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बिहार के पूर्णिया जिले की खबर जहां चक्रवाती तूफान ने 40 50 घरों पर बरसाया कहर।
Anil Kumar
बिहार के पूर्णिया जिले की खबर जहां चक्रवाती तूफान ने 40 50 घरों पर बरसाया कहर।
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- ट्रक और पिक अप की टक्कर से पिक अप में सवार ड्राइवर और कंडक्टर दोनों की मौके पर हुई मौत।1
- बारिश में कच्चा मकान ढहा परिवार बाल बाल बचा,सौ साल पुराना पीपल का पेड़ गिरा मूसलाधार बारिश में कच्चा मकान ढहा, परिवार बाल-बाल बचा इनायतपुर में 100 साल पुराना पीपल का पेड़ भी चबूतरे समेत उखड़ा ठठिया संवाददाता। क्षेत्र में 48 घंटे से अधिक समय से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के चलते कच्चे मकानों और पुराने पेड़ों पर भी खतरा मंडराने लगा है। इनायतपुर गांव में बारिश के कारण एक कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य मकान के बाहर बैठे थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि मकान गिरने से परिवार के सामने रहने और गृहस्थी बचाने का संकट खड़ा हो गया है। इनायतपुर निवासी योगेश कुमार पुत्र श्रीकृष्ण ने बताया कि लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण परिवार के लोग मकान के अंदर रहने के बजाय बाहर बैठे हुए थे। दोपहर के समय अचानक उनके मकान की एक छत भरभराकर गिर गई। परिवार के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले शाम को मकान की दूसरी छत भी ढह गई। देखते ही देखते बारिश ने उनका आशियाना उजाड़ दिया। मकान गिरने से परिवार का घरेलू सामान भी प्रभावित हुआ है। योगेश कुमार के मुताबिक, मकान गिरने के बाद परिवार के सामने रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। फिलहाल परिवार के लोग छप्पर के नीचे पॉलिथीन डालकर किसी तरह रात गुजारने को मजबूर हैं। लगातार बारिश के बीच परिवार को खुले आसमान और पॉलिथीन के सहारे रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की स्थिति का जायजा लेकर आर्थिक मदद और रहने की व्यवस्था कराने की मांग की है। इसी गांव में लगातार बारिश और तेज हवाओं के बीच करीब 100 साल पुराना पीपल का पेड़ भी पक्के चबूतरे समेत जड़ से उखड़कर जमीन पर जा गिरा। पेड़ गिरने से आसपास हड़कंप मच गया। हालांकि गनीमत रही कि इसकी चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया और बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों के मुताबिक पेड़ काफी पुराना था और बारिश के कारण जमीन नरम होने से वह चबूतरे समेत उखड़ गया। लगातार बारिश और तेज हवाओं के चलते क्षेत्र में लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों का सर्वे कराकर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।2
- समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश 19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ प्रकाशन/प्रसारण हेतु- दिनांकः 26.09.2026 समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता विरोधी दल श्री राम गोविन्द चौधरी के निधन पर समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में शोकसभा हुई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने श्री रामगोविन्द चौधरी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर शोक प्रस्ताव रखा गया। उपस्थित सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने श्री रामगोविन्द चौधरी के निधन पर गहरा शोक जताते हुए 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। समाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश 19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ प्रकाशन/प्रसारण हेतु- दिनांकः 26.09.2026 समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता विरोधी दल श्री राम गोविन्द चौधरी के निधन पर समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में शोकसभा हुई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने श्री रामगोविन्द चौधरी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर शोक प्रस्ताव रखा