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उन्नाव के जिला अस्पताल में बुधवार को एक आरोपी की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। यह आरोपी धारदार हथियार से हमले के एक मामले में जेल भेजा गया था। यह मामला आसीवन थाना क्षेत्र का बताया गया है। आरोपी की मौत से आक्रोशित परिजनों ने आसीवन पुलिस पर पिटाई का गंभीर आरोप लगाते हुए इसे हत्या करार दिया है। विरोध स्वरूप परिजनों ने शव को अस्पताल गेट के बाहर रखकर सड़क जाम कर दी। इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।
दिलीप यादव पत्रकार
उन्नाव के जिला अस्पताल में बुधवार को एक आरोपी की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। यह आरोपी धारदार हथियार से हमले के एक मामले में जेल भेजा गया था। यह मामला आसीवन थाना क्षेत्र का बताया गया है। आरोपी की मौत से आक्रोशित परिजनों ने आसीवन पुलिस पर पिटाई का गंभीर आरोप लगाते हुए इसे हत्या करार दिया है। विरोध स्वरूप परिजनों ने शव को अस्पताल गेट के बाहर रखकर सड़क जाम कर दी। इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।
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- उन्नाव के जिला अस्पताल में बुधवार को एक आरोपी की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। यह आरोपी धारदार हथियार से हमले के एक मामले में जेल भेजा गया था। यह मामला आसीवन थाना क्षेत्र का बताया गया है। आरोपी की मौत से आक्रोशित परिजनों ने आसीवन पुलिस पर पिटाई का गंभीर आरोप लगाते हुए इसे हत्या करार दिया है। विरोध स्वरूप परिजनों ने शव को अस्पताल गेट के बाहर रखकर सड़क जाम कर दी। इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।2
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- हरदोई जिले की संडीला तहसील के अतरौली थाना क्षेत्र के पुरवामन गांव में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद बुधवार को एक बार फिर सुलझ नहीं पाया। पुलिस सुरक्षा न मिलने के कारण पैमाइश करने पहुँची राजस्व टीम को मौके से भागना पड़ा, जिससे ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और उन्होंने राजस्व कर्मियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। पुरवामन गांव में कुछ लोगों ने ग्रामसमाज की घूर गद्दा, खेल मैदान और नाली की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है, जिसके कारण ग्रामीणों को गंभीर जल निकासी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। घरों और आबादी क्षेत्र में जल भराव से परेशान लगभग दो दर्जन ग्रामीणों ने एक साल पहले एसडीएम सहित उच्च अधिकारियों से सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की थी। हालांकि, तब से कई बार पैमाइश के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई और ग्रामीणों को टरकाया जाता रहा, लेकिन अवैध कब्जा जस का तस बना हुआ है। गत 22 जून को भी पैमाइश के लिए आई राजस्व टीम ने पुलिस बल की कमी का हवाला देकर कार्य अधूरा छोड़ दिया था। बुधवार को भी बिना पर्याप्त पुलिस सुरक्षा के मौके पर पहुँची राजस्व टीम ने फीता डालकर दो पक्षों के बीच तनाव बढ़ने के बाद असुरक्षा का अंदेशा जताते हुए तुरंत वहाँ से चली गई। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्व टीम जानबूझकर पर्याप्त पुलिस बल की मांग नहीं करती और फिर सुरक्षा व विवाद की आशंका का बहाना बनाकर पैमाइश टाल देती है, जिससे कर्मियों की अवैध कब्जेदारों से मिलीभगत का संदेह होता है। ग्रामीणों ने पिछले साल बारिश में हुई जलभराव की समस्या और संक्रमण के खतरे को याद दिलाते हुए चिंता व्यक्त की है कि इस बार भी नाली की जमीन कब्जा मुक्त न होने से वही हालात दोहराए जाएंगे। इस मामले में लेखपाल राजन सिंह ने बताया कि वे एसडीएम महोदया के निर्देश पर कानूनगो के साथ मौके पर पहुँचे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामला आबादी क्षेत्र से संबंधित होने और मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण पैमाइश नहीं हो पाई; यह पक्ष-विपक्ष का मामला है, जिसमें खाद के गड्ढों और खेल मैदान की भूमि शामिल है। लेखपाल के अनुसार, क्षेत्र में एक नहीं बल्कि कई खाद के गड्ढे और विभिन्न चक होने के कारण पैमाइश में कठिनाई आ रही है, और निष्पक्ष तथा सुचारु रूप से कार्य के लिए एसडीएम से अतिरिक्त राजस्व टीम उपलब्ध कराने की मांग की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ बेहतर रोजगार और ₹12 हजार मासिक वेतन का लालच देकर लाए गए मजदूरों को कथित तौर पर बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया। एक पीड़ित मजदूर ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर लोगों का दिल दहल गया। पीड़ित मजदूर का आरोप है कि उसे और अन्य मजदूरों को दिन में तीन बार चाय और भरपेट भोजन देने का वादा किया गया था, लेकिन इसके विपरीत उनसे कड़ी मेहनत कराई जाती थी और खाने के नाम पर दिन में केवल एक बार नमक के साथ चोकर की रोटी दी जाती थी। मजदूर ने बताया कि मालिक और उसके सहयोगी उनके साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार करते थे, और विरोध करने या काम में थोड़ी भी कमी होने पर बेरहमी से मारपीट की जाती थी। पीड़ित का आरोप है कि एक बार मालिक ने बेल्ट से इतनी बुरी तरह पीटा कि उसका कान तक कट गया। मजदूरों को भागने से रोकने के