मांडलगढ़ में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार सुनसान जंगल में मिली अज्ञात लाश की गुत्थी सुलझी, लूट के इरादे से की गई हत्या भीलवाड़ा = मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के खंगारजी का खेड़ा के जंगल में मिली अज्ञात युवक की लाश के मामले का भीलवाड़ा पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में किषन औड, ईश्वर गाड़िया लुहार, विनोद गाड़िया लुहार और कमलेश माली शामिल हैं। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन व वृताधिकारी बाबूलाल के सुपरविजन में मांडलगढ़ थाना प्रभारी घनश्याम मीणा के नेतृत्व में पुलिस व साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई थी। घटना का विवरण: 18 अप्रैल 2026 को खंगारजी का खेड़ा के सुनसान जंगल में 2-3 दिन पुरानी अज्ञात युवक की लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मृतक के गले पर धारदार हथियार से वार के निशान तथा सिर पर पत्थर से चोट के संकेत मिले। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में ऐसे खुला राज: जांच के दौरान मृतक की जेब से मिली एक दवा की शीशी के आधार पर पुलिस टीम जालौर तक पहुंची। तकनीकी साक्ष्य और गुमशुदगी रिपोर्ट के आधार पर मृतक की पहचान नागाराम (32) निवासी बागोड़ा, जालौर के रूप में हुई। पुलिस को जांच में नागाराम का संपर्क किषनलाल औड से मिला। संदेह के आधार पर किषनलाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या करना कबूल किया। लूट के लिए रची साजिश: आरोपियों ने नागाराम को अफीम देने के बहाने बुलाया और खंगारजी का खेड़ा के जंगल में ले जाकर ब्लेड से गला काटकर और सिर पर पत्थर मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपियों ने मृतक से करीब 70 हजार रुपये और सोने के आभूषण लूट लिए। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका: इस मामले के खुलासे में मांडलगढ़ थाना पुलिस व साइबर सेल की टीम ने अहम भूमिका निभाई। तकनीकी और मनोवैज्ञानिक जांच के जरिए पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझा लिया। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
मांडलगढ़ में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, 4 आरोपी गिरफ्तार सुनसान जंगल में मिली अज्ञात लाश की गुत्थी सुलझी, लूट के इरादे से की गई हत्या भीलवाड़ा = मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के खंगारजी का खेड़ा के जंगल में मिली अज्ञात युवक की लाश के मामले का भीलवाड़ा पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में किषन औड, ईश्वर गाड़िया लुहार, विनोद गाड़िया लुहार और कमलेश माली शामिल हैं। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन व वृताधिकारी बाबूलाल के सुपरविजन में मांडलगढ़ थाना प्रभारी घनश्याम मीणा के नेतृत्व में पुलिस व साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई थी। घटना का विवरण: 18 अप्रैल 2026 को खंगारजी का खेड़ा के सुनसान जंगल में 2-3 दिन पुरानी अज्ञात युवक की लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मृतक के गले पर धारदार हथियार से वार के निशान तथा सिर पर पत्थर से चोट के संकेत मिले। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में ऐसे खुला राज: जांच के दौरान मृतक की जेब से मिली एक दवा की शीशी के आधार पर पुलिस टीम जालौर तक पहुंची। तकनीकी साक्ष्य और गुमशुदगी रिपोर्ट के आधार पर मृतक की पहचान नागाराम (32) निवासी बागोड़ा, जालौर के रूप में हुई। पुलिस को जांच में नागाराम का संपर्क किषनलाल औड से मिला। संदेह के आधार पर किषनलाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या करना कबूल किया। लूट के लिए रची साजिश: आरोपियों ने नागाराम को अफीम देने के बहाने बुलाया और खंगारजी का खेड़ा के जंगल में ले जाकर ब्लेड से गला काटकर और सिर पर पत्थर मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपियों ने मृतक से करीब 70 हजार रुपये और सोने के आभूषण लूट लिए। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका: इस मामले के खुलासे में मांडलगढ़ थाना पुलिस व साइबर सेल की टीम ने अहम भूमिका निभाई। तकनीकी और मनोवैज्ञानिक जांच के जरिए पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझा लिया। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
- भीलवाड़ा = मांडलगढ़ थाना क्षेत्र के खंगारजी का खेड़ा के जंगल में मिली अज्ञात युवक की लाश के मामले का भीलवाड़ा पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में किषन औड, ईश्वर गाड़िया लुहार, विनोद गाड़िया लुहार और कमलेश माली शामिल हैं। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पारस जैन व वृताधिकारी बाबूलाल के सुपरविजन में मांडलगढ़ थाना प्रभारी घनश्याम मीणा के नेतृत्व में पुलिस व साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई थी। घटना का विवरण: 18 अप्रैल 2026 को खंगारजी का खेड़ा के सुनसान जंगल में 2-3 दिन पुरानी अज्ञात युवक की लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मृतक के गले पर धारदार हथियार से वार के निशान तथा सिर पर पत्थर से चोट के संकेत मिले। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच में ऐसे खुला राज: जांच के दौरान मृतक की जेब से मिली एक दवा की शीशी के आधार पर पुलिस टीम जालौर तक पहुंची। तकनीकी साक्ष्य और गुमशुदगी रिपोर्ट के आधार पर मृतक की पहचान नागाराम (32) निवासी बागोड़ा, जालौर के रूप में हुई। पुलिस को जांच में नागाराम का संपर्क किषनलाल औड से मिला। संदेह के आधार पर किषनलाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या करना कबूल किया। लूट के लिए रची साजिश: आरोपियों ने नागाराम को अफीम देने के बहाने बुलाया और खंगारजी का खेड़ा के जंगल में ले जाकर ब्लेड से गला काटकर और सिर पर पत्थर मारकर हत्या कर दी। इसके बाद आरोपियों ने मृतक से करीब 70 हजार रुपये और सोने के आभूषण लूट लिए। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका: इस मामले के खुलासे में मांडलगढ़ थाना पुलिस व साइबर सेल की टीम ने अहम भूमिका निभाई। तकनीकी और मनोवैज्ञानिक जांच के जरिए पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझा लिया। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।1
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