उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ बेहतर रोजगार और ₹12 हजार मासिक वेतन का लालच देकर लाए गए मजदूरों को कथित तौर पर बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया। एक पीड़ित मजदूर ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर लोगों का दिल दहल गया। पीड़ित मजदूर का आरोप है कि उसे और अन्य मजदूरों को दिन में तीन बार चाय और भरपेट भोजन देने का वादा किया गया था, लेकिन इसके विपरीत उनसे कड़ी मेहनत कराई जाती थी और खाने के नाम पर दिन में केवल एक बार नमक के साथ चोकर की रोटी दी जाती थी। मजदूर ने बताया कि मालिक और उसके सहयोगी उनके साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार करते थे, और विरोध करने या काम में थोड़ी भी कमी होने पर बेरहमी से मारपीट की जाती थी। पीड़ित का आरोप है कि एक बार मालिक ने बेल्ट से इतनी बुरी तरह पीटा कि उसका कान तक कट गया। मजदूरों को भागने से रोकने के लिए उन पर कुत्तों से निगरानी कराई जाती थी, जिससे डर और यातना के माहौल में वे बंधक बने रहते थे और बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। पीड़ित के अनुसार, एक दिन मालिक किसी शादी समारोह में गया था, तभी मौका देखकर वह किसी तरह वहाँ से भागने में सफल रहा। सुरक्षित स्थान पर पहुँचने के बाद उसने अपनी दर्दनाक कहानी लोगों को बताई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मजदूर की दर्दनाक कहानी सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है, और प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। हालांकि, वायरल वीडियो में मजदूर द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले की आधिकारिक जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही तथ्यों की अंतिम पुष्टि हो सकेगी।
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ बेहतर रोजगार और ₹12 हजार मासिक वेतन का लालच देकर लाए गए मजदूरों को कथित तौर पर बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया। एक पीड़ित मजदूर ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर लोगों का दिल दहल गया। पीड़ित मजदूर का आरोप है कि उसे और अन्य मजदूरों को दिन में तीन बार चाय और भरपेट भोजन देने का वादा किया गया था, लेकिन इसके विपरीत उनसे कड़ी मेहनत कराई जाती थी और खाने के नाम पर दिन में केवल एक बार नमक के साथ चोकर की रोटी दी जाती थी। मजदूर ने बताया कि मालिक और उसके सहयोगी उनके साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार करते थे, और विरोध करने या काम में थोड़ी भी कमी होने पर बेरहमी से मारपीट की जाती थी। पीड़ित का आरोप है कि एक बार मालिक ने बेल्ट से इतनी बुरी तरह पीटा कि उसका कान तक कट गया। मजदूरों को भागने से रोकने के लिए उन पर कुत्तों से निगरानी कराई जाती थी, जिससे डर और यातना के माहौल में वे बंधक बने रहते थे और बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। पीड़ित के अनुसार, एक दिन मालिक किसी शादी समारोह में गया था, तभी मौका देखकर वह किसी तरह वहाँ से भागने में सफल रहा। सुरक्षित स्थान पर पहुँचने के बाद उसने अपनी दर्दनाक कहानी लोगों को बताई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मजदूर की दर्दनाक कहानी सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है, और प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। हालांकि, वायरल वीडियो में मजदूर द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले की आधिकारिक जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही तथ्यों की अंतिम पुष्टि हो सकेगी।
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहाँ बेहतर रोजगार और ₹12 हजार मासिक वेतन का लालच देकर लाए गए मजदूरों को कथित तौर पर बंधुआ मजदूर बनाकर रखा गया। एक पीड़ित मजदूर ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई, जिसे सुनकर लोगों का दिल दहल गया। पीड़ित मजदूर का आरोप है कि उसे और अन्य मजदूरों को दिन में तीन बार चाय और भरपेट भोजन देने का वादा किया गया था, लेकिन इसके विपरीत उनसे कड़ी मेहनत कराई जाती थी और खाने के नाम पर दिन में केवल एक बार नमक के साथ चोकर की रोटी दी जाती थी। मजदूर ने बताया कि मालिक और उसके सहयोगी उनके साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार करते थे, और विरोध करने या काम में थोड़ी भी कमी होने पर बेरहमी से मारपीट की जाती थी। पीड़ित का आरोप है कि एक बार मालिक ने बेल्ट से इतनी बुरी तरह पीटा कि उसका कान तक कट गया। मजदूरों को भागने से रोकने के लिए उन पर कुत्तों से निगरानी कराई जाती थी, जिससे डर और यातना के माहौल में वे बंधक बने रहते थे और बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। पीड़ित के अनुसार, एक दिन मालिक किसी शादी समारोह में गया था, तभी मौका देखकर वह किसी तरह वहाँ से भागने में सफल रहा। सुरक्षित स्थान पर पहुँचने के बाद उसने अपनी दर्दनाक कहानी लोगों को बताई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मजदूर की दर्दनाक कहानी सामने आने के बाद मामले को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है, और प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। हालांकि, वायरल वीडियो में मजदूर द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। मामले की आधिकारिक जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही तथ्यों की अंतिम पुष्टि हो सकेगी।1
