#हरदोई में भारी बारिश को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, डीएम-एसपी ने लिया जायजा; संडीला में हादसों में 2 की मौत हरदोई: जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। जलभराव और भारी बारिश से उत्पन्न स्थितियों से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने स्वयं धरातल पर उतरकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निचले इलाकों में जलभराव की निकासी की व्यवस्था तुरंत की जाए और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत कार्य तेजी से चलाए जाएं। मीडिया को जानकारी देते हुए डीएम ने बताया कि बारिश के कारण संडीला तहसील क्षेत्र में दो अलग-अलग हादसों में 2 लोगों की दुखद मौत हो गई है। प्रशासन द्वारा मृतक के परिजनों को दी जाने वाली दैवीय आपदा राहत राशि तुरंत प्रदान करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने आम जनमानस से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान जर्जर मकानों, पुराने वृक्षों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत तहसील या जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचित करें। #SVBHARATNEWS #HardoiNews #HardoiRainAlert #HardoiDM #SandilaNews #UPRainAlert #HardoiPolice #UttarPradeshNews #RainHeavyAlert #UPNews #HardoiAdminAlert
#हरदोई में भारी बारिश को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, डीएम-एसपी ने लिया जायजा; संडीला में हादसों में 2 की मौत हरदोई: जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। जलभराव और भारी बारिश से उत्पन्न स्थितियों से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों की टीमों को सक्रिय कर दिया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने स्वयं धरातल पर उतरकर प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निचले इलाकों में जलभराव की निकासी की व्यवस्था तुरंत की जाए और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत कार्य तेजी से चलाए जाएं। मीडिया को जानकारी देते हुए डीएम ने बताया कि बारिश के कारण संडीला तहसील क्षेत्र में दो अलग-अलग हादसों में 2 लोगों की दुखद मौत हो गई है। प्रशासन द्वारा मृतक के परिजनों को दी जाने वाली दैवीय आपदा राहत राशि तुरंत प्रदान करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने आम जनमानस से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान जर्जर मकानों, पुराने वृक्षों और बिजली के खंभों से दूर रहें तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत तहसील या जिला आपदा नियंत्रण कक्ष को सूचित करें। #SVBHARATNEWS #HardoiNews #HardoiRainAlert #HardoiDM #SandilaNews #UPRainAlert #HardoiPolice #UttarPradeshNews #RainHeavyAlert #UPNews #HardoiAdminAlert
- बारिश का कहर: तीन गांवों में पांच भैंसों की मौत, पशुपालकों पर टूटा दुखों का पहाड़ हरदोई जनपद रवि प्रकाश शुक्ला बारिश का कहर: तीन गांवों में पांच भैंसों की मौत, पशुपालकों पर टूटा दुखों का पहाड़ हरदोई जिले में लगातार हो रही बारिश ग्रामीणों और पशुपालकों पर आफत बनकर टूट रही है। अलग-अलग स्थानों पर कच्ची दीवार, कच्ची कोठरी और पेड़ गिरने से पांच भैंसों की मौत हो गई।बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के पिपरी गांव में कच्ची दीवार गिरने से छुना पुत्र राजेंद्र यादव की चार भैंसें मलबे में दब गईं। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर पशुओं को निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक चारों की मौत हो चुकी थी। वहीं कछौना क्षेत्र के झब्बूखेड़ा में कच्ची कोठरी गिरने से हामिद पुत्र भल्लू की गर्भवती भैंस दबकर मर गई। उसकी कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई गई है। इसी क्षेत्र के सुजानपुर में पेड़ गिरने से हेवलदार पुत्र बेच्चा की एक भैंस की मौत हो गई, जबकि छह भैंसों को ग्रामीणों ने सुरक्षित निकाल लिया।लगातार बारिश से हुए इन हादसों के बाद पीड़ित पशुपालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कर पीड़ित परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।1
- बारिश और तेज हवा से गिरी धान की फसल, किसान मायूस हरदोई में दो दिनों से लगातार तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है शाहाबाद तहसील क्षेत्र समेत सैकड़ों गांवों में तेज हवा के कारण सैकड़ो हजारों बीघा खड़ी धान की फसल खेतों में गिरकर बिछ गई है, और खेतों में पानी भर गया। हालांकि इस बारिश से किसानों को भारी नुकसान होने की आशंका है।1
