सीमलवाड़ा में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) खंड सीमलवाड़ा की ओर से प्रधानाध्यापक एवं पीईईओ मनाकादेव प्रवीण जैन के सम्मान में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय ढेढ़ीया फला के प्रधानाध्यापक प्रवीण जैन 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शंकरलाल कटारा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में महासंघ के विभाग संगठन मंत्री स्वयं प्रवीण जैन उपस्थित रहे। समारोह के दौरान संगठन की ओर से प्रवीण जैन को अभिनंदन पत्र भेंट कर, माल्यार्पण, उपरणा, शॉल और साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए प्रवीण जैन ने कहा कि निष्ठा, ईमानदारी और समर्पित भाव से किया गया कर्म कभी व्यर्थ नहीं जाता और उसका सकारात्मक फल निश्चित रूप से मिलता है। उन्होंने अपनी सेवा यात्रा और शिक्षक व विद्यार्थी हितों के संघर्षों का उल्लेख करते हुए शिक्षकों से संगठन की मजबूती और शिक्षा हित में काम करने का आह्वान किया। स्वागत भाषण में खंड अध्यक्ष कल्पेश मेहता ने उनके कार्यकाल को प्रेरणादायी बताया। प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ऋषिन चौबीसा ने संगठन के वरिष्ठ स्तंभों जगदीश चंद्र पंड्या, लक्ष्मीलाल जैन, महेश चौबीसा एवं छत्तर सिंह लबाना के योगदान को याद करते हुए प्रवीण जैन की भूमिका की सराहना की। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य अतिथि एसीबीईओ द्वितीय धनपाल भोई, संभाग उपाध्यक्ष बलवंत बामणिया, रमनलाल पाटीदार, दोवड़ा खंड अध्यक्ष नागेंद्र मीणा, जिला संगठन मंत्री दिलीप सिंह चौहान, पंकज पंड्या, दत्तेश मेहता और पियुष जैन सहित अन्य वक्ताओं ने विचार रखे और उनके सुखद जीवन की कामना की। समारोह का संचालन मंत्री सुरेश पाटीदार ने किया और आभार जिला कोषाध्यक्ष राजेश पाटीदार ने जताया। इस अवसर पर माया पाटीदार, रमेशचंद्र लबाना, ललित लबाना, मुकेश कोठारी, नानूराम कटारा, मोहन डामोर, डायालाल कलाल, दिनेश भोई, कालूराम रोत और अक्षय डामोर सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सीमलवाड़ा में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) खंड सीमलवाड़ा की ओर से प्रधानाध्यापक एवं पीईईओ मनाकादेव प्रवीण जैन के सम्मान में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय ढेढ़ीया फला के प्रधानाध्यापक प्रवीण जैन 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शंकरलाल कटारा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में महासंघ के विभाग संगठन मंत्री स्वयं प्रवीण जैन उपस्थित रहे। समारोह के
दौरान संगठन की ओर से प्रवीण जैन को अभिनंदन पत्र भेंट कर, माल्यार्पण, उपरणा, शॉल और साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए प्रवीण जैन ने कहा कि निष्ठा, ईमानदारी और समर्पित भाव से किया गया कर्म कभी व्यर्थ नहीं जाता और उसका सकारात्मक फल निश्चित रूप से मिलता है। उन्होंने अपनी सेवा यात्रा और शिक्षक व विद्यार्थी हितों के संघर्षों का उल्लेख करते हुए शिक्षकों से संगठन की मजबूती और
शिक्षा हित में काम करने का आह्वान किया। स्वागत भाषण में खंड अध्यक्ष कल्पेश मेहता ने उनके कार्यकाल को प्रेरणादायी बताया। प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. ऋषिन चौबीसा ने संगठन के वरिष्ठ स्तंभों जगदीश चंद्र पंड्या, लक्ष्मीलाल जैन, महेश चौबीसा एवं छत्तर सिंह लबाना के योगदान को याद करते हुए प्रवीण जैन की भूमिका की सराहना की। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य अतिथि एसीबीईओ द्वितीय धनपाल भोई, संभाग उपाध्यक्ष बलवंत बामणिया, रमनलाल पाटीदार, दोवड़ा खंड अध्यक्ष नागेंद्र
मीणा, जिला संगठन मंत्री दिलीप सिंह चौहान, पंकज पंड्या, दत्तेश मेहता और पियुष जैन सहित अन्य वक्ताओं ने विचार रखे और उनके सुखद जीवन की कामना की। समारोह का संचालन मंत्री सुरेश पाटीदार ने किया और आभार जिला कोषाध्यक्ष राजेश पाटीदार ने जताया। इस अवसर पर माया पाटीदार, रमेशचंद्र लबाना, ललित लबाना, मुकेश कोठारी, नानूराम कटारा, मोहन डामोर, डायालाल कलाल, दिनेश भोई, कालूराम रोत और अक्षय डामोर सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- सीमलवाड़ा के चौरासी विधानसभा क्षेत्र के पाडली गुजरेश्वर मंडल के अंतर्गत ग्राम पंचायत महूडी में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में क्षेत्र के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी विभिन्न समस्याओं एवं आवश्यकताओं से जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया। शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना था। कार्यक्रम में चौरासी विधानसभा क्षेत्र के विधानसभा प्रत्याशी कारीलालजी ननेमा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दीनदयालजी चौहान, मंडल अध्यक्ष प्रवीण रोत एडवोकेट, मंडल महामंत्री देवी सिंह चौहान, पूर्व मंडल अध्यक्ष भंवरलालजी, वरिष्ठ कार्यकर्ता हरिजी, मंडल उपाध्यक्ष रमेशजी कटारा, बूथ अध्यक्ष जीतमलजी, नारायणजी सहित ग्राम पंचायत के सरपंच एवं अन्य जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी प्राप्त की और पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी दी गई। