अमरोहा देहात पुलिस ने स्कॉर्पियो कार पर हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जाँच में यह सामने आया कि आरोपियों का निशाना कोई और व्यक्ति था, लेकिन पहचान में हुई चूक के कारण उन्होंने दूसरी गाड़ी पर गोलियाँ चला दीं। यह घटना 6 जून को डिडौली थाना क्षेत्र के सरकड़ी अजीज गाँव में हुई थी, जब इसी गाँव के निवासी हिमांशु चौधरी ने अपनी स्कॉर्पियो कार पर अज्ञात लोगों द्वारा जान से मारने की नीयत से फायरिंग किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी और पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी थी। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन में गठित एक टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर इस मामले को सुलझाया। पुलिस ने इस कार्रवाई में शुभ चौधरी (निवासी हिसामपुर), दीपांशु चौहान उर्फ कृष, और लक्ष्य चौहान उर्फ लकी (दोनों निवासी सियाऊ, बिजनौर) को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने बताया कि उनकी किसी अन्य व्यक्ति से पुरानी रंजिश चल रही थी, और उसे सबक सिखाने के इरादे से वे उसकी तलाश में निकले थे। रास्ते में उन्हें एक स्कॉर्पियो कार दिखाई दी, जिसे उन्होंने अपने विरोधी की गाड़ी समझ लिया और उस पर गोलियाँ चला दीं। बाद में उन्हें पता चला कि जिस व्यक्ति को वे निशाना बनाना चाहते थे, वह उस वाहन में मौजूद नहीं था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, दो अवैध तमंचे .315 बोर, एक खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। इस मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ आयुध अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस ने तीनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस खुलासे के बाद जहाँ पुलिस ने राहत की साँस ली है, वहीं क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।
अमरोहा देहात पुलिस ने स्कॉर्पियो कार पर हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जाँच में यह सामने आया कि आरोपियों का निशाना कोई और व्यक्ति था, लेकिन पहचान में हुई चूक के कारण उन्होंने दूसरी गाड़ी पर गोलियाँ चला दीं। यह घटना 6 जून को डिडौली थाना क्षेत्र के सरकड़ी अजीज गाँव में हुई थी, जब इसी गाँव के निवासी हिमांशु चौधरी ने अपनी स्कॉर्पियो कार पर अज्ञात लोगों द्वारा जान से मारने की नीयत से फायरिंग किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। घटना के बाद इलाके में दहशत फैल गई थी और पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी थी। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन में गठित एक टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर इस मामले को सुलझाया। पुलिस ने इस कार्रवाई में शुभ चौधरी (निवासी हिसामपुर), दीपांशु चौहान उर्फ कृष, और लक्ष्य चौहान उर्फ लकी (दोनों निवासी सियाऊ, बिजनौर) को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने बताया कि उनकी किसी अन्य व्यक्ति से पुरानी रंजिश चल रही थी, और उसे सबक सिखाने के इरादे से वे उसकी तलाश में निकले थे। रास्ते में उन्हें एक स्कॉर्पियो कार दिखाई दी, जिसे उन्होंने अपने विरोधी की गाड़ी समझ लिया और उस पर गोलियाँ चला दीं। बाद में उन्हें पता चला कि जिस व्यक्ति को वे निशाना बनाना चाहते थे, वह उस वाहन में मौजूद नहीं था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, दो अवैध तमंचे .315 बोर, एक खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। इस मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ आयुध अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस ने तीनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस खुलासे के बाद जहाँ पुलिस ने राहत की साँस ली है, वहीं क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों का भरोसा भी मजबूत हुआ है।
- गजरौला में चार दिन पहले एक अधिवक्ता द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा नेता चौधरी वेदपाल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। इन आरोपों के जवाब में, भाजपा नेता चौधरी वेदपाल सिंह ने भी मीडिया के सामने अपनी बात रखते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरा प्रकरण प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद का है, और उन्हें विश्वास है कि जांच में इसकी सच्चाई सामने आ जाएगी। फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से लगाए जा रहे आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है, जबकि संबंधित एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।4
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में पुलिस ने अपराध के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों को चोरी की एक बाइक के साथ पकड़ा है।1
