दरभंगा पुलिस ने बहेड़ी थाना क्षेत्र में हुए चर्चित गोलीकांड का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसडीपीओ बासुकीनाथ झा ने जानकारी दी कि 9 जुलाई की रात करीब 8:50 बजे ददरखाजा और निमेठी चौक के बीच चौधरी मोटर्स के पास निमेठी गांव निवासी संजीव सिंह को बाइक सवार अपराधियों ने गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस मामले में बहेड़ी थाना कांड संख्या 521/26 दर्ज किया गया था और वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि घायल संजीव सिंह ने मोहम्मद आसिफ को लगभग तीन लाख रुपये उधार दिए थे और इसी रकम की वसूली को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते ग्राम अनार में बैठकर सुनियोजित तरीके से गोलीकांड की साजिश रची गई थी। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मोहम्मद आसिफ, अनमोल कुमार, सोलित मंडल और मानस कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें और पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी मोनू कुमार, निखिल और अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
दरभंगा पुलिस ने बहेड़ी थाना क्षेत्र में हुए चर्चित गोलीकांड का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसडीपीओ बासुकीनाथ झा ने जानकारी दी कि 9 जुलाई की रात करीब 8:50 बजे ददरखाजा और निमेठी चौक के बीच चौधरी मोटर्स के पास निमेठी गांव निवासी संजीव सिंह को बाइक सवार अपराधियों ने गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस मामले में बहेड़ी थाना कांड संख्या 521/26 दर्ज किया गया था और वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि घायल संजीव सिंह ने मोहम्मद आसिफ को लगभग तीन लाख रुपये उधार दिए थे और इसी रकम की वसूली को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते ग्राम अनार में बैठकर सुनियोजित तरीके से गोलीकांड की साजिश रची गई थी। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मोहम्मद आसिफ, अनमोल कुमार, सोलित मंडल और मानस कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें और पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी मोनू कुमार, निखिल और अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
- दरभंगा पुलिस ने बहेड़ी थाना क्षेत्र में हुए चर्चित गोलीकांड का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसडीपीओ बासुकीनाथ झा ने जानकारी दी कि 9 जुलाई की रात करीब 8:50 बजे ददरखाजा और निमेठी चौक के बीच चौधरी मोटर्स के पास निमेठी गांव निवासी संजीव सिंह को बाइक सवार अपराधियों ने गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस मामले में बहेड़ी थाना कांड संख्या 521/26 दर्ज किया गया था और वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। पुलिस जांच में सामने आया कि घायल संजीव सिंह ने मोहम्मद आसिफ को लगभग तीन लाख रुपये उधार दिए थे और इसी रकम की वसूली को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते ग्राम अनार में बैठकर सुनियोजित तरीके से गोलीकांड की साजिश रची गई थी। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मोहम्मद आसिफ, अनमोल कुमार, सोलित मंडल और मानस कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें और पांच मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी मोनू कुमार, निखिल और अन्य साथियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।1
- समस्तीपुर शहर में भारत-अमेरिका प्रस्तावित कृषि व्यापार समझौते के विरोध में किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने एक विशाल विरोध मार्च निकाला और स्टेशन चौराहा पहुंचकर सभा आयोजित की। इस दौरान प्रदर्शनकारी किसानों ने केंद्र सरकार की कृषि और आर्थिक नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सभा के दौरान किसान नेताओं ने कृषि भूमि के कॉरपोरेट अधिग्रहण पर तुरंत रोक लगाने और किसान हितों की रक्षा करने की मांग की। प्रदर्शन के अंत में किसानों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया।1