- बारिश में कच्चा मकान ढहा परिवार बाल बाल बचा,सौ साल पुराना पीपल का पेड़ गिरा मूसलाधार बारिश में कच्चा मकान ढहा, परिवार बाल-बाल बचा इनायतपुर में 100 साल पुराना पीपल का पेड़ भी चबूतरे समेत उखड़ा ठठिया संवाददाता। क्षेत्र में 48 घंटे से अधिक समय से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के चलते कच्चे मकानों और पुराने पेड़ों पर भी खतरा मंडराने लगा है। इनायतपुर गांव में बारिश के कारण एक कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के सभी सदस्य मकान के बाहर बैठे थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि मकान गिरने से परिवार के सामने रहने और गृहस्थी बचाने का संकट खड़ा हो गया है। इनायतपुर निवासी योगेश कुमार पुत्र श्रीकृष्ण ने बताया कि लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण परिवार के लोग मकान के अंदर रहने के बजाय बाहर बैठे हुए थे। दोपहर के समय अचानक उनके मकान की एक छत भरभराकर गिर गई। परिवार के लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले शाम को मकान की दूसरी छत भी ढह गई। देखते ही देखते बारिश ने उनका आशियाना उजाड़ दिया। मकान गिरने से परिवार का घरेलू सामान भी प्रभावित हुआ है। योगेश कुमार के मुताबिक, मकान गिरने के बाद परिवार के सामने रहने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। फिलहाल परिवार के लोग छप्पर के नीचे पॉलिथीन डालकर किसी तरह रात गुजारने को मजबूर हैं। लगातार बारिश के बीच परिवार को खुले आसमान और पॉलिथीन के सहारे रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार की स्थिति का जायजा लेकर आर्थिक मदद और रहने की व्यवस्था कराने की मांग की है। इसी गांव में लगातार बारिश और तेज हवाओं के बीच करीब 100 साल पुराना पीपल का पेड़ भी पक्के चबूतरे समेत जड़ से उखड़कर जमीन पर जा गिरा। पेड़ गिरने से आसपास हड़कंप मच गया। हालांकि गनीमत रही कि इसकी चपेट में कोई व्यक्ति नहीं आया और बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों के मुताबिक पेड़ काफी पुराना था और बारिश के कारण जमीन नरम होने से वह चबूतरे समेत उखड़ गया। लगातार बारिश और तेज हवाओं के चलते क्षेत्र में लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों का सर्वे कराकर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।2
- भारी बारिश में विशाल बरगद का पेड़ दो मकानों पर गिरा, बाल-बाल बचे परिवार संदना सीतापुर लगातार हो रही भारी बारिश के बीच ग्राम पंचायत केशवामऊ के मजरा मजलिसपुर में एक विशाल बरगद का पेड़ अचानक उखड़कर जमुना और गंगाराम के मकानों पर जा गिरा। पेड़ गिरने से दोनों मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि मकानों में रह रहे परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए। पेड़ गिरने की तेज आवाज से आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि हादसे में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त मकानों का जायजा लेकर पीड़ित परिवारों को उचित सहायता दिलाने की मांग की है।1
- आजकल समाजसेवी अजेता देवी बनी समाज की सुर्खियां सेवा से बनाई नहीं पहचान3
- बारिश का कहर: बंगश में भरभराकर गिरी दीवार, गली हुई बंद बारिश का कहर: बंगश में भरभराकर गिरी दीवार, गली हुई बंद शाहजहांपुर। लगातार हो रही बारिश ने शहर में हालात बिगाड़ दिए हैं। बंगश क्षेत्र में मदरसा सीराजिया के पास एक दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। दीवार गिरने से गली का रास्ता बंद हो गया, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश के चलते कच्चे मकानों और जर्जर दीवारों पर खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर मकानों के गिरने की आशंका बनी हुई है। बारिश के बीच लोग दहशत में हैं और प्रशासन से जर्जर मकानों व दीवारों को लेकर तत्काल निरीक्षण और सुरक्षा इंतजाम किए जाने की मांग कर रहे हैं। रिपोर्टर अजीत मिश्रा | लोकेशन शाहजहांपुर1
- कई दिनों से हो रही लगातार बारिश और तेज हवाओं के बाद किसान #वृद्धमां क्या कहे रही है सुनिए #SVBHARATNEWS #FarmerCrisis #RainDamage #UnseasonalRain #HeavyRainfall #FarmersProtest #CropDamage #FarmersLoss #WeatherUpdate #GroundReport #NewsUpdate #BreakingNews #किसान_का_दर्द #बेमौसम_बारिश #किसान_को_मुआवजा_दो #फसल_खराबा #अन्नदाता_की_पुकार #किसान_राहत #सरकार_ध्यान_दो #मूसलाधार_बारिश #कृषि_संकट #FarmersRelief1
