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मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का किया अनावरण* *मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का किया अनावरण* *मुख्यमंत्री ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का किया शुभारंभ* *भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन 1064 की नियमित समीक्षा करने के मुख्य सचिव को दिए निर्देश* *6 नवंबर को उत्तराखण्ड पुलिस को मिलेगा प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर* देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन ध्वज, प्रतीक चिह्न, फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया, क्रेस्ट एवं सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थीम पर आधारित सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। उन्होंने उत्तराखण्ड पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में प्रोन्नत हुई श्रीमती शाहजहां जावेद खान एवं श्री जगदीश चंद्र को प्रतीक चिह्न अलंकरण कर पदोन्नति की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के अधिकारियों एवं जवानों को नवीन गौरव चिह्नों के अनावरण पर बधाई देते हुए कहा कि पुलिस की पहचान को नया स्वरूप प्रदान करना केवल प्रतीकों और वर्दी में बदलाव नहीं, बल्कि पुलिस बल की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के मूल आदर्शों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पुलिस के नए प्रतीक गौरव के साथ जिम्मेदारी का भी एहसास कराते हैं। इस नई पहचान का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब प्रत्येक नागरिक को पुलिस के व्यवहार में संवेदनशीलता, कार्यप्रणाली में दक्षता और कार्रवाई में निष्पक्षता दिखाई दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उत्तराखण्ड पुलिस को भी आधुनिक तकनीक से सुसज्जित, अधिक प्रशिक्षित, दक्ष एवं सक्षम बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस का नवीन ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और साहस का संदेश देता है। पुलिस के प्रत्येक अधिकारी और जवान को इन आदर्शों को अपने आचरण एवं कार्यशैली में आत्मसात करना होगा। वर्दी का सम्मान आचरण से और जनता का विश्वास सेवा से मजबूत होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का अनावरण विशेष महत्व रखता है। भारत के प्रथम गृह मंत्री एवं राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह अवसर राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह के शुभारंभ पर कहा कि प्रदेश के विकास के साथ शासन व्यवस्था में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। विकास का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो और आमजन को बिना किसी परेशानी के सरकारी सेवाओं का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचारमुक्त शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने में सतर्कता विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई करने के साथ उन खामियों को भी दूर करना आवश्यक है, जिनके कारण भ्रष्टाचार की संभावनाएं पैदा होती हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने और किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1064 पर दर्ज कराने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की भांति भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के लिए संचालित हेल्पलाइन नंबर 1064 की भी नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने वाले प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालय आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात संवेदनशीलता से सुनने तथा उनके कार्यों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें उत्तराखण्ड में ऐसी भ्रष्टाचारमुक्त व्यवस्था का निर्माण करना है, जहां प्रत्येक नागरिक को सम्मान मिले, जनसेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और जनता तथा शासन-प्रशासन के बीच विश्वास निरंतर मजबूत होता रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि आगामी 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ से अलंकृत किया जाएगा। इस अवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के जवान नवीन सेरेमोनियल वर्दी में परेड में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड पुलिस अपनी नवीन पहचान के साथ जनसेवा, अनुशासन, दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के नए मानक स्थापित करेगी। *उत्तराखण्ड पुलिस के गौरव चिह्नों को मिला नया स्वरूप* उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, ‘सत्यमेव जयते’, स्वर्णिम लॉरेल रीथ, हिमालय एवं नदी को समाहित किया गया है, जो राष्ट्रीय गौरव, सत्य, न्याय, उत्कृष्टता और उत्तराखण्ड की विशिष्ट भौगोलिक पहचान को दर्शाते हैं। पूर्व प्रचलित तीन रंगों वाले क्षैतिज पुलिस ध्वज के स्थान पर गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नवीन ध्वज अपनाया गया है, जिसके मध्य नया पुलिस प्रतीक चिह्न तथा लाल एवं स्वर्णिम किनारे शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वर्दी पर प्रयुक्त होने वाले फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट को भी नवीन प्रतीक चिह्न के अनुरूप स्वरूप प्रदान किया गया है। इसके साथ ही पारंपरिक खाकी परिधान में बहुरंगी सेरेमोनियल सैश, अलंकरण एवं विशिष्ट परेड संबंधी साज-सज्जा को शामिल करते हुए सेरेमोनियल वर्दी को नया स्वरूप दिया गया है। उत्तराखण्ड पुलिस के ध्वज का अनावरण पूर्व में 4 अप्रैल 2008 को हुआ था। बदलती चुनौतियों और पुलिस बल के बढ़ते दायित्वों के अनुरूप नवीन गौरव चिह्नों एवं प्रतीकों को तैयार किया गया है। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त विवरण के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा 21 अक्टूबर 2026 को नवीन स्वरूप को अनुमोदन प्रदान किया गया था। इस अवसर पर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक पी.वी.के. प्रसाद, महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन, सचिव श्री दिलीप जावलकर, आर. राजेश कुमार, पंकज पांडेय, पुलिस महानिरीक्षक  रिधिम अग्रवाल सहित शासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

52 min ago
user_Journalist Amit nautiyal
Journalist Amit nautiyal
Media house Tehri Garhwal, Uttarakhand•
52 min ago