- दरभंगा जिले के टाड़ी प्रखंड में आरटीपीएस काउंटर पर आवेदन स्वीकार न करने और आवेदकों को बाहर भेजकर अतिरिक्त शुल्क वसूलवाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में टाड़ी प्रखंड के एक स्थानीय निवासी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब भी आम जनता किसी प्रमाण-पत्र या अन्य सरकारी सेवाओं के लिए प्रखंड कार्यालय के आरटीपीएस काउंटर पर आवेदन करने जाती है, तो वहाँ आवेदन जमा लेने से मना कर दिया जाता है। इसके बजाय आवेदकों को बाहर से ऑनलाइन आवेदन करवाकर लाने की हिदायत दी जाती है। प्रखंड कार्यालय के बाहर स्थित निजी दुकानों पर आवेदन कराने के एवज में लोगों से लगभग ₹100 से ₹150 या उससे अधिक की राशि वसूली जा रही है, जिससे आम जनता को आर्थिक रूप से काफी परेशानी हो रही है। शिकायत में कहा गया है कि यदि आवेदकों को बाहर से ही ऑनलाइन काम करवाना पड़े, तो प्रखंड कार्यालय में आरटीपीएस काउंटर स्थापित करने का मूल उद्देश्य ही निष्प्रभावी हो जाता है। आवेदक ने इस सिलसिले में बीडीओ से व्यक्तिगत रूप से मिलने की कोशिश भी की थी, लेकिन मुलाकात संभव नहीं हो सकी। पत्र के जरिए इस मामले की निष्पक्ष जांच कर त्वरित कार्रवाई करने की माँग की गई है, ताकि आरटीपीएस काउंटर पर ही नियमानुसार आवेदन स्वीकार किए जाएँ और आम लोगों को बेवजह बाहर न भटकना पड़े।1
- कुशेश्वरस्थान में आगामी श्रावणी मेले को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मेले के आयोजन से जुड़ी तैयारियों एवं व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए डीएम कौशल कुमार, एसएसपी जग्गुनाथ रेड्डी और ग्रामीण सांसद साक्षी कुमारी ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।1
- समस्तीपुर जिले के वारिसनगर प्रखंड स्थित सतमलपूर पंचायत के कबीर मठ बलाही में महंत पद को लेकर चल रहा विवाद रविवार को आयोजित संत पंचायत में सुलझ गया है। बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचे संत-महात्माओं और महंतों ने सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए महंत कमलेश्वर दास को ही मठ का वैध एवं वर्तमान महंत स्वीकार किया और उनके पद पर बने रहने की घोषणा की। बताया गया है कि महंत कमलेश्वर दास पिछले लगभग 15 वर्षों से मठ की सेवा और संचालन कर रहे हैं। हालांकि, कुछ समय से कथित रूप से एक फर्जी वसीयतनामा तैयार कराकर बेगूसराय जिले के बखरी मठ के महंत बिहारी दास को मठ का महंत बनाने का प्रयास किया जा रहा था, जिससे तनाव की स्थिति बन गई थी। विवाद बढ़ता देख बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के सदस्य महंत विश्व मोहन दास (श्री राम जानकी मठ, पातेपुर, वैशाली) के हस्तक्षेप के बाद मठ परिसर में बैठक बुलाई गई। यह बैठक धार्मिक न्यास बोर्ड के कर्मचारियों, वारिसनगर थाना अध्यक्ष सर्वेश झा और पुलिस बल की उपस्थिति में आयोजित हुई, जिसमें दोनों पक्षों के 10-10 महंतों को शामिल कर 4 से 5 घंटे तक गहन विचार-विमर्श किया गया। सद्गुरु कबीर आचार्य पीठ बड़ी मठ धनौती (सिवान) के आचार्य महंत आमोद गोस्वामी ने स्पष्ट किया कि यह केवल एक आंतरिक मतभेद था, जिसे निजी हित साधने वाले तत्वों ने भड़काया था। जांच के दौरान वह वसीयतनामा प्रस्तुत किया गया, जिसके आधार पर स्वर्गीय महंत रामचंद्र दास ने अपने जीवनकाल में ही कमलेश्वर दास को उत्तराधिकारी नियुक्त किया था। उपलब्ध दस्तावेजों और परंपराओं को देखते हुए संत समाज ने एकजुट होकर कमलेश्वर दास को ही वैध महंत माना और विवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया। बैठक के बाद पैक्स अध्यक्ष दिलीप सिंह समेत सैकड़ों ग्रामीणों और संतों ने फैसले का स्वागत करते हुए शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील की।1
- कुत्तों के काटने से होने वाली मानव रेबीज़ मृत्यु को शून्य करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने के लिए एक सम्मेलन में विशेष चर्चा आयोजित की गई। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य इस राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने के उपायों और रणनीति पर विचार-विमर्श करना रहा।1
- दिल्ली पुलिस पर दूर-दूर से आए छात्रों को बदनाम करने का आरोप लगा है। एक सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मी खुद ही गाड़ियों के शीशे तोड़ते दिख रहे हैं ताकि इसका जिम्मा छात्रों पर डाला जा सके। गनीमत यह रही कि किसी व्यक्ति ने पुलिस को शीशा तोड़ते हुए कैमरे में कैद कर लिया और वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया, वरना आंदोलन कर रहे छात्रों पर न जाने क्या-क्या आरोप लगा दिए जाते। आरोप है कि प्रदर्शन को खराब करने और छात्रों को निशाना बनाने के लिए भाजपा से जुड़े लोग बीच में आते हैं। ये लोग आंदोलनकारियों के साथ मारपीट करते हैं और फिर पूरे प्रदर्शन को बदनाम करने की कोशिश करते हैं। इसी के मद्देनजर प्रदर्शनकारियों से सीजेपी (CJP) प्रोटेस्ट को आगे बढ़ाने और आंदोलन को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखने की अपील की गई है। इसके साथ ही दूर-दूर से आए सभी छात्रों और प्रदर्शनकारियों से आग्रह किया गया है कि वे चारों तरफ कैमरों से निगरानी रखें ताकि ऐसी किसी भी साजिश का तुरंत पर्दाफाश किया जा सके।1