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विराटनगर के बाबा भोमिया जी महाराज की डूंगरी बीलवाड़ी में एक विशाल मेला और भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अवसर पर, बड़ी संख्या में श्रद्धालु बेरी धाम बियावास से पैदल निशान ध्वज यात्रा लेकर गाजे-बाजे और भजनों की धुन पर झूमते हुए बाबा भोमिया जी की डूंगरी बीलवाड़ी पहुंचे।
Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
विराटनगर के बाबा भोमिया जी महाराज की डूंगरी बीलवाड़ी में एक विशाल मेला और भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अवसर पर, बड़ी संख्या में श्रद्धालु बेरी धाम बियावास से पैदल निशान ध्वज यात्रा लेकर गाजे-बाजे और भजनों की धुन पर झूमते हुए बाबा भोमिया जी की डूंगरी बीलवाड़ी पहुंचे।
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- विराटनगर के बाबा भोमिया जी महाराज की डूंगरी बीलवाड़ी में एक विशाल मेला और भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अवसर पर, बड़ी संख्या में श्रद्धालु बेरी धाम बियावास से पैदल निशान ध्वज यात्रा लेकर गाजे-बाजे और भजनों की धुन पर झूमते हुए बाबा भोमिया जी की डूंगरी बीलवाड़ी पहुंचे।1
- बाबा भोमिया जी महाराज के सम्मान में एक विशाल मेला और भंडारा कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।1
- जयपुर जिले के पावटा में बाबा भोमिया जी महाराज के उपलक्ष्य में एक विशाल मेला और भंडारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- राजस्थान में जब वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री थीं, उस दौरान नागौर जिले में बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुँचे अनेक अधिकारियों को भारी विरोध का सामना करना पड़ा और उन्हें पीछे हटना पड़ा। यह घटना उस समय की है जब बिजली विभाग की टीमें खींवसर, नागौर में बिजली चोरी को लेकर कार्रवाई करने पहुंची थीं। हनुमान बेनीवाल के संसदीय क्षेत्र में इन अधिकारियों को बड़े विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके चलते वे अपनी कार्रवाई को अंजाम नहीं दे पाए और उन्हें पीछे हटना पड़ा।1
- कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बीलवाड़ी स्थित बाबा भोमिया जी महाराज के स्थान पर एक भव्य मेला और भंडारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।1
- राजस्थान में गहराते जल संकट को लेकर पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भाजपा सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटों में पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो मुख्यमंत्री आवास और मंत्रियों के आवासों के पानी के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। खाचरियावास ने सरकार पर कड़ा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश की जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है, जबकि सरकार कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है। उनके अनुसार, जयपुर सहित कई जिलों में स्थिति बद से बदतर हो गई है, और टैंकरों पर निर्भर इलाकों में भी पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसके चलते महिलाओं को घंटों लंबी लाइनों में खड़ा रहना पड़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि गर्मी अपने चरम पर है और पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची है, लेकिन सरकार केवल घोषणाओं में व्यस्त है। पूर्व मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के शासन में जलदाय विभाग पूरी तरह से विफल हो गया है। उनके मुताबिक, हैंडपंप सूखे पड़े हैं, नलकूपों ने जवाब दे दिया है, और पानी की योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही चल रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता की प्यास बुझाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसमें वह नाकाम साबित हो रही है। यदि 24 घंटे के भीतर पानी की सुचारू व्यवस्था नहीं की गई, तो कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास और मंत्रियों के बंगलों के पानी के कनेक्शन काटने के लिए मजबूर होंगे।1
- पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में रविवार को एक बड़ा आत्मघाती बम विस्फोट हुआ, जिससे भारी जनहानि हुई है। शुरुआती स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में 32 लोगों की मौत और 94 से अधिक लोगों के घायल होने की बात कही गई थी, लेकिन बाद की अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों ने अब तक कम से कम 24 मौतों और 100 से अधिक घायलों की पुष्टि की है। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है। जानकारी के अनुसार, यह विस्फोट क्वेटा के चमन फाटक इलाके के पास रेलवे ट्रैक के नजदीक उस समय हुआ जब एक ट्रेन सैन्य क्षेत्र से यात्रियों को लेकर आगे बढ़ रही थी। धमाका इतना शक्तिशाली था कि ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतर गए, और आसपास के वाहनों व इमारतों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा। रिपोर्टों के मुताबिक, बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। बताया जा रहा है कि हमला सुरक्षा बलों से जुड़े लोगों को निशाना बनाकर किया गया था। घटना के तुरंत बाद, पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है और सभी अस्पतालों में आपात स्थिति घोषित कर दी गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस दुखद घटना की कड़ी निंदा की है। क्वेटा और बलूचिस्तान क्षेत्र पहले भी ऐसे आत्मघाती हमलों का केंद्र रहे हैं।1
- श्री वीर तेजाजी महाराज के उपलक्ष्य में एक विशाल मेले और भंडारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह कार्यक्रम महाराज के सम्मान में आयोजित किया गया, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और प्रसाद ग्रहण किया।1