नरसिंहपुर में लगातार हो रही समस्याओं, मानसिक प्रताड़ना, सोशल मीडिया पर झूठे प्रचार और धमकियों के खिलाफ नरसिंहपुर खाद बीज कीटनाशक विक्रेता वेलफेयर संघ ने गोहगांव अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से जिला कलेक्टर महोदया को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा इस मामले पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो जिले के समस्त व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के जिला अध्यक्ष महेंद्र गुप्ता और कोषाध्यक्ष राकेश पटेल सहित अन्य पदाधिकारी और व्यापारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संघ ने ज्ञापन में अपनी समस्याएं रखते हुए स्पष्ट किया कि जलवायु परिवर्तन, अत्यधिक तापमान, उमस, कम या ज्यादा बारिश और लेटलतीफी की वजह से मक्का, सोयाबीन और धान जैसी फसलों के बीजों का अंकुरण प्रभावित होता है। बिना किसी तकनीकी प्रमाण के इसे "नकली बीज" बताकर प्रचारित करना पूरी तरह आपत्तिजनक है। ज्ञापन में बताया गया कि बहुराष्ट्रीय कंपनी बायर का '9126' मक्का बीज पिछले 6 वर्षों से किसानों का पसंदीदा रहा है, जिसे लेकर बेवजह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि वे अधिकृत संस्थाओं और पूरी लाइसेंसी प्रक्रिया के तहत सरकार द्वारा अनुशंसित उत्पाद ही बेचते हैं। बीज अधिनियम के तहत अंकुरण की शिकायत 7 दिनों के भीतर करना अनिवार्य है, लेकिन नियमों को दरकिनार कर सोशल मीडिया पर व्यापारियों को चोर व लुटेरा कहकर प्रताड़ित किया जा रहा है। व्यापारियों ने यह भी मुद्दा उठाया कि खाद की कमी और ई-टॉक्सिन व्यवस्था से किसानों को होने वाली असुविधा का गुस्सा भी व्यापारियों को झेलना पड़ता है। इसके अलावा कई शिकायतें पुरानी उधारी और आपसी लेन-देन के विवाद के कारण प्रायोजित रूप से की जा रही हैं। संघ का कहना है कि व्यापारी पिछले 40-50 वर्षों से पूरी ईमानदारी से कृषि विकास में सहयोग कर रहे हैं। यदि माहौल खराब करने वाले तथाकथित लोगों पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो जिले के तमाम व्यापारी सामूहिक रूप से दुकानें बंद करने पर मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
नरसिंहपुर में लगातार हो रही समस्याओं, मानसिक प्रताड़ना, सोशल मीडिया पर झूठे प्रचार और धमकियों के खिलाफ नरसिंहपुर खाद बीज कीटनाशक विक्रेता वेलफेयर संघ ने गोहगांव अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से जिला कलेक्टर महोदया को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा इस मामले पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो जिले के समस्त व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के जिला अध्यक्ष महेंद्र गुप्ता और कोषाध्यक्ष राकेश पटेल सहित अन्य पदाधिकारी और व्यापारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संघ ने ज्ञापन में अपनी समस्याएं रखते हुए स्पष्ट किया कि जलवायु परिवर्तन, अत्यधिक तापमान, उमस, कम या ज्यादा बारिश और लेटलतीफी की वजह से मक्का, सोयाबीन और धान जैसी फसलों के बीजों का अंकुरण प्रभावित होता है। बिना किसी तकनीकी प्रमाण के इसे "नकली बीज" बताकर प्रचारित करना पूरी तरह आपत्तिजनक है। ज्ञापन में बताया गया कि बहुराष्ट्रीय कंपनी बायर का '9126' मक्का बीज पिछले 6 वर्षों से किसानों का पसंदीदा रहा है, जिसे लेकर बेवजह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि वे अधिकृत संस्थाओं और पूरी लाइसेंसी प्रक्रिया के तहत सरकार द्वारा अनुशंसित उत्पाद ही बेचते हैं। बीज अधिनियम के तहत अंकुरण की शिकायत 7 दिनों के भीतर करना अनिवार्य है, लेकिन नियमों को दरकिनार कर सोशल मीडिया पर व्यापारियों को चोर व लुटेरा कहकर प्रताड़ित किया जा रहा है। व्यापारियों ने यह भी मुद्दा उठाया कि खाद की कमी और ई-टॉक्सिन व्यवस्था से किसानों को होने वाली असुविधा का गुस्सा भी व्यापारियों को झेलना पड़ता है। इसके अलावा कई शिकायतें पुरानी उधारी और आपसी लेन-देन के विवाद के कारण प्रायोजित रूप से की जा रही हैं। संघ का कहना है कि व्यापारी पिछले 40-50 वर्षों से पूरी ईमानदारी से कृषि विकास में सहयोग कर रहे हैं। यदि माहौल खराब करने वाले तथाकथित लोगों पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो जिले के तमाम व्यापारी सामूहिक रूप से दुकानें बंद करने पर मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
- पखांजूर में माइंस की गाड़ियों के परिवहन से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इसे लेकर कल कांग्रेस पार्टी धरना प्रदर्शन करेगी।1
