दतिया। जिला पुलिस बल दतिया में पदस्थ कार्यवाहक प्रधान आरक्षक श्री राजकुमार शर्मा एवं प्रधान आरक्षक श्री श्रीपाल परिहार की सेवानिवृत्ति पर 30 अप्रैल 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गरिमामय विदाई समारोह आयोजित किया गया। सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों को भावभीनी विदाई दतिया। जिला पुलिस बल दतिया में पदस्थ कार्यवाहक प्रधान आरक्षक श्री राजकुमार शर्मा एवं प्रधान आरक्षक श्री श्रीपाल परिहार की सेवानिवृत्ति पर 30 अप्रैल 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गरिमामय विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में पुलिस अधीक्षक श्री सूरज कुमार वर्मा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील कुमार शिवहरे ने दोनों सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति-पत्र व पुलिस मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक ने उनके दीर्घकालीन, निष्ठापूर्ण एवं अनुकरणीय सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा अन्य पुलिस कर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगी। उन्होंने दोनों के उज्ज्वल, स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में रक्षित निरीक्षक श्री सौरभ तिवारी, सूबेदार श्री अजय वर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी एवं परिजन मौजूद रहे।
दतिया। जिला पुलिस बल दतिया में पदस्थ कार्यवाहक प्रधान आरक्षक श्री राजकुमार शर्मा एवं प्रधान आरक्षक श्री श्रीपाल परिहार की सेवानिवृत्ति पर 30 अप्रैल 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गरिमामय विदाई समारोह आयोजित किया गया। सेवानिवृत्त पुलिस कर्मियों को भावभीनी विदाई दतिया। जिला
पुलिस बल दतिया में पदस्थ कार्यवाहक प्रधान आरक्षक श्री राजकुमार शर्मा एवं प्रधान आरक्षक श्री श्रीपाल परिहार की सेवानिवृत्ति पर 30 अप्रैल 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में गरिमामय विदाई समारोह आयोजित किया गया। समारोह में पुलिस अधीक्षक श्री सूरज कुमार वर्मा एवं
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुनील कुमार शिवहरे ने दोनों सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति-पत्र व पुलिस मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक ने उनके दीर्घकालीन, निष्ठापूर्ण एवं अनुकरणीय सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी कार्यशैली, अनुशासन
और कर्तव्यनिष्ठा अन्य पुलिस कर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगी। उन्होंने दोनों के उज्ज्वल, स्वस्थ एवं सुखद भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में रक्षित निरीक्षक श्री सौरभ तिवारी, सूबेदार श्री अजय वर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी-कर्मचारी एवं परिजन मौजूद रहे।
- उत्तरप्रदेश- अमेठी में जनगणना में लगे टीचर्स की ट्रैनिंग चल रही है. ट्रैनिंग के दौरान लंच मील आया. जैसे ही खाने को हुए उसमें बदबू आ रही थी. चैक किया तो सारा बुसा हुआ निकला. टीचर्स ने भोजन के पैक फैंक दिये.1
- जबलपुर के बरगी बांध में हुए क्रूज़ हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। State Disaster Emergency Response Force (SDERF) की टीम ने अब तक 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। जानकारी के अनुसार क्रूज़ पर कुल 29 लोग सवार थे, जिनकी तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है। हादसे के बाद जिला प्रशासन और बचाव दल मौके पर सक्रिय हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर और कमिश्नर मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। वहीं, स्थानीय सांसद आशीष दुबे भी घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं। मोहन यादव के निर्देश पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी भी मौके पर पहुंच रहे हैं, ताकि राहत कार्यों की निगरानी की जा सके। प्रशासन द्वारा लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की गई है।1
- दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने गुरुवार को इंदरगढ़ का दौरा कर स्थानीय कृषि उपज मंडी एवं उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मंडी में किसानों की उपज की तुलाई प्रक्रिया, रजिस्टर में प्रविष्टियों और मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में किसानों को असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पेयजल और छांव जैसी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। भीषण गर्मी को देखते हुए कलेक्टर वानखड़े ने मंडी में वाटर कूलर की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए धर्मकांटे को शिफ्ट करने का प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजे जाने की जानकारी दी। उन्होंने मंडी तक पहुंच के लिए नए रोड निर्माण का प्रस्ताव भी भेजे जाने की बात कही, जिससे किसानों को आवागमन में सुविधा मिल सके। कलेक्टर ने संभावित वर्षा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को अग्रिम तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए, ताकि उपज को किसी प्रकार का नुकसान न हो। निरीक्षण के बाद कलेक्टर वानखड़े ने दाल मिल रोड स्थित राधारानी उपचार गोशाला का भी भ्रमण किया। यहां स्वयंसेवकों द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने गोशाला के उपयोग हेतु भूमि उपलब्ध कराने की अनुमति प्रदान की और इस पुनीत कार्य को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रशासन सख्त, किसानों की सुविधा सर्वोपरि कलेक्टर के इस दौरे से साफ संकेत मिले हैं कि प्रशासन किसानों की सुविधाओं को लेकर गंभीर है और मंडी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।3
- दतिया एयरपोर्ट पे खड़े होके बना दओ वीडियो बोले झांसी को कबे बने हवाईअड्डा जमके उड़ाई खिल्ली1
- Post by Lakshya News tv1
- आज जिला युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी बिभिन्न मांगों को लेकर तहसीलदार बृजमोहन आर्यनको ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में फसल नुकसान का सही सर्वे और मुआवजा देने व उपार्जन केंद्रों की अव्यवस्था खत्म करने की मांग स्लॉट बुकिंग तुरंत शुरू हो बारदाना संकट खत्म हो गेहूं खरीदी अवधि बढ़े और समय पर भुगतान नामांतरण व सीमांकन के लंबित मामले जल्द निपटें झूठे केस बंद करो, विपक्षी विधायकों को हटाना बंद करो दतिया विधायक राजेंद्र भारती को न्याय दो।इस अवसर पर संभाग प्रभारी राजवीर कुड़िया, जिला प्रभारी सत्यम गुर्जर, सेवा दल जिला अध्यक्ष मोहन कुसवाहा, ब्लॉक अध्यक्ष संजय राणा, अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष मोईन कुरैशी, उमर फारूक, दीपक यादव (बड़ैच), दीपक यादव (भांडेर), दीपू फौजी, दीपक महाजन, माधव सर्वरिया, दीपक खटीक, शिवम मुठेले (ब्लॉक युवा अध्यक्ष) एवं अन्य साथी मौजूद रहे। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो युवा कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी किसान हित, लोकतंत्र और संविधान की लड़ाई में युवा कांग्रेस हमेशा किसानों के साथ है प्रवेंद्र गुर्जर जिला अध्यक्ष, युवा कांग्रेस दतिया1
- रिपोर्टर: राजस्थान के शिक्षा मंत्री का नाम क्या है? 12वीं के छात्र का जवाब: वसुंधरा देवी रिपोर्टर: मुख्यमंत्री का नाम क्या है? 12वीं के छात्र का जवाब: नरेंद्र मोदी1
- दतिया। सत्र 2026-27 के लिए स्नातक एवं स्नातकोत्तर प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। शासकीय पीजी कॉलेज दतिया से मिली जानकारी के अनुसार अब प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन परीक्षा के बजाय कॉलेज स्तर पर वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से आयोजित की जाएगी। प्राचार्य ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार यह नई व्यवस्था लागू की गई है। स्नातक स्तर पर कक्षा 12वीं उत्तीर्ण छात्र-छात्राएं अपने संकाय के अनुसार प्रथम वर्ष में प्रवेश ले सकेंगे। वहीं, संकाय बदलकर प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को साक्षात्कार प्रक्रिया में शामिल होना होगा। स्नातकोत्तर स्तर पर प्रवेश पोर्टल के माध्यम से मेरिट के आधार पर दिया जाएगा। साथ ही, मेजर या माइनर विषय बदलकर प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को भी साक्षात्कार देना अनिवार्य होगा। प्रवेश प्रक्रिया में भाग लेने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को 27 अप्रैल 2026 से 14 मई 2026 तक शासकीय पीजी कॉलेज दतिया में उपस्थित होकर साक्षात्कार देना होगा। कॉलेज प्रशासन ने बताया कि विद्यार्थी आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज एवं अंकसूची संलग्न करें। साक्षात्कार का समय प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित किया गया है। इस नई व्यवस्था से प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है।1