- 19 फीट का सरकारी नाला सिमट कर रह गया दो फीट, पांच फीट पानी में कैद हुआ परिवार 19 फीट का सरकारी नाला सिमट कर रह गया दो फीट, पांच फीट पानी में कैद हुआ परिवार 48 घंटे की बारिश से पांच फीट तक भरा पानी, घरों में कैद हुए परिवार; रेस्क्यू के लिए पहुंची फायर ब्रिगेड और पुलिस, महिला पुलिसकर्मी न होने पर महिलाओं ने जाने से किया इनकार कन्नौज संवाददाता। 48 घंटे से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने ठठिया कस्बे की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। छह गांवों और सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि से बारिश का पानी निकालने वाला करीब 19 फीट चौड़ा सरकारी नाला अतिक्रमण और उपेक्षा के कारण कई स्थानों पर महज दो से तीन फीट चौड़ा रह गया है। नाले की जमीन पर कथित कब्जों के कारण बारिश का पानी नाले से निकलने के बजाय गलियों, सड़कों और खेतों में फैल रहा है। इसके चलते टिकौरियनपुर्वा मोहल्ले में जलभराव की स्थिति विकराल हो गई है। गुरुवार रात से लगातार हो रही बारिश के कारण टिकौरियनपुर्वा मोहल्ले में करीब पांच फीट तक पानी भर गया। लवकुश इंटर कॉलेज जाने वाला करीब 300 मीटर रास्ता पूरी तरह पानी में डूब गया। जलभराव के कारण विनोद सविता और आयुष सिंह बघेल के परिवार पिछले 48 घंटे से अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं। मकान अपेक्षाकृत ऊंचे स्थान पर बने होने के बावजूद घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया है। घरों के चारों ओर करीब पांच फीट पानी भरने से पूरा इलाका तालाब में तब्दील नजर आ रहा है। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान लगातार पानी भरे रहने से बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों के सामने सबसे अधिक परेशानी खड़ी हो गई है। घरों से बाहर निकलने का रास्ता बंद होने के कारण खाने-पीने की सामग्री की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। परेशान परिवारों ने प्रशासन से मदद और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की गुहार लगाई है। पुलिस और फायर ब्रिगेड पहुंची, पानी में उतरकर किया रेस्क्यू का प्रयास सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड के कर्मचारी और ठठिया थाना प्रभारी संजीव कुमार पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। जलभराव की गंभीरता को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने अपने कपड़े उतारकर पानी में उतरते हुए और तैरकर पानी से घिरे परिवारों तक पहुंचने का प्रयास किया। पुलिसकर्मी काफी देर तक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए समझाते रहे। हालांकि, विनोद सविता और आयुष सिंह बघेल के घरों में मौजूद महिलाओं ने महिला पुलिसकर्मी के साथ न होने की बात कहते हुए पुरुष पुलिसकर्मियों के साथ जाने से इनकार कर दिया। महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि महिला पुलिसकर्मी के बिना वे घर छोड़कर नहीं जाएंगी। पुलिसकर्मियों ने उन्हें काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं तैयार नहीं हुईं। इसके बाद फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम को वापस लौटना पड़ा। ऊंची सड़क भी नहीं दिला सकी राहत मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सड़क आसपास के क्षेत्र से ऊंची होने के बावजूद करीब 300 मीटर तक पानी भरा हुआ है। पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण लोग उस रास्ते से निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नाले की सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई समय रहते हुई होती तो बारिश के दौरान हालात इतने भयावह नहीं होते। लगातार बारिश के बीच टिकौरियनपुर्वा में जलभराव ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। लोगों ने जल निकासी की तत्काल व्यवस्था कराने, नाले से अतिक्रमण हटाने और पानी में फंसे परिवारों तक खाद्य सामग्री व राहत पहुंचाने की मांग की है।1
- पाइप वाली पुलिया नहीं, ब्रिज वाली पुलिया की मांग पर भूमि पूजन रोका गुना। वार्ड क्रमांक 7 और 12 को जोड़ने वाली ईदगाह बाड़ी की पुलिया के निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि पूजन का वार्डवासियों ने विरोध करते हुए इसे रोक दिया। वार्डवासियों का कहना है कि यहां छोटी पाइप वाली पुलिया की आवश्यकता नहीं है, बल्कि आवागमन की सुविधा को देखते हुए ब्रिज वाली पुलिया का निर्माण कराया जाना चाहिए। वार्डवासियों ने मौके पर अपनी मांग रखते हुए कहा कि क्षेत्र में पर्याप्त और सुरक्षित आवागमन के लिए मजबूत ब्रिज का निर्माण जरूरी है। उनका कहना है कि पाइप वाली पुलिया बनने से भविष्य में जल निकासी और आवागमन को लेकर परेशानी हो सकती है। वार्डवासियों के विरोध के बाद भूमि पूजन का कार्यक्रम रोक दिया गया। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सविता अरविंद गुप्ता सहित संबंधित जनप्रतिनिधियों के समक्ष वार्डवासियों ने अपनी मांग रखी और ब्रिज वाली पुलिया बनाने की मांग की।1