सड़क हादसे युवक की मौतः पिकअप ने साइकिल सवार को मारी टक्कर, मौके पर मौत रोती बिलखती परिवार की महिलाएं बिधूना। थाना क्षेत्र के अंतर्गत बेला-बिधूना मार्ग पर ताल पुरवा गांव के सामने एक सड़क हादसा हो गया। पानी के कुल्हड़ लदी एक अनियंत्रित पिकअप ने साइकिल से घर जा रहे मुड़ियाई निवासी दिव्यांग रघुनाथ यादव (पुत्र फूल सिंह) को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में रघुनाथ की मौके पर ही मौत हो गई।जानकारी के अनुसार, रघुनाथ यादव बिधूना से अपनी साइकिल द्वारा घर वापस जा रहे थे। ताल पुरवा गांव के सामने पहुंचते ही पीछे से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रघुनाथ अपनी साइकिल समेत लगभग 20 मीटर तक सड़क पर घिसटते चले गए और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन शव के साथ सड़क पर ही बैठ गए, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। दुर्घटनाग्रस्त पिकअप भी सड़क पर पड़ी रही। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन शुरुआत में परिजनों और ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। शव को उठाने को लेकर पुलिस और परिजनों के बीच काफी देर तक बातचीत होती रही। पुलिस के काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने पर सहमत हुए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त पिकअप को सड़क से हटाने के लिए जेसीबी की मदद ली गई। लगभग 40 मिनट बाद पिकअप हटाए जाने के बाद मार्ग पर आवागमन सुचारू रूप से शुरू हो सका। मृतक रघुनाथ के तीन भाई हरगोविंद, संजू और जीतू हैं। उनकी मां प्रेम देवी और बहनें रूबी, प्रीति व रीता इस आकस्मिक घटना से सदमे में हैं। पूरे गांव में शोक का माहौल है।
सड़क हादसे युवक की मौतः पिकअप ने साइकिल सवार को मारी टक्कर, मौके पर मौत रोती बिलखती परिवार की महिलाएं बिधूना। थाना क्षेत्र के अंतर्गत बेला-बिधूना मार्ग पर ताल पुरवा गांव के सामने एक सड़क हादसा हो गया। पानी के कुल्हड़ लदी एक अनियंत्रित पिकअप ने साइकिल से घर जा रहे मुड़ियाई निवासी दिव्यांग रघुनाथ यादव (पुत्र फूल सिंह) को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में रघुनाथ की मौके पर ही मौत हो गई।जानकारी के अनुसार, रघुनाथ यादव बिधूना से अपनी साइकिल द्वारा घर वापस जा रहे थे। ताल पुरवा गांव के सामने पहुंचते ही पीछे से आ
रही तेज रफ्तार पिकअप ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रघुनाथ अपनी साइकिल समेत लगभग 20 मीटर तक सड़क पर घिसटते चले गए और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन शव के साथ सड़क पर ही बैठ गए, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। दुर्घटनाग्रस्त पिकअप भी सड़क पर पड़ी रही। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन शुरुआत में परिजनों और ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। शव को उठाने को लेकर पुलिस और परिजनों के बीच काफी देर तक बातचीत होती रही।
पुलिस के काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने पर सहमत हुए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त पिकअप को सड़क से हटाने के लिए जेसीबी की मदद ली गई। लगभग 40 मिनट बाद पिकअप हटाए जाने के बाद मार्ग पर आवागमन सुचारू रूप से शुरू हो सका। मृतक रघुनाथ के तीन भाई हरगोविंद, संजू और जीतू हैं। उनकी मां प्रेम देवी और बहनें रूबी, प्रीति व रीता इस आकस्मिक घटना से सदमे में हैं। पूरे गांव में शोक का माहौल है।