- संभल जनपद में प्रशासन द्वारा अवैध कब्जों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है, जिसके तहत थाना नखासा क्षेत्र के गांव कसेरवा में सरकारी कब्रिस्तान की लगभग 1200 वर्गमीटर भूमि पर हुए कथित अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन का दावा है कि इस भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। इस कार्रवाई के लिए दोपहर 10 बजे से ही गांव कसेरवा में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था, जिसमें 60 से अधिक पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ पांच थानों की फोर्स शामिल थी। ध्वस्त करने की कार्रवाई के लिए दो बुलडोजर, एक क्रेन मशीन और आधा दर्जन डंपर मौके पर लगाए गए। सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद, बुलडोजर ने दोपहर 1 बजे से शाम तक निर्माण को हटाने का कार्य किया। ध्वस्तीकरण शुरू होने से पहले एक ग्रामीण द्वारा आखिरी अजान दी गई। पूरे अभियान के दौरान अधिकारियों की निगरानी में बुलडोजर लगातार चलते रहे और गांव में स्थित मकानों की छत पर पुलिस कमांडो तैनात किए गए थे। कार्रवाई के दौरान जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मौके पर पहुँचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रशासन के अनुसार, निरीक्षण के समय कुछ झंडे और पंपलेट भी मिले हैं, जिनकी फिलहाल जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- अभी-अभी फ़िलिपींस में आए एक भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद वहाँ का मंज़र बेहद खौफनाक बना हुआ है, जिसे समाचार चैनलों पर लाइव देखा जा सकता है।1
- हापुड़ जनपद के पिलखुआ क्षेत्र के गांव लाखन स्थित देवी मंदिर में सम्राट अनंगपाल सिंह तोमर फाउंडेशन द्वारा एक विशेष विचार गोष्ठी और बैठक का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिल्ली के संस्थापक माने जाने वाले सम्राट अनंगपाल सिंह तोमर को इतिहास में उनका उचित सम्मान और पहचान दिलाने के लिए समाज के लोगों को एक मंच पर एकत्रित करना था। बैठक की अध्यक्षता सूरजपाल सिंह ने की, जबकि इसका संचालन केंद्रीय श्रमिक शिक्षा बोर्ड के निवर्तमान चेयरमैन ओमकार सिंह तोमर ने किया। वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि सम्राट अनंगपाल सिंह तोमर भारतीय इतिहास के गौरवशाली शासकों में से एक थे, लेकिन उन्हें वह स्थान नहीं मिल सका जिसके वे वास्तविक हकदार हैं। इस गोष्ठी के माध्यम से उन्हें उनका अपेक्षित स्थान दिलाने की बात पर जोर दिया गया।1
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के मुबारकपुर गांव में उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक अपनी पत्नी द्वारा बातचीत बंद कर देने से नाराज होकर गांव में निर्माणाधीन पानी की टंकी पर चढ़ गया। युवक के टंकी पर चढ़ने की खबर फैलते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, युवक शराब पीने का आदी बताया जा रहा है। उसके परिजनों ने बताया कि वह अक्सर शराब के नशे में घर पहुंचकर विवाद और झगड़ा करता रहता है। इसी तरह के आए दिन के झगड़ों से परेशान होकर उसकी पत्नी ने उससे बातचीत करना बंद कर दिया था। इसी बात से नाराज होकर युवक घर से निकला और गांव में बन रही ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया। जब ग्रामीणों ने युवक को टंकी पर चढ़ा देखा तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही हसनपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर काफी देर तक युवक को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत और समझाइश के बाद युवक पुलिस और ग्रामीणों की बात मान गया और सुरक्षित नीचे उतर आया। युवक के नीचे उतरते ही पुलिस और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली, और इस घटना के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि घरेलू विवाद और शराब की लत के कारण इस तरह की घटनाएं अक्सर गंभीर रूप ले लेती हैं, लेकिन पुलिस के समय पर हस्तक्षेप और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।1
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर त्वरित कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने माल बरामद किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- संभल ब्लॉक के गांव मिलक मिथोली में ग्रामीण पिछले 15 दिनों से बिजली न आने के कारण भीषण गर्मी से परेशान हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जिसके चलते उन्हें इस मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। गांव में लगा 25 केवी का ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण बिजली आपूर्ति ठप है। इस समस्या से गांव के लगभग 50 कनेक्शनधारी उपभोक्ता सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं।1
- अमरोहा जनपद के थाना आदमपुर क्षेत्र में ढवारसी गाँव स्थित वेदांता स्कूल के सामने एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। इस हादसे के बाद घटनास्थल पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई, जिससे सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ। ट्रैक्टर के अचानक पलटने से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग तत्काल मौके पर पहुँचे और स्थिति को सँभालने में जुट गए। राहत की बात यह रही कि इस घटना में ट्रैक्टर चालक पूरी तरह सुरक्षित रहा और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, समय रहते एक बड़ा हादसा टल गया, अन्यथा गंभीर नुकसान हो सकता था। घटना के बाद क्षेत्र में काफी देर तक लोगों की भीड़ जुटी रही।2