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तिल्दा में कांग्रेस कमेटी ने पुतला दहन कर अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए अपना कड़ा विरोध प्रकट किया।
NP Ashish Dubey Journalist
तिल्दा में कांग्रेस कमेटी ने पुतला दहन कर अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया है। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए अपना कड़ा विरोध प्रकट किया।
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- नरसिंहपुर में लगातार हो रही समस्याओं, मानसिक प्रताड़ना, सोशल मीडिया पर झूठे प्रचार और धमकियों के खिलाफ नरसिंहपुर खाद बीज कीटनाशक विक्रेता वेलफेयर संघ ने गोहगांव अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से जिला कलेक्टर महोदया को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन द्वारा इस मामले पर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो जिले के समस्त व्यापारियों को अपनी दुकानें बंद करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के जिला अध्यक्ष महेंद्र गुप्ता और कोषाध्यक्ष राकेश पटेल सहित अन्य पदाधिकारी और व्यापारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। संघ ने ज्ञापन में अपनी समस्याएं रखते हुए स्पष्ट किया कि जलवायु परिवर्तन, अत्यधिक तापमान, उमस, कम या ज्यादा बारिश और लेटलतीफी की वजह से मक्का, सोयाबीन और धान जैसी फसलों के बीजों का अंकुरण प्रभावित होता है। बिना किसी तकनीकी प्रमाण के इसे "नकली बीज" बताकर प्रचारित करना पूरी तरह आपत्तिजनक है। ज्ञापन में बताया गया कि बहुराष्ट्रीय कंपनी बायर का '9126' मक्का बीज पिछले 6 वर्षों से किसानों का पसंदीदा रहा है, जिसे लेकर बेवजह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि वे अधिकृत संस्थाओं और पूरी लाइसेंसी प्रक्रिया के तहत सरकार द्वारा अनुशंसित उत्पाद ही बेचते हैं। बीज अधिनियम के तहत अंकुरण की शिकायत 7 दिनों के भीतर करना अनिवार्य है, लेकिन नियमों को दरकिनार कर सोशल मीडिया पर व्यापारियों को चोर व लुटेरा कहकर प्रताड़ित किया जा रहा है। व्यापारियों ने यह भी मुद्दा उठाया कि खाद की कमी और ई-टॉक्सिन व्यवस्था से किसानों को होने वाली असुविधा का गुस्सा भी व्यापारियों को झेलना पड़ता है। इसके अलावा कई शिकायतें पुरानी उधारी और आपसी लेन-देन के विवाद के कारण प्रायोजित रूप से की जा रही हैं। संघ का कहना है कि व्यापारी पिछले 40-50 वर्षों से पूरी ईमानदारी से कृषि विकास में सहयोग कर रहे हैं। यदि माहौल खराब करने वाले तथाकथित लोगों पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो जिले के तमाम व्यापारी सामूहिक रूप से दुकानें बंद करने पर मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।1
- भानुप्रतापपुर में नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। नीट पेपर लीक के विरोध में कांग्रेसियों ने सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया।1
- नरसिंहपुर में कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह के निर्देशों के पालन में खनिज विभाग द्वारा अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। खनिज विभाग के अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान हीरापुर बंदरोहा अमोदा कुरैला मार्ग पर अलग-अलग 4 ढेरों में अवैध रूप से भंडारित रेत पाई गई। मौके पर पाई गई रेत की मात्रा 100 डंपर से ज्यादा यानी लगभग 2000 घनमीटर रही। खनिज विभाग ने इस अवैध रेत भंडारण को नियमानुसार जब्त कर ग्राम कोटवार की सुपुर्दगी में दे दिया है। इसके साथ ही मामले में अवैध भंडारण का प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- बुधवार को मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में सुभाष पार्क के पास बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एकत्र हुए और दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता मुकुल तिवारी ने कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों के साथ हुई बर्बरता और लाठीचार्ज की घटना से छात्र समुदाय में भारी आक्रोश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल, धर्म या जाति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूरी तरह से शिक्षा और छात्र हितों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ-साथ नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े मामलों में प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को न्याय व उचित मुआवजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आंदोलनकारी छात्र केवल न्याय की मांग कर रहे हैं और इस मुद्दे का किसी भी प्रकार का राजनीतिकरण या ध्रुवीकरण नहीं किया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और केंद्र सरकार से छात्र हितों में उचित कार्रवाई करने की मांग की।3
- नरसिंहपुर जिले के डोगरगांव थाना अंतर्गत ग्राम डंगहा में 19 जुलाई की रात खेत पर रह रहे एक दंपति पर अंधाधुंध हमला कर पति की हत्या करने और पत्नी को गंभीर रूप से घायल करने की वारदात सामने आई है। इस घटना को पुरानी रंजिश और जमीनी विवाद के चलते अंजाम दिया गया था। पुलिस के अनुसार, रात करीब 11 बजे मुख्य आरोपी पुष्पराज कौरव ने अपने मौसेरे भाई अनिकेत कौरव के साथ मिलकर योजना बनाई और पहले मकान की बिजली काटकर अंधेरा किया। इसके बाद करीब 11:30 बजे लोहे की रॉड, फावड़ा और डंडों से दंपति पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला के सोने के टॉप्स, मंगलसूत्र और चांदी की पायल लूटकर मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर इस अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से शत-प्रतिशत मशरूका (लूटा गया सामान) भी जब्त कर लिया है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 20 वर्षीय पुष्पराज कौरव (निवासी ग्राम डंगहा, हाल निवासी चीचली) और 21 वर्षीय अनिकेत कौरव (निवासी ग्राम भौरझिर, हाल निवासी चीचली) के रूप में हुई है।1
- नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में 4 वार्डों के उपभोक्ताओं का फिंगर लगाने के बावजूद उन्हें बीते 5 माह से राशन नहीं दिया गया है। राशन न मिलने से परेशान महिलाओं ने अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई और राशन दिए जाने की मांग की। महिलाओं की इस शिकायत पर प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच कराकर जल्द से जल्द राशन उपलब्ध कराए जाने का आश्वासन दिया है।2
- मध्य प्रदेश के तेंदूखेड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आवारा कुत्तों के खौफ से जान बचाकर सरपट भाग रहा एक नर चीतल सीधे डॉक्टर के चैंबर में जा घुसा। समीपवर्ती पहाड़ी क्षेत्र से भटककर खेतों की तरफ आए इस चीतल को कुत्तों ने घेर लिया था, जिससे बचने के लिए वह बेताहाशा नगर की ओर भागा। कुत्तों के हमलों से खुद को बचाते हुए उसने अस्पताल के पिछले हिस्से से डॉक्टर के कमरे में पनाह ली, जिससे मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच अचानक कौतूहल और अफ़रा-तफ़री फैल गई। अस्पताल के कर्मचारियों ने बिना घबराए गजब की सूझबूझ दिखाई और फुर्ती से कमरे का दरवाजा बाहर से बंद करके तुरंत वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कुत्तों के हमले से चीतल के मुंह में हल्की चोटें आई थीं, जिसका अस्पताल परिसर में ही प्राथमिक उपचार कराया गया। उपचार के बाद वन विभाग की टीम ने चीतल को पूरी तरह सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में वापस छोड़ दिया।2
- दमोह के रैपुरा थाने से एक शराबी पुलिस की गाड़ी लेकर भाग गया और इसके बाद उसने बाजार में जमकर तांडव मचाया। बेकाबू वाहन की चपेट में आने से कई लोग घायल हो गए हैं, जबकि तीन बाइकें पूरी तरह चकनाचूर हो गई हैं।1