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जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में एसटीपी परियोजनाओं की प्रगति एवं संचालन की हुई समीक्षा अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप एसटीपी का संचालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
Arunabh Raturi
जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में एसटीपी परियोजनाओं की प्रगति एवं संचालन की हुई समीक्षा अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप एसटीपी का संचालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
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- जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में एसटीपी परियोजनाओं की प्रगति एवं संचालन की हुई समीक्षा अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप एसटीपी का संचालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश1
- # *मुख्यमंत्री धामी ने अपने शिक्षकों के चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद, वर्षों बाद गुरु-शिष्य के मिलन का भावुक क्षण बना यादगार* **जिन शिक्षकों ने कभी विद्यार्थी के रूप में मुख्यमंत्री धामी को दी थी शिक्षा, उन्हीं के सामने आज मुख्यमंत्री के रूप में पहुंचे धामी; शिक्षकों ने पुरानी यादें साझा कर बताया होनहार और बहुमुखी प्रतिभा का धनी विद्यार्थी** जीवन में कुछ मुलाकातें ऐसी होती हैं, जो पद, प्रतिष्ठा और औपचारिकताओं से परे सीधे हृदय को स्पर्श कर जाती हैं। ऐसी ही भावुक और आत्मीय अनुभूति उस समय देखने को मिली, जब मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की मुलाकात देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने पूर्व शिक्षकों से हो गई। वर्षों बाद अपने गुरुजनों को सामने देखकर मुख्यमंत्री धामी ने बिना किसी औपचारिकता के आगे बढ़कर अपने दोनों शिक्षकों के चरण स्पर्श किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री श्री धामी के लिए यह केवल अपने शिक्षकों से मुलाकात नहीं, बल्कि अपने विद्यार्थी जीवन की जड़ों से दोबारा जुड़ने का आत्मीय अवसर था। कभी जिन गुरुजनों ने उन्हें कक्षा में बैठाकर शिक्षा दी, जीवन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, आज उन्हीं के सामने प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में खड़े होना एक भावुक क्षण बन गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्राथमिक कक्षा में शिक्षक रहे श्री जोहरा अब्बास तथा कक्षा 12वीं में शिक्षक रहे श्री सुदर्शन वर्मा से उनकी मुलाकात हुई। दोनों शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को पहचानते ही अपने पुराने विद्यार्थी के प्रति स्नेह और प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन की यादें साझा करते हुए बताया कि पुष्कर सिंह धामी पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ विद्यालय की अन्य गतिविधियों में भी काफी सक्रिय रहते थे। वे विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेते थे तथा एक होनहार और सक्रिय विद्यार्थी के रूप में उनकी पहचान थी। अपने पुराने विद्यार्थी को आज प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में देखकर दोनों शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में उनकी सक्रियता, सहभागिता और आगे बढ़ने का उत्साह हमेशा उन्हें याद रहेगा। आज उन्हें इस रूप में देखकर स्वाभाविक रूप से गर्व और खुशी का अनुभव हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री धामी ने भी अपने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।3
- 🚨 बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर हादसे की जांच के सीएम धामी ने दिए आदेश, The Aman Times 🚨 बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर हादसे की जांच के आदेश देहरादून। बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर हादसे को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जांच के आदेश दिए हैं। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके पीछे क्या कारण रहे, इसकी विस्तृत जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवारों को इस दुख की घड़ी में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की। The Aman Times | देहरादून1
- भाजपा बसपा के सेकंड लोगों ने थामा कांग्रेस का दामन लक्सर में कांग्रेस के सदस्यता कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत लक्सर में कांग्रेस के सदस्य कार्यक्रम मैं उमरा जन सैलाब पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद के नेतृत्व में मुख्य अतिथि डॉ हर्षिम रावत ने पार्टी का प्रतीक चिन्ह पहन कर दिलाए सदस्यता कार्यक्रम1
