छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित वार्ड क्रमांक-41 के निवासियों को जलभराव की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी मुख्य वजह आज तक नाली का निर्माण न होना है। वार्ड की एक निवासी समता देवी ने बहुआयामी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री हिमांशु राज जी को दिनांक 04/04/2026 को पत्र लिखकर इस समस्या के शीघ्र समाधान के लिए हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। समता देवी के अनुसार, हल्की बारिश में ही पूरे वार्ड में गंदा पानी भर जाता है और सीधा घरों में घुस जाता है। इसके चलते घरों में हमेशा सीलन और कीचड़ बना रहता है, जिससे मच्छरों के कारण डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां फैल रही हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए घर से निकलना मुश्किल हो गया है, और गंदगी के कारण पूरा माहौल खराब हो गया है। वार्डवासियों ने पिछले 2-3 वर्षों से नगर निगम में मौखिक और लिखित रूप से कई शिकायतें की हैं, और रोड निर्माण के समय भी अधिकारियों से नाली के लिए जगह छोड़ने का निवेदन किया था, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। आज बरसात के दिनों में उनका जीवन बहुत कष्टदायक हो गया है। अतः समता देवी ने प्रदेश अध्यक्ष से करबद्ध निवेदन किया है कि वे इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों और नगर निगम प्रशासन पर वार्ड क्रमांक-41 में शीघ्र नाली निर्माण कराने हेतु दबाव बनाएं। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष के इस सहयोग के लिए वार्डवासियों की ओर से सदैव आभारी रहने की बात कही है।
छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित वार्ड क्रमांक-41 के निवासियों को जलभराव की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी मुख्य वजह आज तक नाली का निर्माण न होना है। वार्ड की एक निवासी समता देवी ने बहुआयामी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री हिमांशु राज जी को दिनांक 04/04/2026 को पत्र लिखकर इस समस्या के शीघ्र समाधान के लिए हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। समता देवी के अनुसार, हल्की बारिश में ही पूरे वार्ड में गंदा पानी भर जाता है और सीधा घरों
में घुस जाता है। इसके चलते घरों में हमेशा सीलन और कीचड़ बना रहता है, जिससे मच्छरों के कारण डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां फैल रही हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए घर से निकलना मुश्किल हो गया है, और गंदगी के कारण पूरा माहौल खराब हो गया है। वार्डवासियों ने पिछले 2-3 वर्षों से नगर निगम में मौखिक और लिखित रूप से कई शिकायतें की हैं, और रोड निर्माण के समय भी अधिकारियों से नाली के लिए
जगह छोड़ने का निवेदन किया था, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। आज बरसात के दिनों में उनका जीवन बहुत कष्टदायक हो गया है। अतः समता देवी ने प्रदेश अध्यक्ष से करबद्ध निवेदन किया है कि वे इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों और नगर निगम प्रशासन पर वार्ड क्रमांक-41 में शीघ्र नाली निर्माण कराने हेतु दबाव बनाएं। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष के इस सहयोग के लिए वार्डवासियों की ओर से सदैव आभारी रहने की बात कही है।
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- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित वार्ड क्रमांक-41 के निवासियों को जलभराव की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी मुख्य वजह आज तक नाली का निर्माण न होना है। वार्ड की एक निवासी समता देवी ने बहुआयामी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्री हिमांशु राज जी को दिनांक 04/04/2026 को पत्र लिखकर इस समस्या के शीघ्र समाधान के लिए हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। समता देवी के अनुसार, हल्की बारिश में ही पूरे वार्ड में गंदा पानी भर जाता है और सीधा घरों में घुस जाता है। इसके चलते घरों में हमेशा सीलन और कीचड़ बना रहता है, जिससे मच्छरों के कारण डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां फैल रही हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए घर से निकलना मुश्किल हो गया है, और गंदगी के कारण पूरा माहौल खराब हो गया है। वार्डवासियों ने पिछले 2-3 वर्षों से नगर निगम में मौखिक और लिखित रूप से कई शिकायतें की हैं, और रोड निर्माण के समय भी अधिकारियों से नाली के लिए जगह छोड़ने का निवेदन किया था, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। आज बरसात के दिनों में उनका जीवन बहुत कष्टदायक हो गया है। अतः समता देवी ने प्रदेश अध्यक्ष से करबद्ध निवेदन किया है कि वे इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों और नगर निगम प्रशासन पर वार्ड क्रमांक-41 में शीघ्र नाली निर्माण कराने हेतु दबाव बनाएं। