बिहटा एयर एम्बुलेंस से हैदराबाद भेजा गया हर्षित का शव, पिता ने मांगी निष्पक्ष जांच बिहटा. आईआईटी पटना परिसर में करंट लगने से हुई छात्र सदाशिवुनी हर्षित पटनायक की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है.रविवार को पोस्टमार्टम के बाद छात्र का शव एयर एम्बुलेंस से हैदराबाद भेजा गया.इस दौरान मृतक के पिता सदाशिवुनी रमेश कुमार पटनायक ने बिहटा थाना में आवेदन देकर आकस्मिक मृत्यु दर्ज करने तथा शव ले जाने के लिए एनओसी जारी करने का अनुरोध किया.हैदराबाद निवासी हर्षित आईआईटी पटना के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में ड्यूल डिग्री प्रोग्राम के चौथे वर्ष के छात्र थे.बताया जाता है कि वह फेयरवेल कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कैंपस आए थे.शनिवार सुबह दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने के दौरान बैडमिंटन कोर्ट के पोल में उतरे करंट की चपेट में आ गए. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.घटना के बाद संस्थान परिसर में शोक और आक्रोश का माहौल है. छात्रों का आरोप है कि जिस पोल में करंट उतर रहा था, उसकी शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन समय रहते सुधार नहीं कराया गया.लोगों ने संस्थान प्रशासन की कथित लापरवाही की घोर निंदा करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.लोगों का कहना है कि यदि पहले से करंट आने की सूचना थी, तो उस स्थान पर छात्रों की आवाजाही और खेल गतिविधियों को क्यों नहीं रोका गया.पटना जिला अधिकारी के आदेश पर शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के बीच कराया गया.इधर, पुलिस ने यूडी केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं तथा परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है.पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी.हर्षित अपने माता-पिता की इकलौती संतान बताए जा रहे हैं.घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
बिहटा एयर एम्बुलेंस से हैदराबाद भेजा गया हर्षित का शव, पिता ने मांगी निष्पक्ष जांच बिहटा. आईआईटी पटना परिसर में करंट लगने से हुई छात्र सदाशिवुनी हर्षित पटनायक की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है.रविवार को पोस्टमार्टम के बाद छात्र का शव एयर एम्बुलेंस से हैदराबाद भेजा गया.इस दौरान मृतक के पिता सदाशिवुनी रमेश कुमार पटनायक ने बिहटा थाना में आवेदन देकर आकस्मिक मृत्यु दर्ज करने तथा शव ले जाने के लिए एनओसी जारी करने का अनुरोध किया.हैदराबाद निवासी हर्षित आईआईटी पटना के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में ड्यूल डिग्री प्रोग्राम के चौथे वर्ष के छात्र थे.बताया जाता है कि वह फेयरवेल कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कैंपस आए थे.शनिवार सुबह दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने के दौरान बैडमिंटन कोर्ट के पोल में उतरे करंट की चपेट में आ गए. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.घटना के बाद संस्थान परिसर में शोक और आक्रोश का माहौल है. छात्रों का आरोप है कि जिस पोल में करंट उतर रहा था, उसकी शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन समय रहते सुधार नहीं कराया गया.लोगों ने संस्थान प्रशासन की कथित लापरवाही की घोर निंदा करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.लोगों का कहना है कि यदि पहले से करंट आने की सूचना थी, तो उस स्थान पर छात्रों की आवाजाही और खेल गतिविधियों को क्यों नहीं रोका गया.पटना जिला अधिकारी के आदेश पर शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के बीच कराया गया.इधर, पुलिस ने यूडी केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं तथा परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है.पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी.हर्षित अपने माता-पिता की इकलौती संतान बताए जा रहे हैं.घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.
