उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती परीक्षा अमरोहा जिले में निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने संयुक्त रूप से विभिन्न परीक्षा केंद्रों का गहन निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, दोनों अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया, कक्ष निरीक्षकों की तैनाती और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों एवं ड्यूटीरत अधिकारियों को परीक्षा की गोपनीयता और शुचिता बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए। डीएम और एसपी ने जिला मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया, जहाँ से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। अधिकारियों ने कैमरों की कार्यप्रणाली की जांच की और निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे अभ्यर्थियों को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जा सका। अधिकारियों ने यह भी दोहराया कि शासन की मंशा के अनुरूप परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले में परीक्षा के शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होने से अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों में भी संतोष का माहौल देखने को मिला।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती परीक्षा अमरोहा जिले में निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने संयुक्त रूप से विभिन्न परीक्षा केंद्रों का गहन निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, दोनों अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया,
कक्ष निरीक्षकों की तैनाती और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों एवं ड्यूटीरत अधिकारियों को परीक्षा की गोपनीयता और शुचिता बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए। डीएम और एसपी ने जिला मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया, जहाँ से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। अधिकारियों ने कैमरों की कार्यप्रणाली की जांच की और निगरानी
व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे अभ्यर्थियों को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जा सका। अधिकारियों ने यह भी दोहराया कि शासन की मंशा के अनुरूप परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले में परीक्षा के शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होने से अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों में भी संतोष का माहौल देखने को मिला।
- गजरौला में चार दिन पहले एक अधिवक्ता द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा नेता चौधरी वेदपाल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। इन आरोपों के जवाब में, भाजपा नेता चौधरी वेदपाल सिंह ने भी मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरा प्रकरण प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद का है, और उन्हें विश्वास है कि जांच में इसकी सच्चाई सामने आ जाएगी। फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से लगाए जा रहे आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है, जबकि संबंधित एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।4
- संभल के कसेरवा गांव में बुधवार को एक मस्जिद पर बुलडोजर चलाए जाने के बाद इस कार्रवाई पर सियासत तेज़ हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने इस बुलडोजर एक्शन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इसे 'मुस्लिम मोहल्लों में खौफ पैदा करने के लिए' चलाया गया है। सांसद बर्क ने इस घटना को 'जुल्म की इंतेहा' बताते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा कसेरवा गांव में कब्रिस्तान के लिए आरक्षित सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद को 'शहीद' कर दिया गया। उन्होंने महसूस किया कि अधिकारियों ने 'आंखों पर पट्टी बांधकर एक तय निशाने के साथ' यह कार्रवाई की है। जियाउर्रहमान बर्क ने आगे कहा कि वे इस मामले में न्याय के लिए हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।1
- INDIA गठबंधन ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें पाँच बड़े मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक के दौरान, 'SIR' (जो भी इसका संदर्भ है) और वोट हेरफेर से संबंधित मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की तैयारी भी की गई है।1
- अभी-अभी फ़िलिपींस में आए एक भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद वहाँ का मंज़र बेहद खौफनाक बना हुआ है, जिसे समाचार चैनलों पर लाइव देखा जा सकता है।1
