खैरथल शहर में प्री-मानसून की पहली बारिश ने ही नगर परिषद की सफाई व्यवस्था की सच्चाई उजागर कर दी है। जगह-जगह नालों का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर फैल गया, जिससे आमजन को आवागमन में और बदबू के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर की कई कॉलोनियों और मुख्य मार्गों पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति बनी रही। नगर परिषद कार्यालय के सामने, कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य मंडी गेट के सामने, अंबेडकर सर्किल के पास, मातोर रोड स्थित यूको बैंक के पास, सैनी मोहल्ले, श्याम नगर और आनंद नगर कॉलोनी में भी नालों का पानी सड़कों पर फैलने से लोगों को असुविधा हुई। बारिश के बाद शहर में फैली गंदगी और जलभराव की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि मानसून से पहले नालों की समय पर सफाई न होने के कारण ही यह भीषण स्थिति उत्पन्न हुई है। हालांकि, नगर परिषद प्रशासन ने अपने बचाव में दावा किया है कि 18 मई से नालों की सफाई का अभियान चलाया जा रहा है। उनके अनुसार, अब तक लगभग 4 किलोमीटर नालों की सफाई कर 4000 टन कचरा उठाया जा चुका है। नगर परिषद ने बताया कि नालों की सफाई के लिए 20 लाख रुपए का टेंडर त्रिमूर्ति इंटरप्राइजेज अलवर को दिया गया है और यह एजेंसी लगातार काम कर रही है। परिषद ने यह भी आश्वासन दिया है कि 10 जून तक शहर के सभी नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी।
खैरथल शहर में प्री-मानसून की पहली बारिश ने ही नगर परिषद की सफाई व्यवस्था की सच्चाई उजागर कर दी है। जगह-जगह नालों का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर फैल गया, जिससे आमजन को आवागमन में और बदबू के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर की कई कॉलोनियों और मुख्य मार्गों पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति बनी रही। नगर परिषद कार्यालय के सामने, कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य मंडी गेट के सामने, अंबेडकर सर्किल के पास, मातोर रोड स्थित यूको बैंक के पास, सैनी मोहल्ले, श्याम नगर और आनंद नगर कॉलोनी में भी नालों का पानी सड़कों पर फैलने से लोगों को असुविधा हुई। बारिश के बाद शहर में फैली गंदगी और जलभराव की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि मानसून से पहले नालों की समय पर सफाई न होने के कारण ही यह भीषण स्थिति उत्पन्न हुई है। हालांकि, नगर परिषद प्रशासन ने अपने बचाव में दावा किया है कि 18 मई से नालों की सफाई का अभियान चलाया जा रहा है। उनके अनुसार, अब तक लगभग 4 किलोमीटर नालों की सफाई कर 4000 टन कचरा उठाया जा चुका है। नगर परिषद ने बताया कि नालों की सफाई के लिए 20 लाख रुपए का टेंडर त्रिमूर्ति इंटरप्राइजेज अलवर को दिया गया है और यह एजेंसी लगातार काम कर रही है। परिषद ने यह भी आश्वासन दिया है कि 10 जून तक शहर के सभी नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी।
- श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित व्हीलचेयर क्रिकेट प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर जीत दर्ज करने वाले अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी जुबेर खान का खैरथल पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। जिले के किशनगढ़ बास क्षेत्र के बखथला गांव निवासी जुबेर खान की इस उपलब्धि पर खैरथल शहर में जश्न का माहौल बन गया। रेलवे स्टेशन पर उतरते ही उनके समर्थकों ने 'जुबेर भाई जिंदाबाद' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए और डीजे व वाहनों के काफिले के साथ जुलूस निकाला। यह जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए नई अनाज मंडी में स्थित जिला बचाओ धरना स्थल पर पहुँचा। धरना स्थल पर विधायक दीपचंद खैरिया ने जुबेर खान का साफा व माला पहनाकर भव्य स्वागत किया और खुशी में लड्डू बांटे गए। इस अवसर पर किशनगढ़ बास पंचायत समिति के प्रधान बद्रीप्रसाद सुमन, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अजीत यादव, पीसीसी सदस्य गिरीश डाटा, व्यापार समिति अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता, दीपक चौधरी, वीर सिंह ढिल्लों, महेंद्र जांगिड़, सूरत सिंह खैरिया सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। जुबेर खान का चयन भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में