मध्य प्रदेश के तेंदूखेड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आवारा कुत्तों के खौफ से जान बचाकर सरपट भाग रहा एक नर चीतल सीधे डॉक्टर के चैंबर में जा घुसा। समीपवर्ती पहाड़ी क्षेत्र से भटककर खेतों की तरफ आए इस चीतल को कुत्तों ने घेर लिया था, जिससे बचने के लिए वह बेताहाशा नगर की ओर भागा। कुत्तों के हमलों से खुद को बचाते हुए उसने अस्पताल के पिछले हिस्से से डॉक्टर के कमरे में पनाह ली, जिससे मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच अचानक कौतूहल और अफ़रा-तफ़री फैल गई। अस्पताल के कर्मचारियों ने बिना घबराए गजब की सूझबूझ दिखाई और फुर्ती से कमरे का दरवाजा बाहर से बंद करके तुरंत वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कुत्तों के हमले से चीतल के मुंह में हल्की चोटें आई थीं, जिसका अस्पताल परिसर में ही प्राथमिक उपचार कराया गया। उपचार के बाद वन विभाग की टीम ने चीतल को पूरी तरह सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में वापस छोड़ दिया।
मध्य प्रदेश के तेंदूखेड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आवारा कुत्तों के खौफ से जान बचाकर सरपट भाग रहा एक नर चीतल सीधे डॉक्टर के चैंबर में जा घुसा। समीपवर्ती पहाड़ी क्षेत्र से भटककर खेतों की तरफ आए इस चीतल को कुत्तों ने घेर लिया था, जिससे बचने के लिए वह बेताहाशा नगर की ओर भागा। कुत्तों के हमलों से खुद को बचाते हुए उसने अस्पताल के पिछले हिस्से से डॉक्टर के कमरे में पनाह ली, जिससे मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों के
बीच अचानक कौतूहल और अफ़रा-तफ़री फैल गई। अस्पताल के कर्मचारियों ने बिना घबराए गजब की सूझबूझ दिखाई और फुर्ती से कमरे का दरवाजा बाहर से बंद करके तुरंत वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कुत्तों के हमले से चीतल के मुंह में हल्की चोटें आई थीं, जिसका अस्पताल परिसर में ही प्राथमिक उपचार कराया गया। उपचार के बाद वन विभाग की टीम ने चीतल को पूरी तरह सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में वापस छोड़ दिया।
- मध्य प्रदेश के तेंदूखेड़ा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आवारा कुत्तों के खौफ से जान बचाकर सरपट भाग रहा एक नर चीतल सीधे डॉक्टर के चैंबर में जा घुसा। समीपवर्ती पहाड़ी क्षेत्र से भटककर खेतों की तरफ आए इस चीतल को कुत्तों ने घेर लिया था, जिससे बचने के लिए वह बेताहाशा नगर की ओर भागा। कुत्तों के हमलों से खुद को बचाते हुए उसने अस्पताल के पिछले हिस्से से डॉक्टर के कमरे में पनाह ली, जिससे मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों के बीच अचानक कौतूहल और अफ़रा-तफ़री फैल गई। अस्पताल के कर्मचारियों ने बिना घबराए गजब की सूझबूझ दिखाई और फुर्ती से कमरे का दरवाजा बाहर से बंद करके तुरंत वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कुत्तों के हमले से चीतल के मुंह में हल्की चोटें आई थीं, जिसका अस्पताल परिसर में ही प्राथमिक उपचार कराया गया। उपचार के बाद वन विभाग की टीम ने चीतल को पूरी तरह सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में वापस छोड़ दिया।2
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा में राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर के मुख्य मार्गों से ट्रैक्टर रैली निकालकर कड़ा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसान SDM कार्यालय पहुंचे और वहां डेरा डाल दिया। किसानों ने जबलपुर-भोपाल मार्ग (NH 45) पर चक्का जाम कर ज्ञापन सौंपा। इस चक्का जाम के दौरान प्रदर्शनकारी किसानों और पुलिस बल के बीच तीखी नोक-झोंक भी देखने को मिली। किसान ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी न होने और ऑनलाइन ई-टोकन प्रणाली के जरिए खाद वितरण में फैली भारी बदहाली को लेकर बेहद आक्रोशित हैं। इसके अलावा चिनकी बांध परियोजना में सूखाग्रस्त गांवों को शामिल करने और बिजली की समस्या का समाधान भी किसानों की प्रमुख मांगों में शामिल है। धरना प्रदर्शन पर बैठे किसान नेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक सरकार 100% मूंग खरीदी के आदेश जारी नहीं करती और खाद वितरण की व्यवस्था को सुचारू या मैनुअल नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन समाप्त नहीं होगा। किसान नेताओं का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आगामी दिनों में होने वाले चक्का जाम और उग्र आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।2
- NEET पेपर लीक के विरोध में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। करेली में इस मामले के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए छात्रों ने महेन्द्र वार्ड से निरंजन चौक तक विशाल पैदल मार्च निकाला।1
- EXPRESS MP CG NEWS1
- CAG (नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक) की रिपोर्ट ने सरकारी खर्च की परतें खोलकर रख दी हैं, जिससे करोड़ों रुपये के इस्तेमाल पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। मध्य प्रदेश में सरकारी योजनाओं का पैसा जनता के कल्याण पर खर्च करने के बजाय टेंट और आयोजनों पर खर्च किया गया है। सरकारी धन के इस इस्तेमाल को लेकर रिपोर्ट में गंभीर सवाल उठाए गए हैं और अब यह सबसे बड़ा सवाल बन गया है कि आखिर इस खर्च की जवाबदेही किसकी होगी।1
- नरसिंहपुर में कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह के निर्देशों के पालन में खनिज विभाग द्वारा अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। खनिज विभाग के अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान हीरापुर बंदरोहा अमोदा कुरैला मार्ग पर अलग-अलग 4 ढेरों में अवैध रूप से भंडारित रेत पाई गई। मौके पर पाई गई रेत की मात्रा 100 डंपर से ज्यादा यानी लगभग 2000 घनमीटर रही। खनिज विभाग ने इस अवैध रेत भंडारण को नियमानुसार जब्त कर ग्राम कोटवार की सुपुर्दगी में दे दिया है। इसके साथ ही मामले में अवैध भंडारण का प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- बुधवार को मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में सुभाष पार्क के पास बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एकत्र हुए और दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता मुकुल तिवारी ने कहा कि 20 जुलाई को दिल्ली में आंदोलनरत छात्रों के साथ हुई बर्बरता और लाठीचार्ज की घटना से छात्र समुदाय में भारी आक्रोश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल, धर्म या जाति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूरी तरह से शिक्षा और छात्र हितों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ-साथ नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े मामलों में प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को न्याय व उचित मुआवजा देने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आंदोलनकारी छात्र केवल न्याय की मांग कर रहे हैं और इस मुद्दे का किसी भी प्रकार का राजनीतिकरण या ध्रुवीकरण नहीं किया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की और केंद्र सरकार से छात्र हितों में उचित कार्रवाई करने की मांग की।3
- मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले की तेंदूखेड़ा तहसील में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर एनएच 45 पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाकर चक्का जाम कर दिया है। किसान सरकार के सामने अपनी 3 मांगें रख रहे हैं, जिसमें मूंग की 100% खरीदी करना और किसानों की बिजली से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना शामिल है।1