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गजरौला में चार दिन पहले एक अधिवक्ता द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा नेता चौधरी वेदपाल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। इन आरोपों के जवाब में, भाजपा नेता चौधरी वेदपाल सिंह ने भी मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरा प्रकरण प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद का है, और उन्हें विश्वास है कि जांच में इसकी सच्चाई सामने आ जाएगी। फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से लगाए जा रहे आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है, जबकि संबंधित एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।
Kapil kumar Chawla Amroha
गजरौला में चार दिन पहले एक अधिवक्ता द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा नेता चौधरी वेदपाल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। इन आरोपों के जवाब में, भाजपा नेता चौधरी वेदपाल सिंह ने भी मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरा प्रकरण प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद का है, और उन्हें विश्वास है कि जांच में इसकी सच्चाई सामने आ जाएगी। फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से लगाए जा रहे आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है, जबकि संबंधित एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।
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- गजरौला में चार दिन पहले एक अधिवक्ता द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा नेता चौधरी वेदपाल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। इन आरोपों के जवाब में, भाजपा नेता चौधरी वेदपाल सिंह ने भी मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरा प्रकरण प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद का है, और उन्हें विश्वास है कि जांच में इसकी सच्चाई सामने आ जाएगी। फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से लगाए जा रहे आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है, जबकि संबंधित एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।4
- अमरोहा देहात पुलिस ने स्कॉर्पियो कार पर हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जाँच में यह सामने आया कि आरोपियों का निशाना कोई और व्यक्ति था, लेकिन पहचान में हुई चूक के कारण उन्होंने दूसरी गाड़ी पर गोलियाँ चला दीं। यह घटना 6 जून को डिडौली थाना क्षेत्र के सरकड़ी अजीज गाँव में हुई थी, जब इसी गाँव के निवासी हिमांशु चौधरी ने अपनी स्कॉर्पियो कार पर अज्ञात लोगों द्वारा जान से मारने की नीयत से फायरिंग किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी और पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी थी। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन में गठित एक टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर इस मामले को सुलझाया। पुलिस ने इस कार्रवाई में शुभ चौधरी (निवासी हिसामपुर), दीपांशु चौहान उर्फ कृष, और लक्ष्य चौहान उर्फ लकी (दोनों निवासी सियाऊ, बिजनौर) को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने बताया कि उनकी किसी अन्य व्यक्ति से पुरानी रंजिश चल रही थी, और उसे सबक सिखाने के इरादे से वे उसकी तलाश में निकले थे। रास्ते में उन्हें एक स्कॉर्पियो कार दिखाई दी, जिसे उन्होंने अपने विरोधी की गाड़ी समझ लिया और उस पर गोलियाँ चला दीं। बाद में उन्हें पता चला कि जिस व्यक्ति को वे निशाना बनाना चाहते थे, वह उस वाहन में मौजूद नहीं था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, दो अवैध तमंचे .315 बोर, एक खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। इस मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ आयुध अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस ने तीनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस खुलासे के बाद जहाँ पुलिस ने राहत की साँस ली है, वहीं क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।1
- INDIA गठबंधन ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें पाँच बड़े मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक के दौरान, 'SIR' (जो भी इसका संदर्भ है) और वोट हेरफेर से संबंधित मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की तैयारी भी की गई है।1
- अभी-अभी फ़िलिपींस में आए एक भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद वहाँ का मंज़र बेहद खौफनाक बना हुआ है, जिसे समाचार चैनलों पर लाइव देखा जा सकता है।1
- संभल के कसेरवा गांव में बुधवार को एक मस्जिद पर बुलडोजर चलाए जाने के बाद इस कार्रवाई पर सियासत तेज़ हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने इस बुलडोजर एक्शन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इसे 'मुस्लिम मोहल्लों में खौफ पैदा करने के लिए' चलाया गया है। सांसद बर्क ने इस घटना को 'जुल्म की इंतेहा' बताते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा कसेरवा गांव में कब्रिस्तान के लिए आरक्षित सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद को 'शहीद' कर दिया गया। उन्होंने महसूस किया कि अधिकारियों ने 'आंखों पर पट्टी बांधकर एक तय निशाने के साथ' यह कार्रवाई की है। जियाउर्रहमान बर्क ने आगे कहा कि वे इस मामले में न्याय के लिए हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।1