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों के समक्ष समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और आमजन की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर समाधान करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलती है और उन्हें विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो पाती हैं। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाने तथा क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।4
- डूंगरपुर जिले के सिमलवाड़ा उपखंड के कोलखंडा गांव में स्वर्गीय तुलसी देवी परमार, धर्मपत्नी पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं पूर्व सरपंच भेरूलाल परमार के करियावर, पगड़ी दस्तूर एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण शामिल हुए। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव, पूर्व सांसद, आसपुर के पूर्व विधायक, डूंगरपुर के पूर्व जिला प्रमुख तथा वागड़ के विकास पुरुष एवं संत सुरमलदास जी के भक्त ताराचंद भगोरा ने समाज को संबोधित करते हुए धर्म, जाति, संप्रदाय, सामाजिक समरसता, पारिवारिक संस्कृति तथा राजनीतिक मूल्यों पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गरीब, मध्यम वर्ग, युवाओं तथा शिक्षित बेरोजगारों के सामने अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे समय में समाज को शिक्षा, संस्कार, भाईचारे और संगठन की शक्ति के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने देश की आजादी से लेकर अब तक समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों का स्मरण करते हुए नई पीढ़ी को उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। भगोरा ने कहा कि समाज की जाजम पर बैठकर भक्ति, शिक्षा और संस्कारों के मार्ग को अपनाने से ही समाज नई दिशा प्राप्त करेगा तथा आने वाली पीढ़ियां देश और दुनिया में अपनी सकारात्मक पहचान स्थापित करेंगी। उन्होंने सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत बनाने पर भी बल दिया। कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष मनोज पाटीदार, जिला प्रवक्ता सुखदेव यादव, बसंतलाल रावत, दीनबंधु परमार सहित विभिन्न गांवों के सरपंच, मेट, कोतवाल, गमेती, मातृशक्ति, समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अंत में सभी ने स्वर्गीय तुलसी देवी परमार की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को श्रीहरि के श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।1
- डूंगरपुर जिले के सिमलवाड़ा उप-जिले के कोलखंडा गांव में स्वर्गीय तुलसी देवी परमार, पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं पूर्व सरपंच भेरूलाल परमार की धर्मपत्नी, के करियावर, पगड़ी दस्तूर एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय सचिव, पूर्व सांसद, आसपुर के पूर्व विधायक, डूंगरपुर के पूर्व जिला प्रमुख तथा वागड़ के विकास पुरुष एवं संत सुरमलदास जी के भक्त ताराचंद भगोरा ने समाज को संबोधित किया। उन्होंने अपने भाषण में धर्म, जाति, संप्रदाय, सामाजिक समरसता, पारिवारिक संस्कृति तथा राजनीतिक मूल्यों पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में गरीब, मध्यम वर्ग, युवाओं तथा शिक्षित बेरोजगारों के सामने अनेक चुनौतियां हैं। ऐसे समय में समाज को शिक्षा, संस्कार, भाईचारे और संगठन की शक्ति के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने देश की आजादी से लेकर अब तक समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों का स्मरण करते हुए नई पीढ़ी को उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। भगोरा ने कहा कि समाज की जाजम पर बैठकर भक्ति, शिक्षा और संस्कारों के मार्ग को अपनाने से ही समाज नई दिशा प्राप्त करेगा तथा आने वाली पीढ़ियां देश और दुनिया में अपनी सकारात्मक पहचान स्थापित करेंगी। उन्होंने सामाजिक एकता, पारिवारिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत बनाने पर भी बल दिया। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष मनोज पाटीदार, जिला प्रवक्ता सुखदेव यादव, बसंतलाल रावत, दीनबंधु परमार सहित विभिन्न गांवों के सरपंच, मेट, कोतवाल, गमेती, मातृशक्ति, समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अंत में सभी ने स्वर्गीय तुलसी देवी परमार की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को श्रीहरि के श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोक संतप्त परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।1
- पेपर लीक माफिया के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए मोदी सरकार नया एक्शन प्लान लेकर आई है। सरकार की इस नई योजना के जरिए पेपर लीक से जुड़े माफिया पर शिकंजा कसा जाएगा।1
