सतना स्मार्ट सिटी के बड़े-बड़े दावों के बीच वार्ड क्रमांक 30 स्थित जेपी पुरम से पेयजल आपूर्ति को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां स्थानीय लोगों के घरों के नलों से कीड़ों वाला दूषित पानी बह रहा है, जिससे रहवासियों में भारी नाराजगी और दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि नलों से आने वाले पानी में साफ तौर पर कीड़े दिखाई दे रहे हैं, जिसने पेयजल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, न केवल जेपी पुरम बल्कि पूरे सतना शहर का पेयजल आपूर्ति को लेकर यही हाल बना हुआ है। करोड़ों रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार किए गए स्काडा (SCADA) प्रोजेक्ट के बावजूद लोगों को स्वच्छ पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है, जो सीधे तौर पर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। रहवासियों का आरोप है कि वे समय पर जलकर और अन्य सभी प्रकार के करों का भुगतान करते हैं, इसके बावजूद उन्हें पीने के लिए कीड़ों वाला पानी मिल रहा है। इस दूषित पानी के कारण बच्चों, बुजुर्गों सहित तमाम आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है और नगर निगम स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की अपनी जिम्मेदारी में पूरी तरह असफल साबित हो रहा है। इस घोर लापरवाही को लेकर जनता में गहरा आक्रोश है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी आखिर उन्हें दूषित पानी क्यों मिल रहा है और क्या यही स्मार्ट सिटी की पेयजल व्यवस्था है? परेशान रहवासियों ने मांग की है कि इस पानी की तत्काल प्रभाव से जांच कराई जाए, लोगों को जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए और इस गंभीर लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सतना स्मार्ट सिटी के बड़े-बड़े दावों के बीच वार्ड क्रमांक 30 स्थित जेपी पुरम से पेयजल आपूर्ति को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां स्थानीय लोगों के घरों के नलों से कीड़ों वाला दूषित पानी बह रहा है, जिससे रहवासियों में भारी नाराजगी और दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि नलों से आने वाले पानी में साफ तौर पर कीड़े दिखाई दे रहे हैं, जिसने पेयजल
की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, न केवल जेपी पुरम बल्कि पूरे सतना शहर का पेयजल आपूर्ति को लेकर यही हाल बना हुआ है। करोड़ों रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार किए गए स्काडा (SCADA) प्रोजेक्ट के बावजूद लोगों को स्वच्छ पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है, जो सीधे तौर पर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। रहवासियों का आरोप है कि
वे समय पर जलकर और अन्य सभी प्रकार के करों का भुगतान करते हैं, इसके बावजूद उन्हें पीने के लिए कीड़ों वाला पानी मिल रहा है। इस दूषित पानी के कारण बच्चों, बुजुर्गों सहित तमाम आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है और नगर निगम स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की अपनी जिम्मेदारी में पूरी तरह असफल साबित हो रहा है। इस घोर लापरवाही को लेकर जनता में गहरा आक्रोश है और
लोग सवाल उठा रहे हैं कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी आखिर उन्हें दूषित पानी क्यों मिल रहा है और क्या यही स्मार्ट सिटी की पेयजल व्यवस्था है? परेशान रहवासियों ने मांग की है कि इस पानी की तत्काल प्रभाव से जांच कराई जाए, लोगों को जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए और इस गंभीर लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
- मध्य प्रदेश के सतना में नशा मुक्ति अभियान के तहत यातायात थाना परिसर में एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान रक्षित निरीक्षक देविका सिंह बघेल ने वहां उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। इस अवसर पर डीएसपी संजय खरे और यातायात निरीक्षक पूनम रावत सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों ने नशे से दूर रहने तथा समाज में नशा मुक्ति के प्रति जनजागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।1
- सतना स्मार्ट सिटी के बड़े-बड़े दावों के बीच वार्ड क्रमांक 30 स्थित जेपी पुरम से पेयजल आपूर्ति को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां स्थानीय लोगों के घरों के नलों से कीड़ों वाला दूषित पानी बह रहा है, जिससे रहवासियों में भारी नाराजगी और दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि नलों से आने वाले पानी में साफ तौर पर कीड़े दिखाई दे रहे हैं, जिसने पेयजल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, न केवल जेपी पुरम बल्कि पूरे सतना शहर का पेयजल आपूर्ति को लेकर यही हाल बना हुआ है। करोड़ों रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार किए गए स्काडा (SCADA) प्रोजेक्ट के बावजूद लोगों को स्वच्छ पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है, जो सीधे तौर पर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। रहवासियों का आरोप है कि वे समय पर जलकर और अन्य सभी प्रकार के करों का भुगतान करते हैं, इसके बावजूद