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का किया अनावरण* *मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का किया अनावरण* *मुख्यमंत्री ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का किया शुभारंभ* *भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन 1064 की नियमित समीक्षा करने के मुख्य सचिव को दिए निर्देश* *6 नवंबर को उत्तराखण्ड पुलिस को मिलेगा प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर* देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन ध्वज, प्रतीक चिह्न, फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया, क्रेस्ट एवं सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थीम पर आधारित सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। उन्होंने उत्तराखण्ड पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में प्रोन्नत हुई श्रीमती शाहजहां जावेद खान एवं श्री जगदीश चंद्र को प्रतीक चिह्न अलंकरण कर पदोन्नति की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के अधिकारियों एवं जवानों को नवीन गौरव चिह्नों के अनावरण पर बधाई देते हुए कहा कि पुलिस की पहचान को नया स्वरूप प्रदान करना केवल प्रतीकों और वर्दी में बदलाव नहीं, बल्कि पुलिस बल की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के मूल आदर्शों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पुलिस के नए प्रतीक गौरव के साथ जिम्मेदारी का भी एहसास कराते हैं। इस नई पहचान का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब प्रत्येक नागरिक को पुलिस के व्यवहार में संवेदनशीलता, कार्यप्रणाली में दक्षता और कार्रवाई में निष्पक्षता दिखाई दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उत्तराखण्ड पुलिस को भी आधुनिक तकनीक से सुसज्जित, अधिक प्रशिक्षित, दक्ष एवं सक्षम बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस का नवीन ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और साहस का संदेश देता है। पुलिस के प्रत्येक अधिकारी और जवान को इन आदर्शों को अपने आचरण एवं कार्यशैली में आत्मसात करना होगा। वर्दी का सम्मान आचरण से और जनता का विश्वास सेवा से मजबूत होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का अनावरण विशेष महत्व रखता है। भारत के प्रथम गृह मंत्री एवं राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह अवसर राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह के शुभारंभ पर कहा कि प्रदेश के विकास के साथ शासन व्यवस्था में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। विकास का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो और आमजन को बिना किसी परेशानी के सरकारी सेवाओं का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचारमुक्त शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने में सतर्कता विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई करने के साथ उन खामियों को भी दूर करना आवश्यक है, जिनके कारण भ्रष्टाचार की संभावनाएं पैदा होती हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने और किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1064 पर दर्ज कराने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की भांति भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के लिए संचालित हेल्पलाइन नंबर 1064 की भी नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने वाले प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालय आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात संवेदनशीलता से सुनने तथा उनके कार्यों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें उत्तराखण्ड में ऐसी भ्रष्टाचारमुक्त व्यवस्था का निर्माण करना है, जहां प्रत्येक नागरिक को सम्मान मिले, जनसेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और जनता तथा शासन-प्रशासन के बीच विश्वास निरंतर मजबूत होता रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि आगामी 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ से अलंकृत किया जाएगा। इस अवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के जवान नवीन सेरेमोनियल वर्दी में परेड में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड पुलिस अपनी नवीन पहचान के साथ जनसेवा, अनुशासन, दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के नए मानक स्थापित करेगी। *उत्तराखण्ड पुलिस के गौरव चिह्नों को मिला नया स्वरूप* उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, ‘सत्यमेव जयते’, स्वर्णिम लॉरेल रीथ, हिमालय एवं नदी को समाहित किया गया है, जो राष्ट्रीय गौरव, सत्य, न्याय, उत्कृष्टता और उत्तराखण्ड की विशिष्ट भौगोलिक पहचान को दर्शाते हैं। पूर्व प्रचलित तीन रंगों वाले क्षैतिज पुलिस ध्वज के स्थान पर गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नवीन ध्वज अपनाया गया है, जिसके मध्य नया पुलिस प्रतीक चिह्न तथा लाल एवं स्वर्णिम किनारे शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वर्दी पर प्रयुक्त होने वाले फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट को भी नवीन प्रतीक चिह्न के अनुरूप स्वरूप प्रदान किया गया है। इसके साथ ही पारंपरिक खाकी परिधान में बहुरंगी सेरेमोनियल सैश, अलंकरण एवं विशिष्ट परेड संबंधी साज-सज्जा को शामिल करते हुए सेरेमोनियल वर्दी को नया स्वरूप दिया गया है। उत्तराखण्ड पुलिस के ध्वज का अनावरण पूर्व में 4 अप्रैल 2008 को हुआ था। बदलती चुनौतियों और पुलिस बल के बढ़ते दायित्वों के अनुरूप नवीन गौरव चिह्नों एवं प्रतीकों को तैयार किया गया है। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त विवरण के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा 21 अक्टूबर 2026 को नवीन स्वरूप को अनुमोदन प्रदान किया गया था। इस अवसर पर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक पी.वी.