लिए उन पर कुत्तों से निगरानी कराई जाती थी, जिससे डर और यातना के माहौल में वे बंधक बने रहते थे और बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। पीड़ित के अनुसार, एक दिन मालिक किसी शादी समारोह में गया था, तभी मौका देखकर वह किसी तरह वहाँ से भागने में सफल रहा। सुरक्षित स्थान पर पहुँचने के बाद उसने अपनी दर्दनाक कहानी लोगों को बताई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मजदूर की दर्दनाक कहानी सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है, और प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। हालांकि, वायरल वीडियो में मजदूर द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले की आधिकारिक जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही तथ्यों की अंतिम पुष्टि हो सकेगी।1
- लखनऊ के काकोरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) का परिसर इस समय गंदगी से पटा हुआ है, जिससे मरीजों के इलाज पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह स्थिति उस जगह की है जहाँ से लोगों को स्वास्थ्य राहत की उम्मीद होती है, लेकिन यहाँ कूड़े के ढेर, फैली गंदगी और सफाई में घोर लापरवाही के चलते मरीज इलाज कराने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि CHC परिसर में गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है, जिसके कारण मरीजों के साथ आए तीमारदारों को भी घंटों इसी अस्वच्छ माहौल में बैठना पड़ता है। इस स्थिति से संक्रमण का खतरा काफी बढ़ गया है। इस गंभीर मामले पर जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। मरीजों ने आरोप लगाया है कि CHC अधीक्षक इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं, और लखनऊ के सीएमओ का भी इस स्थिति पर ध्यान न जाना पूरी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगाता है। एक मरीज के परिजन ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा, "हम इलाज कराने आए हैं, बीमारी लेने नहीं। अगर अस्पताल ही गंदा रहेगा तो मरीज कैसे ठीक होंगे?" यह पूरी स्थिति इस बात पर सवाल उठाती है कि क्या स्वच्छता अभियान केवल कागजों तक ही सीमित रह गया है। लोगों को उम्मीद है कि लखनऊ के सीएमओ और CHC अधीक्षक जल्द ही इस मामले का संज्ञान लेकर काकोरी CHC की गरिमा को वापस दिलाएंगे।1
- उन्नाव में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा, जहाँ रामलीला कमेटी के अध्यक्ष संजय राठी के दही चौकी स्थित प्रतिष्ठान पर एक भव्य रामायण पाठ का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन एक मंदिर की 20वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में हो रहा है। इस विशेष अवसर पर केवल रामायण पाठ ही नहीं, बल्कि राजतिलक और महाभंडारे जैसे अन्य भव्य कार्यक्रम भी शामिल हैं। इन आयोजनों के माध्यम से पूरे उन्नाव में राम नाम की गूंज सुनाई देगी।1
- गाजियाबाद जिले में युवक आफताब की चाकू मारकर हत्या के बाद उपजे आक्रोश के बीच, हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए सड़क जाम के दौरान एक इंस्पेक्टर का प्रदर्शनकारियों से कथित तौर पर बहस और गाली-गलौज करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जानकारी के अनुसार, आफताब की हत्या के बाद उसके परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा फैल गया, जिसके बाद उन्होंने सड़क जाम कर दिया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। पुलिस के मौके पर पहुँचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम खुलवाने के प्रयास के दौरान यह घटना हुई। वायरल वीडियो में पुलिस अधिकारी लोगों को गालियाँ देते हुए दिखाई और सुनाई दे रहे हैं, जिससे उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं और सोशल मीडिया पर लोग पुलिस अधिकारी के इस व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जता रहे हैं। वहीं, मृतक के परिजन इस बात पर अड़े हुए हैं कि जब तक हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। हालाँकि, वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, और पुलिस विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।1
- मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के गांव मुनौरापुर गोपलिया के पास दो बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत में एक गर्भवती महिला सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। माधवगंज थाना क्षेत्र के हसनपुर ज्योली गांव निवासी शिवम कुमार पुत्र रामगोपाल अपनी गर्भवती पत्नी के साथ माधवगंज से दवा लेकर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान, मुनौरापुर गोपलिया के पास विपरीत दिशा से तेज रफ्तार में आ रहे बाइक चालक सत्येंद्र कुमार कुशवाहा, निवासी मानीमऊ, कन्नौज, ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। बताया गया है कि सत्येंद्र कुमार कुशवाहा कथित तौर पर नशे की हालत में बाइक चला रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। इस टक्कर में तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने आनन-फानन में एंबुलेंस की सहायता से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। ग्रामीणों के अनुसार, शिवम कुमार की गर्भवती पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है।4