- 18 गोल्ड, 4 सिल्वर मेडल जीतकर राधे-राधे बॉक्सिंग अकादमी बनी जिला चैंपियन! उत्तराखंड के हरिद्वार जिले से खेल जगत की एक शानदार खबर सामने आई है। नगर पंचायत इमलीखेड़ा में आयोजित आठवीं हरिद्वार जिला प्रोत्साहन मुक्केबाजी प्रतियोगिता में राधे-राधे बॉक्सिंग अकादमी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले में प्रथम स्थान हासिल किया है। अकादमी के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में 18 गोल्ड और 4 सिल्वर मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इस शानदार उपलब्धि के बाद खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और अकादमी परिवार में खुशी की लहर है। नगर पंचायत इमलीखेड़ा स्थित राधे-राधे बॉक्सिंग अकादमी में आठवीं हरिद्वार जिला प्रोत्साहन मुक्केबाजी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में हरिद्वार जिले के विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों से लगभग 80 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने अपने दमदार पंच, बेहतरीन तकनीक, आत्मविश्वास और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया। मुकाबलों में खिलाड़ियों के उत्साह और जोश ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करना और उन्हें भविष्य में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना रहा। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर रोमा सैनी ने विजेता खिलाड़ियों को पदक और प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत, लगन और खेल के प्रति समर्पण की सराहना की। खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए खेलों में अनुशासन, नियमित अभ्यास और निरंतर मेहनत के महत्व पर जोर दिया गया। प्रतियोगिता में राधे-राधे बॉक्सिंग अकादमी ने 18 स्वर्ण और 4 रजत पदक जीतकर प्रथम स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि को खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और नियमित अभ्यास का परिणाम माना जा रहा है। अकादमी के संचालक जेपी सैनी और बॉक्सिंग कोच आदित्य प्रताप सैनी ने खिलाड़ियों की इस शानदार सफलता पर खुशी जाहिर की। अकादमी परिवार ने कहा कि खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और अभिभावकों का सहयोग ही सफलता की सबसे बड़ी ताकत है। अकादमी का लक्ष्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए तैयार करना है। अकादमी की ओर से रोमा सैनी, राज्य मंत्री अजीत चौधरी, वरिष्ठ भाजपा नेता अमन त्यागी, चेयरमैन अनिल पाल और हरिद्वार बॉक्सिंग एसोसिएशन के सचिव नवीन चौहान का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया गया। अकादमी प्रबंधन ने कहा कि खिलाड़ियों को मिलने वाला प्रोत्साहन उनके आत्मविश्वास को बढ़ाता है और उन्हें भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा देता है। इमलीखेड़ा में आयोजित इस प्रतियोगिता ने एक बार फिर साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत है तो सिर्फ सही मार्गदर्शन, बेहतर प्रशिक्षण और उचित अवसर की। 18 गोल्ड और 4 सिल्वर मेडल के साथ राधे-राधे बॉक्सिंग अकादमी की यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।1
- बढेड़ी राजपुताना के रास्तो पर खुले गड्ढे दे रहे हादसों को न्योता, जान माल के नुकसान का जिम्मेदार कौन बढ़ेड़ी राजपुताना के रास्तों पर खुले गड्ढे दे रहे हादसों को न्योता, जान-माल के नुकसान का जिम्मेदार कौन? हरिद्वार। ग्राम बढ़ेड़ी राजपुताना के रास्तों पर बने खुले गड्ढे ग्रामीणों और राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। सड़कों पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। इन रास्तों से प्रतिदिन दोपहिया वाहन, चारपहिया वाहन और पैदल राहगीर गुजरते हैं। ऐसे में कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्तों की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर रात के समय अंधेरे में खुले गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना होने का खतरा और बढ़ जाता है। यदि समय रहते इन गड्ढों को ठीक नहीं कराया गया तो किसी की जान भी जा सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इन रास्तों की जिम्मेदारी किस विभाग या अधिकारी की है? क्या संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को ग्रामीणों की सुरक्षा की चिंता नहीं है? ग्रामीणों ने संबंधित विभाग एवं प्रशासन से मांग की है कि बढ़ेड़ी राजपुताना के रास्तों का तत्काल निरीक्षण कर खुले गड्ढों को भरवाया जाए और सड़क की मरम्मत कराई जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। अब सवाल यह है कि यदि इन गड्ढों के कारण कोई बड़ा हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? जनहित में जारी — ग्रामीणों की सुरक्षा सर्वोपरि। A BHARAT NEWS10 – सबसे पहले आपकी आवाज1
- मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का किया अनावरण* *मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का किया अनावरण* *मुख्यमंत्री ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का किया शुभारंभ* *भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन 1064 की नियमित समीक्षा करने के मुख्य सचिव को दिए निर्देश* *6 नवंबर को उत्तराखण्ड पुलिस को मिलेगा प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर* देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन ध्वज, प्रतीक चिह्न, फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया, क्रेस्ट एवं सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थीम पर आधारित सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। उन्होंने उत्तराखण्ड पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में प्रोन्नत हुई श्रीमती शाहजहां जावेद खान एवं श्री जगदीश चंद्र को प्रतीक चिह्न अलंकरण कर पदोन्नति की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के अधिकारियों एवं जवानों को नवीन गौरव चिह्नों के अनावरण पर बधाई देते हुए कहा कि पुलिस की पहचान को नया स्वरूप प्रदान करना केवल प्रतीकों और वर्दी में बदलाव नहीं, बल्कि पुलिस बल की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के मूल आदर्शों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पुलिस के नए प्रतीक गौरव के साथ जिम्मेदारी का भी एहसास कराते हैं। इस नई पहचान का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब प्रत्येक नागरिक को पुलिस के व्यवहार में संवेदनशीलता, कार्यप्रणाली में दक्षता और कार्रवाई में निष्पक्षता दिखाई दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उत्तराखण्ड पुलिस को भी आधुनिक तकनीक से सुसज्जित, अधिक प्रशिक्षित, दक्ष एवं सक्षम बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस का नवीन ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और साहस का संदेश देता है। पुलिस के प्रत्येक अधिकारी और जवान को इन आदर्शों को अपने आचरण एवं कार्यशैली में आत्मसात करना होगा। वर्दी का सम्मान आचरण से और जनता का विश्वास सेवा से मजबूत होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का अनावरण विशेष महत्व रखता है। भारत के प्रथम गृह मंत्री एवं राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह अवसर राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह के शुभारंभ पर कहा कि प्रदेश के विकास के साथ शासन व्यवस्था में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। विकास का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो और आमजन को बिना किसी परेशानी के सरकारी सेवाओं का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचारमुक्त शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने में सतर्कता विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई करने के साथ उन खामियों को भी दूर करना आवश्यक है, जिनके कारण भ्रष्टाचार की संभावनाएं पैदा होती हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने और किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1064 पर दर्ज कराने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की भांति भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के लिए संचालित हेल्पलाइन नंबर 1064 की भी नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने वाले प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालय आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात संवेदनशीलता से सुनने तथा उनके कार्यों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें उत्तराखण्ड में ऐसी भ्रष्टाचारमुक्त व्यवस्था का निर्माण करना है, जहां प्रत्येक नागरिक को सम्मान मिले, जनसेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और जनता तथा शासन-प्रशासन के बीच विश्वास निरंतर मजबूत होता रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि आगामी 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ से अलंकृत किया जाएगा। इस अवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के जवान नवीन सेरेमोनियल वर्दी में परेड में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड पुलिस अपनी नवीन पहचान के साथ जनसेवा, अनुशासन, दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के नए मानक स्थापित करेगी। *उत्तराखण्ड पुलिस के गौरव चिह्नों को मिला नया स्वरूप* उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, ‘सत्यमेव जयते’, स्वर्णिम लॉरेल रीथ, हिमालय एवं नदी को समाहित किया गया है, जो राष्ट्रीय गौरव, सत्य, न्याय, उत्कृष्टता और उत्तराखण्ड की विशिष्ट भौगोलिक पहचान को दर्शाते हैं। पूर्व प्रचलित तीन रंगों वाले क्षैतिज पुलिस ध्वज के स्थान पर गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नवीन ध्वज अपनाया गया है, जिसके मध्य नया पुलिस प्रतीक चिह्न तथा लाल एवं स्वर्णिम किनारे शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वर्दी पर प्रयुक्त होने वाले फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट को भी नवीन प्रतीक चिह्न के अनुरूप स्वरूप प्रदान किया गया है। इसके साथ ही पारंपरिक खाकी परिधान में बहुरंगी सेरेमोनियल सैश, अलंकरण एवं विशिष्ट परेड संबंधी साज-सज्जा को शामिल करते हुए सेरेमोनियल वर्दी को नया स्वरूप दिया गया है। उत्तराखण्ड पुलिस के ध्वज का अनावरण पूर्व में 4 अप्रैल 2008 को हुआ था। बदलती चुनौतियों और पुलिस बल के बढ़ते दायित्वों के अनुरूप नवीन गौरव चिह्नों एवं प्रतीकों को तैयार किया गया है। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त विवरण के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा 21 अक्टूबर 2026 को नवीन स्वरूप को अनुमोदन प्रदान किया गया था। इस अवसर पर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक पी.वी.के. प्रसाद, महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन, सचिव श्री दिलीप जावलकर, आर. राजेश कुमार, पंकज पांडेय, पुलिस महानिरीक्षक रिधिम अग्रवाल सहित शासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।1
- जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में एसटीपी परियोजनाओं की प्रगति एवं संचालन की हुई समीक्षा जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक में एसटीपी परियोजनाओं की प्रगति एवं संचालन की हुई समीक्षा अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा ने अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप एसटीपी का संचालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश अपर जिलाधिकारी श्याम सिंह राणा की अध्यक्षता में शनिवार को जिला कार्यालय स्थित एनआईसी सभागार में जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित एवं निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की प्रगति, संचालन एवं रखरखाव सहित गंगा संरक्षण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। बैठक में पूर्व में आयोजित बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए जनपद में स्थापित एवं संचालित समस्त एसटीपी के मासिक विद्युत बिल, विद्युत खपत एवं प्रति यूनिट लागत का विवरण प्रत्येक माह समिति की बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सभी एसटीपी की पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) तथा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप अनुपालन की स्थिति (Complying/Non-Complying) की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया। बैठक में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत निर्माणाधीन विभिन्न एसटीपी परियोजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की गई। इनमें 200 केएलडी एसटीपी गौरीकुंड, सीतापुर स्थित सुलभ शौचालय के लिए 06 केएलडी एसटीपी, तिलवाड़ा में 100 केएलडी एसटीपी, सोनप्रयाग में 06 केएलडी एसटीपी तथा सोनप्रयाग में सुलभ शौचालय के लिए 10 केएलडी एसटीपी एवं शौचालय ब्लॉक निर्माण कार्य शामिल हैं। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों की प्रगति एवं निर्धारित पूर्णता तिथियों के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त श्री केदारनाथ धाम स्थित एसटीपी के हस्तांतरण एवं उसके समुचित प्रबंधन की स्थिति पर भी चर्चा की गई। वन भूमि से संबंधित प्रस्तावों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित मामलों को भारत सरकार के स्तर पर पूर्व में ही प्रेषित किया जा चुका है, अपर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शेष कार्यों पर आवश्यक कार्यवाही समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग मीनल गुलाटी, सहायक अभियंता पेयजल निगम श्रीनगर शीतल सिंह, एपीई पेयजल निगम श्रीनगर नितिन जोशी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1