- चैत्र नवरात्रि पर्व को लेकर पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने बताया की जनपद के सभी देवी मंदिरों पर पुलिस को मुस्तैद किया गया है और सीसीटीवी कैमरा के माध्यम से निगरानी की जा रही है। कहा कि थाना एवं कोतवाली पुलिस लगातार पैदल गस्त करते हुए लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिला रही है।1
- Post by Kanhaiya lal1
- *ब्रेकिंग न्यूज़ औरैया -* नगर पंचायत अटसू के वार्ड श्रीनगर में तालाब किनारे कूड़े का अंबार, स्थानीय लोगों में नाराजगी। स्थानी निवासी विवेक मिश्रा का आरोप महीनों तक नहीं उठाया जाता कूड़ा, सफाई व्यवस्था पूरी तरह फेल। कूड़े के ढेर से बच्चों में बीमारी और संक्रमण का बढ़ा खतरा, तालाब भी हो रहा प्रदूषित। वीडियो में उजागर हुई लापरवाही, प्रशासन से तत्काल सफाई कराने की मांग की। बड़ा सवाल क्या नगर पंचायत में कूड़ा निस्तारण के लिए बजट नहीं या जिम्मेदार बेपरवाह?1
- कन्नौज जनपद की छिबरामऊ निगम मंडी स्थित कृषि कल्याण केंद्र पर इन दिनों अन्नदाता की बेबसी का तमाशा बन रहा है। एक तरफ मक्का और मूंगफली की बुवाई का समय है, वहीं दूसरी तरफ किसान बीज के लिए दर-दर भटक रहा है। क्या किसान का काम सिर्फ वोट देना और खेत में पसीना बहाना है? क्या उसे सरकारी बीज सम्मान के साथ पाने का हक नहीं है? आखिर क्यों छिबरामऊ का किसान इस बदहाली को झेलने पर मजबूर है? भारतीय किसान यूनियन (किसान)संगठन यह मांग करता है कि किसानों के बैठने और छाया की व्यवस्था हो। टोकन सिस्टम पारदर्शी हो, वीआईपी कल्चर बंद हो। दवा के नाम पर ली जा रही अतिरिक्त राशि की जांच हो।1
- औरैया। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन शुक्रवार को श्री शतचण्डी महायज्ञ महोत्सव एवं श्री मद्भागवत ज्ञानामृत वर्षण कलश यात्रा के साथ शुभारम्भ हुआ। कलश यात्रा शहर के गौरैया तालाब स्थित प्राचीन शिव मंदिर से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गो से होती हुई यज्ञस्थल मिहौली में सम्पन्न हुई। यात्रा में सबसे आगे परीक्षित संतोष कुमारी व अरविंद तिवारी सिर पर पोथी रख कर आगे चल रहे थे। पीछे बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु पीत वस्त्र धारणकर व सिर पर कलश रखकर पीछे चल रही थी। वहीं श्रद्धालु डीजे की धुन पड़ थिरकते नजर आए। रारह पर विराजे भगवत प्रवक्ता विपिनमणि ब्रह्मचारी जी महाराज व शोभायात्रा का जगह जगह लोगों द्वारा स्वागत किया गया। कथा का शुभारंभ करते हुए कथावाचक विपिनमणि ब्रह्मचारी जी महाराज जी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा, ऐसी कथा है, जो जीवन के उद्देश्य एवं दिशा को दर्शाती है। इसलिए जहां भी भागवत कथा होती है, इसे सुनने मात्र से वहां का संपूर्ण क्षेत्र दुष्ट प्रवृत्तियों से खत्म होकर सकारात्मक उर्जा से सशक्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि कथा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है, जब इसे हम अपने जीवन और व्यवहार में धारण करें। कार्यक्रम के व्यवस्थापक योगेश तिवारी ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर2 बजे से शुरू होगी। 20 मार्च को यज्ञोपवीत संस्कार होगा। 27 मार्च को कथा का विश्राम व भंडारे का आयोजन होगा। वहीं 20 से 23 मार्च को रात्रि 8 बजे से 11 बजे तक श्रीराम कथा तथा 24 से 28 मार्च तक राम लीला का आयोजन 8 बजे रात्रि से आयोजन किया जाएगा। श्रीमद्भागवत कथा के दौरान श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर श्री रामदास जी महाराज डॉ स्वामी ददरौआ सरकार अपना आशीर्वाद देगें। इस मौके शिवदत्त द्विवेदी, यज्ञपति नीतू एवं अजय द्विवेदी, निखिल द्विवेदी, अंकित शनि चतुर्वेदी, चीकू, बाबू सहित सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।2
