चित्रकूट के मानिकपुर विकासखंड स्थित सकरौहा गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने एक बार फिर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में गौवंशों के रखरखाव, चारे की व्यवस्था और स्वच्छता की स्थिति बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं है। गौवंशों को पर्याप्त हरा चारा देने के बजाय मुख्य रूप से केवल सूखा भूसा दिया जा रहा है, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों ने गौवंशों की संख्या में बड़ी गड़बड़ी का भी दावा किया है। उनका कहना है कि कुछ समय पहले तक गौशाला में लगभग 125 गौवंश थे, लेकिन वर्तमान में वहां केवल 50 से 60 पशु ही दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निरीक्षण के समय बाहर से गौवंश लाकर संख्या पूरी दिखाई जाती है और कई पशुओं के कानों में निर्धारित पहचान टैग भी नहीं पाए गए हैं। स्थानीय लोगों ने अब गौवंशों की वास्तविक संख्या और उनके अभिलेखों के भौतिक सत्यापन की मांग उठाई है। इस मामले में ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में की गई शिकायतों के बावजूद कोई अपेक्षित सुधारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण आज भी व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में जब खंड विकास अधिकारी और एडीओ पंचायत से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। ऐसे में सकरौहा गौशाला की बदहाली पर प्रशासन कब जवाब देगा, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
चित्रकूट के मानिकपुर विकासखंड स्थित सकरौहा गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने एक बार फिर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में गौवंशों के रखरखाव, चारे की व्यवस्था और स्वच्छता की स्थिति बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं है। गौवंशों को पर्याप्त हरा चारा देने के बजाय मुख्य रूप से केवल सूखा भूसा दिया जा रहा है, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों ने गौवंशों की संख्या में बड़ी गड़बड़ी का भी दावा किया है। उनका कहना है कि कुछ समय पहले तक गौशाला में लगभग 125 गौवंश थे, लेकिन वर्तमान में वहां केवल 50 से 60 पशु ही दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निरीक्षण के समय बाहर से गौवंश लाकर संख्या पूरी दिखाई जाती है और कई पशुओं के कानों में निर्धारित पहचान टैग भी नहीं पाए गए हैं। स्थानीय लोगों ने अब गौवंशों की वास्तविक संख्या और उनके अभिलेखों के भौतिक सत्यापन की मांग उठाई है। इस मामले में ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में की गई शिकायतों के बावजूद कोई अपेक्षित सुधारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण आज भी व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में जब खंड विकास अधिकारी और एडीओ पंचायत से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। ऐसे में सकरौहा गौशाला की बदहाली पर प्रशासन कब जवाब देगा, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में पुलिस ने थाना मानिकपुर क्षेत्र के जंगल में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस वारदात में शामिल दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। यह घटना 13 जुलाई 2026 की है, जब नाबालिग पीड़िता अपने एक परिचित युवक के साथ जंगल में स्थित चेक डैम के पास गई थी। वहाँ कुछ युवकों ने दोनों को रोक लिया और युवक को बांधकर पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, बाद में पुलिस जांच और पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने उसके साथ गए उस परिचित युवक को भी मामले में आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में बांदा जनपद के करबई निवासी 19 वर्षीय अखिलेश उर्फ जरैला और चित्रकूट के मानिकपुर थाना क्षेत्र के गेदुरहा निवासी 18 वर्षीय जिन्नू कोल शामिल हैं। वारदात में शामिल दो अन्य आरोपी अखिलेश उर्फ पटेल और लल्लू उर्फ लाला फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने इनके पास से घटना में इस्तेमाल की गई एक एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल और एक ओप्पो एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किया है। पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में एसओजी और थाना मानिकपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया।1
- चित्रकूट के मानिकपुर विकासखंड स्थित सकरौहा गौशाला की व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने एक बार फिर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में गौवंशों के रखरखाव, चारे की व्यवस्था और स्वच्छता की स्थिति बिल्कुल भी संतोषजनक नहीं है। गौवंशों को पर्याप्त हरा चारा देने के बजाय मुख्य रूप से केवल सूखा भूसा दिया जा रहा है, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों ने गौवंशों की संख्या में बड़ी गड़बड़ी का भी दावा किया है। उनका कहना है कि कुछ समय पहले तक गौशाला में लगभग 125 गौवंश थे, लेकिन वर्तमान में वहां केवल 50 से 60 पशु ही दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निरीक्षण के समय बाहर से गौवंश लाकर संख्या पूरी दिखाई जाती है और कई पशुओं के कानों में निर्धारित पहचान टैग भी नहीं पाए गए हैं। स्थानीय लोगों ने अब गौवंशों की वास्तविक संख्या और उनके अभिलेखों के भौतिक सत्यापन की मांग उठाई है। इस मामले में ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में की गई शिकायतों के बावजूद कोई अपेक्षित सुधारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण आज भी व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इस मामले में जब खंड विकास अधिकारी और एडीओ पंचायत से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। ऐसे में सकरौहा गौशाला की बदहाली पर प्रशासन कब जवाब देगा, यह बड़ा सवाल बना हुआ है।1