के. प्रसाद, महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन, सचिव श्री दिलीप जावलकर, आर. राजेश कुमार, पंकज पांडेय, पुलिस महानिरीक्षक  रिधिम अग्रवाल सहित शासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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जवानों को नवीन गौरव चिह्नों के अनावरण पर बधाई देते हुए कहा कि पुलिस की पहचान को नया स्वरूप प्रदान करना केवल प्रतीकों और वर्दी में बदलाव नहीं, बल्कि पुलिस बल की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के मूल आदर्शों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पुलिस के नए प्रतीक गौरव के साथ जिम्मेदारी का भी एहसास कराते हैं। इस नई पहचान का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब प्रत्येक नागरिक को पुलिस के व्यवहार में संवेदनशीलता, कार्यप्रणाली में दक्षता और कार्रवाई में निष्पक्षता दिखाई दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उत्तराखण्ड पुलिस को भी आधुनिक तकनीक से सुसज्जित, अधिक प्रशिक्षित, दक्ष एवं सक्षम बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस का नवीन ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और साहस का संदेश देता है। पुलिस के प्रत्येक अधिकारी और जवान को इन आदर्शों को अपने आचरण एवं कार्यशैली में आत्मसात करना होगा। वर्दी का सम्मान आचरण से और जनता का विश्वास सेवा से मजबूत होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का अनावरण विशेष महत्व रखता है। भारत के प्रथम गृह मंत्री एवं राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह अवसर राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह के शुभारंभ पर कहा कि प्रदेश के विकास के साथ शासन व्यवस्था में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। विकास का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो और आमजन को बिना किसी परेशानी के सरकारी सेवाओं का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचारमुक्त शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने में सतर्कता विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई करने के साथ उन खामियों को भी दूर करना आवश्यक है, जिनके कारण भ्रष्टाचार की संभावनाएं पैदा होती हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने और किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1064 पर दर्ज कराने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की भांति भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के लिए संचालित हेल्पलाइन नंबर 1064 की भी नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने वाले प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालय आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात संवेदनशीलता से सुनने तथा उनके कार्यों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें उत्तराखण्ड में ऐसी भ्रष्टाचारमुक्त व्यवस्था का निर्माण करना है, जहां प्रत्येक नागरिक को सम्मान मिले, जनसेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और जनता तथा शासन-प्रशासन के बीच विश्वास निरंतर मजबूत होता रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि आगामी 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ से अलंकृत किया जाएगा। इस अवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के जवान नवीन सेरेमोनियल वर्दी में परेड में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड पुलिस अपनी नवीन पहचान के साथ जनसेवा, अनुशासन, दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के नए मानक स्थापित करेगी। *उत्तराखण्ड पुलिस के गौरव चिह्नों को मिला नया स्वरूप* उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, ‘सत्यमेव जयते’, स्वर्णिम लॉरेल रीथ, हिमालय एवं नदी को समाहित किया गया है, जो राष्ट्रीय गौरव, सत्य, न्याय, उत्कृष्टता और उत्तराखण्ड की विशिष्ट भौगोलिक पहचान को दर्शाते हैं। पूर्व प्रचलित तीन रंगों वाले क्षैतिज पुलिस ध्वज के स्थान पर गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नवीन ध्वज अपनाया गया है, जिसके मध्य नया पुलिस प्रतीक चिह्न तथा लाल एवं स्वर्णिम किनारे शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वर्दी पर प्रयुक्त होने वाले फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट को भी नवीन प्रतीक चिह्न के अनुरूप स्वरूप प्रदान किया गया है। इसके साथ ही पारंपरिक खाकी परिधान में बहुरंगी सेरेमोनियल सैश, अलंकरण एवं विशिष्ट परेड संबंधी साज-सज्जा को शामिल करते हुए सेरेमोनियल वर्दी को नया स्वरूप दिया गया है। उत्तराखण्ड पुलिस के ध्वज का अनावरण पूर्व में 4 अप्रैल 2008 को हुआ था। बदलती चुनौतियों और पुलिस बल के बढ़ते दायित्वों के अनुरूप नवीन गौरव चिह्नों एवं प्रतीकों को तैयार किया गया है। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त विवरण के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा 21 अक्टूबर 2026 को नवीन स्वरूप को अनुमोदन प्रदान किया गया था। इस अवसर पर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक पी.वी.के. प्रसाद, महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन, सचिव श्री दिलीप जावलकर, आर. राजेश कुमार, पंकज पांडेय, पुलिस महानिरीक्षक  रिधिम अग्रवाल सहित शासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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    मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का किया अनावरण*
*मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का किया अनावरण*
*मुख्यमंत्री ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का किया शुभारंभ*
*भ्रष्टाचार की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन 1064 की नियमित समीक्षा करने के मुख्य सचिव को दिए निर्देश*
*6 नवंबर को उत्तराखण्ड पुलिस को मिलेगा प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर*
देहरादून
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन ध्वज, प्रतीक चिह्न, फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया, क्रेस्ट एवं सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ थीम पर आधारित सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी लोगों को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। उन्होंने उत्तराखण्ड पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा में प्रोन्नत हुई श्रीमती शाहजहां जावेद खान एवं श्री जगदीश चंद्र को प्रतीक चिह्न अलंकरण कर पदोन्नति की शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड पुलिस के अधिकारियों एवं जवानों को नवीन गौरव चिह्नों के अनावरण पर बधाई देते हुए कहा कि पुलिस की पहचान को नया स्वरूप प्रदान करना केवल प्रतीकों और वर्दी में बदलाव नहीं, बल्कि पुलिस बल की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के मूल आदर्शों को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि पुलिस के नए प्रतीक गौरव के साथ जिम्मेदारी का भी एहसास कराते हैं। इस नई पहचान का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब प्रत्येक नागरिक को पुलिस के व्यवहार में संवेदनशीलता, कार्यप्रणाली में दक्षता और कार्रवाई में निष्पक्षता दिखाई दे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्मार्ट पुलिसिंग की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उत्तराखण्ड पुलिस को भी आधुनिक तकनीक से सुसज्जित, अधिक प्रशिक्षित, दक्ष एवं सक्षम बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड पुलिस का नवीन ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और साहस का संदेश देता है। पुलिस के प्रत्येक अधिकारी और जवान को इन आदर्शों को अपने आचरण एवं कार्यशैली में आत्मसात करना होगा। वर्दी का सम्मान आचरण से और जनता का विश्वास सेवा से मजबूत होता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन गौरव चिह्नों का अनावरण विशेष महत्व रखता है। भारत के प्रथम गृह मंत्री एवं राष्ट्रीय एकता के शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह अवसर राष्ट्रीय एकता, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह के शुभारंभ पर कहा कि प्रदेश के विकास के साथ शासन व्यवस्था में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। विकास का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो और आमजन को बिना किसी परेशानी के सरकारी सेवाओं का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। भ्रष्टाचारमुक्त शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने में सतर्कता विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार की शिकायतों पर कार्रवाई करने के साथ उन खामियों को भी दूर करना आवश्यक है, जिनके कारण भ्रष्टाचार की संभावनाएं पैदा होती हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने और किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत हेल्पलाइन नंबर 1064 पर दर्ज कराने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की भांति भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के लिए संचालित हेल्पलाइन नंबर 1064 की भी नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने वाले प्रत्येक व्यक्ति की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालय आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात संवेदनशीलता से सुनने तथा उनके कार्यों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें उत्तराखण्ड में ऐसी भ्रष्टाचारमुक्त व्यवस्था का निर्माण करना है, जहां प्रत्येक नागरिक को सम्मान मिले, जनसेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न हो और जनता तथा शासन-प्रशासन के बीच विश्वास निरंतर मजबूत होता रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के लिए अत्यंत गौरव का विषय है कि आगामी 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ से अलंकृत किया जाएगा। इस अवसर पर उत्तराखण्ड पुलिस के जवान नवीन सेरेमोनियल वर्दी में परेड में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखण्ड पुलिस अपनी नवीन पहचान के साथ जनसेवा, अनुशासन, दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के नए मानक स्थापित करेगी।
*उत्तराखण्ड पुलिस के गौरव चिह्नों को मिला नया स्वरूप*
उत्तराखण्ड पुलिस के नवीन प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, ‘सत्यमेव जयते’, स्वर्णिम लॉरेल रीथ, हिमालय एवं नदी को समाहित किया गया है, जो राष्ट्रीय गौरव, सत्य, न्याय, उत्कृष्टता और उत्तराखण्ड की विशिष्ट भौगोलिक पहचान को दर्शाते हैं। पूर्व प्रचलित तीन रंगों वाले क्षैतिज पुलिस ध्वज के स्थान पर गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नवीन ध्वज अपनाया गया है, जिसके मध्य नया पुलिस प्रतीक चिह्न तथा लाल एवं स्वर्णिम किनारे शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की वर्दी पर प्रयुक्त होने वाले फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट को भी नवीन प्रतीक चिह्न के अनुरूप स्वरूप प्रदान किया गया है। इसके साथ ही पारंपरिक खाकी परिधान में बहुरंगी सेरेमोनियल सैश, अलंकरण एवं विशिष्ट परेड संबंधी साज-सज्जा को शामिल करते हुए सेरेमोनियल वर्दी को नया स्वरूप दिया गया है।
उत्तराखण्ड पुलिस के ध्वज का अनावरण पूर्व में 4 अप्रैल 2008 को हुआ था। बदलती चुनौतियों और पुलिस बल के बढ़ते दायित्वों के अनुरूप नवीन गौरव चिह्नों एवं प्रतीकों को तैयार किया गया है। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त विवरण के अनुसार मुख्यमंत्री द्वारा 21 अक्टूबर 2026 को नवीन स्वरूप को अनुमोदन प्रदान किया गया था।
इस अवसर पर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक पी.वी.के. प्रसाद, महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन, सचिव श्री दिलीप जावलकर, आर. राजेश कुमार, पंकज पांडेय, पुलिस महानिरीक्षक  रिधिम अग्रवाल सहित शासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
    user_Journalist Amit nautiyal
    Journalist Amit nautiyal
    Media house Tehri Garhwal, Uttarakhand•
    52 min ago
  • लगातार दूसरे दिन बारिश से जनजीवन प्रभावित, बढ़ी ठंड... लगातार दूसरे दिन बारिश से जनजीवन प्रभावित, बढ़ी ठंड पौड़ी। जनपद में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन मौसम का मिजाज बदला रहा। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और दिनभर रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आने से ठंड बढ़ गई। अचानक बदले मौसम का असर आम जनजीवन पर भी देखने को मिला। बारिश के कारण बाजारों में लोगों की आवाजाही कम रही, वहीं जरूरी काम से घरों से बाहर निकले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। पौड़ी मुख्यालय सहित पाबौ, थलीसैंण, पोखड़ा, सतपुली और आसपास के क्षेत्रों में मौसम सर्द बना रहा। लगातार बारिश के चलते लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए। वहीं, कई स्थानों पर लोग बारिश थमने का इंतजार करते रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश के कारण रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हुए। दो दिनों से मौसम में आए बदलाव के चलते ठंड का असर बढ़ने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
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    लगातार दूसरे दिन बारिश से जनजीवन प्रभावित, बढ़ी ठंड...
