भागलपुर जिले के कहलगांव अनुमंडल अस्पताल परिसर में गुरुवार को एक मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 317 गर्भवती महिलाओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर पवन कुमार गुप्ता ने जानकारी दी कि शिविर के दौरान महिलाओं की आवश्यक जांच की गई। उन्हें संतुलित आहार, दवाओं के नियमित सेवन और गर्भावस्था यात्रा में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई। डॉक्टर गुप्ता ने बताया कि ऐसे नियमित शिविरों से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को काफी लाभ मिल रहा है। इस स्वास्थ्य शिविर में डॉक्टर प्रिया रानी, डॉक्टर पुष्प सुधा, डॉक्टर पवन कुमार गुप्ता और मैनेजर गोविंद कुमार सहित कई स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय रूप से अपनी सेवाएं प्रदान कीं। शिविर में गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क दवाइयाँ, टीकाकरण और अन्य आवश्यक जांच सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
भागलपुर जिले के कहलगांव अनुमंडल अस्पताल परिसर में गुरुवार को एक मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 317 गर्भवती महिलाओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर पवन कुमार गुप्ता ने जानकारी दी कि शिविर के दौरान महिलाओं की आवश्यक जांच की गई। उन्हें संतुलित आहार, दवाओं के नियमित सेवन और गर्भावस्था यात्रा में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई। डॉक्टर गुप्ता ने बताया कि ऐसे नियमित शिविरों से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को काफी लाभ मिल रहा है। इस स्वास्थ्य शिविर में डॉक्टर प्रिया रानी, डॉक्टर पुष्प सुधा, डॉक्टर पवन कुमार गुप्ता और मैनेजर गोविंद कुमार सहित कई स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय रूप से अपनी सेवाएं प्रदान कीं। शिविर में गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क दवाइयाँ, टीकाकरण और अन्य आवश्यक जांच सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं।
- जाने-माने व्यक्तित्व सोनम वांगचुक ने 20 जुलाई को दिल्ली बंद का आह्वान किया है। यह घोषणा छात्रों के विरोध अभियान के हिस्से के रूप में की गई है, जिसमें अभिजीत डिप्के का भी उल्लेख है। जंतर-मंतर से जुड़े इस आंदोलन के माध्यम से एक बड़े छात्र विरोध को मुखर किया जा रहा है।1
- बिहार के कहलगांव में 11 जुलाई को बाल विवाह के विरुद्ध एक ऐतिहासिक और सबसे बड़ी मुहिम का आगाज़ होने वाला है। इस पहल के माध्यम से कहलगांव इतिहास रचने की तैयारी में है।1
- 09 जुलाई 2026 गुरुवार को बिहार और झारखंड की सीमा पर स्थित मध्य विद्यालय सौर की एक तस्वीर सामने आई है। इस विद्यालय में मुख्य रूप से आदिवासी, महादलित और निम्न वर्ग के किसान-मजदूरों की बच्चियाँ पढ़ने आती हैं, जिनकी पढ़ाई को लेकर चिंता जताई जा रही है। भागलपुर के संवाददाता अजय आजाद ने इन बच्चियों की ओर से बिहार के मुखिया जी से सीधे तौर पर यह सवाल किया है कि वे स्कूल कैसे जाएँगी। बच्चियों की गुहार है कि अगर वे समय पर विद्यालय नहीं पहुँच पाएँगी, तो उनकी पढ़ाई छूट जाएगी।1
- एक ही घर से तीनों भाई-बहनों ने अधिकारी बनकर इतिहास रच दिया है। उनकी इस असाधारण उपलब्धि पर, उनके गांव ने ढोल-ताशों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। अधिकारी बनने के तुरंत बाद, तीनों भाई-बहनों का गांव में पूरे उत्साह के साथ अभिनंदन किया गया, जिसमें ढोल-ताशों की धुन पर जोरदार स्वागत समारोह आयोजित किया गया।1
- श्री गंगानगर से जुड़े एक घटनाक्रम में 32 आरोपियों के एक साथ संभावित एनकाउंटर को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस पूरे प्रकरण के संदर्भ में यह अहम प्रश्न भी पूछा जा रहा है कि क्या एक बच्ची को न्याय मिल पाएगा। यह मुद्दा उत्तर प्रदेश समाचारों और निकाय चुनाव के संदर्भ में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- भागलपुर जिले के कहलगांव अनुमंडल अस्पताल परिसर में गुरुवार को एक मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 317 गर्भवती महिलाओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर पवन कुमार गुप्ता ने जानकारी दी कि शिविर के दौरान महिलाओं की आवश्यक जांच की गई। उन्हें संतुलित आहार, दवाओं के नियमित सेवन और गर्भावस्था यात्रा में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई। डॉक्टर गुप्ता ने बताया कि ऐसे नियमित शिविरों से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को काफी लाभ मिल रहा है। इस स्वास्थ्य शिविर में डॉक्टर प्रिया रानी, डॉक्टर पुष्प सुधा, डॉक्टर पवन कुमार गुप्ता और मैनेजर गोविंद कुमार सहित कई स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय रूप से अपनी सेवाएं प्रदान कीं। शिविर में गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क दवाइयाँ, टीकाकरण और अन्य आवश्यक जांच सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं।1