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष के इस सहयोग के लिए वार्डवासियों की ओर से सदैव आभारी रहने की बात कही है।3
- अंबिकापुर शहर के व्यस्त गांधी चौक पर ट्रैफिक सिग्नल पर वाहनों के रुकते ही महिलाओं द्वारा छोटे बच्चों के साथ भीख मांगने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। कई वाहन चालकों ने बताया है कि सिग्नल पर गाड़ी रुकते ही उनके शीशे और दरवाजों पर दस्तक देकर पैसे मांगे जाते हैं, जिससे उन्हें असहजता महसूस होती है और यातायात व्यवस्था भी बाधित होती है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है। उन्होंने इस मामले में यह जानने की आवश्यकता जताई है कि ये लोग कहाँ से आते हैं, बच्चों के साथ भीख मांगने की यह स्थिति क्यों पैदा हो रही है, और क्या इसके पीछे कोई सामाजिक या संगठित कारण है। इन सभी पहलुओं पर संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों द्वारा निष्पक्ष जाँच की मांग की गई है। जनहित में यह आवश्यक बताया गया है कि जिला प्रशासन, पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग और समाज कल्याण विभाग संयुक्त रूप से इस मामले की गहन जाँच करें। यदि कोई परिवार आर्थिक संकट में है, तो उसे सरकारी योजनाओं और पुनर्वास से जोड़ा जाए; और यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता या कानून का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। गांधी चौक जैसे प्रमुख चौराहे पर यातायात व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, और स्थानीय नागरिकों ने इस विषय पर शीघ्र ध्यान दिए जाने की पुरजोर मांग की है।1
- सरगुजा जिले के अंबिकापुर में गांधीनगर थाना पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म कर शादी का झांसा देने और गर्भ ठहरने पर गर्भपात कराने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शिकायत पर गांधीनगर थाने में अपराध क्रमांक 335/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(2)(एम), 89 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 18 नवंबर 2024 को बलरामपुर जिले के त्रिकुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत सुलसुली निवासी रमेश कुमार रवि (23 वर्ष) ने प्रेम और शादी का झांसा देकर पीड़िता के किराये के कमरे में उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में जब पीड़िता गर्भवती हो गई, तो उसे दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया गया और आरोपी ने विवाह करने से इनकार कर दिया। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी रमेश कुमार रवि का पता लगाकर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने इस घटना को स्वीकार किया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी बताया है कि नाबालिगों से जुड़े अपराधों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है और ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। इस पूरी कार्रवाई में उप निरीक्षक दिलीप दुबे, सहायक उप निरीक्षक सुभाष ठाकुर, आरक्षक कुंदन पाण्डेय, मदन पैकरा एवं घनश्याम देवांगन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- थाना गोलबाजार क्षेत्र में पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली टेबलेट नाईट्रोसन-10 की बिक्री करने की फिराक में घूम रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लगभग ₹1,50,000 मूल्य की कुल 300 नग नाईट्रोसन-10 टेबलेट्स, ₹400 नगद और 02 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद असपाक (25, कबीर नगर, रायपुर), शिवम ढीमर (22, मंगल बाजार, रायपुर) और तुषार ढीमर (20, कुरूद, धमतरी) के रूप में हुई है। यह कार्रवाई 4 जुलाई 2026 को थाना गोलबाजार क्षेत्रांतर्गत दाई कोरा भवन के सामने प्रतिबंधित नशीली टेबलेट रखे होने और उनकी बिक्री की सूचना मिलने के बाद की गई। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एंड साइबर) श्री स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) श्री उमेश प्रसाद गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और थाना गोलबाजार पुलिस की संयुक्त टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। पुलिस टीम को देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उनके बैग से प्रतिबंधित नाईट्रोसन-10 टेबलेट्स बरामद की गईं। पूछने पर आरोपियों के पास इन टेबलेट्स को रखने और बेचने संबंधी कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले और वे लगातार टीम को गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे। तीनों के खिलाफ थाना गोलबाजार में अपराध क्रमांक 105/26 धारा 22(ख) नारकोटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेजेस के आधार पर अन्य संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में विस्तृत पूछताछ कर रही है, ताकि इस मामले में 'एंड-टू-एंड' कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1
- 3 जुलाई 2026 को पेटला स्थित धान खरीदी केंद्र परिसर में पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, समिति पदाधिकारियों, बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में किसानों ने मिलकर पौधे रोपे और उनके भविष्य में संरक्षण का भी संकल्प लिया। कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति दर्ज की गई, जिनमें जिला सदस्य श्री शिवभरोस बेक, धान खरीदी केंद्र समिति के अध्यक्ष श्री जयपाल लकड़ा, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के मंत्री श्री प्रेमचंद बेहरा, सरपंच प्रतिनिधि श्री सुखेचंद नागवंशी, भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के एक अन्य मंत्री श्री ऋषि गुप्ता, ग्राम पंचायत पेटला के पंच श्री काशीनाथ, कॉपरेटिव बैंक के प्रबंधक श्री उमा दास और समिति के प्रबंधक श्री हेमंत प्रधान शामिल थे। इनके साथ ही समिति के समस्त कर्मचारी और अनेक किसान भी मौजूद रहे। उपस्थित सभी लोगों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित करने की प्रतिज्ञा ली। वक्ताओं ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि पर्यावरण की सुरक्षा के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है, और आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ तथा सुरक्षित वातावरण प्रदान करने हेतु हर व्यक्ति को इस महत्वपूर्ण अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।1
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- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील हसदेव अरंड वन क्षेत्र में स्थित घाटबर्रा गाँव, अपनी पैतृक भूमि और प्राचीन साल के जंगलों को व्यापक तथा निरंतर चल रही कोयला खनन परियोजनाओं से बचाने के लिए संघर्ष कर रहे मूल निवासी गोंड समुदाय के कारण एक बड़े विवाद का केंद्र बन गया है। यह संघर्ष गंभीर कानूनी और पर्यावरणीय विवादों से घिरा है। 2013 में घाटबर्रा के निवासियों को वन अधिकार अधिनियम के तहत सामुदायिक वन अधिकार (सीएफआर) प्रदान किए गए थे, लेकिन 2016 में जिला स्तरीय समिति ने इन अधिकारों को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि ये उस भूमि पर गलती से जारी किए गए थे जिसे पहले ही खनन के लिए उपयोग में लाया जा चुका था। अक्टूबर 2025 में, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने इस निरस्तीकरण को चुनौती देने वाली एक दशक पुरानी याचिका को खारिज करते हुए फैसला सुनाया कि सीएफआर शुरू से ही अमान्य थे, क्योंकि भूमि पहले से ही परसा ईस्ट और केटे बेसेन (पीईकेबी) कोयला ब्लॉकों के लिए आरक्षित थी। इन कानूनी फैसलों के बावजूद, राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) के पास मौजूद वन भूमि हस्तांतरण की मंजूरी को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन और धरने दिए जा रहे हैं, जिसके तहत अडानी एंटरप्राइजेज खनन कार्य कर रही है। हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति जैसे समूहों के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग तर्क देते हैं कि पीईएसए के तहत अनिवार्य ग्राम सभा की सहमति का अभाव है, जबकि औद्योगिक वृक्ष कटाई और खनन कार्य सक्रिय रूप से जारी हैं, जिससे घाटबर्रा में संघर्ष और गहरा गया है।1