लगातार दूसरे दिन बारिश से जनजीवन प्रभावित, बढ़ी ठंड
पौड़ी। जनपद में शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन मौसम का मिजाज बदला रहा। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और दिनभर रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आने से ठंड बढ़ गई। अचानक बदले मौसम का असर आम जनजीवन पर भी देखने को मिला। बारिश के कारण बाजारों में लोगों की आवाजाही कम रही, वहीं जरूरी काम से घरों से बाहर निकले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पौड़ी मुख्यालय सहित पाबौ, थलीसैंण, पोखड़ा, सतपुली और आसपास के क्षेत्रों में मौसम सर्द बना रहा। लगातार बारिश के चलते लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए। वहीं, कई स्थानों पर लोग बारिश थमने का इंतजार करते रहे। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश के कारण रोजमर्रा के कामकाज प्रभावित हुए। दो दिनों से मौसम में आए बदलाव के चलते ठंड का असर बढ़ने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है।
    user_Jaspal Negi
    Jaspal Negi
    पौड़ी, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड•
    1 day ago
  • हरिद्वार, भीमगोड़ा बैराज से जलस्तर बढ़ने पर टापू पर फंसे 30 से 35 लोगों का SDRF ने संयुक्त अभियान चलाकर किया सकुशल रेस्क्यू। हरिद्वार। दिनांक 31 अक्टूबर 2026 को भीमगोड़ा बैराज से पानी का प्रवाह बढ़ने के कारण हरिद्वार स्थित दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग के पीछे एक टापू पर लगभग 35 लोग फंस गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपदा कंट्रोल रूम हरिद्वार द्वारा SDRF से रेस्क्यू हेतु सहायता मांगी गई। सूचना प्राप्त होते ही SDRF की टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर SDRF, जल पुलिस एवं आपदा राहत दल 40वीं वाहिनी PAC की टीमों द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया गया। टीमों ने बढ़ते जलस्तर के बीच त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई करते हुए टापू पर फंसे सभी लगभग 30 से 35 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। संयुक्त टीमों की तत्परता एवं कुशल रेस्क्यू कार्यवाही से एक बड़ा हादसा टल गया।
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    हरिद्वार, भीमगोड़ा बैराज से जलस्तर बढ़ने पर टापू पर फंसे 30 से 35 लोगों का SDRF ने संयुक्त अभियान चलाकर किया सकुशल रेस्क्यू।
हरिद्वार। दिनांक 31 अक्टूबर 2026 को भीमगोड़ा बैराज से पानी का प्रवाह बढ़ने के कारण हरिद्वार स्थित दीनदयाल उपाध्याय पार्किंग के पीछे एक टापू पर लगभग 35 लोग फंस गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपदा कंट्रोल रूम हरिद्वार द्वारा SDRF से रेस्क्यू हेतु सहायता मांगी गई।
सूचना प्राप्त होते ही SDRF की टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर SDRF, जल पुलिस एवं आपदा राहत दल 40वीं वाहिनी PAC की टीमों द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
टीमों ने बढ़ते जलस्तर के बीच त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई करते हुए टापू पर फंसे सभी लगभग 30 से 35 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। संयुक्त टीमों की तत्परता एवं कुशल रेस्क्यू कार्यवाही से एक बड़ा हादसा टल गया।
    user_Arunabh Raturi
    Arunabh Raturi
    Local News Reporter ऋषिकेश, देहरादून, उत्तराखंड•
    15 min ago
  • # *मुख्यमंत्री धामी ने अपने शिक्षकों के चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद, वर्षों बाद गुरु-शिष्य के मिलन का भावुक क्षण बना यादगार* **जिन शिक्षकों ने कभी विद्यार्थी के रूप में मुख्यमंत्री धामी को दी थी शिक्षा, उन्हीं के सामने आज मुख्यमंत्री के रूप में पहुंचे धामी; शिक्षकों ने पुरानी यादें साझा कर बताया होनहार और बहुमुखी प्रतिभा का धनी विद्यार्थी** जीवन में कुछ मुलाकातें ऐसी होती हैं, जो पद, प्रतिष्ठा और औपचारिकताओं से परे सीधे हृदय को स्पर्श कर जाती हैं। ऐसी ही भावुक और आत्मीय अनुभूति उस समय देखने को मिली, जब मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की मुलाकात देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने पूर्व शिक्षकों से हो गई। वर्षों बाद अपने गुरुजनों को सामने देखकर मुख्यमंत्री धामी ने बिना किसी औपचारिकता के आगे बढ़कर अपने दोनों शिक्षकों के चरण स्पर्श किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री श्री धामी के लिए यह केवल अपने शिक्षकों से मुलाकात नहीं, बल्कि अपने विद्यार्थी जीवन की जड़ों से दोबारा जुड़ने का आत्मीय अवसर था। कभी जिन गुरुजनों ने उन्हें कक्षा में बैठाकर शिक्षा दी, जीवन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, आज उन्हीं के सामने प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में खड़े होना एक भावुक क्षण बन गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्राथमिक कक्षा में शिक्षक रहे श्री जोहरा अब्बास तथा कक्षा 12वीं में शिक्षक रहे श्री सुदर्शन वर्मा से उनकी मुलाकात हुई। दोनों शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को पहचानते ही अपने पुराने विद्यार्थी के प्रति स्नेह और प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन की यादें साझा करते हुए बताया कि पुष्कर सिंह धामी पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ विद्यालय की अन्य गतिविधियों में भी काफी सक्रिय रहते थे। वे विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेते थे तथा एक होनहार और सक्रिय विद्यार्थी के रूप में उनकी पहचान थी। अपने पुराने विद्यार्थी को आज प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में देखकर दोनों शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में उनकी सक्रियता, सहभागिता और आगे बढ़ने का उत्साह हमेशा उन्हें याद रहेगा। आज उन्हें इस रूप में देखकर स्वाभाविक रूप से गर्व और खुशी का अनुभव हो रहा है। मुख्यमंत्री श्री धामी ने भी अपने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।