- नरसिंहपुर जिले के बीज और कीटनाशक व्यापारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर झूठे प्रचार और ब्लैकमेलिंग के मामलों में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि उनके खिलाफ भ्रामक प्रचार कर उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है। इस संबंध में ज्ञापन सौंपने के साथ ही व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपनी दुकानें बंद कर प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।1
- नरसिंहपुर जिले के करेली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सगौरिया स्थित प्राचीन जैन मंदिर में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने चोरी की एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। अज्ञात चोर मंदिर का ताला तोड़कर अंदर घुसे और भगवान की अष्टधातु की 18 प्रतिमाएं चुराकर ले गए। घटना का पता चलने के बाद पुलिस और डॉग स्क्वाड की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई है।2
- नर्मदापुरम के पिपरिया में संकल्प फाउंडेशन के तत्वाधान में चंद्रशेखर आजाद की 120वीं जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।1
- नीट पेपर मामले को लेकर जंतर-मंतर पर छात्रों और सोनम वांगचुक के समर्थन में शुरू हुआ अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी लगातार जारी रहा। इस प्रदर्शन को विभिन्न सामाजिक और छात्र संगठनों का भी पूरा समर्थन मिल रहा है।1
- मध्य प्रदेश के जबलपुर में अधारताल तहसील अंतर्गत शताब्दीपुरम क्षेत्र में जबलपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की करीब एक एकड़ जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंचे जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस के संयुक्त अमले को स्थानीय झुग्गीवासियों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन में गुरुवार को शुरू की गई इस कार्रवाई के दौरान मौके पर काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि वे कई वर्षों से इस जमीन पर झुग्गियां बनाकर रह रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बारिश के मौसम में बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें हटाया जा रहा है, जिससे उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो जाएगा। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से कार्रवाई को स्थगित करने और पुनर्वास के लिए वैकल्पिक जमीन देने की मांग की है। वहीं, प्रशासन के मुताबिक इस जमीन पर करीब 75 परिवारों ने अवैध कब्जा कर रखा है। अधारताल एसडीएम पंकज मिश्रा ने बताया कि यह जमीन जेडीए की है और इसे केसरवानी ट्रस्ट को आवंटित किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत ही यह कार्रवाई की जा रही है और प्रभावित लोगों को पहले ही विधिवत नोटिस दिए जा चुके थे। मौके पर विरोध को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि स्थिति नियंत्रण में रहे।3
- पखांजुर में देवनाथ एजेंसी पर लगे आरोपों के बीच एक किसान का सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। एजेंसी पर लग रहे आरोपों के इस पूरे मामले में किसान द्वारा किया गया यह खुलासा बेहद चर्चा में है।1
- तिल्दा में कांग्रेस कमेटी ने पुतला दहन कर अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए अपना कड़ा विरोध प्रकट किया।1
- नरसिंहपुर जिले के डोगरगांव थाना अंतर्गत ग्राम डंगहा में 19 जुलाई की रात खेत पर रह रहे एक दंपति पर अंधाधुंध हमला कर पति की हत्या करने और पत्नी को गंभीर रूप से घायल करने की वारदात सामने आई है। इस घटना को पुरानी रंजिश और जमीनी विवाद के चलते अंजाम दिया गया था। पुलिस के अनुसार, रात करीब 11 बजे मुख्य आरोपी पुष्पराज कौरव ने अपने मौसेरे भाई अनिकेत कौरव के साथ मिलकर योजना बनाई और पहले मकान की बिजली काटकर अंधेरा किया। इसके बाद करीब 11:30 बजे लोहे की रॉड, फावड़ा और डंडों से दंपति पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला के सोने के टॉप्स, मंगलसूत्र और चांदी की पायल लूटकर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर इस अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से शत-प्रतिशत मशरूका (लूटा गया सामान) भी जब्त कर लिया है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 20 वर्षीय पुष्पराज कौरव (निवासी ग्राम डंगहा, हाल निवासी चीचली) और 21 वर्षीय अनिकेत कौरव (निवासी ग्राम भौरझिर, हाल निवासी चीचली) के रूप में हुई है।1