- दतिया के जिला अस्पताल से सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर अस्पताल को मरीजों के इलाज और सुरक्षा का केंद्र माना जाता है, वहीं अब वही जगह भय और दहशत का अड्डा बनती नजर आ रही है। ताजा मामला अस्पताल के सबसे संवेदनशील वार्ड एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) का है, जहां नवजात बच्चों का इलाज किया जाता है। इस वार्ड में एक युवक ने वार्ड बॉय की कनपटी पर कट्टा तान दिया और करीब आधे घंटे तक पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। जानकारी के अनुसार, सोहिल मंसूरी नाम का युवक अपनी पत्नी और नवजात बच्चे को देखने के लिए जिला अस्पताल पहुंचा था। उसका बच्चा एसएनसीयू वार्ड में भर्ती था। अस्पताल के नियमों के तहत फीडिंग रूम में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है, ताकि नवजात और उनकी माताओं की गोपनीयता और सुरक्षा बनी रहे। लेकिन जब ड्यूटी पर तैनात वार्ड बॉय सुमित बाल्मीकि ने उसे अंदर जाने से रोका, तो युवक भड़क गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले युवक ने वार्ड बॉय के साथ गाली-गलौज शुरू की। माहौल धीरे-धीरे तनावपूर्ण होता गया और देखते ही देखते विवाद ने खतरनाक रूप ले लिया। आरोपी ने अचानक अपनी कमर से देसी कट्टा निकाला और वार्ड बॉय की कनपटी पर तान दिया। इस घटना को देखकर वहां मौजूद मरीज, उनके परिजन और अस्पताल स्टाफ दहशत में आ गए। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि कोई भी व्यक्ति तुरंत हस्तक्षेप करने की हिम्मत नहीं जुटा सका। हालांकि बाद में कुछ सुरक्षाकर्मियों और स्टाफ ने साहस दिखाते हुए बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन आरोपी लगातार धमकियां देता रहा और कहता रहा कि जो भी बीच में आया, उसे गोली मार देगा। इस दौरान पूरे अस्पताल में करीब 30 मिनट तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह घटना उस वार्ड में हुई, जहां बेहद नाजुक हालत में नवजात बच्चों का इलाज चल रहा था। वहां मौजूद माताएं और उनके परिवार इस घटना से बुरी तरह सहम गए। कई लोग अपने बच्चों को लेकर वार्ड से बाहर निकलने की कोशिश करते नजर आए। अस्पताल, जो आमतौर पर सुरक्षा और भरोसे की जगह माना जाता है, उस समय पूरी तरह असुरक्षित दिखाई दिया। घटना के दौरान अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था भी पूरी तरह नाकाम नजर आई। न तो समय पर कोई प्रभावी हस्तक्षेप हुआ और न ही आरोपी को तुरंत काबू किया जा सका। चर्चा यह भी है कि घटना के बाद आरोपी अस्पताल परिसर में खुलेआम घूमता रहा और यहां तक कि पुलिस चौकी तक पहुंचकर वहां भी कुछ समय तक बैठा रहा। यह स्थिति सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करती है। घटना के अगले दिन पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की गई। अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें आरोपी स्पष्ट रूप से कट्टा लहराते हुए नजर आ रहा है। इस आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील शिवहरे ने बताया कि वार्ड बॉय की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमों को लगाया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर कोई व्यक्ति हथियार लेकर कैसे पहुंच गया? सुरक्षा जांच कहां चूक गई? और पुलिस चौकी होने के बावजूद आरोपी इतने समय तक बेखौफ कैसे घूमता रहा? गौरतलब है कि पिछले एक सप्ताह में यह दूसरी घटना है, जिसने जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है। लगातार हो रही ऐसी घटनाएं न केवल मरीजों और उनके परिजनों में डर पैदा कर रही हैं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था की विश्वसनीयता को भी प्रभावित कर रही हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है और क्या अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह समय के साथ ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल, दतिया जिला अस्पताल में फैली यह दहशत लोगों के मन में एक गहरी चिंता छोड़ गई है।2