उन्हें पीने के लिए कीड़ों वाला पानी मिल रहा है। इस दूषित पानी के कारण बच्चों, बुजुर्गों सहित तमाम आम नागरिकों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है और नगर निगम स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की अपनी जिम्मेदारी में पूरी तरह असफल साबित हो रहा है। इस घोर लापरवाही को लेकर जनता में गहरा आक्रोश है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी आखिर उन्हें दूषित पानी क्यों मिल रहा है और क्या यही स्मार्ट सिटी की पेयजल व्यवस्था है? परेशान रहवासियों ने मांग की है कि इस पानी की तत्काल प्रभाव से जांच कराई जाए, लोगों को जल्द से जल्द स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए और इस गंभीर लापरवाही के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।4
- चित्रकूट जनपद के बरगढ़ थाना क्षेत्र के बोझफार्म कम्पोजिट प्राथमिक विद्यालय में मिड डे मील खा रहे बच्चों पर एक पागल कुत्ते ने स्कूल के अंदर घुसकर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में कक्षा दो में पढ़ने वाले छात्र श्याम और परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र की बच्ची जानवी को कुत्ते ने काटकर बुरी तरह लहूलुहान कर दिया। कुत्ते के पागलपन को देखकर स्कूल में तैनात शिक्षक और अन्य बच्चे खुद को बचाने के लिए क्लास रूम में छुप गए। इसके बाद बच्चों और ग्रामीणों ने शोर मचाते हुए डंडे और पत्थर फेंककर किसी तरह पागल कुत्ते को वहां से भगाया। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची 112 नंबर पुलिस ने घायल बच्चों को आनन-फानन में इलाज के लिए सीएचसी मऊ में भर्ती कराया, जहां गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद पीड़ित परिजनों ने स्कूल के शिक्षकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पीड़ित परिजन भास्कर का कहना है कि जब स्कूल की बाउंड्री वॉल काफी ऊंची है, तब भी खाना खाते समय कुत्ता अंदर कैसे घुस गया? ग्रामीणों के अनुसार, यह कुत्ता रेलवे क्रॉसिंग के पास रहता है और काफी दिनों से पागल है। यह पूर्व में भी कई लोगों और मवेशियों को काट चुका है, जिससे लोग अब दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। मामले पर संज्ञान लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी रंजना शुक्ला ने बताया कि दोनों बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्कूल के अंदर कुत्ता कैसे घुसा और इसमें किसकी लापरवाही है, इसकी जांच के लिए एक टीम गठित कर दी गई है और जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही स्कूल की बाउंड्री पर जाली लगाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।1
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जनपद के सरधुवा थाना अंतर्गत भदेहदू गाँव में छत की रेलिंग गिरने से एक 52 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। यह हादसा बीते मंगलवार की रात्रि लगभग 9:30 बजे का है। मृतक सुरिजदीन (पुत्र छोटा) रोजाना की तरह भोजन करने के बाद घर के बाहर पड़ोसी रामजी के घर के नीचे खड़ा था, तभी अचानक छत की रेलिंग टूटकर उसके ऊपर गिर गई। सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण सुरिजदीन बुरी तरह घायल हो गया। हादसे के बाद परिजन तुरंत सुरिजदीन को निजी साधन से राजापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुरिजदीन की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर बुधवार की दोपहर 12 बजे जिला मुख्यालय में पोस्टमार्टम कराया है।1
- Post by Sitaram rai1
- उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में मानिकपुर थाना अन्तर्गत ग्राम ऊंचाडीह में मजदूरी के पैसों को लेकर हुए वाद-विवाद में घायल हुए एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई है। इस घटना के सम्बन्ध में चित्रकूट के अपर पुलिस अधीक्षक श्री पीयूषकांत राय ने एक वीडियो बयान जारी किया है।1
- भारत के आईटी सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े पदों पर भर्ती की मांग लगातार बढ़ रही है। एक उद्योग रिपोर्ट के अनुसार, एआई कौशल वाले प्रोफेशनल्स की नियुक्ति सामान्य आईटी भर्ती की तुलना में बेहद तेज़ गति से हो रही है। देश की टेक कंपनियों ने एआई प्रोफेशनल्स की भर्ती प्रक्रिया को काफी बढ़ा दिया है। इस बदलाव के कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस के क्षेत्र में करियर बनाने की राह देख रहे युवाओं के लिए रोजगार के नए और बेहतर अवसर बन रहे हैं।1
- सतना के उचेहरा में तड़के एक तेज रफ्तार एंबुलेंस अनियंत्रित होकर बरहा पुल से नीचे जा गिरी। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और एक बड़ा हादसा टल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह एंबुलेंस एक मरीज को अस्पताल में सुरक्षित छोड़ने के बाद दूसरे मरीज को लेने कुलगढ़ी जा रही थी। इसी दौरान बरहा पुल के पास चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा, जिससे एंबुलेंस सीधे पुल से नीचे गिर गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। इस हादसे में एंबुलेंस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, जबकि चालक सहित एक अन्य व्यक्ति को चोट आई है।1