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म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के... ? बीच सड़क आपस में भिड़ गई लड़कियां हरियाणा के करनाल में आईटीआई की छात्राएं बताई जा रही हैं.
Times Update
म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के... ? बीच सड़क आपस में भिड़ गई लड़कियां हरियाणा के करनाल में आईटीआई की छात्राएं बताई जा रही हैं.
- दीवानराम, नैनीताल उत्तराखंडओखलकांडा, नैनीताल, उत्तराखंड😤4 hrs ago
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- देवरिया में ब्लैकआउट, इमरजेंसी जैसे हालत उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर शाम 6:00 बजे से पूरे प्रदेश के साथ जनपद देवरिया में भी ब्लैकआउट मॉक ड्रिल जारी है। सायरन बजते ही शहर, कस्बों और ग्रामीण इलाकों में लोगों ने अपने-अपने घरों, दुकानों और प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद कर दीं। चारों ओर अंधेरा छा गया और प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। यह मॉक ड्रिल हवाई हमले जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने और दुश्मन से लोकेशन छिपाने की रणनीति के तहत कराई जा रही है। देवरिया में सिविल डिफेंस, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ अभ्यास में जुटी हुई हैं।1
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- रिश्तों में डबल स्टैंडर्ड क्यों? एक कड़वा लेकिन ज़रूरी सवाल आज भी हमारे समाज में रिश्ता तय करते समय सबसे पहले लड़की के रंग-रूप खूबसूरती और शरीर पर चर्चा शुरू हो जाती है। रंग साफ़ है या नहीं? दिखने में कैसी है? फोटो भेजिए ज़रा… लेकिन सवाल ये है कि जब यही कसौटी लड़के पर लागू की जाए, तो लोग असहज क्यों हो जाते हैं? जब लड़के वालों ने लड़की के रंग पर टिप्पणी की, तो लड़की वालों ने भी लड़के के फिज़िकल स्टैंडर्ड पर सवाल उठा दिए। अचानक माहौल बदल गया। जो बात पहले नॉर्मल लग रही थी, वही अब गलत और अपमानजनक लगने लगी। दूसरों की कमियाँ निकालना आसान होता है, लेकिन जब वही आईना अपनी तरफ़ घुमा दिया जाए तो सच्चाई चुभने लगती है। रिश्ता कोई प्रोडक्ट नहीं रिश्ता कोई मार्केट का सामान नहीं है जिसे रंग, कद, वजन या लुक्स के आधार पर पास-फेल किया जाए। रिश्ता दो इंसानों की सोच, संस्कार, समझ और इज्ज़त से बनता है। अगर लड़की को परखा जाएगा, तो लड़का भी परखा जाएगा। बराबरी चाहिए तो सोच में भी बराबरी लानी होगी। जब तक हम सिर्फ लड़की से परफेक्ट होने की उम्मीद रखते रहेंगे तब तक रिश्ते नहीं सौदे होते रहेंगे। अब सवाल आपसे ▪️ क्या रिश्ता तय करते वक्त सिर्फ लुक्स देखना सही है? ▪️ क्या लड़की वालों का यह जवाब समाज को सोचने पर मजबूर करता है? ▪️ क्या अब समय नहीं आ गया कि हम डबल स्टैंडर्ड छोड़ें?1