ऑलराउंडर के रूप में हुआ था, जहां उन्होंने 26 से 28 मई तक श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेट 3T-20 सीरीज में भारत का प्रतिनिधित्व किया। भारतीय व्हीलचेयर क्रिकेट टीम में राजस्थान से कुल चार खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें से दो अलवर जिले से थे। लायन व्हीलचेयर क्रिकेट एसोसिएशन (इंडिया) द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, उनका चयन उत्कृष्ट प्रदर्शन, बेहतरीन खेल कौशल और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में दिखाई गई प्रतिभा के आधार पर किया गया था। चयनित खिलाड़ियों को 25 मई को चेन्नई एयरपोर्ट पर बुलाया गया था, जहाँ से टीम श्रीलंका के लिए रवाना हुई। जुबेर खान इससे पहले दिव्यांग व्हीलचेयर क्रिकेट फाउंडेशन (राजस्थान) की टीम के लिए भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं और ऑलराउंडर के रूप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कई मैच जिता चुके हैं। जुबेर खान ने बताया कि उन्हें बचपन से ही क्रिकेट का शौक था, लेकिन दिव्यांग होने के कारण गांव के बच्चे उन्हें खेलने नहीं देते थे, जिससे उन्हें काफी अफसोस होता था। भारत और पाकिस्तान के मैच देखकर उनके मन में देश के लिए खेलने और नाम रोशन करने का जुनून जगा। इसके बाद उन्होंने अपने घर की छत पर नेट लगाकर व्हीलचेयर पर धीरे-धीरे अभ्यास करना शुरू किया। किशनगढ़ बास और खैरथल में संचालित अकादमियों में अभ्यास और कोच के अच्छे सहयोग को उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय दिया। ग्रामीण पृष्ठभूमि से अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की जुबेर की यह उपलब्धि आज के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। जुबेर खान का मानना है कि यदि किशनगढ़ बास में खेल के लिए अच्छा मैदान उपलब्ध हो तो भारत के और भी बच्चे खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं।1
- गृह मंत्रालय (MHA) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 500 रुपये के नोटों के संबंध में एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। इस चेतावनी के अनुसार, बाजार में 500 रुपये के उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोटों की एक बड़ी खेप का पता चला है। ये जाली नोट देखने में बिल्कुल असली जैसे ही प्रतीत होते हैं, जिससे इनकी पहचान करना काफी मुश्किल हो सकता है। इसी के मद्देनजर, MHA और RBI ने आम जनता को सलाह दी है कि वे किसी भी वित्तीय लेनदेन के दौरान 500 रुपये के नोटों के सुरक्षा फीचर्स की अच्छी तरह से जांच कर लें।1
- अभिनेता से राजनेता बने थलपति विजय ने 10 मई 2026 को तमिलनाडु के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में ऐतिहासिक शपथ ली है। उन्होंने अपनी पार्टी 'तमिलगा वेत्रि कषगम' (TVK) के बैनर तले शानदार चुनावी शुरुआत करते हुए सरकार बनाई है। विजय ने कांग्रेस और अन्य दलों के साथ गठबंधन करके सत्ता संभाली। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद, सीएम विजय ने दिन में ही व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। उनके इस आदेश के अनुसार, तमिलनाडु सचिवालय में 1 जून से बॉयोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू की जाएगी।1
- टोल प्लाजा पर एक सड़क दुर्घटना में ट्रक और एक ईको वाहन के बीच टक्कर हो गई, जिसके बाद लोग यह अनुमान लगा रहे थे कि गलती किसकी थी। कुछ का मानना था कि ट्रक चालक की गलती थी, जबकि अन्य ईको वाहन चालक को जिम्मेदार ठहरा रहे थे, लेकिन हादसे का असल कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस घटना में न तो ट्रक चालक की कोई गलती थी और न ही ईको चालक की। यह हादसा मुख्य रूप से टोल प्लाजा पर सभी सर्विस लाइनों के चालू न होने की वजह से हुआ। टोल पर मौजूद इस अव्यवस्था के कारण ट्रक चालक को अपनी गाड़ी को दूसरी तरफ मोड़ना पड़ा, जिसके चलते यह टक्कर हुई। गनीमत यह रही कि इस दुर्घटना में शामिल सभी लोग भगवत कृपा से सुरक्षित हैं, और किसी के भी घायल होने की कोई सूचना नहीं है।1
- टेलानौगावा क्षेत्र के पाटा गांव में डस्ट से भरा एक डंपर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत सहायता कर ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस तत्परता के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई और ड्राइवर को बचा लिया गया।1