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    # *मुख्यमंत्री धामी ने अपने शिक्षकों के चरण स्पर्श कर लिया आशीर्वाद, वर्षों बाद गुरु-शिष्य के मिलन का भावुक क्षण बना यादगार* 
**जिन शिक्षकों ने कभी विद्यार्थी के रूप में मुख्यमंत्री धामी को दी थी शिक्षा, उन्हीं के सामने आज मुख्यमंत्री के रूप में पहुंचे धामी; शिक्षकों ने पुरानी यादें साझा कर बताया होनहार और बहुमुखी प्रतिभा का धनी विद्यार्थी**
जीवन में कुछ मुलाकातें ऐसी होती हैं, जो पद, प्रतिष्ठा और औपचारिकताओं से परे सीधे हृदय को स्पर्श कर जाती हैं। ऐसी ही भावुक और आत्मीय अनुभूति उस समय देखने को मिली, जब मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की मुलाकात देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने पूर्व शिक्षकों से हो गई। वर्षों बाद अपने गुरुजनों को सामने देखकर मुख्यमंत्री धामी ने बिना किसी औपचारिकता के आगे बढ़कर अपने दोनों शिक्षकों के चरण स्पर्श किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री श्री धामी के लिए यह केवल अपने शिक्षकों से मुलाकात नहीं, बल्कि अपने विद्यार्थी जीवन की जड़ों से दोबारा जुड़ने का आत्मीय अवसर था। कभी जिन गुरुजनों ने उन्हें कक्षा में बैठाकर शिक्षा दी, जीवन के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, आज उन्हीं के सामने प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में खड़े होना एक भावुक क्षण बन गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्राथमिक कक्षा में शिक्षक रहे श्री जोहरा अब्बास तथा कक्षा 12वीं में शिक्षक रहे श्री सुदर्शन वर्मा से उनकी मुलाकात हुई। दोनों शिक्षकों ने मुख्यमंत्री को पहचानते ही अपने पुराने विद्यार्थी के प्रति स्नेह और प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन की यादें साझा करते हुए बताया कि पुष्कर सिंह धामी पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ विद्यालय की अन्य गतिविधियों में भी काफी सक्रिय रहते थे। वे विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लेते थे तथा एक होनहार और सक्रिय विद्यार्थी के रूप में उनकी पहचान थी।
अपने पुराने विद्यार्थी को आज प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में देखकर दोनों शिक्षकों ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन में उनकी सक्रियता, सहभागिता और आगे बढ़ने का उत्साह हमेशा उन्हें याद रहेगा। आज उन्हें इस रूप में देखकर स्वाभाविक रूप से गर्व और खुशी का अनुभव हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने भी अपने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।
    user_Uma shankar Kukreti
    Uma shankar Kukreti
    Newspaper publisher ऋषिकेश, देहरादून, उत्तराखंड•
    15 hrs ago
  • 🚨 बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर हादसे की जांच के सीएम धामी ने दिए आदेश, The Aman Times 🚨 बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर हादसे की जांच के आदेश देहरादून। बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर हादसे को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जांच के आदेश दिए हैं। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके पीछे क्या कारण रहे, इसकी विस्तृत जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवारों को इस दुख की घड़ी में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की। The Aman Times | देहरादून
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    🚨 बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर हादसे की जांच के सीएम धामी ने दिए आदेश, 
The Aman Times 
🚨 बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर हादसे की जांच के आदेश
देहरादून। 
बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर हादसे को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जांच के आदेश दिए हैं। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसके पीछे क्या कारण रहे, इसकी विस्तृत जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए शोकाकुल परिवारों को इस दुख की घड़ी में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की।
The Aman Times | देहरादून
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • ISBT देहरादून के पास सड़क हादसा, दो कारें और बाइक क्षतिग्रस्त देहरादून ISBT के पास सड़क हादसे में दो कारों और एक बाइक को नुकसान पहुंचा। गनीमत रही कि हादसे में कोई घायल नहीं हुआ।
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    ISBT देहरादून के पास सड़क हादसा, दो कारें और बाइक क्षतिग्रस्त
देहरादून ISBT के पास सड़क हादसे में दो कारों और एक बाइक को नुकसान पहुंचा। गनीमत रही कि हादसे में कोई घायल नहीं हुआ।
    user_The India Vox
    The India Vox
    Media house देहरादून, देहरादून, उत्तराखंड•
    13 hrs ago