- हापुड़ जनपद के पिलखुआ क्षेत्र के गांव लाखन स्थित देवी मंदिर में सम्राट अनंगपाल सिंह तोमर फाउंडेशन द्वारा एक विशेष विचार गोष्ठी और बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिल्ली के संस्थापक माने जाने वाले सम्राट अनंगपाल सिंह तोमर को इतिहास में उनका उचित सम्मान और पहचान दिलाने के लिए समाज के लोगों को एक मंच पर एकत्रित करना था। बैठक की अध्यक्षता सूरजपाल सिंह ने की, जबकि इसका संचालन केंद्रीय श्रमिक शिक्षा बोर्ड के निवर्तमान चेयरमैन ओमकार सिंह तोमर ने किया। वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि सम्राट अनंगपाल सिंह तोमर भारतीय इतिहास के गौरवशाली शासकों में से एक थे, लेकिन उन्हें वह स्थान नहीं मिल सका जिसके वे वास्तविक हकदार हैं। इस गोष्ठी के माध्यम से उन्हें उनका अपेक्षित स्थान दिलाने की बात पर जोर दिया गया।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती परीक्षा अमरोहा जिले में निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने संयुक्त रूप से विभिन्न परीक्षा केंद्रों का गहन निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, दोनों अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया, कक्ष निरीक्षकों की तैनाती और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों एवं ड्यूटीरत अधिकारियों को परीक्षा की गोपनीयता और शुचिता बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए। डीएम और एसपी ने जिला मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया, जहाँ से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। अधिकारियों ने कैमरों की कार्यप्रणाली की जांच की और निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे अभ्यर्थियों को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जा सका। अधिकारियों ने यह भी दोहराया कि शासन की मंशा के अनुरूप परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले में परीक्षा के शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होने से अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों में भी संतोष का माहौल देखने को मिला।3
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के मुबारकपुर गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक अपनी पत्नी द्वारा बातचीत बंद कर देने से नाराज होकर गांव में निर्माणाधीन पानी की टंकी पर चढ़ गया। युवक के टंकी पर चढ़ने की खबर फैलते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, युवक शराब पीने का आदी बताया जा रहा है। उसके परिजनों ने बताया कि वह अक्सर शराब के नशे में घर पहुंचकर विवाद और झगड़ा करता रहता है। इसी तरह के आए दिन के झगड़ों से परेशान होकर उसकी पत्नी ने उससे बातचीत करना बंद कर दिया था। इसी बात से नाराज होकर युवक घर से निकला और गांव में बन रही ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया। जब ग्रामीणों ने युवक को टंकी पर चढ़ा देखा तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही हसनपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर काफी देर तक युवक को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत और समझाइश के बाद युवक पुलिस और ग्रामीणों की बात मान गया और सुरक्षित नीचे उतर आया। युवक के नीचे उतरते ही पुलिस और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, और इस घटना के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि घरेलू विवाद और शराब की लत के कारण इस तरह की घटनाएं अक्सर गंभीर रूप ले लेती हैं, लेकिन पुलिस के समय पर हस्तक्षेप और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।1
- संभल जनपद में प्रशासन द्वारा अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है, जिसके तहत थाना नखासा क्षेत्र के गांव कसेरवा में सरकारी कब्रिस्तान की लगभग 1200 वर्गमीटर भूमि पर हुए कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन का दावा है कि इस भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। इस कार्रवाई के लिए दोपहर 10 बजे से ही गांव कसेरवा में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था, जिसमें 60 से अधिक पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ पांच थानों की फोर्स शामिल थी। ध्वस्त करने की कार्रवाई के लिए दो बुलडोजर, एक क्रेन मशीन और आधा दर्जन डंपर मौके पर लगाए गए। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद, बुलडोजर ने दोपहर 1 बजे से शाम तक निर्माण को हटाने का कार्य किया। ध्वस्तीकरण शुरू होने से पहले एक ग्रामीण द्वारा आखिरी अजान दी गई। पूरे अभियान के दौरान अधिकारियों की निगरानी में बुलडोजर लगातार चलते रहे और गांव में स्थित मकानों की छत पर पुलिस कमांडो तैनात किए गए थे। कार्रवाई के दौरान जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मौके पर पहुँचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासन के अनुसार, निरीक्षण के समय कुछ झंडे और पंपलेट भी मिले हैं, जिनकी फिलहाल जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- अमरोहा जनपद के थाना आदमपुर क्षेत्र में ढवारसी गाँव स्थित वेदांता स्कूल के सामने एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। इस हादसे के बाद घटनास्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई, जिससे सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ। ट्रैक्टर के अचानक पलटने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग तत्काल मौके पर पहुँचे और स्थिति को सँभालने में जुट गए। राहत की बात यह रही कि इस घटना में ट्रैक्टर चालक पूरी तरह सुरक्षित रहा और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, समय रहते एक बड़ा हादसा टल गया, अन्यथा गंभीर नुकसान हो सकता था। घटना के बाद क्षेत्र में काफी देर तक लोगों की भीड़ जुटी रही।2