बारिश में कच्चा मकान ढहा परिवार बाल बाल बचा,सौ साल पुराना पीपल का पेड़ गिरा मूसलाधार बारिश में कच्चा मकान ढहा, परिवार बाल-बाल बचा इनायतपुर में 100 साल पुराना पीपल का पेड़ भी चबूतरे समेत उखड़ा ठठिया संवाददाता। क्षेत्र में 48 घंटे से अधिक समय से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के चलते कच्चे मकानों और पुराने पेड़ों पर भी खतरा मंडराने लगा है। इनायतपुर गांव में बारिश के कारण एक कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य मकान के बाहर बैठे थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि मकान गिरने से परिवार के सामने रहने और गृहस्थी बचाने का संकट खड़ा हो गया है। इनायतपुर निवासी योगेश कुमार पुत्र श्रीकृष्ण ने बताया कि लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण परिवार के लोग मकान के अंदर रहने के बजाय बाहर बैठे हुए थे। दोपहर के समय अचानक उनके मकान की एक छत भरभराकर गिर गई। परिवार के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले शाम को मकान की दूसरी छत भी ढह गई। देखते ही देखते बारिश ने उनका आशियाना उजाड़ दिया। मकान गिरने से परिवार का घरेलू सामान भी प्रभावित हुआ है। योगेश कुमार के मुताबिक, मकान गिरने के बाद परिवार के सामने रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। फिलहाल परिवार के लोग छप्पर के नीचे पॉलिथीन डालकर किसी तरह रात गुजारने को मजबूर हैं। लगातार बारिश के बीच परिवार को खुले आसमान और पॉलिथीन के सहारे रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की स्थिति का जायजा लेकर आर्थिक मदद और रहने की व्यवस्था कराने की मांग की है। इसी गांव में लगातार बारिश और तेज हवाओं के बीच करीब 100 साल पुराना पीपल का पेड़ भी पक्के चबूतरे समेत जड़ से उखड़कर जमीन पर जा गिरा। पेड़ गिरने से आसपास हड़कंप मच गया। हालांकि गनीमत रही कि इसकी चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया और बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों के मुताबिक पेड़ काफी पुराना था और बारिश के कारण जमीन नरम होने से वह चबूतरे समेत उखड़ गया। लगातार बारिश और तेज हवाओं के चलते क्षेत्र में लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों का सर्वे कराकर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
बारिश में कच्चा मकान ढहा परिवार बाल बाल बचा,सौ साल पुराना पीपल का पेड़ गिरा मूसलाधार बारिश में कच्चा मकान ढहा, परिवार बाल-बाल बचा इनायतपुर में 100 साल पुराना पीपल का पेड़ भी चबूतरे समेत उखड़ा ठठिया संवाददाता। क्षेत्र में 48 घंटे से अधिक समय से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के चलते कच्चे मकानों और पुराने पेड़ों पर भी खतरा मंडराने लगा है। इनायतपुर गांव में बारिश के कारण एक कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य मकान के बाहर बैठे थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि मकान गिरने से परिवार के सामने रहने और गृहस्थी बचाने का संकट खड़ा हो गया है। इनायतपुर निवासी योगेश कुमार पुत्र श्रीकृष्ण ने बताया कि लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण परिवार के लोग मकान के अंदर रहने के बजाय बाहर बैठे हुए थे। दोपहर के समय अचानक उनके मकान की एक छत भरभराकर गिर गई। परिवार के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले शाम को मकान की दूसरी छत भी ढह गई। देखते ही देखते बारिश ने उनका आशियाना
उजाड़ दिया। मकान गिरने से परिवार का घरेलू सामान भी प्रभावित हुआ है। योगेश कुमार के मुताबिक, मकान गिरने के बाद परिवार के सामने रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। फिलहाल परिवार के लोग छप्पर के नीचे पॉलिथीन डालकर किसी तरह रात गुजारने को मजबूर हैं। लगातार बारिश के बीच परिवार को खुले आसमान और पॉलिथीन के सहारे रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की स्थिति का जायजा लेकर आर्थिक मदद और रहने की व्यवस्था कराने की मांग की है। इसी गांव में लगातार बारिश और तेज हवाओं के बीच करीब 100 साल पुराना पीपल का पेड़ भी पक्के चबूतरे समेत जड़ से उखड़कर जमीन पर जा गिरा। पेड़ गिरने से आसपास हड़कंप मच गया। हालांकि गनीमत रही कि इसकी चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया और बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों के मुताबिक पेड़ काफी पुराना था और बारिश के कारण जमीन नरम होने से वह चबूतरे समेत उखड़ गया। लगातार बारिश और तेज हवाओं के चलते क्षेत्र में लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों का सर्वे कराकर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