गया। उपस्थित सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने श्री रामगोविन्द चौधरी के निधन पर गहरा शोक जताते हुए 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। श्री अखिलेश यादव ने कहा कि अब हमारे बीच वो महान समाजवादी प्रकाश-स्तंभ श्री राम गोविंद चौधरी जी नहीं रहे, जिन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी व समाजवादी मार्गदर्शक जय प्रकाश नारायण जी और भूतपूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी की अगुवाई में समाजवादी मूल्यों, सिद्धांतों और लक्ष्यों की मशाल सदैव प्रज्ज्वलित रखी। बलिया की क्रांतिकारी धरती से उठकर छात्र राजनीति के कठिन मार्ग से होते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तक उनकी आवाज और अकाट्य तर्कों का सदैव सम्मान हुआ। सामाजिक न्याय के पुरोधा के रूप में वो जीवन भर संघर्षरत रहे। उन्होंने जनपक्ष को हमेशा सबसे पहले और ऊपर रखा। विपक्ष के नेता के रूप में उन्होंने तब भी अपनी आवाज बुलंद रखी जब सदन में हमारे 50 विधायक भी नहीं थे। जब वो बोलते थे तो सदन उन्हें बड़ी शांति और शिद्दत के साथ सुनता था और उनके खर-प्रखर वाचन और सत्यनिष्ठता से सीख-सबक भी लेता था। उनकी जमीनी पकड़ और जनता से गहरे जुड़ाव के कारण वो स्वयं में सौहार्दपूर्ण सकारात्मक सामाजिक राजनीति की एक सक्रिय पाठशाला की तरह रहे। उन्होंने सांविधानिक, लोकतांत्रिक, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा व स्वतंत्रता, समता और व्यक्ति की गरिमा व प्रतिष्ठा के लिए हमेशा निर्भय होकर आंदोलित रहना सिखाया। एकसशक्त समाजवादी नेतृत्व के रूप में सपा में उनकी भूमिका सदैव एक दिग्दर्शक के रूप में रही। नेताजी और उनका साथ समाजवादी संकल्पों की पूर्ति के संघर्षों में सदैव एकजुट रहा। अब हम सबकी जिम्मेदारी है कि अपने उन ‘बड़ों के लक्ष्यों’ की पूर्ति में संपूर्ण समर्पण और संकल्प के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ें, जो अब हमारे बीच सैद्धांतिक प्रेरणा मात्र ही विद्यमान हैं। पुनः पुनः भावभीनी श्रद्धांजलि। (राजेन्द्र चौधरी) मुख्य प्रवक्तासमाजवादी पार्टी, उत्तर प्रदेश 19, विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ प्रकाशन/प्रसारण हेतु- दिनांकः 26.09.2026 समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व नेता विरोधी दल श्री राम गोविन्द चौधरी के निधन पर समाजवादी पार्टी प्रदेश मुख्यालय लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में शोकसभा हुई। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने श्री रामगोविन्द चौधरी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर शोक प्रस्ताव रखा गया। उपस्थित सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं ने श्री रामगोविन्द चौधरी के निधन पर गहरा शोक जताते हुए 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। श्री अखिलेश यादव ने कहा कि अब हमारे बीच वो महान समाजवादी प्रकाश-स्तंभ श्री राम गोविंद चौधरी जी नहीं रहे, जिन्होंने महान स्वतंत्रता सेनानी व समाजवादी मार्गदर्शक जय प्रकाश नारायण जी और भूतपूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी की अगुवाई में समाजवादी मूल्यों, सिद्धांतों और लक्ष्यों की मशाल सदैव प्रज्ज्वलित रखी। बलिया की क्रांतिकारी धरती से उठकर छात्र राजनीति के कठिन मार्ग से होते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तक उनकी आवाज और अकाट्य तर्कों का सदैव सम्मान हुआ। सामाजिक न्याय के पुरोधा के रूप में वो जीवन भर संघर्षरत रहे। उन्होंने जनपक्ष को हमेशा सबसे पहले और ऊपर रखा। विपक्ष के नेता के रूप में उन्होंने तब भी अपनी आवाज बुलंद रखी जब सदन में हमारे 50 विधायक भी नहीं थे। जब वो बोलते थे तो सदन उन्हें बड़ी शांति और शिद्दत के साथ सुनता था और उनके खर-प्रखर वाचन और सत्यनिष्ठता से सीख-सबक भी लेता था। उनकी जमीनी पकड़ और जनता से गहरे जुड़ाव के कारण वो स्वयं में सौहार्दपूर्ण सकारात्मक सामाजिक राजनीति की एक सक्रिय पाठशाला की तरह रहे। उन्होंने सांविधानिक, लोकतांत्रिक, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा व स्वतंत्रता, समता और व्यक्ति की गरिमा व प्रतिष्ठा के लिए हमेशा निर्भय होकर आंदोलित रहना सिखाया। एकसशक्त समाजवादी नेतृत्व के रूप में सपा में उनकी भूमिका सदैव एक दिग्दर्शक के रूप में रही। नेताजी और उनका साथ समाजवादी संकल्पों की पूर्ति के संघर्षों में सदैव एकजुट रहा। अब हम सबकी जिम्मेदारी है कि अपने उन ‘बड़ों के लक्ष्यों’ की पूर्ति में संपूर्ण समर्पण और संकल्प के साथ एकजुट होकर आगे बढ़ें, जो अब हमारे बीच सैद्धांतिक प्रेरणा मात्र ही विद्यमान हैं। पुनः पुनः भावभीनी श्रद्धांजलि। (राजेन्द्र चौधरी) मुख्य प्रवक्ता1
- सेवा संकल्प अभियान के तहत पशुपालकों को निशुल्क दवा वितरण तरी पाठकपुर में 1962 सचल पशु चिकित्सा इकाई ने लगाया शिविर चौबेपुर, कानपुर नगर।* ग्राम पंचायत तरी पाठकपुर, विकासखंड चौबेपुर में शनिवार, 26 सितंबर को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 1962 सचल पशु चिकित्सा इकाई द्वारा निशुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक दवाएं निशुल्क वितरित की गईं और पशुपालन, टीकाकरण व संतुलित आहार को लेकर जागरूक किया गया। ग्राम प्रधान शिवराज सिंह भास्कर ने सचल पशु चिकित्सा इकाई की टीम का स्वागत किया और सभी पशुपालकों से विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निशुल्क सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की। शिविर में 1962 वेटनरी यूनिट प्रभारी डॉ. रोजी कटियार, पीटीओ सुभाष चंद्र मौर्य तथा चालक योगेंद्र सिंह सचल वाहन के साथ मौजूद रहे। टीम ने मौके पर पशुओं की जांच कर आवश्यक चिकित्सीय परामर्श व दवाएं उपलब्ध कराईं। इस अवसर पर विजय सिंह चंदेल, दिनेश कठेरिया, राजेश पाल, पंचायत सहायक रजनीश कुमार सहित बड़ी संख्या में पशुपालक मौजूद रहे। ग्राम पंचायत स्तर पर लगे इस शिविर से ग्रामीण पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर ही पशु चिकित्सा सुविधा मिलने से काफी राहत मिली।2
- लगातार हो रही बरसात से सड़कों पर भरा पानी। जलभराव से जनजीवन प्रभावित। शिवराजपुर कस्बे में हर गलियों में पानी भरा हुआ है। लगातार हो रही बरसात से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पानी निकास की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण बरसात का पानी सड़कों पर भरा है। दुकानों और घरों में पानी बने हुए बेसमेंट में पूरी तरह से पानी भर गया है जिससे वहां रखा हुआ सामान भी खराब हो रहा है।1
- 44 दिन तक बेटे की राह निहारता रहा परिवार, अस्थियां पहुंचीं तो फफक पड़ी मां - अरुणाचल की दिबांग वैली में बाढ़ में लापता हुए औरैया के अग्निवीर विनोद यादव की डीएनए जांच से हुई पहचान - सेना के जवान शनिवार को सराय अमिलिया लेकर पहुंचे पार्थिव अवशेष, बारिश के बीच उमड़ा पूरा गांव औरैया। 44 दिनों से जिस बेटे के सकुशल घर लौटने की उम्मीद में परिवार की आंखें दरवाजे पर टिकी थीं, शनिवार को उसी बेटे के पार्थिव अवशेष घर पहुंचे तो इंतजार का दर्द मातम में बदल गया। अरुणाचल प्रदेश की दिबांग वैली में 14 अगस्त को आई भीषण बाढ़ में लापता हुए सराय अमिलिया निवासी अग्निवीर जवान विनोद यादव की डीएनए जांच के बाद पहचान की पुष्टि हुई। शनिवार को सेना के जवान उनके पार्थिव अवशेष लेकर गांव पहुंचे। अवशेष देखते ही मां सुनीत देवी, पिता महेंद्र यादव और छोटे भाई अभिषेक यादव का धैर्य टूट गया। मां बेटे को याद कर बिलखती रही और घर में चीख-पुकार मच गई। - 14 अगस्त की शाम बाढ़ में बह गए थे जवान सराय अमिलिया निवासी किसान महेंद्र यादव के पुत्र विनोद यादव अग्निवीर योजना के शुरुआती बैच में सेना में भर्ती हुए थे। वह वर्तमान में 5वीं ग्रेनेडियर में तैनात थे। परिजनों के अनुसार विनोद देश सेवा को लेकर बेहद उत्साहित रहते थे और सेना में भर्ती होने को अपने जीवन की बड़ी उपलब्धि मानते थे। 