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फतेहपुर केस अपडेट | वरिष्ठ अधिवक्ता जयराज मानसिंह प्रकरण में बड़ा खुलासा | Follow‑Up Report
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फतेहपुर केस अपडेट | वरिष्ठ अधिवक्ता जयराज मानसिंह प्रकरण में बड़ा खुलासा | Follow‑Up Report
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Post by Amit Yadav1
- UP, कानपुर में हवाला और सट्टा कारोबार पर पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके (IPS) के नेतृत्व में कलेक्टरगंज इलाके में सघन छापेमारी की गई जहां से करीब 2 करोड़ रुपये नकद और 61 किलो चांदी (कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये) बरामद की गई है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एडीसीपी ने बताया कि लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि अवैध रकम हवाला और बेटिंग के जरिए इकट्ठा की जा रही है। कार्रवाई अभी जारी है मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश के साथ दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है।1
- 16 जनवरी की रात पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बना मौत का रास्ता, दो युवकों की गई जान1
- घाटमपुर-कस्बे के मोहल्ला नौबस्ता पूर्वी में गुरुवार की रात करीब 9:00 बजे एक युवक की कुछ युवकों ने मिलकर डंडे से पीट कर निर्मम हत्या कर दी।परिजनों को जानकारी होने पर घायल अवस्था में युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।जहां डॉक्टरों ने उसे मृत्यु घोषित कर दिया।मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा युवक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए आगे की कार्रवाई में जुट गई।मृतक करीब 22 वर्षीय मोहित पांडे के पिता राज बहादुर पांडेय ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि आरोपी ननका,सोनेलाल,गुड्डू व लोहा सिंह समेत अन्य लोगों ने मिलकर डंडे से पीटकर उनके पुत्र की निर्मम हत्या कर दी है।1
- नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर किये श्रृद्धा सुमन अर्पित हमीरपुर। देशभक्तों की देश के प्रति भूमिका के मद्देनजर वर्णिता संस्था के तत्वावधान में विमर्श विविधा के अन्तर्गत जिनका देश ऋणी है के तहत सुमेरपुर कस्बे में संस्था के अध्यक्ष डा. भवानीदीन ने सुभाष चन्द्र बोस की जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि सुभाष चन्द्र बोस एक बेमिसाल सोच और संगठन के साक्षी थे। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। बोस शौर्य और साहस के प्रतीक थे। इनका उड़ीसा के कटक में 23 जनवरी 1897 को जानकीनाथ बोस और प्रभावती के घर जन्म हुआ था। ये प्रारम्भ से ही राष्ट्रसेवी थे। इन्होंने आईसीएस परीक्षा पास कर सर्वोच्च पद प्राप्त करने के बाद देश के लिए अंग्रेजों की गुलामी स्वीकार न कर पद से इस्तीफा दे दिया था। ये त्याग और तरस्विता के मूर्तरुप थे। ये देश के बाहर रहकर भी देश की आजादी की आवाज बुलंद करते रहे। इन्होंने आजाद हिंद फौज का गठन कर उसके बैनर तले आजादी के लिए काम किया। इनके निधन का संशय बरकरार रहा। जनता इन्हें नेता जी कहकर संबोधित करती थी। इनकी मौत 18 अगस्त 1945 को मानी जाती है। जो कन्फर्म की कसौटी पर खरी नहीं उतरती है। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, प्रेम, सागर, महावीर प्रजापति इलेक्ट्रीशियन, रिचा, रामनारायन सोनकर, रामबाबू, विकास, फूलचंद, दीनदयाल प्रजापति, सतेन्द्र, राहुल प्रजापति आदि शामिल रहे।1
- उन्नाव में धर्मगुरु का संबोधन1
- शंकराचार्य जी की पालकी परंपरा 1737 से स्थापित है । श्रीमन्न शंकराचार्य जी को 1749 में पेशवा बोकिल और कुंभ मेला के पहले गवर्नर कृष्णा जी पंडित, पालकी में लेकर ख़ुद संगम स्नान तक पूरी धमक से गए थे । सुल्तान इल्तुतमिश के बाद यह हिंदुओं का पहला स्वतंत्र कुंभ था जिसकी नीव शंकराचार्य जी महाभाग और उनके क्षत्रिय पेशवा ने रखी थी !! #कुंभ_परंपरा #restore_peshwa_snan #ज्योतिर्मठ #शंकराचार्य #kashi1
- Post by Amit Yadav1
- घाटमपुर-भीतरगांव ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत उमरी गांव में गंदगी का अंबार देखने को मिल रहा है। जिसके चलते ग्रामवासी गंदगी के रास्ते निकलने व रहने को मजबूर हैं।1