- बिहार के पूर्णिया जिले की खबर जहां चक्रवाती तूफान ने 40 50 घरों पर बरसाया कहर।1
- कानपुर-बिल्हौर क्षेत्र से बड़ी खबर चौबेपुर बेला क्रॉसिंग के पास ऑन रोड अचानक एक पेड़ गिर जाने से सड़क पर आवागमन बाधित हो गया है। कानपुर-बिल्हौर क्षेत्र से बड़ी खबर चौबेपुर बेला क्रॉसिंग के पास ऑन रोड अचानक एक पेड़ गिर जाने से सड़क पर आवागमन बाधित हो गया है। पेड़ गिरने के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बन गई है और शिवराजपुर की ओर जाने वाले राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौके पर वाहनों की लंबी कतार लगने लगी है। राहगीरों की मांग है कि जल्द से जल्द सड़क से पेड़ को हटाकर आवागमन सुचारू कराया जाए। फिलहाल लोगों को सावधानी से वाहन चलाने और जाम में धैर्य बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।1
- ग्रामीण भारत न्यूज़ सच के साथ यूपी हेड कुलदीप त्रिपाठी1
- पत्रकारिता कार्य से बनी रंजीश थाना हरियावाँ पर लिखा गया फर्जी मुकदमा दरोगा शुभम पांडे पर विपक्षियों से अधिक धन लेने का आरोप उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच करने की मांग1
- पाइप वाली पुलिया नहीं, ब्रिज वाली पुलिया की मांग पर भूमि पूजन रोका गुना। वार्ड क्रमांक 7 और 12 को जोड़ने वाली ईदगाह बाड़ी की पुलिया के निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि पूजन का वार्डवासियों ने विरोध करते हुए इसे रोक दिया। वार्डवासियों का कहना है कि यहां छोटी पाइप वाली पुलिया की आवश्यकता नहीं है, बल्कि आवागमन की सुविधा को देखते हुए ब्रिज वाली पुलिया का निर्माण कराया जाना चाहिए। वार्डवासियों ने मौके पर अपनी मांग रखते हुए कहा कि क्षेत्र में पर्याप्त और सुरक्षित आवागमन के लिए मजबूत ब्रिज का निर्माण जरूरी है। उनका कहना है कि पाइप वाली पुलिया बनने से भविष्य में जल निकासी और आवागमन को लेकर परेशानी हो सकती है। वार्डवासियों के विरोध के बाद भूमि पूजन का कार्यक्रम रोक दिया गया। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सविता अरविंद गुप्ता सहित संबंधित जनप्रतिनिधियों के समक्ष वार्डवासियों ने अपनी मांग रखी और ब्रिज वाली पुलिया बनाने की मांग की।1
- बारिश से गिरा कच्चा मकान, मलबे में दबी बकरियां और भैंस,18 जानवरों की मौत बारिश से गिरा कच्चा मकान, मलबे में दबी बकरियां और भैंस, 18 की मौत, चरमराईं व्यवस्थाएं कन्नौज। चक्रवाती तूफान अर्नब के कहर से बीते शुक्रवार की सुबह से जारी बरसात ने जिले में कई व्यवस्थाओं को ध्वस्थ करके रख दिया। बारिश के चलते जिले में जहां एक कच्चा मकान गिरने से उसमें मौजूद 17 बकरियों की मौत हो गई, वहीं जनमानस को कई समस्याओं का सामना भी करना पड़ा। बताते चलें कि, बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब के गहरे अवदाब के असर से जाता हुआ मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया,वहीं इसके असर से बीते शुक्रवार की सुबह से लगातार जारी बारिश ने जनजीवन को अस्त व्यक्त करके रख दिया। शनिवार को सदर कोतवाली के गांव कीरतपुर में एक कच्चा मकान भरभरा कर गिर गया। जिसके मकान में मौजूद 35 बकरियां भी मलबे में दब गईं। मामले की जानकारी मकान स्वामी और आसपास के ग्रामीणों को हुई तो लोग मदद को दौड़ पड़े। कड़ी मशक्कत के बाद जहां मलबे में दबी 18 बकरियों को बचा लिया गया वहीं 17 बकरियों की मौत हो गई। बात दें कि गांव के रहने वाले खलील बकरी पालन का कार्य करते हैं, दो बजे के करीब घटित हादसे में बकरियों की मौत के बाद खलील के सामने संकट पैदा हो गया। खलील के मुताबिक एक बकरी की कीमत बीस हजार रुपए थी। बारिश के कारण 33 केवी विद्युत लाइन में फाल्ट आने से शुक्रवार की देर रात तिर्वा नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था ध्वस्थ हो गई वहीं बिजली आपूर्ति शनिवार की देर सायं बहाल नहीं हो सकी थी। करीब 20 घंटे बिजली के लगातार बाधित रहने की समस्या से लोगों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा। पीने के पानी से लेकर बिजली संचालित कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हुए। बारिश के कारण बाजारों में शनिवार की सुबह से देर सायं तक सन्नाटा सा नजर आया। जरूरी कार्य से ही इक्का दुक्का लोग ही सड़कों पर रेंगते नजर आए। लगातार जारी बारिश के मंजर की बात करें तो जहां कई सड़कों और गलियों पर पानी ही पानी नजर आया वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में तो लोग निकलने को भी परेशान रहे। तिर्वा कन्नौज मार्ग पर तो तिर्वा नगर में ही सड़कों पर कई जगह हो चुके गड्ढों पर कई वाहन चालक गिरते पड़ते नजर आए। बारिश का पानी के दुकानों और घरों में घुसने से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। रोजमर्रा से अपनी जीविका चलाने वाले कामगार भी बारिश के कारण परेशान नजर आए। कुल मिलकर कहा जाए तो बीते शुक्रवार की सुबह से जारी लगातार बारिश ने जिले के तिर्वा सहित गुरसहायगंज, छिबरामऊ, कन्नौज शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में अव्यवस्था का आलम पैदा कर दिया।