- बिहटा एयर एम्बुलेंस से हैदराबाद भेजा गया हर्षित का शव, पिता ने मांगी निष्पक्ष जांच बिहटा. आईआईटी पटना परिसर में करंट लगने से हुई छात्र सदाशिवुनी हर्षित पटनायक की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है.रविवार को पोस्टमार्टम के बाद छात्र का शव एयर एम्बुलेंस से हैदराबाद भेजा गया.इस दौरान मृतक के पिता सदाशिवुनी रमेश कुमार पटनायक ने बिहटा थाना में आवेदन देकर आकस्मिक मृत्यु दर्ज करने तथा शव ले जाने के लिए एनओसी जारी करने का अनुरोध किया.हैदराबाद निवासी हर्षित आईआईटी पटना के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में ड्यूल डिग्री प्रोग्राम के चौथे वर्ष के छात्र थे.बताया जाता है कि वह फेयरवेल कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कैंपस आए थे.शनिवार सुबह दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने के दौरान बैडमिंटन कोर्ट के पोल में उतरे करंट की चपेट में आ गए. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.घटना के बाद संस्थान परिसर में शोक और आक्रोश का माहौल है. छात्रों का आरोप है कि जिस पोल में करंट उतर रहा था, उसकी शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन समय रहते सुधार नहीं कराया गया.लोगों ने संस्थान प्रशासन की कथित लापरवाही की घोर निंदा करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.लोगों का कहना है कि यदि पहले से करंट आने की सूचना थी, तो उस स्थान पर छात्रों की आवाजाही और खेल गतिविधियों को क्यों नहीं रोका गया.पटना जिला अधिकारी के आदेश पर शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी के बीच कराया गया.इधर, पुलिस ने यूडी केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.एफएसएल टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं तथा परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है.पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी.हर्षित अपने माता-पिता की इकलौती संतान बताए जा रहे हैं.घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए कोरोना काल के काम करने के तरीके अपनाने की सलाह दी है। उन्होंने इनहाउस मीटिंग और ऑनलाइन कार्य को बढ़ावा देने पर जोर दिया, ताकि देश का बहुमूल्य धन बचाया जा सके।1
- पेट्रोल और डीजल का संयम से इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, लोगों से अगले एक साल तक सोना न खरीदने की अपील भी की गई है।1
- मांगों को लेकर आरा नगर निगम कर्मियों की एकदिवसीय हड़ताल, 15 मई से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी आरा नगर निगम के कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। हड़ताल के कारण नगर निगम के कई कार्य प्रभावित रहे। कर्मचारी संघ की अध्यक्ष पुष्पा सिंह ने कहा कि निगम प्रशासन को 15 दिन पहले ही छह सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक किसी भी मांग पर ठोस पहल नहीं की गई। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में अस्थायी कर्मियों को छठे वेतनमान की अंतर राशि और सातवें वेतनमान का लाभ देना शामिल है। इसके अलावा संविदा पर कार्यरत महिला एवं पुरुष कर्मचारियों को स्थायी करने तथा उनके वेतन में बढ़ोतरी की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि मात्र 12 हजार रुपये मासिक वेतन में कर्मचारियों का परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। संघ अध्यक्ष ने कहा कि सभी कर्मचारियों को एसीपी का लाभ दिया जाए और बिना कारण कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की प्रथा बंद हो। अगर किसी कर्मचारी से गलती होती है तो पहले उसे कारण बताओ नोटिस देकर सफाई का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नगर निगम प्रशासन और मेयर कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते हैं, तो 15 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि तब पूरा शहर देखेगा कि नगर निगम कर्मचारी कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।1
- नौबतपुर थाना क्षेत्र के मोतीपुर गांव में अपराधियों ने एक युवक कि चाकु गोदकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया जिसका पटना एम्स में इलाज के क्रम में मौत हो गई नौबतपुर थाना क्षेत्र के मोतीपुर गांव के बहियार में बदमाशों ने एक व्यक्ति को चाकु गोदकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस बात कि जानकारी ग्रामीणों को तब मिली जब ग्रामीण खेत घूमने गए तो देखा कि एक व्यक्ति अचेत अवस्था में खून से लत प वहां पड़ा हुआ है। जिसके बाद ग्रामीणों ने उसे ईलाज के नौबतपुर रेफरल अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे चिंताजनक हालत में पटना एम्स रेफर कर दिया। जहां उसका इलाज के क्रम में उसका मौत हो गया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। वही घटना कि जानकारी मिलते ही पुलिस एम्स पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को सौंप दिया। वही घटना स्थल पर एफ एस एल कि टीम घटना स्थल पर पहुंच कर साक्ष्य संकलन कि प्रक्रिया में लगी हुई। इस संबंध में फुलवारी एस डी पी ओ 2दीपक कुमार ने बताया कि परिजनों ने अभी कोई आवेदन नहीं दिया है। पुलिस आवेदन मिलने पर पुलिस उचित करवाई करेगी।1
- मातृत्वा दिवस पर महिला विषेसज्ञा डॉ रिचा झा से विशेष बातचीत राजधानी पटना के "HOLY PROMISE HOSPITAL" की डॉक्टर रिचा झा ने दी MOTHER'S DAY पर हार्दिक शुभकामनाएं.....!!!1
- बिहार में थाने के सामने श*राब माफिया ने चौकीदार को मा*र डाला, परिजनों का आरोप कोई पुलिस वाला नहीं आया बचाने। बिहार में थाने के सामने श*राब माफिया ने चौकीदार को मा*र डाला, परिजनों का आरोप कोई पुलिस वाला नहीं आया बचाने।1
- बिहटा के कटेसर गांव में रविवार सुबह 64 वर्षीय शिव साव का शव पेड़ से लटका मिलने से सनसनी फैल गई। परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं, वहीं पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।1