  • भाजपा बसपा के सेकंड लोगों ने थामा कांग्रेस का दामन लक्सर में कांग्रेस के सदस्यता कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत लक्सर में कांग्रेस के सदस्य कार्यक्रम मैं उमरा जन सैलाब पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद के नेतृत्व में मुख्य अतिथि डॉ हर्षिम रावत ने पार्टी का प्रतीक चिन्ह पहन कर दिलाए सदस्यता कार्यक्रम
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    भाजपा बसपा के सेकंड लोगों ने थामा कांग्रेस का दामन लक्सर में कांग्रेस के सदस्यता कार्यक्रम में उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ हरक सिंह रावत
लक्सर में कांग्रेस के सदस्य कार्यक्रम मैं उमरा जन सैलाब पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद के नेतृत्व में मुख्य अतिथि डॉ हर्षिम रावत ने पार्टी का प्रतीक चिन्ह पहन कर दिलाए सदस्यता कार्यक्रम
    user_Pardhan TV News karnesh kumar
    Pardhan TV News karnesh kumar
    Social Media Manager हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    15 hrs ago
  • मुख्यमंत्री की घोषणा: पीआरडी जवानों का बढ़ेगा मानदेय, प्रत्येक ग्राम पंचायत में बनेगा मुख्यमंत्री खेल क्लब *मुख्यमंत्री ने देहरादून में ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग* *मुख्यमंत्री की घोषणा: पीआरडी जवानों का बढ़ेगा मानदेय, प्रत्येक ग्राम पंचायत में बनेगा मुख्यमंत्री खेल क्लब* *मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी में खेलों की संख्या 32 से बढ़ाकर 50 की जाएगी, मुख्यमंत्री कप की पुरस्कार राशि होगी दोगुनी* देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को पवेलियन ग्राउंड, देहरादून में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने दौड़ में शामिल युवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और उनका उत्साहवर्धन करते हुए राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं, खिलाड़ियों एवं प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के मानदेय में वृद्धि किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मानदेय वृद्धि के संबंध में जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में मुख्यमंत्री खेल क्लब का गठन किए जाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री ने देहरादून के आमवाला स्थित युवा केंद्र से सटी रिक्त भूमि को युवा कल्याण विभाग के नाम हस्तांतरित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस भूमि पर मिनी स्टेडियम एवं अग्निवीर प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण किया जाएगा। इससे युवाओं को खेल सुविधाओं के साथ ही सेना में भर्ती की तैयारी के लिए बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर आयोजित खेल प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि बढ़ाए जाने की भी घोषणा की। इसके तहत न्याय पंचायत स्तर पर प्रथम पुरस्कार ₹300 से बढ़ाकर ₹400, द्वितीय पुरस्कार ₹200 से बढ़ाकर ₹300 तथा तृतीय पुरस्कार ₹150 से बढ़ाकर ₹200 किया जाएगा। विधानसभा स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार की राशि क्रमशः ₹500, ₹400 एवं ₹300 से बढ़ाकर ₹700, ₹500 एवं ₹400 की जाएगी। इसी प्रकार संसदीय क्षेत्र स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार की राशि क्रमशः ₹800, ₹600 एवं ₹400 से बढ़ाकर ₹1,000, ₹800 एवं ₹600 तथा राज्य स्तर पर ₹1,500, ₹1,000 एवं ₹700 से बढ़ाकर क्रमशः ₹2,000, ₹1,500 एवं ₹1,000 किए जाने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत ओवरऑल विजेता जनपद को दिए जाने वाले मुख्यमंत्री कप की पुरस्कार राशि ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत 32 खेल आयोजित किए जाते हैं, जिनकी संख्या बढ़ाकर 50 की जाएगी। इनमें विशेष रूप से पारंपरिक खेलों को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने चैंपियनशिप ट्रॉफी के आयोजन के लिए निर्धारित कुल धनराशि में भी वृद्धि किए जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता से देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत आधार प्रदान किया। उन्होंने विभिन्न रियासतों का एकीकरण कर सशक्त और एकजुट भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सबसे पहली पहचान भारतीय होने की है। यही भावना हमें आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए मिलकर कार्य करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से सरदार पटेल के योगदान को चिरस्थायी बनाने के लिए गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि ‘रन फॉर यूनिटी’ जैसे आयोजन सरदार पटेल के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति ही देश और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का आधार है। उन्होंने युवाओं से खेल, योग और नियमित शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा नशे से दूर रहने की अपील की। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशामुक्त उत्तराखंड के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने और नशे के विरुद्ध जनजागरूकता बढ़ाने का भी आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसे पर जताया दुःख मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बदरीनाथ धाम से लौटते समय जोशीमठ क्षेत्र में हुए हेलीकॉप्टर हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने हादसे में दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री ने भगवान बदरी विशाल से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल, विधायक बृजभूषण गैरोला, उत्तराखंड राज्य स्तरीय खेल परिषद के अध्यक्ष कुलदीप बुटोला, उपाध्यक्ष हेमराज बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, निदेशक खेल दीप्ति सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।