1
- कानपुर-बिल्हौर चौबेपुर क्षेत्र से बड़ी खबर चौबेपुर बेला क्रॉसिंग के पास ऑन रोड अचानक एक पेड़ गिर जाने से सड़क पर आवागमन बाधित हो गया है। कानपुर-बिल्हौर चौबेपुर क्षेत्र से बड़ी खबर चौबेपुर बेला क्रॉसिंग के पास ऑन रोड अचानक एक पेड़ गिर जाने से सड़क पर आवागमन बाधित हो गया है। पेड़ गिरने के कारण सड़क पर जाम की स्थिति बन गई है और शिवराजपुर की ओर जाने वाले राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौके पर वाहनों की लंबी कतार लगने लगी है। राहगीरों की मांग है कि जल्द से जल्द सड़क से पेड़ को हटाकर आवागमन सुचारू कराया जाए। फिलहाल लोगों को सावधानी से वाहन चलाने और जाम में धैर्य बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।2
- #हरदोई में भारी बारिश को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, डीएम-एसपी ने लिया जायजा; संडीला में हादसों में 2 की मौत हरदोई: जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। जलभराव और भारी बारिश से उत्पन्न स्थितियों से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने स्वयं धरातल पर उतरकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निचले इलाकों में जलभराव की निकासी की व्यवस्था तुरंत की जाए और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत कार्य तेजी से चलाए जाएं। मीडिया को जानकारी देते हुए डीएम ने बताया कि बारिश के कारण संडीला तहसील क्षेत्र में दो अलग-अलग हादसों में 2 लोगों की दुखद मौत हो गई है। प्रशासन द्वारा मृतक के परिजनों को दी जाने वाली दैवीय आपदा राहत राशि तुरंत प्रदान करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने आम जनमानस से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान जर्जर मकानों, पुराने वृक्षों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत तहसील या जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचित करें। #SVBHARATNEWS #HardoiNews #HardoiRainAlert #HardoiDM #SandilaNews #UPRainAlert #HardoiPolice #UttarPradeshNews #RainHeavyAlert #UPNews #HardoiAdminAlert1
- हरदोई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने 66 साल पुराना बारिश का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम के आंकड़ों के मुताबिक 1 हरदोई में बारिश ने तोड़ा 66 साल पुराना रिकॉर्ड हरदोई में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने 66 साल पुराना बारिश का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम के आंकड़ों के मुताबिक 11 सितंबर 1960 को 24 घंटे में 214.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। वहीं 26 सितंबर 2026 की सुबह तक पिछले 24 घंटे में करीब 214 मिलीमीटर बारिश दर्ज हो चुकी थी। इसके बाद दोपहर तक करीब 36 मिलीमीटर बारिश और हुई। बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहने से आंकड़ा पुराने रिकॉर्ड से और आगे निकल गया। भारी बारिश का असर अब शहर की सड़कों और जल निकासी व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। वीओ — हरदोई में लगातार बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। आशानगर में पुलिया के पास सड़क पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में थोड़ी सी बारिश होने पर भी पानी जमा हो जाता है, लेकिन लगातार हो रही बारिश ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। आशानगर में जलभराव ने नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क पर पानी जमा होने के कारण आम लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने 26 सितंबर को हरदोई में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई थी। ऐसे में बारिश जारी रहने पर जलभराव वाले इलाकों में लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।1