- इटावा - इटावा के प्राचीन मंदिर सिद्धपीठ माँ काली वाहन पर चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन उमड़ा मां के भक्तों का सैलाब,इटावा का सिद्धपीठ माँ काली वाहन मंदिर महाभारत काल का है जहां मंदिर में अश्वथामा पूजा करने आज़ भी आते है,कहा जाता है कि आज़ भी सबसे पहली आरती अश्वथामा ही करते है और आज तक कोई नहीं जान पाया कि मंदिर की ज्योत कौन जला जाता है,आज नवरात्रि के प्रथम दिन श्रद्धांलु माँ काली वाहन मंदिर पहुंचकर मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना करते हैं,नवरात्रि शुरू होने के अवसर पर पुलिस प्रशासन व नगर पालिका प्रशासन ने मंदिर प्रांगण,मंदिर जाने वाले रास्तो पर पूरी तैयारी कर ली है,नगर पालिका प्रशासन व मंदिर कमेटी ने नगर की जनता व श्रद्धालुओं को सुलभ व बेहतर दर्शन कराने हेतु चार लाइनों का प्रबंध किया है जिसमें 2 लाइन महिलाओं हेतु व 2 लाइने पुरुष हेतु दर्शन के लिए लगाई गई है जिसमें लगकर कटारबद्द रूप से लगकर श्रद्धालु मां के दर्शन कर पूजा अर्चना कर रहे हैं ,आज चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन माँ काली वाहन मंदिर पहुंची व माँ के भक्तों से इस मंदिर व नवरात्रि में माँ की मान्यता को लेकर प्रतिक्तिया ली, महाभारत के इस मंदिर सिद्धपीठ माँ काली वाहन की मान्यता के बारे में बताया,,आप भी सुनिए भक्तों की प्रतिक्तिया1
- औरैया जैसी चौराहा स्थित, श्री महामाई मंगला काली मंदिर पर।में चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व पर भक्तों की उमड़ी भारी भीड़।1
- बिधूना। थाना क्षेत्र के अंतर्गत बेला-बिधूना मार्ग पर ताल पुरवा गांव के सामने एक सड़क हादसा हो गया। पानी के कुल्हड़ लदी एक अनियंत्रित पिकअप ने साइकिल से घर जा रहे मुड़ियाई निवासी दिव्यांग रघुनाथ यादव (पुत्र फूल सिंह) को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में रघुनाथ की मौके पर ही मौत हो गई।जानकारी के अनुसार, रघुनाथ यादव बिधूना से अपनी साइकिल द्वारा घर वापस जा रहे थे। ताल पुरवा गांव के सामने पहुंचते ही पीछे से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रघुनाथ अपनी साइकिल समेत लगभग 20 मीटर तक सड़क पर घिसटते चले गए और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन शव के साथ सड़क पर ही बैठ गए, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। दुर्घटनाग्रस्त पिकअप भी सड़क पर पड़ी रही। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन शुरुआत में परिजनों और ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। शव को उठाने को लेकर पुलिस और परिजनों के बीच काफी देर तक बातचीत होती रही। पुलिस के काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने पर सहमत हुए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त पिकअप को सड़क से हटाने के लिए जेसीबी की मदद ली गई। लगभग 40 मिनट बाद पिकअप हटाए जाने के बाद मार्ग पर आवागमन सुचारू रूप से शुरू हो सका। मृतक रघुनाथ के तीन भाई हरगोविंद, संजू और जीतू हैं। उनकी मां प्रेम देवी और बहनें रूबी, प्रीति व रीता इस आकस्मिक घटना से सदमे में हैं। पूरे गांव में शोक का माहौल है।3