- शामली में आयुष मलिक और चांदनी कुरेशी से जुड़े मामले में एक नया अपडेट सामने आया है, जहाँ आयुष मलिक ने खुद आगे आकर घोषणा की है कि "अल्हम्दुलिल्लाह आई एम मुस्लिम"। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को "बेरोज़गार संतरों की चाल" बताया है। जानकारी के अनुसार, आयुष मलिक डॉक्टर इसरार अहमद के प्रशंसक हैं और उन्होंने इस्लाम कबूल करने का इरादा वहीं से किया था। हालाँकि, इस मामले के लेखक अभी भी अपने पहले के बयान पर कायम हैं कि 'सक सेक' के लिए किया गया विवाह बेबुनियाद है। लेखक का कहना है कि अगर आयुष मलिक ने इस्लाम दिल और ईमान से कबूल किया है और फिर शादी की है, तभी यह ठीक है। इस मामले में आगे चलकर संवैधानिक कानून की 'खूबसूरती' देखने को मिलेगी।1
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के मुबारकपुर गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक अपनी पत्नी द्वारा बातचीत बंद कर देने से नाराज होकर गांव में निर्माणाधीन पानी की टंकी पर चढ़ गया। युवक के टंकी पर चढ़ने की खबर फैलते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, युवक शराब पीने का आदी बताया जा रहा है। उसके परिजनों ने बताया कि वह अक्सर शराब के नशे में घर पहुंचकर विवाद और झगड़ा करता रहता है। इसी तरह के आए दिन के झगड़ों से परेशान होकर उसकी पत्नी ने उससे बातचीत करना बंद कर दिया था। इसी बात से नाराज होकर युवक घर से निकला और गांव में बन रही ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया। जब ग्रामीणों ने युवक को टंकी पर चढ़ा देखा तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही हसनपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर काफी देर तक युवक को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत और समझाइश के बाद युवक पुलिस और ग्रामीणों की बात मान गया और सुरक्षित नीचे उतर आया। युवक के नीचे उतरते ही पुलिस और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, और इस घटना के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि घरेलू विवाद और शराब की लत के कारण इस तरह की घटनाएं अक्सर गंभीर रूप ले लेती हैं, लेकिन पुलिस के समय पर हस्तक्षेप और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की सीधी भर्ती परीक्षा अमरोहा जिले में निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने संयुक्त रूप से विभिन्न परीक्षा केंद्रों का गहन निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, दोनों अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था, अभ्यर्थियों के प्रवेश की प्रक्रिया, कक्ष निरीक्षकों की तैनाती और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों एवं ड्यूटीरत अधिकारियों को परीक्षा की गोपनीयता और शुचिता बनाए रखने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए। डीएम और एसपी ने जिला मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया, जहाँ से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी। अधिकारियों ने कैमरों की कार्यप्रणाली की जांच की और निगरानी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए। परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे अभ्यर्थियों को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जा सका। अधिकारियों ने यह भी दोहराया कि शासन की मंशा के अनुरूप परीक्षा को पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले में परीक्षा के शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होने से अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों में भी संतोष का माहौल देखने को मिला।3
- संभल जनपद में प्रशासन द्वारा अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है, जिसके तहत थाना नखासा क्षेत्र के गांव कसेरवा में सरकारी कब्रिस्तान की लगभग 1200 वर्गमीटर भूमि पर हुए कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन का दावा है कि इस भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। इस कार्रवाई के लिए दोपहर 10 बजे से ही गांव कसेरवा में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था, जिसमें 60 से अधिक पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ पांच थानों की फोर्स शामिल थी। ध्वस्त करने की कार्रवाई के लिए दो बुलडोजर, एक क्रेन मशीन और आधा दर्जन डंपर मौके पर लगाए गए। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद, बुलडोजर ने दोपहर 1 बजे से शाम तक निर्माण को हटाने का कार्य किया। ध्वस्तीकरण शुरू होने से पहले एक ग्रामीण द्वारा आखिरी अजान दी गई। पूरे अभियान के दौरान अधिकारियों की निगरानी में बुलडोजर लगातार चलते रहे और गांव में स्थित मकानों की छत पर पुलिस कमांडो तैनात किए गए थे। कार्रवाई के दौरान जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मौके पर पहुँचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासन के अनुसार, निरीक्षण के समय कुछ झंडे और पंपलेट भी मिले हैं, जिनकी फिलहाल जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1