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- छिबरामऊ के रहने वाले एक वीर जवान ने सीमा पर देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया और शहीद हो गए। इस वीर जवान की शहादत की खबर मिलते ही पूरे छिबरामऊ में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस हृदय विदारक क्षण में शहीद जवान की मां का रो-रोकर बुरा हाल था।1
- उन्नाव के जिला अस्पताल में बुधवार को एक आरोपी की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। यह आरोपी धारदार हथियार से हमले के एक मामले में जेल भेजा गया था। यह मामला आसीवन थाना क्षेत्र का बताया गया है। आरोपी की मौत से आक्रोशित परिजनों ने आसीवन पुलिस पर पिटाई का गंभीर आरोप लगाते हुए इसे हत्या करार दिया है। विरोध स्वरूप परिजनों ने शव को अस्पताल गेट के बाहर रखकर सड़क जाम कर दी। इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है।2
- कन्नौज जिले के छिबरामऊ क्षेत्र के ग्राम कुंवरपुर बनवारी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन हुआ। कथावाचक ब्रजनेश माधव शास्त्री ने इस दौरान सुदामा चरित्र और परीक्षित मोक्ष का वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रोताओं की आँखों से अश्रुधारा बहने लगी। पूज्य व्यास ने बताया कि श्रीकृष्ण और सुदामा बचपन में उज्जैन स्थित सांदीपनि मुनि के आश्रम में साथ पढ़ते थे और उनमें गहरा स्नेह था। बड़े होने पर सुदामा अत्यंत निर्धन ब्राह्मण बन गए, जिनके पास परिवार के लिए पर्याप्त अन्न भी नहीं था, फिर भी वे संतोषी स्वभाव के थे। पत्नी सुशीला के आग्रह पर, सुदामा अपने बालसखा कृष्ण से मिलने खाली हाथ द्वारका पहुँचे, जहाँ वे फटेहाल अवस्था में थे। संकोचवश सुदामा अपनी पत्नी द्वारा दिए गए मामूली चावल (तंदुल) छिपा रहे थे, लेकिन श्रीकृष्ण ने उन्हें छीनकर बड़े चाव से खाया। श्रीकृष्ण ने सुदामा के बिना कुछ माँगे ही उनकी दरिद्रता दूर कर दी, जिसका परिणाम यह हुआ कि जब सुदामा अपने गाँव लौटे, तो उनकी झोपड़ी की जगह एक आलीशान महल बन चुका था। इससे यह सिद्ध होता है कि भगवान अपने भक्त की निस्वार्थ भावना और प्रेम के भूखे होते हैं। परीक्षित मोक्ष पर प्रकाश डालते हुए व्यास जी ने बताया कि शुकदेव जी ने लगातार सात दिनों तक राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत कथा का अमृत पान कराया। इन सात दिनों में परीक्षित के मन से संसार का मोह और मृत्यु का भय पूरी तरह समाप्त हो गया। सातवें दिन, शाप के अनुसार तक्षक नाग ने राजा परीक्षित को डस लिया, लेकिन कथा के प्रभाव और हरि स्मरण के कारण डसते ही उनका शरीर भस्म हो गया। उसी क्षण भगवान विष्णु के पार्षद उन्हें विमान में बिठाकर वैकुण्ठ धाम ले गए। इस समापन अवसर पर मूलचंद्र शर्मा, अर्पित, आदित्य, संजेश, घनश्याम, मानसिंह, महेश, रॉबिन कुमार सहित कई लोग मौजूद रहे। ब्रजनेश शास्त्री ने अपने संदेश में कहा कि हरि नाम संकीर्तन और भागवत कथा श्रवण से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं।1
- गाजियाबाद जिले में युवक आफताब की चाकू मारकर हत्या के बाद उपजे आक्रोश के बीच, हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों और स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए सड़क जाम के दौरान एक इंस्पेक्टर का प्रदर्शनकारियों से कथित तौर पर बहस और गाली-गलौज करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। जानकारी के अनुसार, आफताब की हत्या के बाद उसके परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा फैल गया, जिसके बाद उन्होंने सड़क जाम कर दिया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। पुलिस के मौके पर पहुँचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम खुलवाने के प्रयास के दौरान यह घटना हुई। वायरल वीडियो में पुलिस अधिकारी लोगों को गालियाँ देते हुए दिखाई और सुनाई दे रहे हैं, जिससे उनकी कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं और सोशल मीडिया पर लोग पुलिस अधिकारी के इस व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जता रहे हैं। वहीं, मृतक के परिजन इस बात पर अड़े हुए हैं कि जब तक हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। हालाँकि, वायरल वीडियो की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, और पुलिस विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।1
- मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के गांव मुनौरापुर गोपलिया के पास दो बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत में एक गर्भवती महिला सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। माधवगंज थाना क्षेत्र के हसनपुर ज्योली गांव निवासी शिवम कुमार पुत्र रामगोपाल अपनी गर्भवती पत्नी के साथ माधवगंज से दवा लेकर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान, मुनौरापुर गोपलिया के पास विपरीत दिशा से तेज रफ्तार में आ रहे बाइक चालक सत्येंद्र कुमार कुशवाहा, निवासी मानीमऊ, कन्नौज, ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। बताया गया है कि सत्येंद्र कुमार कुशवाहा कथित तौर पर नशे की हालत में बाइक चला रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। इस टक्कर में तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने आनन-फानन में एंबुलेंस की सहायता से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। ग्रामीणों के अनुसार, शिवम कुमार की गर्भवती पत्नी की हालत गंभीर बनी हुई है।4