- चित्रकूट मुख्यालय के तरौंहा स्थित जयदेव दास अखाड़ा से पुरी की तर्ज पर भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद शुरू हो गई है। लगभग 110 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक परंपरा के तहत निकाली जा रही इस रथयात्रा के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। इस रथयात्रा का पहला पड़ाव पुरानी बाजार रहा, जहां रथयात्रा में विराजमान भगवान जगन्नाथ, उनकी बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र जी के श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पूजा-अर्चना की और 'जय जगन्नाथ' के जयकारे लगाए। शुक्रवार को पुरानी बाजार के भगवान दीन चौराहे पर इस रथयात्रा का भव्य स्वागत किया जाएगा। इसके बाद शुक्रवार को ही यह रथयात्रा सदर बाजार होते हुए सोनेपुर पहुंचेगी, जहां गुंडीचाधाम में एक विशाल मेले का आयोजन किया जाएगा। इस पूरी रथयात्रा में ढोल-नगाड़े और डीजे भी शामिल हैं, और जगह-जगह भगवान की पूजा-अर्चना की जा रही है।2
- चित्रकूट के कर्वी में एक लेखक ने "एक देश, एक चुनाव" की अवधारणा को ध्यान में रखकर तैयार की गई अपनी पुस्तक "संगम चुनाव प्रणाली" को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की मांग की है। गुरुवार को दोपहर 12 बजे कर्वी में मीडिया से बातचीत करते हुए लेखक ने इस पुस्तक पर संसद में चर्चा कराने तथा इसे जन-जन तक पहुँचाने का अनुरोध किया। उनके अनुसार, इस पुस्तक में चुनावी व्यवस्था को सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए 20 चरण, 36 नियम और 8 प्रमुख विशेषताओं का विस्तृत उल्लेख किया गया है, जो देश की चुनाव व्यवस्था को मजबूत आधार दे सकती है। इस दिशा में कार्रवाई करते हुए लेखक ने पुस्तक की लगभग 100 प्रतियां पंजीकृत डाक द्वारा प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, विभिन्न दलों के शीर्ष नेताओं, निर्वाचन आयोग, विधि आयोग, "एक देश, एक चुनाव" समिति के अध्यक्ष, संसदीय समिति के अध्यक्ष और पक्ष-विपक्ष के कई सांसदों को भेजी हैं। इसके बावजूद, उन्हें अब तक किसी भी स्तर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। लेखक ने जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे इस पुस्तक का अध्ययन कर इस पर सार्वजनिक रूप से विचार रखें और संसद में चर्चा का प्रयास करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का विरोध या समर्थन करना नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में चुनाव प्रणाली में सुधार का एक रचनात्मक सुझाव देना है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि देशहित में इस विषय पर सकारात्मक चर्चा होगी।1
- सतना स्मार्ट सिटी के बड़े-बड़े दावों के बीच वार्ड क्रमांक 30 स्थित जेपी पुरम से पेयजल आपूर्ति को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां स्थानीय लोगों के घरों के नलों से कीड़ों वाला दूषित पानी बह रहा है, जिससे रहवासियों में भारी नाराजगी और दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि नलों से आने वाले पानी में साफ तौर पर कीड़े दिखाई दे रहे हैं, जिसने पेयजल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, न केवल जेपी पुरम बल्कि पूरे सतना शहर का पेयजल आपूर्ति को लेकर यही हाल बना हुआ है। करोड़ों रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार किए गए स्काडा (SCADA) प्रोजेक्ट के बावजूद लोगों को स्वच्छ पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है, जो सीधे तौर पर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। रहवासियों का आरोप है कि वे समय पर जलकर और अन्य सभी प्रकार के करों का भुगतान करते हैं, इसके बावजूद उन्हें पीने के लिए कीड़ों वाला पानी मिल रहा है। इस दूषित पानी के कारण बच्चों, बुजुर्गों सहित तमाम आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है और नगर निगम स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की अपनी जिम्मेदारी में पूरी तरह असफल साबित हो रहा है। इस घोर लापरवाही को लेकर जनता में गहरा आक्रोश है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी आखिर उन्हें दूषित पानी क्यों मिल रहा है और क्या यही स्मार्ट सिटी की पेयजल व्यवस्था है? परेशान रहवासियों ने मांग की है कि इस पानी की तत्काल प्रभाव से जांच कराई जाए, लोगों को जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए और इस गंभीर लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।4
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में मानिकपुर थाना अन्तर्गत ग्राम ऊंचाडीह में मजदूरी के पैसों को लेकर हुए वाद-विवाद में घायल हुए एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई है। इस घटना के सम्बन्ध में चित्रकूट के अपर पुलिस अधीक्षक श्री पीयूषकांत राय ने एक वीडियो बयान जारी किया है।1
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में मानिकपुर थाना क्षेत्र के जंगल में एक नाबालिग किशोरी के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री पीयूष कान्त राय के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी मऊ श्री फहद अली के नेतृत्व में गठित एसओजी और मानिकपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बांदा जनपद के करबई निवासी अखिलेश उर्फ जरैला (19 वर्ष) और मानिकपुर के गेदुरहा निवासी जिन्नू कोल (18 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल (UP 90 U 2818) और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी बरामद किया है। पुलिस के अनुसार, 14 जुलाई 2026 को नाबालिग पीड़िता की तहरीर पर मानिकपुर थाने में सामूहिक दुष्कर्म, अपहरण, धमकी और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया था कि 13 जुलाई को जंगल क्षेत्र में उसे और उसके परिचित जिन्नू को कुछ युवकों ने रोक लिया था। इसके बाद जिन्नू के हाथ बांधकर पीड़िता के साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। हालांकि, जांच के दौरान पीड़िता के कोर्ट में दर्ज बयानों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर जिन्नू कोल की भूमिका भी इस अपराध में सामने आई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपी अखिलेश उर्फ जरैला ने खुलासा किया कि इस वारदात में करबई (बांदा) निवासी अखिलेश उर्फ पटेल और लल्लू उर्फ लाला भी शामिल थे। पुलिस फरार चल रहे इन दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। चित्रकूट पुलिस का कहना है कि मामले की जांच वैज्ञानिक व विधिक साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है और जल्द ही फरार आरोपियों को पकड़कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1