14 अगस्त की शाम करीब साढ़े चार बजे अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली जिले के पाशु पानी क्षेत्र में भारी बारिश और बादल फटने के बाद अचानक तेज बाढ़ आ गई। पानी का बहाव इतना तेज था कि सेना के दो शेल्टर भी बाढ़ की चपेट में आकर बह गए। हादसे के दौरान सात जवान बाढ़ के तेज बहाव में बह गए थे। इनमें दो जवानों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि विनोद यादव समेत पांच जवान लापता हो गए थे। - 44 दिन तक चला तलाश अभियान विनोद के लापता होने के बाद सेना ने बड़े स्तर पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया। भारतीय सेना के साथ आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें भी दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में लगातार तलाश में जुटी रहीं। संभावित स्थानों पर व्यापक खोजबीन की गई। लगातार बारिश, तेज बहाव और कठिन पहाड़ी भूभाग के कारण अभियान में कई चुनौतियां आईं, लेकिन टीमें लगातार संभावित स्थानों पर खोज करती रहीं। तलाशी अभियान के दौरान मिले अवशेषों की पहचान के लिए डीएनए जांच कराई गई। आखिरकार 26 सितंबर को डीएनए रिपोर्ट के आधार पर विनोद यादव की पहचान की पुष्टि हुई। - हर सूचना पर टिकी थी परिजनों की उम्मीद बेटे के लापता होने के बाद से परिवार सेना और प्रशासन से मिलने वाली हर सूचना पर नजर रखे हुए था। 44 दिनों तक परिजनों को उम्मीद थी कि विनोद किसी तरह सुरक्षित मिल जाएंगे। गांव के लोग भी परिवार के साथ खड़े रहे और लगातार उनकी सलामती की दुआ करते रहे। लेकिन शनिवार को जब सेना के जवान विनोद के पार्थिव अवशेष लेकर सराय अमिलिया पहुंचे तो परिवार की सारी उम्मीदें आंसुओं में बदल गईं। मां सुनीत देवी बेटे के अवशेष देखकर बेसुध हो गईं। पिता महेंद्र यादव और छोटे भाई अभिषेक यादव भी फफक पड़े। - बारिश के बीच अंतिम विदाई देने उमड़ा गांव विनोद के पार्थिव अवशेष गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण सराय अमिलिया पहुंच गए। दो दिन से हो रही बारिश भी लोगों के कदम नहीं रोक सकी। महिला-पुरुष और युवा बड़ी संख्या में जवान को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। पूरे गांव में मातम पसरा रहा और हर आंख नम दिखाई दी। सेना के जवानों ने पुष्पचक्र अर्पित कर विनोद को श्रद्धांजलि दी। ग्रामीणों ने भी नम आंखों से वीर जवान को नमन किया और परिवार को ढांढस बंधाया। - अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि विनोद यादव के पार्थिव अवशेष पहुंचने पर उपजिलाधिकारी अजीतमल विनोद कुमार मीणा, तहसीलदार अविनाश कुमार, क्षेत्राधिकारी अजीतमल शैलेंद्र सिंह परिहार और कोतवाली प्रभारी अजीतमल विनोद कुमार राजपूत समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर जवान को श्रद्धांजलि दी और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वेश कुमार कठेरिया, नगर पंचायत अजीतमल अध्यक्ष प्रतिनिधि अखिलेश चक समेत अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी मौजूद रहे। - 44 दिन की उम्मीद का हुआ दर्दनाक अंत विनोद के परिवार के लिए 44 दिनों का इंतजार आसान नहीं था। हर फोन की घंटी पर परिवार को बेटे की खबर मिलने की उम्मीद होती थी। सेना और बचाव दल की तलाश के साथ परिजनों की उम्मीद भी बनी हुई थी। डीएनए रिपोर्ट ने आखिरकार विनोद की पहचान तो स्पष्ट कर दी, लेकिन इसके साथ ही परिवार को वह दुख भी मिला, जिससे वह इतने दिनों से बचने की उम्मीद कर रहा था। जिस बेटे को महेंद्र यादव और सुनीत देवी ने देश सेवा के लिए सेना में भेजा था, वह अब कभी घर लौटकर नहीं आएगा। शनिवार को सराय अमिलिया में बारिश की बूंदों के बीच उमड़ी भीड़ और परिवार के आंसुओं ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि विनोद ने देश सेवा करते हुए अपने प्राण गंवाए हैं और गांव हमेशा उन्हें सम्मान और श्रद्धा के साथ याद रखेगा।2
- बिहार के पूर्णिया जिले की खबर जहां चक्रवाती तूफान ने 40 50 घरों पर बरसाया कहर।1
- कन्नौज में ईशन नदी का तांडव, बारिश ने तोड़े रिकॉर्ड, तिर्वा क्षेत्र से लेकर गुरसहायगंज रोड तक हाहाकार जिले में मूसलाधार बारिश ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भारी बारिश के कारण तिर्वा क्षेत्र से होकर गुजरने वाली ईशन नदी उफान पर है और अपने रौद्र रूप में आ चुकी है। नदी के जलस्तर में हुई अचानक वृद्धि ने ग्रामीण इलाकों और संपर्क मार्गों पर भीषण तबाही मचाई है।1