतरते हुए और तैरकर पानी से घिरे परिवारों तक पहुंचने का प्रयास किया। पुलिसकर्मी काफी देर तक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए समझाते रहे। हालांकि, विनोद सविता और आयुष सिंह बघेल के घरों में मौजूद महिलाओं ने महिला पुलिसकर्मी के साथ न होने की बात कहते हुए पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ जाने से इनकार कर दिया। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि महिला पुलिसकर्मी के बिना वे घर छोड़कर नहीं जाएंगी। पुलिसकर्मियों ने उन्हें काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं तैयार नहीं हुईं। इसके बाद फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम को वापस लौटना पड़ा। ऊंची सड़क भी नहीं दिला सकी राहत मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सड़क आसपास के क्षेत्र से ऊंची होने के बावजूद करीब 300 मीटर तक पानी भरा हुआ है। पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण लोग उस रास्ते से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नाले की सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई समय रहते हुई होती तो बारिश के दौरान हालात इतने भयावह नहीं होते। लगातार बारिश के बीच टिकौरियनपुर्वा में जलभराव ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। लोगों ने जल निकासी की तत्काल व्यवस्था कराने, नाले से अतिक्रमण हटाने और पानी में फंसे परिवारों तक खाद्य सामग्री व राहत पहुंचाने की मांग की है।1
- कन्नौज में ईशन नदी का तांडव, बारिश ने तोड़े रिकॉर्ड, तिर्वा क्षेत्र से लेकर गुरसहायगंज रोड तक हाहाकार जिले में मूसलाधार बारिश ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भारी बारिश के कारण तिर्वा क्षेत्र से होकर गुजरने वाली ईशन नदी उफान पर है और अपने रौद्र रूप में आ चुकी है। नदी के जलस्तर में हुई अचानक वृद्धि ने ग्रामीण इलाकों और संपर्क मार्गों पर भीषण तबाही मचाई है।1