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    मुख्यमंत्री की घोषणा: पीआरडी जवानों का बढ़ेगा मानदेय, प्रत्येक ग्राम पंचायत में बनेगा मुख्यमंत्री खेल क्लब
*मुख्यमंत्री ने देहरादून में ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में किया प्रतिभाग*
*मुख्यमंत्री की घोषणा: पीआरडी जवानों का बढ़ेगा मानदेय, प्रत्येक ग्राम पंचायत में बनेगा मुख्यमंत्री खेल क्लब*
*मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी में खेलों की संख्या 32 से बढ़ाकर 50 की जाएगी, मुख्यमंत्री कप की पुरस्कार राशि होगी दोगुनी*
देहरादून 
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को पवेलियन ग्राउंड, देहरादून में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने दौड़ में शामिल युवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और उनका उत्साहवर्धन करते हुए राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने युवाओं, खिलाड़ियों एवं प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री ने प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों के मानदेय में वृद्धि किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मानदेय वृद्धि के संबंध में जल्द ही बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में मुख्यमंत्री खेल क्लब का गठन किए जाने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री ने देहरादून के आमवाला स्थित युवा केंद्र से सटी रिक्त भूमि को युवा कल्याण विभाग के नाम हस्तांतरित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस भूमि पर मिनी स्टेडियम एवं अग्निवीर प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण किया जाएगा। इससे युवाओं को खेल सुविधाओं के साथ ही सेना में भर्ती की तैयारी के लिए बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत विभिन्न स्तरों पर आयोजित खेल प्रतियोगिताओं के विजेता खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि बढ़ाए जाने की भी घोषणा की। इसके तहत न्याय पंचायत स्तर पर प्रथम पुरस्कार ₹300 से बढ़ाकर ₹400, द्वितीय पुरस्कार ₹200 से बढ़ाकर ₹300 तथा तृतीय पुरस्कार ₹150 से बढ़ाकर ₹200 किया जाएगा। विधानसभा स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार की राशि क्रमशः ₹500, ₹400 एवं ₹300 से बढ़ाकर ₹700, ₹500 एवं ₹400 की जाएगी।
इसी प्रकार संसदीय क्षेत्र स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार की राशि क्रमशः ₹800, ₹600 एवं ₹400 से बढ़ाकर ₹1,000, ₹800 एवं ₹600 तथा राज्य स्तर पर ₹1,500, ₹1,000 एवं ₹700 से बढ़ाकर क्रमशः ₹2,000, ₹1,500 एवं ₹1,000 किए जाने की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत ओवरऑल विजेता जनपद को दिए जाने वाले मुख्यमंत्री कप की पुरस्कार राशि ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹10 लाख किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के अंतर्गत 32 खेल आयोजित किए जाते हैं, जिनकी संख्या बढ़ाकर 50 की जाएगी। इनमें विशेष रूप से पारंपरिक खेलों को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने चैंपियनशिप ट्रॉफी के आयोजन के लिए निर्धारित कुल धनराशि में भी वृद्धि किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता से देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत आधार प्रदान किया। उन्होंने विभिन्न रियासतों का एकीकरण कर सशक्त और एकजुट भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सबसे पहली पहचान भारतीय होने की है। यही भावना हमें आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए मिलकर कार्य करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से सरदार पटेल के योगदान को चिरस्थायी बनाने के लिए गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि ‘रन फॉर यूनिटी’ जैसे आयोजन सरदार पटेल के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से अनुशासन, परिश्रम और दृढ़ संकल्प के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति ही देश और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का आधार है। उन्होंने युवाओं से खेल, योग और नियमित शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा नशे से दूर रहने की अपील की। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशामुक्त उत्तराखंड के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने और नशे के विरुद्ध जनजागरूकता बढ़ाने का भी आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसे पर जताया दुःख
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बदरीनाथ धाम से लौटते समय जोशीमठ क्षेत्र में हुए हेलीकॉप्टर हादसे पर गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने हादसे में दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री ने भगवान बदरी विशाल से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, देहरादून के महापौर सौरभ थपलियाल, विधायक बृजभूषण गैरोला, उत्तराखंड राज्य स्तरीय खेल परिषद के अध्यक्ष कुलदीप बुटोला, उपाध्यक्ष हेमराज बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, निदेशक खेल दीप्ति सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।
    user_Journalist Amit nautiyal
    Journalist Amit nautiyal
    Media house Tehri Garhwal, Uttarakhand•
    2 hrs ago
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