- डूंगरपुर में हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश ने स्थानीय प्रशासन की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। मुख्यमंत्री जन आवास रोड पर बारिश के कारण मुख्य सड़कों और रास्तों पर जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है, जिससे आम जनता और राहगीरों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़कों पर नालियों की उचित सफाई और जल निकासी की सही व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी घंटों सड़कों पर ही जमा रहता है। देखते ही देखते सड़कें लबालब भर जाती हैं और पोखरे जैसी नज़र आने लगती हैं। स्कूली बच्चे और दुपहिया वाहन चालक सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। खतरे में दुपहिया वाहन चालक: पानी से भरे गड्ढों का सही अंदाज़ा न मिलने के कारण आए दिन बाइक व स्कूटी फिसलने और बंद होने की घटनाएँ सामने आ रही हैं। बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा प्रभावित: सुबह-सुबह स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को पानी के बीच से होकर गुज़रना पड़ रहा है, जिससे उनके कपड़े और जूते खराब हो रहे हैं। कई बार जलभराव के कारण बच्चे हादसों का शिकार होने से बाल-बाल बचते हैं। क्षेत्र के लोगों ने नगर निकाय और संबंधित प्रशासन से जल्द से जल्द जल निकासी का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है, ताकि भविष्य में होने वाली बारिश में लोगों को इस परेशानी से राहत मिल सके।3
- सफेद पगड़ी।1
- डूंगरपुर के छाणी मगरी धाम में बारिश कराने के उद्देश्य से इंद्र भगवान के लिए विशेष हवन का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में महंत ताजुराम, रतन लाल, नरेन्द्र रोत, मोतीलाल, तेज प्रकाश, धुलेशवर साहेटी मेट कोटवाल, साहेटी कोटवाल और गोविन्द गुरू आश्रय मन्दिर बादिया वडली के कार्यकर्ता शामिल हुए। हवन संपन्न होते ही छाणी मगरी धाम और इसके आसपास के इलाकों में अच्छी वर्षा का दौर शुरू हो गया।1
- राजस्थान सरकार हरित राजस्थान के संकल्प को पूरा करने के लिए हर वर्ष जून-जुलाई में वृक्षारोपण अभियान चलाती है। ग्राम पंचायतों, राजकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और विभिन्न सरकारी विभागों को हजारों पौधे लगाने के लक्ष्य दिए जाते हैं। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में उत्साह के साथ पौधारोपण किया जाता है। लेकिन डूंगरपुर जिले के ग्रामीण अंचलों में इस अभियान की जमीनी हकीकत सरकारी दावों से बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। अधिकांश स्थानों पर लगाए गए पौधे सुरक्षा और नियमित देखभाल के अभाव में कुछ ही महीनों में मर जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वृक्षारोपण अभियान का अधिकांश हिस्सा केवल लक्ष्य पूर्ति और औपचारिकता तक सीमित होकर रह गया है। पौधे लगाने के बाद उनकी सिंचाई, सुरक्षा और निगरानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से वर्ष 2024 और 2025 में लगाए गए हजारों पौधों में से अधिकांश अब दिखाई ही नहीं देते। कई ग्राम पंचायतों में स्थिति यह है कि लगाए गए पौधों में मुश्किल से कुछ ही पौधे जीवित बचे हैं, जबकि शेष पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार खुले स्थानों पर लगाए गए पौधों को नीलगाय, जंगली सुअर और पशु आसानी से नुकसान पहुंचा देते हैं। अधिकांश पौधों के चारों ओर न तो ट्री-गार्ड लगाए जाते हैं और न ही फेंसिंग की व्यवस्था होती है। भीषण गर्मी के दौरान समय पर सिंचाई नहीं होने से पौधे सूख जाते हैं। परिणाम यह है कि हर वर्ष लाखों पौधे लगाए जाने के बावजूद धरातल पर हरियाली बढ़ने के बजाय केवल सरकारी रिकॉर्ड ही हरे-भरे नजर आते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायतों के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था की जा सकती है। यदि प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी तय कर नियमित मॉनिटरिंग की जाए और संरक्षण को अभियान का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए तो बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं। पर्यावरण प्रेमियों का भी मानना है कि वृक्षारोपण की वास्तविक सफलता केवल पौधे लगाने में नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखकर पेड़ बनाने में है। जब तक संरक्षण, सिंचाई और निगरानी को प्राथमिकता नहीं मिलेगी, तब तक हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद हरित राजस्थान का सपना अधूरा ही रहेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस वर्ष लगाए जा रहे पौधों की नियमित समीक्षा कर सुरक्षा और संरक्षण की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वृक्षारोपण अभियान केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर भी हरियाली का आधार बन सके।4